PrepShorts · पढ़ाई की शीट · Class 9 Mathematics · Chapter 3, The World of Numbers
Chapter 3 · The World of Numbers
"Rational" का मतलब क्या है, और denominator zero क्यों नहीं हो सकता
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Rational होना किसी number की शक्ल नहीं है — वह एक writing का मिल जाना है, और इसीलिए 41 में से 41 integers पहले से rational थे। Lower part पर लगी शर्त भी किसी ने तय नहीं की: division को सवाल की तरह पूछिए तो 3 बटा 0 पर 1001 में से 0 candidates बचते हैं, क्योंकि 0 से multiply करने पर सारे 1001 numbers एक ही जगह गिर जाते हैं — और 0 बटा 0 पर पूरे 1001 बच जाते हैं, जो जवाब होने से भी दूर है।
मुख्य idea
"Rational" होना किसी number की शक्ल के बारे में नहीं, बल्कि इस बारे में है कि उसे किस रूप में लिखा जा सकता है: 5 rational है क्योंकि 5/1 मौजूद है, और इसीलिए हर integer इस शब्द के आने से पहले ही rational था। Zero denominator को बाहर रखना भी कोई नुक्ताचीनी नहीं है — यह उसी नियम से निकलता है जो chapter ने दो sections पहले तय कर दिया था। Division का काम multiplication को उलटना है, पर zero से multiply करने पर हर number एक ही जगह पहुँच जाता है, इसलिए उलटने के लिए लौटाने को कुछ बचता ही नहीं। और चूँकि एक ही number को अनगिनत तरीक़ों से लिखा जा सकता है, इसलिए mathematics को उनमें से एक चुनना पड़ता है — यही वजह है कि co-prime form सफ़ाई का नियम नहीं, बल्कि एक काम वाली convention है।
आपको क्या आना चाहिए
- बताना कि किसी number को rational क्या बनाता है, और integers तथा whole numbers को उसी रूप में लिखना
- समझाना कि zero denominator को बाहर क्यों रखा जाता है — किसी के कहने पर नहीं, बल्कि zero-product वाले नियम से
- Zero denominator के फेल होने के दोनों तरीक़ों में फ़र्क़ करना — कोई value उपलब्ध न होना, और बहुत ज़्यादा values उपलब्ध होना
- किसी दिए गए rational number की कई equivalent writings बनाना, और एक को उसके co-prime form में लाना
- यह कहना कि एक ही representative चुनना क्यों ज़रूरी है, और chapter कौन सा चुनता है
- Negative sign को सही जगह रखना, और वे तीनों जगहें दिखाना जहाँ value नहीं बदलती
- दो rationals के बराबर होने का छपा हुआ test cross-multiplication से लगाना
- Rationals को जोड़ने, घटाने, multiply और divide करने के छपे हुए नियम लगाना, और हर नियम के साथ लगी शर्तें बताना
- यह तय करना कि चारों operations में से कौन बिना शर्त rationals के अंदर रखता है और कौन एक शर्त के साथ
जानने लायक़ शब्द
| शब्द | एक पंक्ति में definition | हिंदी / क्षेत्रीय समकक्ष | पहली बार कहाँ आया |
|---|---|---|---|
| Rational Numbers | एक integer के ऊपर दूसरा integer — इस रूप में लिखे जा सकने वाले numbers, जिनमें नीचे वाला zero न हो | परिमेय संख्याएँ | §3.4, p. 47 में bold में छपा, ℚ symbol के साथ |
| quotient | division का नतीजा, और वह शब्द जिसे chapter rationals के symbol का स्रोत बताता है | भागफल | §3.4, p. 47 में छपा |
| numerator | fraction का ऊपर वाला number | अंश | §3.4, p. 47 में छपा |
| denominator | fraction का नीचे वाला number, जो zero नहीं होना चाहिए | हर | §3.4, p. 47 में छपा |
| negative fractions | positive fractions के additive inverses | ऋणात्मक भिन्न | §3.4, pp. 46–47 में छपा |
| additive inverse | वह number जो किसी दिए गए number में जुड़कर zero देता है | योज्य प्रतिलोम | §3.4, p. 46 में छपा |
| equivalent fractions | एक ही rational number की अलग-अलग writings | तुल्य भिन्न | §3.4, p. 47 में छपा |
| unique representation | सिर्फ़ एक ही संभव writing होना — ठीक वही जो rationals के पास नहीं है | अद्वितीय निरूपण | §3.4, p. 47 में, नकार के रूप में छपा |
| co-prime | 1 के अलावा कोई common factor साझा न करना | सहअभाज्य | §3.4, p. 48 में bold में छपा |
| common factor | वह number जो fraction के ऊपर और नीचे दोनों को divide करता है | सामान्य गुणनखंड | §3.4, pp. 47–48 में छपा |
| commutative | दोनों inputs का क्रम बदलने से बेअसर | क्रमविनिमेय | §3.4, p. 48, law 4 में छपा |
| distributivity | वह नियम जिससे किसी sum को multiply करना अलग-अलग products को जोड़ने के बराबर होता है | बंटन नियम | §3.4, p. 48, law 4 में छपा |
| closed under | operation के बाद उसी set के अंदर वापस आ जाना | के अंतर्गत संवृत | §3.4, p. 48 में छपा |
| chosen representative | किसी rational number की उस एक writing के लिए यहाँ जोड़ा गया शब्द जिसे convention चुनती है | — | यहाँ जोड़ा गया शब्द; chapter यह चुनाव करता है पर उसे कोई नाम नहीं देता |
Hindi column में standard Hindi mathematical terminology दी गई है। Ganita Manjari का कोई Hindi edition मैंने नहीं देखा।
लोग कहाँ चूकते हैं
- "Rational number एक fraction होता है, इसलिए whole numbers rational नहीं हैं।" Chapter का पहला observation इसी को तोड़ने के लिए है: 5, 5/1 है। Rational होना इस बात पर टिका है कि writing उपलब्ध है या नहीं, इस पर नहीं कि number आया कहाँ से।
- "q ≠ 0 एक नियम है जिसे मानने को कहा गया है।" यह नतीजा है। अगर 3/0 की कोई value c होती, तो c × 0 को 3 होना पड़ता, जबकि p. 44 का छपा हुआ नियम कहता है कि वह 0 है। Student को वजह दीजिए, क्योंकि chapter उसे माँगता तो है पर देता नहीं।
- "0/0 ठीक है, zero बटा zero तो बस zero ही होगा।" यह उलटी दिशा में फेल होता है: हर number को zero से multiply करने पर zero मिलता है, इसलिए हर number जवाब बनने के लायक़ हो जाता है, और जो value अकेली नहीं है वह value ही नहीं है। दोनों तरह की नाकामी दिखाई जानी चाहिए, सिर्फ़ पहली नहीं।
- "Fraction को छोटा करने से वह बदल जाता है।" Common factor काटने से उसी number की एक दूसरी writing बनती है। Fig. 3.7 और number-line वाला topic इसे दिखा देते हैं: सारी equivalent writings एक ही point पर निशान लगाती हैं।
- "Simplest form बस ज़्यादा साफ़-सुथरा है।" वह तय किया हुआ representative है, और इस सहमति के बिना §3.6 का यह कथन कि "denominator के prime factors ही decimal तय करते हैं" ग़लत हो जाता। आगे की ओर इशारा: §3.6.1 का predict करने वाला नियम सिर्फ़ lowest terms में ही चलता है।
- "Denominators का non-zero होना सिर्फ़ fractions divide करते समय चाहिए।" छपा हुआ division का नियम तीन शर्तें लिए हुए है, और divisor के numerator वाली शर्त denominators वाली दोनों शर्तों से अलग है। उसे छोड़ देना आम चूक है।
- "Rationals चारों operations के अंतर्गत संवृत हैं।" तीन बिना शर्त, और division एक अपवाद के साथ। Chapter उसी साँस में अपवाद भी बता देता है।
- "3/9 आधे को लिखने का एक और तरीक़ा है।" नहीं है, और वह किताब की अपनी list में छपा हुआ है। यह वह जगह है जहाँ स्रोत को चुपचाप सुधारना है, दोहराना नहीं।
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पूरा transcript2,712 शब्द
यहाँ एक खेत है, और उसे 3 बच्चों में बराबर बाँटना है। गिनती के numbers से आप खेत गिन सकते हैं, बच्चे गिन सकते हैं। पर एक बच्चे के हिस्से को गिनती का कोई number नहीं कहता। यही बात एक और जगह मिलती है। खाना बनाते हुए आधा cup oil चाहिए, और यह मात्रा बिल्कुल असली है। यह मात्रा गिनती से नापी नहीं जा सकती, क्योंकि गिनती सिर्फ़ यह बताती है कि कितने हैं।
तो आज हम 2 चीज़ें तय करेंगे। पहली, कि किसी number को rational कहने का मतलब क्या है। और दूसरी, कि उसका lower part zero क्यों नहीं हो सकता। इसी number line पर integers के साथ यही किया गया था। हर whole number को उसका एक opposite मिला, और line दोनों तरफ़ चली गई। बहुत से students को लगता है कि यह सिर्फ़ integers की बात थी, पर वही काम fractions के साथ भी होता है।
3 बटा 4 को 0 की दाईं ओर रखिए, और उसका opposite यहाँ बाईं ओर। दोनों को जोड़िए तो 0 मिलता है, और यही opposite होने की पहचान है। 19 बटा 7 के साथ भी बिल्कुल यही होता है। हमने ऐसे 144 fractions लेकर यही जाँचा। उनमें से 144 के पास ऐसा opposite निकला जो जोड़ने पर 0 देता है। और वे सारे के सारे 144 opposites 0 के दूसरी तरफ़ ही मिले।
1 बटा 5 लीजिए और उसका minus sign 3 अलग जगहों पर रखकर देखिए। पहले पूरे fraction के आगे, फिर upper part पर, फिर lower part पर। तीनों बार जो number बनता है वह 0.2 है, ऋणात्मक तरफ़ का। इनमें से 2 असल में अलग-अलग writings हैं। उनका upper part एक जैसा नहीं है और lower part भी एक जैसा नहीं। फिर भी 144 fractions में से किसी एक पर भी तीनों writings अलग number नहीं देतीं।
अब minus को दोनों जगह एक साथ रख दीजिए। यह चौथी writing उसी number को नहीं दिखाती, बल्कि उसका opposite दिखाती है। उन्हीं 144 fractions पर यह चौथी जगह 144 बार ग़लत निकलती है। अब definition। कोई number rational कहलाता है अगर उसे एक integer के ऊपर दूसरा integer, इस रूप में लिखा जा सके। और नीचे वाला integer zero नहीं होना चाहिए। ध्यान दीजिए कि definition यह नहीं पूछती कि number दिखता कैसा है।
पहली नज़र में लगता है कि शक्ल से ही पता चल जाएगा, पर वह सिर्फ़ यह पूछती है कि ऐसी कोई writing मौजूद है या नहीं। यह उपलब्धता की बात है, शक्ल की नहीं। तो एक सवाल। 5 को देखिए, जो fraction जैसा बिल्कुल नहीं दिखता। क्या definition इसे भी अपने अंदर ले लेती है? 5 को 5 बटा 1 लिख दीजिए, और definition पूरी हो जाती है। -10 के साथ भी वही, उसे -10 बटा 1 लिखिए।
इन writings को किसी ने नया नहीं बनाया, ये पहले से उपलब्ध थीं। बहुत से students यह सोचते हैं कि whole number तो fraction है ही नहीं, इसलिए rational भी नहीं। पर definition यह नहीं पूछती कि number आया कहाँ से। वह पूछती है कि writing मिल सकती है या नहीं, और यहाँ मिल जाती है। हमने ऐसे 41 integers पर यही खोज चलाई, और उनमें से 0 ऐसे निकले जिनकी writing न मिली हो।
यह खोज खाली हाथ भी लौट सकती है, और कुछ numbers पर लौटती भी है। इसीलिए जो 0 यहाँ मिला, वह एक नतीजा है, कोई तयशुदा जवाब नहीं। अब उस condition पर आते हैं जो lower part पर लगी है। इसे मान लेने के बजाय हम एक सवाल पूछेंगे। Division से आख़िर उम्मीद क्या की जाती है? Division का काम multiplication को उलटना है। यानी किसी writing की value वह number है जिसे उसके lower part से multiply करने पर upper part वापस मिल जाए।
तो हम उस number को ढूँढ़ेंगे, निकालेंगे नहीं। अब 3 बटा 1 पर यह खोज चलाइए। हमने 1001 candidates रखे, और हर एक को lower part से multiply करके देखा। इनमें से सिर्फ़ 1 बचा, और वह 3 निकला। अब lower part को 0 कर दीजिए और वही खोज दोबारा चलाइए। वही 1001 candidates, वही तरीक़ा। आपको क्या लगता है, इस बार कितने बचेंगे? इस बार एक भी candidate नहीं बचा।
1001 में से 0 ने वह शर्त पूरी की। खोज खाली लौटी, और खाली लौटना अपने आप में जवाब है। इसकी वजह ऊपर वाली line पर दिख जाती है। 0 से multiply कीजिए तो सारे 1001 numbers एक ही जगह जा गिरते हैं। सब 0 पर पहुँच जाते हैं, और अपनी पहचान वहीं छोड़ देते हैं। इसी को 1 से multiply करके देखिए तो सारे 1001 numbers जहाँ थे वहीं रह जाते हैं।
0 वह जानकारी मिटा देता है जिसे उलटकर वापस लाना था। इसलिए lower part 0 पर लौटाने को कुछ बचता ही नहीं। अब एक और case, जिसे बहुत से students आसान मानते हैं। उनका कहना होता है कि 0 बटा 0 तो बस 0 ही होगा। वही खोज यहाँ चलाएँ तो कितने candidates बचेंगे? यहाँ एक भी candidate बाहर नहीं होता। पूरे के पूरे 1001 उस शर्त को पूरा कर देते हैं।
किसी को भी 0 से multiply कीजिए, 0 ही मिलता है। अब सोचिए कि इसे जवाब कहा जा सकता है या नहीं। अगर 1001 numbers सब बराबर हक़ रखते हैं, तो उनमें से किसी एक को चुनने की कोई वजह नहीं। जो value एक न हो, वह value होती ही नहीं। अब दोनों को साथ रखकर देखिए। एक तरफ़ 0 candidates बचे, दूसरी तरफ़ पूरे 1001। एक में लौटाने को कुछ नहीं था, दूसरे में इतना ज़्यादा कि चुनाव ही नामुमकिन।
Definition में जो condition लगी थी, वह इन्हीं 2 वजहों से निकलती है। किसी ने यह तय नहीं किया कि lower part 0 नहीं होगा। यह पता चला कि वहाँ कोई number होता ही नहीं। यहाँ एक number line खींचिए और उस पर 1 बटा 2 की जगह mark कीजिए। अब उसी एक जगह पर 2 बटा 4 का label लगाइए, फिर 3 बटा 6 का, फिर 6 बटा 12 का।
चारों labels एक ही point पर टँगे हैं। ये चारों labels आपस में मुक़ाबला नहीं कर रहे। ये एक ही number की अलग-अलग writings हैं। Number एक है, उसे लिखने के तरीक़े कई। बहुत से students सोच रहे होते हैं कि इनमें से असली कौन सा है, और इसी को कहते हैं कि rational number की writing unique नहीं होती। यह कमी number में नहीं है, writings में है। और आगे इसी कमी की वजह से एक चुनाव करना पड़ेगा।
अब एक सवाल जो सुनने में आसान लगता है। सोचिए कि आधे की कुल कितनी writings होती हैं। इसे अंदाज़े से तय करने के बजाय हम गिनकर देखेंगे। हमने एक window तय किया और उसके अंदर 1 बटा 2 की writings गिनीं। Window 10 पर 10 writings मिलीं, 20 पर 20, 40 पर 40, फिर 80 पर 80 और 160 पर 160। जितना window बढ़ा, उतनी ही गिनती बढ़ती चली गई।
5 windows में से 0 ऐसे थे जहाँ गिनती रुक गई हो। इसके साथ एक control भी चलाया, जिसमें lower part 1 ही रहने दिया। वहाँ गिनती हर window में 2 पर अटकी रही, यानी गिनती रुक भी सकती थी। अब एक chain देखिए। -1 बटा 3, फिर -2 बटा 6, फिर -3 बटा 9, फिर -10 बटा 30, और आख़िर में -2026 बटा 6078। ये पाँचों एक ही number हैं।
आख़िरी writing देखकर तुम्हें लगेगा कि यह कुछ और ही number होगा। पर उसके upper part और lower part में एक common factor छिपा है। उसे हटाइए तो वही -1 बटा 3 सामने आ जाता है। 12 बटा 30 लीजिए। इसके upper part और lower part में 6 का common factor है। दोनों को 6 से भाग दीजिए तो 2 बटा 5 बचता है। कई students को लगता है कि reduce करने से number बदल जाता है।
पर देखिए कि line पर वह point हिला ही नहीं। सिर्फ़ उस पर लगा label बदला है। 0 का case थोड़ा अलग चलता है। 0 बटा 5 और 0 बटा 7 में कोई common factor ढूँढ़ने की ज़रूरत नहीं पड़ती। दोनों 0 बटा 1 पर आ जाते हैं, इसलिए 0 की भी एक ही चुनी हुई writing है। यहाँ लिखे pane को देखिए, हमने 511 अलग-अलग values लीं और हर value की सारी writings reduce करके देखीं।
उनमें से 0 ऐसी values निकलीं जिनकी 2 अलग reduced writings बनी हों। यानी हर value एक ही जगह पर पहुँचती है। जिस writing पर यह सफ़र ख़त्म होता है, उसे chosen form कहते हैं। इसमें upper part और lower part के बीच 1 से बड़ा कोई common factor नहीं बचता। ऐसे 2 numbers को co-prime कहा जाता है। 4 बटा 6 अभी chosen form में नहीं है। 4 और 6 दोनों में 2 का factor बैठा हुआ है।
उसी 511 values की जाँच में chosen writings में से 0 ऐसी निकलीं जिनमें ऐसा factor बचा हो। अक्सर आधे की writings की एक list दी जाती है। उसमें 5 items होते हैं, और सब को आधा बताया जाता है। पर उनमें से एक आधा है ही नहीं। वह item 3 बटा 9 है। इसके upper part और lower part में 3 का common factor है, और हटाने पर 1 बटा 3 बचता है।
Line पर यह आधे की जगह से काफ़ी दूर बैठता है। जो item वहाँ चाहिए था वह 3 बटा 6 है। उसे रखते ही पाँचों items एक ही point पर आ जाते हैं। जो लिखा मिले उसे भी जाँच लेना चाहिए, चाहे वह कहीं से भी आया हो। अब एक जायज़ एतराज़। अगर सारी writings एक ही number बताती हैं, तो किसी एक को चुनने की ज़रूरत क्या है? क्या यह सिर्फ़ सफ़ाई की बात है?
बहुत से students मानते हैं कि यह सिर्फ़ सफ़ाई की बात है, पर आगे एक rule मिलेगा जो सिर्फ़ lower part देखकर बता देता है कि decimal रुकेगा या नहीं। अगर lower part में सिर्फ़ 2 और 5 के factors हों, तो decimal रुक जाता है। वरना वह चलता रहता है। 1 बटा 2 पर long division चलाइए तो remainder 0 हो जाता है और काम ख़त्म। 1 बटा 3 पर वही remainder बार-बार लौट आता है, इसलिए decimal कभी नहीं रुकता।
यहाँ हमने रुकना गिनकर देखा है, lower part देखकर नहीं। यहाँ 3 बटा 6 का lower part 6 है, जिसमें 3 का factor बैठा है। Rule कहेगा कि decimal नहीं रुकेगा, पर 3 बटा 6 तो आधा है और उसका decimal रुक जाता है। वहीं 2 बटा 6 पर rule सही निकलता है, क्योंकि वह एक-तिहाई है। नीचे बने pane में देखिए, हमने 400 writings इस rule के सामने रखीं।
उनमें से 36 पर rule ग़लत निकला। और उन 36 में से 0 ऐसी थीं जो पहले से chosen form में हों। उसी rule को 255 chosen writings पर चलाया। उन 255 में से 0 पर वह ग़लत हुआ। यानी chosen form सफ़ाई नहीं है, वह वह शर्त है जिसके बिना यह rule सच ही नहीं होता। 2 writings एक ही number हैं या नहीं, यह एक test से तय होता है।
यहाँ पहली का upper part दूसरी के lower part से multiply कीजिए। फिर दूसरी का upper part पहली के lower part से, और दोनों नतीजे मिलाइए। हमने 4 जोड़ियाँ इस test के सामने रखीं। उनमें 2 बटा 3 के साथ 4 बटा 6, और -3 बटा 5 के साथ -6 बटा 10 शामिल थीं। इनमें से 0 जोड़ियाँ test में फ़ेल हुईं। चौथी जोड़ी पर ठहरिए, जिसमें 9 बटा 3 के सामने अकेला 3 खड़ा है।
बहुत से students यहाँ रुक जाते हैं, क्योंकि एक तरफ़ fraction है और दूसरी तरफ़ नहीं, तो test चलाने के लिए 3 को 3 बटा 1 लिख लीजिए। यह वही बात है जो शुरू में तय हुई थी, कि integer के पास writing पहले से है। 4 जोड़ियों पर सही निकलना काफ़ी नहीं है। हो सकता है यह test कहीं और जाकर values से अलग जवाब दे दे। इसलिए इसे भी उसी तरह जाँचना पड़ेगा जैसे बाक़ी सब को जाँचा।
हमने 90000 cases पर test का जवाब और असली values आमने-सामने रखीं। इनमें से 0 cases ऐसे मिले जहाँ दोनों अलग गए हों। हर बार test ने वही कहा जो values कह रही थीं। अब वही sweep एक ग़लत test पर चलाइए, जो आड़ा multiply करने के बजाय सीधा करता है। उन्हीं 90000 cases में से 1152 पर वह values से अलग चला जाता है। इसीलिए ऊपर जो 0 मिला, वह एक नतीजा है, sweep की सुस्ती नहीं।
जोड़ने से पहले दोनों writings को एक ही lower part पर लाना पड़ता है। 2 बटा 5 और 3 बटा 10 को जोड़िए तो 7 बटा 10 मिलता है। 7 बटा 12 और 5 बटा 8 को जोड़िए तो 29 बटा 24। घटाने में भी वही पहला क़दम है। 5 बटा 6 में से 1 बटा 4 घटाइए तो 7 बटा 12 बचता है। और -7 बटा 9 में से -2 बटा 3 घटाइए तो -1 बटा 9।
कई students यहाँ भी lower part बराबर करने लगते हैं, पर multiply करने में यह क़दम लगता ही नहीं। सीधे-सीधे upper part को upper part से और lower part को lower part से गुणा कीजिए। 2 बटा 3 into 3 बटा 10 से 1 बटा 5 मिलता है, और 7 बटा 11 into 5 बटा 8 से 35 बटा 88। Division के लिए दूसरी writing को उलट दीजिए। Upper part नीचे और lower part ऊपर।
उसके बाद वही multiply वाला क़दम, जो अभी किया। 2 बटा 3 को 3 बटा 10 से भाग दीजिए तो 20 बटा 9 मिलता है। -4 बटा 7 को 5 बटा 14 से भाग दीजिए तो -8 बटा 5। उलटने के बाद बाक़ी सब वैसा ही चलता है। एक ribbon 63 बटा 4 metres लंबा है, और हर टुकड़े में 9 बटा 4 metres लगते हैं। भाग देने पर 7 आता है, पूरा और साफ़।
बचता 0 है, इसलिए ribbon का पूरा हिस्सा इस्तेमाल हो जाता है। Multiply करने के लिए दोनों lower parts का 0 न होना ज़रूरी है। अब division पर आइए, जहाँ 4 चीज़ें काम में आती हैं। इनमें से कितनी का 0 न होना ज़रूरी है? हमने दोनों laws को 2401 quadruples पर चलाया। नीचे बने pane में देखिए, multiply करने वाला law उनमें से 637 पर नहीं चल पाया। Divide करने वाला 889 पर, यानी और भी ज़्यादा पर।
फिर हमने देखा कि अकेले कौन सी चीज़ का 0 होना law को रोक देता है। Multiply में ऐसी 2 चीज़ें निकलीं, दोनों lower parts। Division में 3 निकलीं, यानी एक condition ज़्यादा। वह तीसरी condition दूसरी writing के upper part पर लगी है। यही वह condition है जिसे students सबसे ज़्यादा छोड़ जाते हैं, क्योंकि lower parts पर ध्यान चला जाता है। उन्हीं 4 चीज़ों से multiply कीजिए तो कोई दिक़्क़त नहीं आती और जवाब 0 आ जाता है।
1 बटा 2 और 3 बटा 4 को पहले जोड़िए, फिर 8 बटा 3 से multiply कीजिए। अब दूसरा रास्ता लीजिए, जिसमें दोनों को अलग-अलग 8 बटा 3 से multiply करके जोड़ा जाए। दोनों रास्तों से 10 बटा 3 ही मिलता है। यह सिर्फ़ इन numbers पर नहीं चलता। 819 triples पर जाँचने पर 0 ऐसे मिले जहाँ यह टूटा हो। और जो rule दूसरा product छोड़ देता है, वह उन्हीं में से 648 पर ग़लत निकलता है।
अब एक equation, जिसमें एक unknown है और जिसका एक जवाब ढूँढ़ने को कहा जाता है। खोलकर देखिए तो दोनों तरफ़ एक ही चीज़ बचती है, क्योंकि 5 बटा 6 का 3 बटा 5 ठीक 1 बटा 2 होता है। हमने 175 values डालकर देखीं और 0 उसमें फ़ेल हुईं, इसलिए इसका जवाब कोई एक number है ही नहीं। जोड़ना, घटाना और multiply करना, तीनों को 11025 जोड़ियों पर चलाया गया।
हर बार जवाब वापस rational ही निकला। तीनों में से 0 जोड़ियाँ ऐसी थीं जो बाहर ले गई हों। Division को 10290 जोड़ियों पर चलाया, जिनमें divisor 0 नहीं था, और 0 जोड़ियाँ बाहर गईं। अब 0 को divisor बनने दीजिए तो 735 जोड़ियाँ टूट जाती हैं। और वे 735 वही हैं जिनका divisor 0 था, एक भी और नहीं। शुरू में तुम्हें लगा होगा कि rational होना number की शक्ल की बात है, पर वह शक्ल नहीं, एक writing का मिल जाना है।
Lower part पर लगी condition किसी ने तय नहीं की, वह इसलिए है कि वहाँ लौटाने को या तो कुछ नहीं होता या इतना कि चुना न जा सके। और chosen writing सफ़ाई के लिए नहीं चुनी जाती, उसके बिना आगे का एक rule सच ही नहीं रहता।
यह कहाँ बैठता है
यह उन notes से लिया गया है जिनसे हर video बनी है, पढ़ने के क्रम से नहीं — ये वे ideas हैं जिन पर यह टिका है, और वे जो आगे चलकर इस पर टिकते हैं.
किस पर टिका है
- From śhūnyatā to śhūnya: turning nothing into a number you can compute withकक्षा 9 · Ch 3, The World of Numbers
- Debts and fortunes: negative numbers close subtractionकक्षा 9 · Ch 3, The World of Numbers
आगे फिर कहाँ आता है
- Placing a rational number on the line, and distance as |a − b|कक्षा 9 · Ch 3, The World of Numbers
- Density: averaging always finds another rational in betweenकक्षा 9 · Ch 3, The World of Numbers
- Proof by contradiction: why √2 cannot be a ratio of integersकक्षा 9 · Ch 3, The World of Numbers
- π: from Āryabhaṭa's approximation to Mādhava's infinite seriesकक्षा 9 · Ch 3, The World of Numbers
- Why long division must either stop or loopकक्षा 9 · Ch 3, The World of Numbers
- Predicting the expansion from the denominator's prime factorsकक्षा 9 · Ch 3, The World of Numbers
इसके ठीक पहले और ठीक बाद
- Why a debt times a debt is a fortuneकक्षा 9 · Ch 3, The World of Numbers