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Chapter 3 · The World of Numbers
π: Āryabhaṭa के approximation से Mādhava की infinite series तक
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π किसी एक circle की माप नहीं है — boundary को diameter से भाग देने पर जो बचता है, वह 6 अलग-अलग radii पर बिल्कुल एक ही निकला। अंदर बना regular hexagon ठीक 3 देता है और अंदर बना square का ratio square होकर ठीक 8, यानी 9 ने 8 को हराया — और दोनों π से कम पड़ते हैं, क्योंकि chord अपने arc से छोटा होता है।
मुख्य idea
Āryabhaṭa का 3927/1250, Mādhava की series के मुक़ाबले कोई घटिया π नहीं है; ये दोनों अलग-अलग क़िस्म की चीज़ें हैं। कोई भी fraction ज़्यादा से ज़्यादा एक asanna ही हो सकता है — यह Āryabhaṭa ने ख़ुद कहा था, और Lambert ने 1761 में साबित कर दिया कि क़िस्म के हिसाब से कोई fraction इससे बेहतर क्यों नहीं हो सकता। किसी irrational number को चाहिए क्या — कोई और तेज़ fraction नहीं, बल्कि एक process, और Mādhava ने वही दिया: एक न ख़त्म होने वाला alternating sum, जिसके running totals π के पास आते जाते हैं। तो यह जो इतिहास है, वह accuracy के बेहतर होने का नहीं है। यह इस बात का बदलना है कि जवाब किसे माना जाए — एक ऐसे number से, जिसे लिखा जा सके, एक ऐसे rule तक जो बिना रुके बेहतर से बेहतर numbers बनाता जाता है।
आपको क्या आना चाहिए
- बताना कि π किसी circle के बारे में क्या नापता है
- Āryabhaṭa के fraction को decimal में निकालना और उसकी π के असली expansion से तुलना करना
- बताना कि asanna का मतलब क्या है और Āryabhaṭa की अपनी यह शर्त क्यों मायने रखती है
- बताना कि π को irrational किसने साबित किया और किस साल में
- बताना कि न कोई fraction, और न fractions का कोई finite जोड़-तोड़, π के बिल्कुल बराबर क्यों हो सकता है
- Mādhava की series के शुरू के कई terms लिखना और उसके पहले कुछ partial sums निकालना
- बताना कि infinite sum का मतलब क्या है, chapter की ही भाषा में — वह value जिसके पास running totals जाते हैं
- देखना कि partial sums बारी-बारी से target के ऊपर और नीचे जाते हैं, और यहाँ convergence slow है
- π को number line पर दो rationals के बीच रखना, और उसके जितना चाहे उतना पास rationals ढूँढना
जानने लायक़ शब्द
| शब्द | एक line में मतलब | हिंदी / क्षेत्रीय समकक्ष | पहली बार कहाँ आया |
|---|---|---|---|
| asanna | Āryabhaṭa का वह शब्द जो उनकी value को exact आँकड़ा नहीं, एक approximation बताता है | आसन्न | §3.5.3, p. 56 पर italics में छपा |
| Āryabhaṭa | वह mathematician जिन्हें chapter 499 CE का बताता है, जिन्होंने fraction वाली value दी और उस पर शर्त भी लगाई | आर्यभट | §3.5.3, p. 56 पर छपा |
| Mādhava of Sangamagrama | 14वीं सदी के वह mathematician जिन्हें exact infinite series का श्रेय जाता है | माधव (संगमग्राम) | §3.5.3, p. 56 पर bold में छपा |
| Kerala School of Mathematics | गणित का वह संप्रदाय जो Mādhava ने शुरू किया | केरल गणित संप्रदाय | §3.5.3, p. 56 पर छपा |
| infinite series | ऐसा जोड़ जिसमें terms कभी ख़त्म नहीं होते, और जिसकी value वही है जिसके पास running totals जाते हैं | अनंत श्रेणी | §3.5.3, p. 56 के heading और body, दोनों में छपा |
| infinite sum | उसी चीज़ के लिए chapter का दूसरा नाम | अनंत योग | §3.5.3, p. 56 पर छपा |
| Lambert | वह mathematician जिन्होंने 1761 में π को irrational साबित किया | लांबर्ट | §3.5.3, p. 56 पर छपा, और Chapter Summary, p. 67 में पूरे नाम से आया |
| Irrational Numbers | ऐसे numbers जिन्हें integers के किसी ratio से लिखा नहीं जा सकता | अपरिमेय संख्याएँ | §3.5, p. 53 में bold में छपा |
| partial sum | कितने terms के बाद का running total है, इसके लिए यहाँ जोड़ा गया नाम | — | यहाँ जोड़ा गया शब्द; chapter और-और terms जोड़ने की बात करता है पर running totals को कोई नाम नहीं देता |
| alternating series | ऐसे जोड़ के लिए यहाँ जोड़ा गया शब्द जिसके terms बारी-बारी से sign बदलते हैं | — | यहाँ जोड़ा गया शब्द; chapter ऐसी एक series छापता तो है पर उसे कोई श्रेणी नहीं देता |
हिंदी वाला column standard हिंदी गणितीय शब्दावली देता है, और उन नामों के देवनागरी रूप देता है जिन्हें chapter रोमन में लिखता है। मैंने Ganita Manjari का कोई हिंदी edition नहीं देखा।
लोग कहाँ चूकते हैं
- "π 22/7 है।" chapter π की value 22/7 कभी नहीं देता। वह 3927/1250 देता है। 22/7 इस chapter में कहीं भी नहीं आता — न उसकी prose में और न उसकी किसी figure पर। Fig. 3.12 (p. 57) जो मार्क करती है वह −22/5 है, एक बिल्कुल अलग number, और Fig. 3.7 (p. 51) पर −22/5, 26/7 और 32/7 हैं, 22/7 नहीं। आधा-याद 22/7 को chapter के असली आँकड़े की जगह मत लेने दीजिए।
- "π 3.14 है।" वह हिसाब-किताब के लिए की गई rounding है। π का कोई terminating decimal नहीं है, और §3.6.3 यही दिखाता है।
- "Āryabhaṭa ग़लत थे, और बाद के mathematicians ने सही कर दिया।" उनके पास जो था, उसके बारे में वे सही थे — यह भी सही कि वह exact नहीं है। किसी value को ईमानदार label के साथ बताना, उसे बिना label के बताने से बेहतर गणित है।
- "infinite series भी approximation ही देती है, तो वह fraction से बेहतर कहाँ हुई।" कहीं भी रुकिए तो approximation ही मिलेगा; series exact है, और चीज़ और उसे बीच में काट देने के बीच का यही फ़र्क़ इस topic की पूरी दलील है।
- "अनगिनत चीज़ें जोड़ोगे तो infinity ही मिलेगी।" terms छोटे होते जाते हैं और बारी-बारी sign बदलते हैं, इसलिए totals भागते नहीं, बैठ जाते हैं। chapter की परिभाषा — वह value जिसके पास पहुँचा जाता है — ही इस जोड़ को finite बनाती है।
- "और terms जोड़ने से हमेशा और पास पहुँचोगे।" term दर term totals बारी-बारी ऊपर निकलते और नीचे रह जाते हैं, इसलिए एक अकेला extra term आपको π से उतना ही दूर, बस दूसरी तरफ़, ले जा सकता है जितना पिछला total था। सिकुड़न इन झूलों के आकार में है, हर एक step की दिशा में नहीं।
- "Mādhava की series π निकालने का तेज़ रास्ता है।" वह मशहूर तौर पर slow है। यह कह दीजिए। जो व्याख्या इसका उल्टा इशारा करती है, वह उसी घड़ी की मायूसी तय कर देती है जब कोई student पाँच terms आज़माएगा।
- "Lambert के proof ने Āryabhaṭa का काम बेकार कर दिया।" उसने यह समझाया कि जिस search पर Āryabhaṭa पहले ही शक कर चुके थे, वह कामयाब क्यों नहीं हो सकती थी। chapter का अपना summary Āryabhaṭa को ठीक यही शक करने वाले की तरह रखता है।
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पूरा transcript1,972 शब्द
किसी भी circle को लीजिए। उसकी boundary की लंबाई को उसके diameter से भाग दीजिए। जो number मिलता है, उसी को π कहते हैं। circle छोटा हो या बड़ा, यह भाग हमेशा वही number देता है। इसीलिए π एक number है, किसी एक circle की माप नहीं। तो असली सवाल यह है कि वह number है कितना? सीधे नाप लेना यहाँ काम नहीं आता। boundary टेढ़ी है और ruler सीधा है, और टेढ़े को सीधे से पढ़ा नहीं जा सकता।
इसलिए हम boundary को सीधी sides वाली shapes से घेरते हैं। sides की लंबाई नापी जा सकती है, curve की नहीं। यहाँ circle के अंदर एक regular hexagon बनाइए, जिसके छहों corners circle पर हों। अब हम circle की जगह इस hexagon को नापेंगे। देखिए, इस hexagon की हर side बिल्कुल radius जितनी होती है। तो perimeter 6 radius हुआ, और diameter 2 radius। भाग देने पर बचता है ठीक 3, बिना किसी rounding के।
यह हमने 6 अलग-अलग radius पर जाँचा, और छहों बार वही 3 आया। radius कट जाता है, इसलिए shape का size जवाब बदलता ही नहीं। यही काम square से कीजिए तो ratio का square ठीक 8 निकलता है, और यह भी हर radius पर वही रहता है। hexagon का ratio 3 है, यानी उसका square 9। तो hexagon square से बेहतर है, क्योंकि उसकी sides ज़्यादा हैं। पर दोनों π से कम पड़ते हैं, और यह इत्तिफ़ाक़ नहीं है।
दोनों shapes circle के अंदर हैं, और अंदर की सीधी line बाहर के curve से हमेशा छोटी होती है। अब एक shape अंदर रखिए और एक बाहर। अंदर वाला कम बताएगा और बाहर वाला ज़्यादा, तो π बीच में फँस जाएगा। यहाँ 12 sides पर अंदर वाला 3.1058 देता है और बाहर वाला 3.2153। π इन्हीं दोनों के बीच कहीं है। अब इन sides को दोगुना करते जाइए। हमने 8 बार दोगुना करके जाँचा, और आठों बार अंदर वाला कम रहा और बाहर वाला ज़्यादा।
हर बार दोनों ends एक-दूसरे के क़रीब आते हैं। 18 बार दोगुना करने पर दोनों ends के बीच का फ़ासला 0.000001 से भी कम रह जाता है। यानी π के 6 decimal places इसी तरीक़े से तय हो जाते हैं। पर देखिए कि यह कहीं रुकता नहीं। यह एक rule है जो हमेशा बेहतर जवाब देती रहती है, एक जवाब नहीं जो लिख कर रखा जा सके। rule अपनी जगह ठीक है, पर उससे हिसाब नहीं होता।
लोग एक ऐसा number चाहते थे जिसे लिख कर, याद रख कर, आगे बढ़ा जा सके। इसलिए बहुत लंबे समय तक एक के बाद एक बेहतर fractions खोजे जाते रहे। हर नया fraction पिछले से थोड़ा और क़रीब बैठता था। उन्हीं में से एक fraction है 3927 बटा 1250। यह आज भी इस काम का सबसे साफ़ उदाहरण है। तो यहाँ 2 सवाल बनते हैं। पहला यह कि यह fraction कितना अच्छा है?
और दूसरा यह कि कोई fraction काफ़ी अच्छा हो भी सकता है? पहले इसे divide करके देखिए। 3927 बटा 1250 निकलता है 3.1416। यहाँ एक बात ध्यान देने की है। यह decimal 4 places के बाद ख़त्म हो जाता है। इसे गोल नहीं किया गया, यह सचमुच वहीं रुक जाता है। वजह denominator में है। 1250 को तोड़िए तो मिलता है 2 गुणा 5 गुणा 5 गुणा 5 गुणा 5।
और कोई prime इसमें है ही नहीं। जिस fraction के denominator में सिर्फ़ 2 और 5 हों, उसी का decimal ख़त्म होता है। हमने यह rule 10 fractions पर जाँचा और दसों पर सही निकला, जिनमें 5 ख़त्म होते हैं और 5 नहीं। अब दोनों को साथ रखिए। π शुरू होता है 3.1415926535 से, और हमारा fraction है 3.1416। दोनों 3.141 तक साथ चलते हैं और चौथे place पर अलग हो जाते हैं।
यानी 3 decimal places तक मेल है, उससे आगे नहीं। फ़र्क़ नापिए तो fraction π से ऊपर है। और ऊपर है 0.0000073 से ज़्यादा, पर 0.00000735 से कम। यह चूक इतनी छोटी है कि board पर दिखाने के लिए उसे बड़ा करना पड़ता है। इसीलिए इस fraction को बहुत अच्छा कहना बनता है। यहाँ एक और fraction याद आता है, जो लगभग हर student के पास पहले से होता है।
वह fraction है 22 बटा 7। उसे भी उसी तरह नापिए। वह भी π से ऊपर है, पर सिर्फ़ 2 decimal places तक मेल खाता है। और उसकी चूक उस fraction की चूक से 170 गुना से ज़्यादा बड़ी है, और 173 गुना से कम। board पर दोनों चूकों को bars की तरह रखिए तो फ़र्क़ साफ़ दिखता है। ऊपर से उसका decimal ख़त्म भी नहीं होता, क्योंकि उसके denominator में 7 है।
और 7 न 2 है न 5, तो हमारी rule उसे बाहर कर देती है। तो 22 बटा 7 याद रखने में आसान है, अच्छा नहीं। याद रह जाना और सही होना 2 अलग बातें हैं। अब उस fraction की सबसे अहम बात। जिसने इसे लिखा, उसने इसके साथ यहाँ एक label भी लगाया। उस label का मतलब था कि यह क़रीब की value है, आख़िरी जवाब नहीं। साथ में यह भी कहा गया कि शायद कोई exact fraction मिलेगा ही नहीं।
यह कमज़ोरी नहीं है, इसलिए board पर दोनों को साथ रखिए। जो value अपनी हद बता कर आती है, वह उस value से बेहतर है जो बिना हद के आती है। क्योंकि पहली से आप जानते हैं कि उस पर कहाँ तक भरोसा करना है। पर शक और सबूत 2 अलग चीज़ें हैं। तो सवाल यह कि कोई fraction काम क्यों नहीं करेगा? इसका जवाब बहस से नहीं मिलेगा, search चला कर मिलेगा।
हमने 1 से 10000 तक हर denominator लिया। हर एक से पूछा कि क्या कोई numerator इसे ठीक π पर बिठा सकता है। 10000 में से 0 बिठा पाए। यहाँ hits वाला column पूरा ख़ाली रह जाता है। पर ख़ाली जवाब अपने आप में कुछ साबित नहीं करता। हो सकता है search ही सो रहा हो। इसलिए वही search उसी fraction पर चलाया गया, बाक़ी सब कुछ वैसा ही रख कर।
वह 1250 पर बैठ गया, और 1250 के हर multiple पर भी, कुल 8 जगह। अब दोनों counts यहाँ साथ रखिए, एक ही machinery से 8 hits और 0 hits। तो π वाला 0 तरीक़े की कमी नहीं, number के बारे में एक finding है। पर एक fraction न मिलना और किसी भी finite तरीक़े का न चलना, ये अलग बातें हैं। शायद कई fractions को मिला कर π बन जाए?
fractions के बारे में एक बात पहले से पक्की है। किन्हीं 2 fractions को जोड़िए, घटाइए, गुणा कीजिए या भाग दीजिए, जवाब फिर fraction ही रहता है। हमने 5 pairs पर चारों operations चलाए, कुल 20 combinations। बीसों बार जवाब fraction ही रहा। फिर 40 ऐसे लंबे expressions बनाए, जिनमें से हर एक 16 fractions को 15 operations से जोड़ता है। चालीसों का जवाब fraction ही निकला। यानी fractions का कोई भी finite जोड़-तोड़ fraction ही देता है।
और π fraction नहीं है। इसलिए जो चीज़ π तक पहुँचेगी, वह finite हो ही नहीं सकती। endless होना यहाँ मजबूरी है, चालाकी नहीं। तो strategy बदलती है। एक number देने के बजाय एक rule दिया जाता है, जो जितनी देर चलाइए उतना बेहतर जवाब देती है। अब उस rule को शब्दों में रखते हैं। 1 से शुरू कीजिए, फिर 1 बटा 3 घटाइए, फिर 1 बटा 5 जोड़िए, फिर 1 बटा 7 घटाइए।
नीचे के numbers odd हैं, एक के बाद एक, बिना कोई छोड़े। और signs बारी-बारी बदलते रहते हैं, plus से शुरू होकर। पूरे जोड़ को 4 से गुणा कर दीजिए। यही π है, क़रीब का नहीं, बिल्कुल। यह list कभी ख़त्म नहीं होती, और यही इसकी ख़ूबी है। पिछली scene में हमने देखा था कि finite चीज़ यहाँ काम कर ही नहीं सकती। अब rule को चला कर देखते हैं, एक-एक term करके।
एक term लेने पर total सिर्फ़ 4 है। 2 terms पर 4 में से 4 बटा 3 घटता है, और बचता है 8 बटा 3। यह लगभग 2.666 है। 3 terms पर total है 52 बटा 15, यानी लगभग 3.466। 4 terms पर 304 बटा 105, यानी लगभग 2.895। और 5 terms पर लगभग 3.339। यानी 5 terms के बाद भी total पहले ही decimal place पर ग़लत है। उधर वह अकेला fraction 3 decimal places तक सही था।
तो पहली नज़र में यह rule उस fraction से बहुत पीछे दिखती है। अब इन totals को एक line पर रखिए, जिस पर π की जगह तय है। पहला total 4 है, यानी line से काफ़ी ऊपर। दूसरा total 2.666 है, जो line से नीचे चला जाता है। तो total एक तरफ़ से दूसरी तरफ़ छलाँग लगाता है। जिन totals में terms की गिनती odd है, वे π के ऊपर गिरते हैं।
और जिनमें even है, वे नीचे। यह हमने 200 totals पर जाँचा। उनमें 100 ऊपर हैं और 100 नीचे, और एक भी ठीक π पर नहीं बैठता। यहाँ एक बात अक्सर ग़लत बताई जाती है। कहा जाता है कि चूँकि totals ऊपर-नीचे कूदते हैं, इसलिए एक extra term कभी-कभी आपको और दूर ले जाता है। इसे जाँचने के लिए side नहीं, फ़ासला नापना पड़ेगा। यानी हर total और π के बीच की दूरी, चाहे वह ऊपर हो या नीचे।
हमने 199 steps पर यह नापा। 199 में से 199 पर फ़ासला छोटा ही हुआ। एक भी step ऐसा नहीं मिला जो total को और ख़राब करता हो। तो वह बात सीधे-सीधे ग़लत है। असल में यहाँ 2 अलग बातें आपस में मिला दी जाती हैं। बदलती सिर्फ़ side है, बेहतरी नहीं। हर total पिछले से क़रीब है, बस दूसरी तरफ़ से। तो अगर हर step सुधार ही करता है, तो दिक़्क़त कहाँ है?
दिक़्क़त रफ़्तार में है। n terms के बाद चूक लगभग 1 बटा n होती है। हमने यह 200 totals पर नापा। चूक गुणा n हर बार 1 से कम रहा, और दूसरे total से आगे 0.9 से ऊपर। 50 terms के बाद तो वह 1 से 0.0001 के अंदर आ जाता है। इसका मतलब बिल्कुल साफ़ है। एक और decimal place चाहिए तो terms 10 गुना चाहिए। इसीलिए 100000 terms जोड़ने के बाद भी यह series उस एक fraction से पीछे है।
उस fraction की चूक अब भी छोटी है। 136000 terms पर भी series पीछे है। और 137000 पर जाकर वह उस fraction से आगे निकलती है। यानी वह अकेला fraction 100000 से ज़्यादा terms के बराबर था। तो endless जोड़ का मतलब क्या है? क्या अनगिनत चीज़ें जोड़ने से जवाब ख़ुद अनगिनत नहीं हो जाएगा? इसका जवाब नहीं है, और वजह terms में ही है। यहाँ terms छोटे होते जाते हैं और signs बारी-बारी बदलते हैं, इसलिए totals भागते नहीं, बैठ जाते हैं।
नीचे लिखी definition देखिए, endless जोड़ की value वही है जिसकी तरफ़ running totals बढ़ते जाते हैं। यह कोई आख़िरी term नहीं है, क्योंकि आख़िरी term है ही नहीं। 2 terms जोड़िए, या 100, या 100000 — हर बार आपको एक approximation ही मिलती है। पर series ख़ुद approximation नहीं है। हर रुकावट approximation है, series exact है। और यही वह फ़र्क़ है जिस पर पूरा topic टिका है। एक fraction जो अपनी हद बताता है, और एक rule जिसकी कोई हद ही नहीं।
आख़िर में π को line पर रखते हैं। वह 3 और 4 के बीच है। और 7 बटा 2 से पहले, यानी उसके बाईं ओर। तो line पर बाएँ से दाएँ क्रम बनता है 3, फिर π, फिर 7 बटा 2, फिर 4। अब इसे और कसते हैं। π बैठता है 3.1415 और 3.1416 के बीच, और यह interval ठीक 0.0001 चौड़ा है। इसी interval के अंदर हमने 3 rationals रखे, जो हैं 3.14151, 3.14159 और 3.141593।
इनमें से 2 π से नीचे हैं और 1 ऊपर। तो rationals π को दोनों तरफ़ से घेर लेते हैं, जितना क़रीब चाहिए उतना क़रीब। घेरते सब हैं, पहुँचता कोई नहीं। और इसी में इस पूरी कहानी का असली मोड़ है। बेहतर fraction ढूँढना जवाब नहीं था, जवाब की परिभाषा बदलना था। जो चीज़ π तक पहुँचती है, वह एक number नहीं, एक rule है।
यह कहाँ बैठता है
यह उन notes से लिया गया है जिनसे हर video बनी है, पढ़ने के क्रम से नहीं — ये वे ideas हैं जिन पर यह टिका है, और वे जो आगे चलकर इस पर टिकते हैं.
किस पर टिका है
- Proof by contradiction: why √2 cannot be a ratio of integersकक्षा 9 · Ch 3, The World of Numbers
- What "rational" means, and why the denominator cannot be zeroकक्षा 9 · Ch 3, The World of Numbers
- Density: averaging always finds another rational in betweenकक्षा 9 · Ch 3, The World of Numbers
इसके ठीक पहले और ठीक बाद
- Constructing an irrational length and marking it on the number lineकक्षा 9 · Ch 3, The World of Numbers
- Why long division must either stop or loopकक्षा 9 · Ch 3, The World of Numbers