PrepShorts · पढ़ाई की शीट · Class 9 Mathematics · Chapter 4, Exploring Algebraic Identities
Chapter 4 · Exploring Algebraic Identities
identity हर value पर टिकती है; equation को टिकना ज़रूरी नहीं
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3 लगातार squares लीजिए, बाहर वाले 2 जोड़िए, बीच वाले का 2 गुना घटाइए — जवाब 2 आता है। 1, 4, 9 पर 10 में से 8 घटाकर 2; 25, 36, 49 पर 74 में से 72 घटाकर वही 2। यही trick 2000 बार चलाया गया और सारे 2000 जवाबों में अलग-अलग सिर्फ़ 1 ही था, और वह 2 है — फिर भी यह वजह नहीं है। क्यों नहीं, यह गिनकर दिखाया गया है। एक ग़लत rule लीजिए, कि जोड़ का square बराबर दोनों के squares का जोड़ है।
मुख्य idea
chapter (a + b)² = a² + 2ab + b² को negatives की एक जोड़ी पर जाँचता है, फिर fractions की एक जोड़ी पर, और दोनों बार नतीजा सही निकलने के बाद छापकर कहता है कि उसे अब भी यक़ीन नहीं है। यही इनकार असली सबक़ है। कितने भी सफल परीक्षण किसी नियम को identity नहीं बना देते, क्योंकि परीक्षण सिर्फ़ उन्हीं numbers के बारे में बताता है जो आपने आज़माए; जो चीज़ उसे identity बनाती है वह distributive गुणा की एक पंक्ति है, जो किसी ख़ास number का नाम लेती ही नहीं। equation यह सवाल है कि कौन-सी values ठीक बैठती हैं। identity यह कथन है कि इस सवाल में कोई दम ही नहीं — हर value ठीक बैठती है — और इसे सिर्फ़ ऐसा argument स्थापित कर सकता है जिसमें एक भी number न हो।
आपको क्या आना चाहिए
- chapter की शुरुआती तरकीब को तीन क्रमागत square numbers के तीन सेटों पर चलाइए और बताइए कि हर बार नतीजा 2 आता है
- बताइए कि "तीन बार 2 आया" अभी तक कोई वजह क्यों नहीं है, और बताइए कि कमी क्या है
- एक negative जोड़ी और एक rational जोड़ी को a² + 2ab + b² में और (a + b)² में रखिए, और दोनों नतीजों की तुलना कीजिए
- (a + b)² = a² + 2ab + b² को (a + b)(a + b) के distributive गुणा से निकालिए, और पहचानिए कि किस step ने argument को आम बनाया
- किसी दिए हुए equation के बारे में तय कीजिए कि वह identity है या ख़ास हलों वाला equation, और अपने फ़ैसले को सही ठहराइए
- identity से ऐसे binomial का square खोलिए जिसमें a और b ख़ुद गुणनफल हों, जैसे 5x और 2y
- identity से किसी दो अंकों वाले number का square निकालिए, उसे किसी गोल number पर तोड़कर
- बताइए कि कौन-सा इकलौता term यह तय करता है कि (a + b) का वर्ग, a² + b² से बड़ा है या नहीं, और वह term जो तीन मामले बनाता है उन्हें बताइए
- तीन क्रमागत whole numbers को (n − 1), n और (n + 1) के रूप में लिखिए और शुरुआती pattern की बीजीय व्याख्या पूरी कीजिए
जानने लायक़ शब्द
| शब्द | एक पंक्ति में अर्थ | हिंदी / क्षेत्रीय समकक्ष | पहली बार कहाँ |
|---|---|---|---|
| algebraic identity | दो expressions के बराबर होने का ऐसा कथन जो अक्षरों की जगह कोई भी number रखने पर टिका रहता है | बीजीय सर्वसमिका | इसी chapter में bold में छपा है (§4.2, p. 70) |
| equation | बराबरी का ऐसा कथन जो अक्षर की सिर्फ़ कुछ ख़ास values पर ही टिकता हो | समीकरण | इसी chapter में छपा है (§4.2, p. 70); Chapter 2 से चला आ रहा है |
| variable | कोई अक्षर जो ऐसे number के लिए खड़ा है जो बदलने को आज़ाद है | चर | इसी chapter में छपा है (§4.2, p. 70) |
| algebraic expression | numbers और अक्षरों का operations से बना जोड़, जिसमें बराबरी का चिह्न न हो | बीजीय व्यंजक | इसी chapter में छपा है (§4.1, p. 68) |
| distributive property | वह नियम कि a(b + c) = ab + ac, जिसकी वजह से कोई bracket खोला जा सकता है | बंटन गुण | इसी chapter में छपा है (§4.2, p. 70) |
| distributivity | वही नियम, अपने आप में एक गुणधर्म के रूप में नाम लेकर | बंटन गुणधर्म | इसी chapter में छपा है (§4.5, p. 78) |
| binomial | दो terms वाला expression, जैसे 5x + 2y | द्विपद | इसी chapter में छपा है (§4.2, p. 71) |
| square number | ऐसा number जो किसी whole number को ख़ुद से गुणा करने पर मिले | वर्ग संख्या | इसी chapter में छपा है (§4.1, p. 68) |
| consecutive squares | ऐसे whole numbers के squares जो बिना किसी अंतराल के एक के बाद एक आते हों | क्रमागत वर्ग | इसी chapter में छपा है (§4.1, p. 68) |
| rational numbers | ऐसे numbers जिन्हें दो integers के ratio के रूप में लिखा जा सके | परिमेय संख्याएँ | इसी chapter में छपा है (§4.2, p. 70) |
| expansion | किसी bracket वाले expression का गुणा करके खोला हुआ रूप | प्रसार | इसी chapter में छपा है (§4.2, p. 71) |
| spot-check | किसी प्रस्तावित नियम की एक अकेली संख्यात्मक जाँच | जाँच-परीक्षण | यहाँ जोड़ा गया शब्द; chapter कई करता है और उन्हें कोई नाम कभी नहीं देता |
| counterexample | values का एक ऐसा सेट जो किसी प्रस्तावित नियम को ग़लत कर दे, और इतना ही उसे डुबोने के लिए काफ़ी है | प्रत्युदाहरण | यहाँ जोड़ा गया शब्द, और इस chapter में छपा हुआ नहीं — किताब में और जगह इस्तेमाल होता है |
हिंदी column में standard हिंदी गणितीय शब्दावली दी गई है। Ganita Manjari का हिंदी संस्करण मैंने नहीं देखा, इसलिए इसे उस संस्करण की हूबहू भाषा नहीं, बल्कि मानक शब्दावली मानकर चलिए।
लोग कहाँ चूकते हैं
- "यह काम कर गया, सो यह सही है।" यही वह misconception है जिसके गिर्द पूरा chapter बना है। वह pattern को तीन बार चलाता है, identity को negatives पर जाँचता है, fractions पर जाँचता है, और फिर छापकर कहता है कि उसे अभी यक़ीन नहीं है। किसी student को दिखाइए कि जो नियम चार परीक्षण झेल जाता है वह पाँचवें पर गिर सकता है, और यह कि कितने भी परीक्षण इस ख़तरे को ख़त्म नहीं करते।
- "पर proof तो बस एक बहुत सावधान जाँच ही है।" नहीं। p. 70 वाला distributive argument कुछ भी जाँचता नहीं। उसमें कोई number है ही नहीं, और यही वजह है कि वह उन numbers को भी ढाँक लेता है जिन्हें किसी ने आज़माया नहीं।
- "किसी नियम को ख़ारिज करने के लिए एक counterexample काफ़ी नहीं है।" काफ़ी है। यही असमानता इस section की जान है: परीक्षण किसी identity की कभी पुष्टि नहीं कर सकते, और एक अकेली नाकामी उसे सीधे ख़ारिज कर देती है।
- "(a + b)² = a² + b²।" chapter इस असमानता को सीधे-सीधे कहता है और फिर एक पूरा box इस पर ख़र्च करता है कि बड़ा कौन-सा पक्ष है। ग़ायब 2ab कोई ऊपर से चिपकाया गया सुधार नहीं है; brackets खोलने पर जो चार गुणनफल मिलते हैं, यह उनमें से दो है।
- "(a + b)² हमेशा बड़ा वाला होता है।" सिर्फ़ तब, जब a और b का चिह्न एक हो। chapter ठीक यही सवाल उठाता है और उसका जवाब नहीं देता।
- "बीच वाला term हमेशा जुड़ता है, क्योंकि उसके आगे plus लगा है।" a = −2/3 और b = 3/4 के साथ बीच वाला term −1 है। छपी हुई identity में जो plus है वह notation का हिस्सा है, value का नहीं।
- "अगर अक्षर लंबाइयाँ हैं, तो तस्वीर सब कुछ तय कर देती है।" page कहता है कि बना हुआ square उस नियम को a और b के लिए तब स्थापित करता है जब वे किन्हीं टुकड़ों की लंबाइयाँ हों, और फिर तुरंत पूछता है कि उन numbers के लिए क्या होगा जो लंबाइयाँ नहीं हैं। negative लंबाइयाँ होती नहीं; negative numbers होते हैं।
- "तरकीब इसलिए चलती है क्योंकि 1, 4, 9 छोटे हैं।" p. 73 वाली algebra दिखाती है कि जवाब कभी इस पर टिका ही नहीं था कि आपने कौन-से तीन squares चुने, और यह भी दिखाती है कि जवाब 2 है, "क़रीब 2" नहीं।
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पूरा transcript2,174 शब्द
एक छोटा सा काम कीजिए। कोई भी 3 लगातार square numbers लीजिए, सबसे छोटे और सबसे बड़े को जोड़िए, और फिर बीच वाले का 2 गुना घटा दीजिए। पहली row देखिए। इसमें 1, 4 और 9 हैं। 1 और 9 जोड़ने पर 10 मिलता है, 4 का 2 गुना 8 होता है, और 10 में से 8 घटाने पर 2 बचता है। अब दूसरी row देखिए और 9, 16 और 25 पर यही कीजिए।
9 और 25 जोड़कर 34 आता है, 16 का 2 गुना 32 है, और बचता है फिर से 2। आख़िरी बार 25, 36 और 49 लीजिए। 25 और 49 जोड़कर 74, 36 का 2 गुना 72, और जवाब फिर वही 2 है। अब आख़िरी column पर ध्यान दीजिए। तीनों बार जवाब बिल्कुल एक ही आया। तो क्या इतना देख लेना काफ़ी है कि यह हमेशा होगा? यहीं पर सबसे आम ग़लती होती है।
काम कर गया, तो सही होगा, यह सोच लेना। इसे 2 अलग खानों में रखकर देखिए। बाएँ खाने में वह है जो जाँच लिया गया, और दाएँ खाने में वह जो साबित हो चुका। अभी जो 3 runs किए, वे तीनों बाएँ खाने में जाते हैं। दाईं तरफ़ देखिए। दाहिना खाना अब तक बिल्कुल ख़ाली है। यही trick 2000 बार चलाया गया। जितने भी जवाब निकले उनमें अलग-अलग सिर्फ़ 1 ही था, और वह 2 है।
फिर भी दाहिना खाना उतना ही ख़ाली है जितना पहले था। यानी कितनी बार सही निकला, यह वह चीज़ ही नहीं है जो फ़ैसला करती है। असली खतरा यह है। कोई rule 4 जाँचों में सही निकल सकता है और 5वीं पर गिर सकता है, और पहली 4 जाँचें इसकी कोई चेतावनी नहीं देतीं। इसीलिए अभी तक सिर्फ़ इतना कहा जा सकता है कि जवाब 2 लग रहा है। यह हिचक कमज़ोरी नहीं, ईमानदारी है।
एक rule लेते हैं। कोई कहे कि a और b के जोड़ का square बराबर a का square plus b का square होता है। जाँच के लिए एक ज़मीन चाहिए। हर axis पर 81 values रखिए, तो जोड़ों की कुल गिनती 6561 बनती है। पहले shaded हिस्सा देखिए। इसे सिर्फ़ वे जोड़े दीजिए जिनमें से कोई एक number 0 है। ऐसे 161 जोड़े हैं, और rule इन सब पर टिक जाता है।
तो क्या 161 जाँच पास कर लेना इस बात को तय कर देता है? अब वही rule पूरे grid पर चलाइए और नतीजा देखिए। यह टूट जाता है, और जिन जोड़ों पर टूटता है उनकी गिनती 6400 है। rule वही रहा, सिर्फ़ ज़मीन बदली। इसलिए जाँच का जवाब उन्हीं जोड़ों के बारे में होता है जो उसे दिए गए थे। अब सही वाला rule लीजिए, जिसमें बीच वाला term भी है।
यह पूरे 6561 जोड़ों पर टिकता है, पर अंदर से देखने पर दोनों एक जैसे ही दिखते हैं। एक square बनाइए जिसकी भुजा a plus b है। उसे 4 हिस्सों में काटिए, और देखिए कि पूरा area इन चारों का जोड़ है। इनमें से 2 हिस्से खुद square हैं, a का square और b का square। बाक़ी 2 हिस्से एक जैसे हैं, और हर एक का area a गुना b है।
तो तस्वीर सचमुच वही rule दे देती है जिसकी हमें ज़रूरत है। पर एक शर्त के साथ। यहाँ a और b भुजाओं की लंबाई हैं। लंबाई negative नहीं हो सकती, इसलिए यह तस्वीर negative numbers के बारे में कुछ नहीं कहती। तो जो case तस्वीर से बाहर रह गया, वही सबसे दिलचस्प है। negative numbers पर क्या होता है? इसे तोड़ने की कोशिश कीजिए। a को minus 2 लीजिए और b को minus 3।
बाईं तरफ़ पहले जोड़ लीजिए। minus 2 और minus 3 मिलकर minus 5 बनते हैं, और minus 5 का square 25 है। अब दाईं तरफ़ देखिए। a का square 4 है और b का square 9 है। अब बीच वाला term बचता है। बीच वाला term 2 गुना a गुना b है, और यहाँ यह 12 निकलता है। ध्यान दीजिए कि यह positive है, क्योंकि 2 negative numbers का product positive होता है।
अब 4, 9 और 12 जोड़िए, तो 25 आता है। दोनों तरफ़ एक ही जवाब, यानी यह कोशिश नाकाम रही। यहाँ एक बात साफ़ कर लीजिए। लिखे हुए rule में बीच वाले term के आगे plus का चिह्न है, पर वह सिर्फ़ लिखावट है, term का अपना sign अलग होता है। अब fractions से कोशिश कीजिए। a को minus 2 बटा 3 लीजिए और b को 3 बटा 4। दोनों को जोड़िए तो 1 बटा 12 मिलता है।
इसका square 1 बटा 144 है। दाईं तरफ़ तीनों parts को 144 वाले denominator पर लाइए। a का square 64 बटा 144 है और b का square 81 बटा 144 है। बीच वाला term यहाँ ठीक minus 1 है, यानी minus 144 बटा 144। तीनों में यही अकेला negative है, और यही अकेला पूरा number भी है। अब ऊपर वाले numbers जोड़िए। 64 में से 144 घटाकर 81 जोड़ने पर 1 बचता है, तो दाईं तरफ़ भी 1 बटा 144 ही है।
यह कोशिश भी नाकाम रही। बाएँ खाने में 2 निशान और जुड़ गए, और दाहिना खाना अब भी वैसा ही ख़ाली है। यही जोड़ा एक बार decimals में लिखकर चलाइए। मतलब वही है, लिखावट अलग है। अब दोनों तरफ़ के आख़िरी digits देखिए। decimals में चलाने पर जवाब बिल्कुल बराबर नहीं आते। आख़िरी digits पर फ़र्क़ रह जाता है। एक पल को लगता है कि rule टूट गया। तो क्या सचमुच टूट गया?
नहीं, rule नहीं टूटा। बग़ल वाला exact काम देखिए, उसी जोड़े पर दोनों तरफ़ बराबर आता है। फ़र्क़ rule में नहीं, decimals को काटकर लिखने में है। इसलिए rounding से आया फ़र्क़ counterexample नहीं होता। counterexample के लिए exact जवाब अलग आने चाहिए। अब वह रास्ता लेते हैं जिसमें कोई number नहीं आता। a और b के जोड़ का square का मतलब है उसी जोड़ को उसी जोड़ से गुणा करना।
पहले bracket को खोलिए। जो बचता है वह है a गुना पूरा bracket, plus b गुना पूरा bracket। अब दोनों brackets खोल दीजिए। कुल 4 products बनते हैं, और इस समय a गुना b और b गुना a अलग-अलग लिखे हुए हैं। यहाँ एक बात चुपचाप इस्तेमाल होती है। a गुना b और b गुना a एक ही चीज़ हैं, और इसी वजह से 4 products मिलकर 3 terms बनते हैं।
इस पूरी line में सिर्फ़ 1 औज़ार लगा है। bracket को खोलने वाला distributive property, जो यहाँ 2 बार इस्तेमाल हुआ है। तो नतीजा है a का square, plus 2 गुना a गुना b, plus b का square। ध्यान दीजिए कि बीच वाला term अकेला ऐसा है जो 2 बार आया था। पूरी chain एक साथ देखिए। यह सिर्फ़ 4 lines की है। अब ध्यान से देखिए कि इन चारों lines में कोई digit कहाँ-कहाँ आया।
पूरी chain में सिर्फ़ 1 digit है। वह digit बीच वाले term के आगे लगा 2 है। ध्यान दीजिए कि वह किसी letter की जगह रखा गया number नहीं है, वह सिर्फ़ यह गिनती है कि a गुना b कितनी बार आया। अब letters देखिए। पूरी chain में सिर्फ़ a और b आते हैं, और कुछ नहीं। यही scan negative वाले काम पर चलाइए तो digits भरे पड़े हैं। इसलिए chain का ख़ाली निकलना नतीजा है, scan की कमी नहीं।
यहाँ एक और ग़लत सोच है, कि सबूत बस एक बहुत ध्यान से की गई जाँच होती है। यह chain कुछ जाँचती ही नहीं। और यही वजह है कि यह chain हर number को ढक लेती है, उन्हें भी जो कभी आज़माए नहीं गए। अब दाहिना खाना भर सकता है। अब 2 बातें साथ रखिए। दोनों बराबर के चिह्न से लिखी हैं, फिर भी ये एक तरह की नहीं हैं।
ऊपर वाली बात देखिए। इसमें x की जगह हर value रखकर जाँचिए। 81 values में से सिर्फ़ 2 इसे पूरा करती हैं, minus 5 और 5। अब नीचे वाली बात देखिए। इसमें x और y की जगह हर जोड़ा रखकर जाँचिए। 6561 जोड़ों में से 6561 इसे पूरा करते हैं। गिनती अलग है, इसलिए ये 2 अलग तरह की बातें हैं। ऊपर वाली को equation कहते हैं। यह एक सवाल है कि कौन सी values इसमें बैठती हैं, और नीचे वाली को identity कहते हैं, जिसमें हर value बैठती है।
पर ध्यान रखिए कि 6561 में से 6561 भी एक जाँच ही है। identity कहलाने का हक़ इसे उस chain से मिला, इस sweep से नहीं। एक rule साबित हो गया, तो उससे मिलता क्या है? 43 का square निकालिए, पर लंबी गुणा किए बिना। 43 को 40 और 3 में तोड़िए। अब तीनों parts लिखकर देखिए। 40 का square 1600 है, बीच वाला term 240 है, और 3 का square 9 है।
अब तीनों को जोड़कर देखिए, 1849 आता है। यही 43 का square है, और यह सब मन में हो सकता है। इसी तरह 64 का square 4096 है, 105 का square 11025 है, और 205 का square 42025 है। तोड़ने की जगह भी सोच-समझकर चुनी जाती है। round number लेने पर पहला part और बीच वाला term दोनों आसान हो जाते हैं, और मुश्किल सिर्फ़ आख़िरी छोटा square बचता है।
यह shortcut इसलिए चलता है क्योंकि rule हर number पर लागू है। अगर वह सिर्फ़ जाँचे गए numbers पर होता, तो 205 पर भरोसा नहीं किया जा सकता था। उस chain में किसी letter की जगह कोई number नहीं रखा गया, इसलिए identity में a और b सिर्फ़ 2 खाने रह जाते हैं। इनमें जो रखिए, rule वही निगल लेता है। पहले खाने में 5x रखिए और दूसरे में 2y।
नतीजा है 25 x का square, plus 20 गुना x गुना y, plus 4 y का square। अब fractions रखकर देखिए, 7 बटा 5 और 3 बटा 2। तीनों coefficients निकलते हैं 49 बटा 25, फिर 21 बटा 5, और 9 बटा 4। दूसरे खाने में एक reciprocal रखकर देखिए, x और 1 बटा 2y। coefficients आते हैं 1, फिर 1, और 1 बटा 4। आख़िरी part पर ध्यान दीजिए।
reciprocal का square नीचे y के square पर जाकर बैठता है, और rule को इससे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता। यहाँ एक example देखिए। a बराबर 10 और b बराबर 2 पर जोड़ का square 144 है, जबकि दोनों के squares का जोड़ 104 है। तो क्या यह क्रम हर जोड़े पर वैसा ही रहता है? दोनों तरफ़ का फ़र्क़ निकालिए। जो बचता है वह ठीक बीच वाला term है, यानी 2 गुना a गुना b, और कुछ नहीं।
इसलिए फ़ैसला बीच वाले term के sign से होता है। यह positive हो तो जोड़ का square बड़ा, negative हो तो छोटा, और 0 हो तो दोनों बराबर। पूरे grid पर गिनकर देखिए। 3200 जोड़ों पर बड़ा, 3200 पर छोटा, और 161 पर बिल्कुल बराबर। और जिन जोड़ों पर यह नियम बीच वाले term के sign से मेल नहीं खाता, उनकी गिनती 0 है। यानी पूरे grid पर 1 भी ऐसा जोड़ा नहीं है जो इस फ़ैसले से बाहर जाता हो।
एक ग़लत बात अब भी बची हुई है। कि a और b के जोड़ का square हमेशा बड़ा ही होता है। 1 और minus 1 लेकर देखिए। बाईं तरफ़ जोड़ 0 है, तो square भी 0 है, जबकि दाईं तरफ़ 1 plus 1 यानी 2 है। दोनों तरफ़ के जवाब देखिए, ये बराबर भी नहीं हैं। यही 1 जोड़ा उस बात को गिरा देता है। यहीं वह फ़र्क़ दिखता है कि जाँच कभी साबित नहीं करती, पर 1 नाकामी तोड़ने के लिए काफ़ी है।
दोनों तरफ़ का हिसाब बराबर नहीं है। कितनी भी जाँचें मिलकर किसी rule को पक्का नहीं करतीं, पर 1 नाकाम जोड़ा उसे पूरी तरह ख़ारिज कर देता है। एक और बात सँभालकर कहिए। दोनों तरफ़ का जवाब कभी negative नहीं होता, और पूरे grid पर ऐसे जोड़ों की गिनती 0 है। पर 0 हो सकता है, इसलिए यह मत कहिए कि दोनों हमेशा positive हैं। और पिछले board के बीच वाले panel पर ध्यान दीजिए।
यह जोड़ा कहीं बाहर से नहीं आया। यह उसी बीच वाले panel के अंदर बैठा था जिसमें बीच वाला term negative है। अब शुरू वाले trick पर लौटिए। 3 लगातार numbers को इस तरह लिखिए, n minus 1, फिर n, फिर n plus 1। बाहर वाले 2 numbers के squares खोलकर देखिए। यहाँ वही identity काम आती है जो अभी साबित हुई। जोड़ते ही दोनों बीच वाले terms एक-दूसरे को काट देते हैं, क्योंकि एक में minus है और दूसरे में plus।
जो बचता है उसमें से बीच वाले का 2 गुना square घटा दीजिए। सिर्फ़ 2 बचता है। यह 2 किसी बचे हुए n से नहीं आया। यह वे 2 अकेले 1 हैं, हर बाहरी square में से एक, और n जवाब में किसी भी power पर नहीं बचता। अब 4 लगातार squares पर यही पूछिए, बाहर वाले जोड़े में से अंदर वाला जोड़ा घटाकर। जवाब 4 आता है, जो 9 में से 1 और फिर 4 घटाने पर बचता है।
अगली बार कोई ऐसा rule सामने आए तो 2 ही रास्ते हैं। या तो brackets खोलकर दिखाइए, या 1 ऐसा जोड़ा ढूँढ़िए जिस पर वह टूट जाए। इसी बात पर यह पूरा topic खड़ा है। जाँच सिर्फ़ अपने आज़माए हुए numbers के बारे में बोलती है, और argument उन numbers को भी ढक लेता है जो कभी आज़माए ही नहीं गए।
यह कहाँ बैठता है
यह उन notes से लिया गया है जिनसे हर video बनी है, पढ़ने के क्रम से नहीं — ये वे ideas हैं जिन पर यह टिका है, और वे जो आगे चलकर इस पर टिकते हैं.
किस पर टिका है
- Why a debt times a debt is a fortuneकक्षा 9 · Ch 3, The World of Numbers
- What "rational" means, and why the denominator cannot be zeroकक्षा 9 · Ch 3, The World of Numbers
- Turning a situation into an expression: terms, variables, coefficientsकक्षा 9 · Ch 2, Introduction to Linear Polynomials
आगे फिर कहाँ आता है
- Reading (a + b)² off a partitioned squareकक्षा 9 · Ch 4, Exploring Algebraic Identities
- Recognising an expression as an identity in disguiseकक्षा 9 · Ch 4, Exploring Algebraic Identities
- (a + b + c)² by substitution, and the square that proves itकक्षा 9 · Ch 4, Exploring Algebraic Identities
- Cubes: (a ± b)³ from a cube cut into eight piecesकक्षा 9 · Ch 4, Exploring Algebraic Identities
इसके ठीक पहले और ठीक बाद
- Uniting rationals and irrationals into an unbroken lineकक्षा 9 · Ch 3, The World of Numbers