PrepShorts · पढ़ाई की शीट · Class 9 Mathematics · Chapter 8, Predicting What Comes Next: Exploring Sequences and Progressions
Chapter 8 · Predicting What Comes Next: Exploring Sequences and Progressions
क्रम ही असली बात है: कोई sequence मान के साथ स्थान भी उठाए चलता है
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sequence को अक्सर "संख्याओं की सूची, जिसमें कोई पैटर्न है" समझ लिया जाता है। वह इससे कहीं ज़्यादा तय चीज़ है: हर जगह के साथ एक पद बँधा होता है, और वही बँधन पूरी सूची है। इस cut में यह बँधन जानबूझकर तोड़ा जाता है, और फिर गिनकर देखा जाता है कि उसके बिना कितना बचता है।
मुख्य idea
कोई sequence संख्याओं की थैली नहीं है; वह हर गिनती की संख्या को एक मान के साथ जोड़ देना है, और वही जोड़ उसकी पूरी सामग्री है। यह इसलिए मायने रखता है कि आगे chapter जो भी सवाल पूछता है — अगला क्या आता है, स्थान 53 पर क्या बैठा है, 137 उस list में है भी या नहीं — हर सवाल स्थान के बारे में है, और इनमें से कोई भी बिना क्रम वाले संग्रह के बारे में कहा तक नहीं जा सकता। pattern ख़ुद भी यही कहानी हैं: अंतर तभी होता है जब कोई पद हो और उससे पहले वाला पद हो, और चलता जोड़ तभी होता है जब कोई "अब तक" हो। क्रम तय कर दीजिए और pattern उभर आता है; उसे गड्डमड्ड कर दीजिए और भविष्यवाणी करने लायक़ कुछ बचता ही नहीं।
आपको क्या आना चाहिए
- बताइए कि कोई list किस चीज़ से sequence बनती है, और किसी दी हुई sequence का पहला, दूसरा और पाँचवाँ पद पहचानिए
- किसी पद को उसके स्थान से नाम देने के लिए subscript notation इस्तेमाल कीजिए, और t₄ = 7 जैसे कथन को स्थान 4 के बारे में किया गया दावा मानकर पढ़िए
- किसी दी हुई sequence के क्रमागत अंतर निकालिए और pattern को शब्दों में बताइए
- हर त्रिभुजाकार संख्या को गिनती की संख्याओं के चलते जोड़ की तरह, और हर वर्ग संख्या को विषम संख्याओं के चलते जोड़ की तरह दोबारा लिखिए
- सांत sequence को अनंत sequence से अलग पहचानिए, और बताइए कि तीन बिंदु क्या दावा करते हैं
- ऐसी sequences के उदाहरण बनाइए जो घटती हों, जिनमें ऋणात्मक पद हों, और जिनमें भिन्नें हों
- समझाइए कि स्थान का गिनती की संख्या होना क्यों ज़रूरी है जबकि पद का होना ज़रूरी नहीं
जानने लायक़ शब्द
| शब्द | एक पंक्ति में अर्थ | हिंदी / क्षेत्रीय समकक्ष | पहली बार कहाँ |
|---|---|---|---|
| sequence | तय क्रम में लिखी गई संख्याएँ, जिससे हर एक के पास मान के साथ एक स्थान भी होता है | अनुक्रम | §8.1, p. 174 में bold में छपा है |
| term | sequence की संख्याओं में से एक, जिसकी पहचान उसके स्थान से होती है | पद | §8.1, p. 174 में bold में छपा है |
| finite | जिसका कोई आख़िरी पद हो, यानी पूरी sequence लिखकर ख़त्म की जा सके | सांत | §8.1, p. 174 में छपा है |
| infinite | जिसका कोई आख़िरी पद न हो, और तीन बिंदु यही दावा करते हैं | अनंत | §8.1, p. 174 में छपा है |
| subscript | अक्षर के नीचे लिखी छोटी स्थान-संख्या, जैसे t₄ में | अधोलिखित / पादांक | §8.1, p. 176 में छपा है |
| triangular number | गिनती की संख्याओं का चलता जोड़, जिसे बिंदुओं के त्रिभुज की तरह बिछाया जा सके | त्रिभुजाकार संख्या | §8.1, p. 174 में और सारांश, p. 196 में छपा है |
| square number | विषम संख्याओं का चलता जोड़, जिसे वर्गाकार सरणी की तरह बिछाया जा सके | वर्ग संख्या | §8.1, pp. 174–175 में छपा है |
| non-negative integer | शून्य या गिनती की कोई संख्या; p. 176 कहता है कि स्थान यह हो सकता है, हालाँकि p. 177 और हर हल किया हुआ उदाहरण धनात्मक ही माँगते हैं — देखिए Notes | ऋणेतर पूर्णांक | §8.1, p. 176 में छपा है |
| position–value pairing | यह विचार कि कोई sequence हर स्थान के लिए एक मान दर्ज करती है | स्थान–मान युग्म | यहाँ जोड़ी गई कहन; chapter यह काम करता है और इसे यह नाम देता नहीं |
हिंदी column में standard स्कूली गणितीय शब्दावली दी गई है। इस किताब का हिंदी संस्करण मैंने नहीं खोला, इसलिए उस column को हिंदी संस्करण की हूबहू शब्दावली के बजाय प्रचलित इस्तेमाल की तरह लीजिए।
लोग कहाँ चूकते हैं
- "sequence तो बस संख्याओं का एक set है।" तब 1, 4, 9, 16 और 16, 4, 9, 1 एक ही चीज़ होते। वे हैं नहीं: पहली के अंतराल 3, 5, 7 हैं और उसका एक नियम है, दूसरी के पास कुछ नहीं है। क्रम बदलकर दिखाइए और pattern को मरते हुए देखिए।
- "तीन बिंदुओं का मतलब है कि कुछ और संख्याएँ आगे आती हैं।" इस page पर वे यह दावा करते हैं कि list कभी ख़त्म नहीं होती। जिस sequence का आख़िरी पद होता है वह पूरी लिखकर ख़त्म कर दी जाती है, जैसे p. 174 का पाँच पदों वाला उदाहरण।
- **"t₄ का मतलब है t का 4 से गुणा।"** subscript एक पता है। उसे गुणनफल की तरह पढ़ना इस चरण की सबसे आम notation वाली चूक है; ज़ोर से कहिए "स्थान 4 का पद"।
- "अलग-अलग अक्षरों का मतलब अलग-अलग क़िस्म की sequences है।" t, s और u सिर्फ़ तीन नाम हैं, जो इसलिए पेश किए गए हैं कि दो sequences की तुलना उनके subscripts आपस में टकराए बिना हो सके।
- "sequences ऊपर जाती हैं।" इकाई भिन्नें नीचे जाती हैं और −7 से शुरू होती list शून्य से नीचे शुरू होती है। बढ़ना परिभाषा का हिस्सा नहीं है।
- "स्थान 0 हो सकता है, क्योंकि chapter कहता है कि स्थान कोई ऋणेतर पूर्णांक है।" बताई गई सीमा में शून्य आता ज़रूर है, पर इस chapter की हर sequence का subscript 1 से शुरू होता है। §8.6.1 में चरणों की गिनती 0 से शुरू होती ज़रूर है, और वह चरण का नाम है, पद का स्थान नहीं — दोनों को शुरू से ही अलग रखिए।
- "त्रिभुजाकार संख्या एक त्रिभुज है।" वह एक गिनती है। त्रिभुज उतने बिंदुओं को बिछाने का एक तरीक़ा है, जिससे चलता जोड़ दिखने लगता है।
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पूरा transcript1,931 शब्द
4 सूचियाँ आप पहले भी देख चुके हैं। हर एक बाएँ से दाएँ, एक तय क्रम में लिखी जाती है। पहली है गिनती वाली संख्याएँ — 1, 2, 3, 4, 5, 6। दूसरी है विषम संख्याएँ — 1, 3, 5, 7, 9, 11। तीसरी है triangular number — 1, 3, 6, 10, 15, 21। और चौथी है square number — 1, 4, 9, 16, 25, 36। आख़िर में लिखे 3 बिंदु का मतलब यह नहीं है कि कुछ और पद बाक़ी हैं।
उनका मतलब है कि यह सूची कभी ख़त्म नहीं होती। बहुत लोग इसे ऐसे पढ़ते हैं जैसे 2-4 पद और लिखने बाक़ी रह गए हों। ऐसा नहीं है — बिंदु कह रहे हैं कि आख़िरी पद है ही नहीं। जो सूची ख़त्म होती है, वह पूरी लिख दी जाती है और वहीं रुक जाती है। 6, 12, 24, 48, 96 — 5 पद, और आख़िरी पद सामने है। इस सूची से छठे पद के बारे में पूछिए तो जवाब मिलेगा ही नहीं।
वह जगह ख़ाली नहीं है — वह है ही नहीं। जिस सूची का आख़िरी पद होता है, वह सांत होती है। जिसका नहीं होता, वह कभी ख़त्म नहीं होती। sequence संख्याओं का ढेर नहीं है। इसमें हर संख्या किसी न किसी जगह पर बैठी होती है। ऊपर वाली row में जगहें हैं — 1, 2, 3, 4, 5, 6। नीचे वाली row में पद हैं। हर column में एक जोड़ी बैठी है।
जगह बताती है कि कहाँ, और पद बताता है कि क्या। यही जोड़ी पूरी sequence है। इस column में ऊपर 3 लिखा है और नीचे 5। इनमें जगह कौन सी है और पद कौन सा? अब यही जोड़ियाँ उलट-पुलट क्रम में लिख दीजिए — पहले चौथी, फिर तीसरी, फिर दूसरी, फिर पहली। पढ़ते समय जगह के हिसाब से पढ़ा जाता है, लिखने के क्रम से नहीं। इसलिए sequence वही रहती है — 1, 3, 5, 7।
हर जगह को एक नाम दे दिया जाता है। नीचे लिखा number बताता है कि कौन सी जगह — t के नीचे 1, फिर 2, फिर 3। विषम संख्याओं में t के नीचे 4 लिखकर 7 कहा जाता है। इसे यूँ पढ़िए: जगह 4 पर बैठा पद 7 है। यह t गुणा 4 नहीं है। नीचे लिखा number एक पता है, गुणा करने वाली संख्या नहीं। इसी सूची में t के नीचे 1 पर पद 1 है।
अगर नीचे लिखा number गुणा करता होता, तो t के नीचे 4 पर क्या 4 होना चाहिए था? जब 2 sequence एक साथ देखनी हों, तो दूसरी को दूसरा नाम दे दिया जाता है — s, या u। वरना नीचे लिखे number आपस में टकरा जाते। t, s और u में कोई फ़र्क़ नहीं है। ये सिर्फ़ नाम हैं, किसी अलग तरह की sequence नहीं। विषम संख्याएँ और square number, दोनों जगह 1 पर 1 से शुरू होती हैं।
पर जगह 2 पर एक 3 रखती है और दूसरी 4। विषम संख्याएँ और triangular number जगह 1 और जगह 2 पर एक जैसी हैं — 1 और 3। उसके बाद रास्ते अलग हो जाते हैं। अब sequence के साथ पहला काम — एक पद से अगले पद तक का फ़ासला नापिए। जगह n पर फ़ासला यह है — वहाँ का पद, घटा पिछली जगह का पद। पर जगह 1 के पीछे कुछ है ही नहीं।
इसलिए पहले पद का कोई फ़ासला नहीं होता। इसी वजह से फ़ासलों की row हमेशा अपनी sequence से 1 छोटी होती है। 6 पद, और 5 फ़ासले। अब चारों सूचियों के फ़ासले निकालिए। गिनती वाली संख्याओं के फ़ासले हैं 1, 1, 1, 1, 1। विषम संख्याओं के फ़ासले हैं 2, 2, 2, 2, 2। triangular number के फ़ासले हैं 2, 3, 4, 5, 6। और square number के फ़ासले हैं 3, 5, 7, 9, 11।
इनमें 2 rows ऐसी हैं जो हिलती ही नहीं — हर फ़ासला एक जैसा है। बाक़ी 2 में फ़ासले बढ़ते जाते हैं। और जो 2 rows बढ़ती हैं, वे नई नहीं हैं। triangular number की row वही गिनती वाली संख्याएँ हैं, 2 से आगे। square number की row वही विषम संख्याएँ हैं, 3 से आगे। इन 4 में से किन 2 सूचियों के फ़ासले एक जैसे निकले? फ़ासलों की row भी तो क्रम में लिखी संख्याएँ हैं।
यानी वह भी एक sequence है। तो उसके भी फ़ासले निकाले जा सकते हैं। गिनती वाली संख्याओं की row से मिलता है 0, 0, 0, 0। विषम संख्याओं से भी 0, 0, 0, 0। triangular number से मिलता है 1, 1, 1, 1। square number से मिलता है 2, 2, 2 और 2। चारों की दूसरी row एक जैसी है — 0, 0, 1 और 2। यह काम 2 बार करने पर चारों सूचियाँ एक-एक संख्या में बदल गईं।
यही उनका पैटर्न पकड़ने का एक तरीक़ा है। अब 1, 4, 9, 16 लीजिए, और उन्हीं 4 संख्याओं को उलट-पुलट क्रम में लिखिए — 16, 4, 9, 1। थैले में डालकर देखें तो दोनों में वही 4 संख्याएँ हैं। पर फ़ासले निकालिए तो फ़र्क़ सामने आ जाता है। क्रम में फ़ासले हैं 3, 5, 7। उलट-पुलट में हैं ऋणात्मक 12, फिर 5, फिर ऋणात्मक 8। दोनों 4 में से 2 जगहों पर मिलती हैं — जगह 2 और जगह 3 पर।
बाक़ी 2 जगहों पर अलग हैं। जगह 1 पर एक में 1 है और दूसरी में 16। इसलिए सिर्फ़ यह जान लेना कि सूची में कौन सी संख्याएँ हैं, काफ़ी नहीं है। जगह के बारे में पूछे सवाल का जवाब उससे नहीं मिलता। 1, 3, 6, 10, 15 — इन 5 संख्याओं को कितने अलग-अलग क्रमों में लिखा जा सकता है? जवाब है 120। और यहाँ 120 में से हर एक क्रम को जाँचा गया है, कोई छोड़ा नहीं गया।
इन 120 में से सिर्फ़ 2 ऐसे निकले जिनकी दूसरी row एक जैसी है। एक है 1, 3, 6, 10, 15, और दूसरा वही उल्टा — 15, 10, 6, 3, 1। और एक जैसे फ़ासलों वाला क्रम इन 120 में एक भी नहीं है। गिनती करें तो 118 क्रम ऐसे हैं जिनमें दोनों में से कुछ भी नहीं है। square number के साथ भी यही करके देखिए — 1, 4, 9, 16, 25।
फिर 120 क्रम, फिर उनमें से 2, और एक जैसे फ़ासलों वाला फिर एक भी नहीं। यानी वही संख्याएँ, और लगभग हर क्रम में कोई पैटर्न नहीं बचता। क्रम ही पैटर्न बनाता है। अब दूसरा काम। हर पद को पिछले कुल जोड़ में जोड़ते जाइए। इसे चलता जोड़ कहेंगे। 1, फिर 1 और 2 मिलकर 3, फिर 6, फिर 10, फिर 15, फिर 21। गिनती वाली संख्याओं का चलता जोड़ triangular number है।
फ़ासले की तरह यह भी पिछली जगह पर टिका है। पिछला कुल जोड़ चाहिए, तभी अगला बनता है। जगह 1 पर पीछे कुछ है नहीं, इसलिए पहला कुल जोड़ पहला पद ही है। इन्हें बिंदु से बनाइए। हर बार नीचे एक लंबी row और जुड़ती है, और वही row जुड़ने वाली संख्या है। आगे के 2 त्रिभुज बनाइए। 6 बिंदु की row जोड़ने पर 21 बिंदु हो जाते हैं, और 7 बिंदु की row जोड़ने पर 28।
बिंदु गिनिए या चलता जोड़ निकालिए — दोनों से वही संख्या मिलती है। triangular number एक गिनती है, कोई आकार नहीं। आकार तो उन बिंदुओं को रखने का एक तरीक़ा भर है, जिससे जोड़ आँखों से दिख जाए। अब counter का एक grid बनाइए — 8 rows और 8 columns। कोने से परत-दर-परत उतारिए। परतों में counter निकलते हैं 1, 3, 5, 7, 9, 11, 13, 15। ये तो विषम संख्याएँ ही हैं।
और इन्हें जोड़िए तो 64 — यानी 8 गुणा 8। यह सिर्फ़ square grid के साथ होता है। 3 rows और 5 columns वाले grid को उतारिए तो मिलता है 1, 3, 5, 3, 3 — विषम संख्याएँ नहीं। जोड़ फिर भी सही है — 15 counter थे और 15 ही निकले। उतारने से कुछ खोता नहीं; बस परतें विषम संख्याएँ नहीं बनीं। इन सूचियों तक पहुँचने के 3 रास्ते हैं — बिंदु गिनना, चलता जोड़ निकालना, या formula लगाना।
12 पद तक तीनों हर बार एक ही जवाब देते हैं। एक sequence का चलता जोड़ निकालिए, और फिर उसी के फ़ासले निकालिए। जो सूची से चले थे, वहीं वापस पहुँच जाते हैं। गिनती वाली संख्याओं का चलता जोड़ है 1, 3, 6, 10, 15, 21। इनके फ़ासले हैं 2, 3, 4, 5, 6 — और पहला पद 1 पहले से रखा है। उल्टा भी सही है। पहला पद रख लीजिए, फ़ासलों का चलता जोड़ कीजिए, और वही sequence वापस आ जाती है।
यह जाँच इस video की सारी 13 sequence पर की गई है — गिनती वाली, विषम, triangular, square, भिन्न वाली, ऋणात्मक से शुरू होने वाली, और बाक़ी सब। हर एक पर दोनों चक्कर पूरे हुए। दोनों काम एक ही चीज़ पर टिके हैं — पिछली जगह। फ़ासले में भी, चलते जोड़ में भी। एक और sequence लीजिए, जो हर बार 3 बढ़ती है — 1, 4, 7, 10, 13। आगे चलकर 16, 19, 22, 25।
इसका चलता जोड़ है 1, 5, 12, 22, 35, फिर 51, 70, 92, 117, 145। जिस sequence के फ़ासले एक जैसे थे, उसका चलता जोड़ एक जैसे फ़ासले नहीं रखता। पर उसके नीचे वाली row फिर एक जैसी हो जाती है। ज़रूरी नहीं कि हर पद पूरी संख्या हो। यह sequence देखिए — 1, फिर 1 बटा 2, फिर 1 बटा 3, फिर 1 बटा 4, 1 बटा 5, 1 बटा 6।
यह sequence घटती जाती है, इसलिए इसका हर फ़ासला ऋणात्मक है — ऋणात्मक 1 बटा 2, ऋणात्मक 1 बटा 6, ऋणात्मक 1 बटा 12, और आगे भी। पद ऋणात्मक भी हो सकते हैं। ऋणात्मक 7, ऋणात्मक 3, फिर 1, 5, 9 — हर बार 4 का फ़ासला। यह शून्य के ऊपर से गुज़र जाती है, पर शून्य पर उतरती नहीं। पर जगह के साथ ऐसी छूट नहीं है। जगह 0, ऋणात्मक 1 और 94.6 — ये जगहें हैं ही नहीं।
एक पद 1 बटा 3 हो सकता है। पर क्या कोई जगह 1 बटा 3 हो सकती है? और जिस सूची में एक भी पद नहीं है, वह sequence है ही नहीं। जो सूची ख़त्म होती है, उस पर भी यही काम होते हैं। 6, 12, 24, 48 और 96 — इनके फ़ासले हैं 6, 12, 24 और 48, जो एक जैसे नहीं बल्कि हर बार दुगुने हैं। इनके भी फ़ासले निकालिए — 6, 12, 24।
ये भी दुगुने होते जाते हैं, और row हर बार 1 छोटी होती जाती है। जो सूची कभी ख़त्म नहीं होती, उसे जितना चाहिए उतना लिख लिया जाता है। 10 पद चाहिए तो 10, और 28 चाहिए तो 28। कभी ख़त्म न होने का मतलब यह नहीं कि दूर के पद पकड़ में नहीं आते। मतलब सिर्फ़ यह है कि आख़िरी पद कोई नहीं है। विषम संख्याओं में जगह 400 पर कौन सा पद है?
जवाब है 799। यहाँ एक चूक बहुत होती है। 801 जगह 400 पर नहीं है, वह उसके आगे वाली जगह पर है। जगह 400 पर 799 है। square number में जगह 53 पर पद है 2809। अब उल्टा पूछिए। 137 किस जगह पर बैठा है? यह किसी जगह पर नहीं बैठा। square number में यह 121 और 144 के बीच पड़ता है। और triangular number में 136 और 153 के बीच।
तो sequence हर जगह के साथ एक पद जोड़ती है। और उस पर 2 काम होते हैं — फ़ासले निकालना, और चलता जोड़ निकालना। दोनों पिछली जगह पर टिके हैं, और दोनों एक-दूसरे को वापस पहले जैसा कर देते हैं। अब असली माँग यह है — कोई भी जगह दीजिए, और नियम उस जगह का पद लौटा दे। जगह 400 दीजिए तो 799, और पूछे बिना गिने। और यह नियम पिछली जगह का इंतज़ार नहीं कर सकता।
उसे जगह को ही पढ़ना होगा। वही अगला कदम है।
यह कहाँ बैठता है
यह उन notes से लिया गया है जिनसे हर video बनी है, पढ़ने के क्रम से नहीं — ये वे ideas हैं जिन पर यह टिका है, और वे जो आगे चलकर इस पर टिकते हैं.
किस पर टिका है
- What "rational" means, and why the denominator cannot be zeroकक्षा 9 · Ch 3, The World of Numbers
- Two axes, an origin, and why the order of the pair mattersकक्षा 9 · Ch 1, Orienting Yourself: The Use of Coordinates
आगे फिर कहाँ आता है
- An explicit rule computes any term straight from nकक्षा 9 · Ch 8, Predicting What Comes Next: Exploring Sequences and Progressions
- A recursive rule builds each term from the ones before itकक्षा 9 · Ch 8, Predicting What Comes Next: Exploring Sequences and Progressions
- Common difference, and why the nth term is a + (n − 1)dकक्षा 9 · Ch 8, Predicting What Comes Next: Exploring Sequences and Progressions
- Pairing from both ends: a closed form for 1 + 2 + ⋯ + nकक्षा 9 · Ch 8, Predicting What Comes Next: Exploring Sequences and Progressions
- Common ratio, and why the nth term is ar^(n−1)कक्षा 9 · Ch 8, Predicting What Comes Next: Exploring Sequences and Progressions
इसके ठीक पहले और ठीक बाद
- Tree diagrams make the sample space of a two-step experiment visibleकक्षा 9 · Ch 7, The Mathematics of Maybe: Introduction to Probability