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Chapter 8 · Predicting What Comes Next: Exploring Sequences and Progressions

कोई पुनरावर्ती नियम हर पद को उससे पहले के पदों से बनाता है

Sequences and the two kinds of rule14 मिनट

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एक ही सूची — 1, 4, 7, 10, 13 — के 2 विवरण हैं। एक जगह का नाम लेता है: 3n - 2। दूसरा सिर्फ़ चाल बताता है: पिछले पद में 3 जोड़ दीजिए। दोनों 60 जगहों पर एक ही पद देते हैं। पर 400वीं जगह तक चाल से पहुँचने में 399 चालें लगती हैं और जगह वाले विवरण से सिर्फ़ 2 operation, और पद दोनों का वही 1198 निकलता है।

मुख्य idea

कोई पुनरावर्ती नियम मंज़िल के बजाय क़दम बताता है, और इसीलिए वह अक्सर किसी pattern का ज़्यादा सच्चा वर्णन होता है: §8.3 student के सामने क़दम के आकार की जो तीन चीज़ें रखता है — 1, 4, 7, 10, 13; दुगुना-करके-तीन-जोड़ने वाला नियम; और वह नियम जो हर पद को उससे ठीक नीचे वाली संख्या से गुणा कर देता है — तीनों यह बताती हैं कि अगला क्या होता है, न कि यह कि स्थान 400 पर क्या होता है। और जिस काव्य वाली sequence के इर्द-गिर्द यह section बना है, वह भी यही करती है। इसकी क़ीमत यह है कि अकेला क़दम कुछ भी तय नहीं करता — हर बार 3 जोड़िए, यह तो sequences के पूरे कुनबे का वर्णन है, हर शुरुआती मान के लिए एक — इसलिए कोई पुनरावर्ती नियम तभी पूरा होता है जब वह अपना बीज भी साथ लिए हो, और उसे उतने ही बीज चाहिए जितने पीछे के पदों तक वह हाथ बढ़ाता है। यानी नियम की दोनों क़िस्में आपस में प्रतिद्वंद्वी नहीं हैं: एक बताने में सस्ती है और इस्तेमाल करने में महँगी, दूसरी इसके उलट।

आपको क्या आना चाहिए

  • किसी पुनरावर्ती नियम को ऐसे निर्देश की तरह पढ़िए जो किसी पद को उससे पहले वाले पद से जोड़ता है
  • किसी पुनरावर्ती नियम और उसके बीज से sequence के शुरुआत के कई पद बनाइए
  • एक ही क़दम साझा करती और अपने पहले पद में अलग दो sequences बनाकर समझाइए कि बीज नियम का हिस्सा क्यों है
  • n ≥ 2 वाली शर्त सही-सही बताइए और कहिए कि उसके बिना क्या गड़बड़ हो जाती
  • list के रूप में दी गई किसी sequence का पुनरावर्ती नियम लिखिए
  • ऐसा नियम सँभालिए जो दो या तीन पद पीछे तक हाथ बढ़ाता है, और बताइए कि उसे कितने बीज चाहिए
  • तय कीजिए कि कोई बताई गई संख्या किसी पुनरावर्ती रूप से परिभाषित sequence का पद है या नहीं, और बताइए कि स्पष्ट नियम के मुक़ाबले यहाँ यह मुश्किल क्यों पड़ता है
  • विरहांक–फिबोनाची sequence पहचानिए और उसका इतिहास बताइए

जानने लायक़ शब्द

शब्दएक पंक्ति में अर्थहिंदी / क्षेत्रीय समकक्षपहली बार कहाँ
recursive ruleऐसा नियम जो किसी पद को पहले के पदों के मानों से निकाल देता हैपुनरावर्ती नियम§8.3, p. 178 में bold में छपा है
recursive formulaवही विचार, सूत्र कहकर; chapter दोनों कहन छापता हैपुनरावर्ती सूत्र§8.3, p. 178 में bold में छपा है
Virahānka–Fibonacci sequence1, 2, 3, 5, 8, 13, … जहाँ हर पद उससे पहले के दो पदों का जोड़ हैविरहांक–फिबोनाची अनुक्रमp. 179 के डिब्बाबंद अंश के शीर्षक के रूप में छपा है
Vṛttajātisamuchayaविरहांक की वह कृति जहाँ यह sequence पहली बार दर्ज हुईवृत्तजातिसमुच्चयp. 179 के अंश में तिरछे अक्षरों में छपा है
seedवह शुरुआती मान या मान जो किसी पुनरावर्ती नियम को दिए ही जाने चाहिएप्रारंभिक पदयहाँ जोड़ा गया शब्द, इस chapter में छपा नहीं; किताब शुरुआती मान बताती है और उन्हें कोई नाम नहीं देती
stepवह क्रिया जो एक पद से अगले पद तक पहुँचने के लिए की जाती हैचरणयहाँ जोड़ा गया संक्षेप; यहाँ यह छपा हुआ शब्द नहीं है

हिंदी column में standard स्कूली शब्दावली दी गई है, और दोनों व्यक्तिवाचक नामों का लिप्यंतरण किया गया है। इस किताब का हिंदी संस्करण मैंने नहीं खोला, इसलिए उस column को उस संस्करण की हूबहू शब्दावली के बजाय प्रचलित इस्तेमाल की तरह लीजिए।

लोग कहाँ चूकते हैं

  • "पुनरावर्ती नियम असली सूत्र का आलसी रूप है।" विरहांक वाली sequence के लिए तो पुनरावृत्ति ही परिभाषा है; chapter उसके लिए कोई स्पष्ट नियम देता ही नहीं, न इस chapter में और न सारांश में। कुछ pattern जन्म से ही क़दम के आकार के होते हैं।
  • "क़दम ही नियम है।" "हर बार 3 जोड़िए" को अनगिनत sequences पूरा करती हैं। seed-1 और seed-−5 वाली दोनों lists अग़ल-बग़ल दिखाते रहिए जब तक class ख़ुद न कह दे कि कुछ छूट रहा है।
  • **"n ≥ 2 तो बस notation है।"** उसके बिना नियम पहले पद से भी पहले का कोई पद माँगने लगता। जो नियम दो स्थान पीछे तक हाथ बढ़ाता है उसकी शर्त n ≥ 3 है, और तीन पद गहरी exercise के लिए n ≥ 4 — संख्या इस बात के साथ चलती है कि क़दम कितना पीछे तक जाता है, और बीजों की संख्या भी।
  • **"tₙ₋₁ का मतलब है tₙ में से 1 घटाना।"** इसका मतलब है पिछला पद। किसी पद में से एक घटाना और एक स्थान पीछे हटना, दो अलग क्रियाएँ हैं, और पुनरावर्ती notation सबसे ज़्यादा यहीं टूटता है।
  • "नियम पुनरावर्ती हो तो मैं सदस्यता वाले सवाल का जवाब नहीं दे सकता।" दे सकते हैं; बस चलना पड़ता है। 133 वाले सवाल के लिए chapter का अपना निर्देश यही है कि पद तब तक निकालते रहिए जब तक उम्मीदवार पीछे न छूट जाए — और उसका पीछे छूट जाना ही सबूत है, बशर्ते sequence बढ़ती हुई हो।
  • "विरहांक–फिबोनाची 1, 1 से शुरू होती है।" यह chapter उसे 1, 2 से शुरू करता है। दोनों परंपराएँ मौजूद हैं; यहाँ छपी हुई 1, 2 है, और परीक्षा के जवाब में याद की हुई किसी और शुरुआत के बजाय दिए गए बीज ही मानने चाहिए।
  • "दो अलग नियम एक ही sequence नहीं दे सकते।" End-of-Chapter के problems 14 और 15 ठीक यही धारणा तोड़ने के लिए मौजूद हैं।
पूरा transcript2,033 शब्द

यह सूची आप पहले देख चुके हैं — 1, 4, 7, 10, 13, और आगे। इसका एक विवरण आप जानते हैं। 3n - 2 में जगह डालिए और उस जगह का पद बाहर आ जाता है। अब दूसरा विवरण। यह जगह का नाम नहीं लेता। यह सिर्फ़ यह बताता है कि एक पद से अगले पद तक जाने में क्या करना है — पिछले पद में 3 जोड़ दीजिए। दोनों विवरण एक ही शुरुआत देते हैं।

3n - 2 से 1, 4, 7, 10, 13 निकलता है, और 3 जोड़ते जाने से भी वही निकलता है। यह शुरुआत का संयोग नहीं है। 60 जगहों पर दोनों को जाँचा गया, और हर एक जगह पर दोनों का पद वही निकला। पास वाला 3n - 1 आज़माइए तो पहली जगह पर ही ग़लत निकलता है। और एक और formula ऐसा है जो शुरू की 3 जगहों पर सही बैठता है और चौथी जगह पर अलग हो जाता है।

यानी शुरुआत का मिल जाना अपने आप में कोई सबूत नहीं। अब इन 2 विवरणों की क़ीमत देखिए। 400वीं जगह तक चाल से पहुँचिए तो पहले पद के बाद हर जगह पर एक चाल चलनी पड़ती है — कुल 399 चालें। जगह वाले विवरण से वही पद 2 operation में मिल जाता है — एक गुणा और एक घटाना। दोनों रास्ते एक ही पद पर पहुँचते हैं। फ़र्क़ जवाब में नहीं है, मेहनत में है।

तो अभी तक चाल वाला विवरण सस्ता लग रहा है, क्योंकि कहने में छोटा है। इसकी असली क़ीमत अब आती है। सिर्फ़ चाल लीजिए — हर बार 3 जोड़ना — और उसे 13 अलग-अलग शुरुआती पदों से चलाइए। 13 अलग-अलग सूचियाँ बाहर आती हैं। इनमें कुल 52 फ़ासले हैं, और हर एक फ़ासला 3 है। यानी सब की चाल एक जैसी है और सूचियाँ फिर भी अलग हैं। तो अकेली चाल किसी सूची का नाम नहीं लेती।

उसे वह पद भी चाहिए जहाँ से शुरू करना है। नियम इन दोनों से मिलकर बनता है — पहला पद, और उसके बाद हर बार की चाल। उसी चाल से 2 सूचियाँ लीजिए। पहला पद 1 हो तो 1, 4, 7, 10, 13 मिलता है। पहला पद ऋणात्मक 5 हो तो ऋणात्मक 5, ऋणात्मक 2, 1, 4, 7 मिलता है। एक सवाल, और थोड़ा रुककर देखिए। क्या इन 2 सूचियों में कोई पद ऐसा है जो दोनों में आता हो?

यह सोचना आसान है कि 2 अलग सूचियाँ एक-दूसरे से बचकर चलती होंगी। ऐसा नहीं है। पहली 5 जगहों में ही दोनों में 1, 4 और 7 मौजूद हैं। दोनों के शुरू के 12 पद लीजिए तो 10 पद साझा निकलते हैं। और हर साझा पद नीचे वाली सूची में ठीक 2 जगह बाद बैठता है। 7 ऊपर वाली सूची में 3री जगह पर है और नीचे वाली में 5वीं जगह पर।

और 52 ऊपर 18वीं जगह पर है, नीचे 20वीं जगह पर। नीचे वाली सूची के पास ऐसे सिर्फ़ 2 पद हैं जो ऊपर वाली के पास नहीं हैं — ऋणात्मक 5 और ऋणात्मक 2। ऋणात्मक 2 ऊपर वाली सूची में कहीं नहीं आता। तो पहले पद ने यह नहीं बदला कि कौन सी संख्याएँ आती हैं। उसने यह बदला कि वे किस जगह पर बैठती हैं। हर चाल वाले नियम के साथ एक शर्त लिखी होती है — n कम से कम 2।

अधिकतर लोग इसे सजावट समझकर छोड़ देते हैं। इसे मत बताइए, इससे पूछिए। चाल से पहली जगह का पद माँगिए। चाल को 1 जगह पीछे पहुँचना पड़ता है, और वहाँ कुछ है ही नहीं। इसलिए वह मना कर देती है। अब पहली जगह से शुरू करके एक-एक जगह पूछते जाइए, और जहाँ पहली बार चाल मान जाए उसे निशान लगा दीजिए। वह जगह 2 निकलती है। जो चाल 2 पद पीछे तक पहुँचती है, वह तीसरी जगह से मानना शुरू करती है।

और जो 3 पद पीछे तक पहुँचती है, वह चौथी जगह से। तो शुरुआती पदों की गिनती वही है जितने पद पीछे चाल पहुँचती है — 1, 2 और 3। और जहाँ से नियम लागू होता है वह उससे एक आगे है — 2, 3 और 4। एक नियम ज़रूरत से अधिक शुरुआती पद भी ले सकता है। तब वह अतिरिक्त पद दिया हुआ होता है, बनाया हुआ नहीं। 1 और 2 से शुरू करके 3 जोड़ते जाइए तो 1, 2, 5, 8, 11 निकलता है।

यहाँ एक जाल है। पिछला पद और इस पद में से 1 घटाना — ये 2 अलग चीज़ें हैं। एक जगह पीछे जाना, और पद में से 1 कम करना। इसी सूची में चौथा पद 10 है और तीसरा पद 7 है। 10 में से 1 घटाइए तो 9 मिलता है, 7 नहीं। ये दोनों तभी एक जैसे होते हैं जब चाल 1 जोड़ने की हो। 28 जगहों पर जाँचा गया और हर जगह मिल गए।

इस video की बाक़ी 3 चालों में 10-10 जगहों पर जाँचा गया और एक बार भी नहीं मिले। अब एक ऐसी चाल जो जोड़ती नहीं, गुणा करती है। पहला पद 1 है, और हर अगला पद पिछले पद का दुगुना जमा 3 है। 1 का दुगुना 2, जमा 3, यानी 5। 5 का दुगुना 10, जमा 3, यानी 13। और 13 से 29 निकलता है। अब एक सवाल, और थोड़ा रुककर सोचिए।

क्या 133 इस सूची का पद है? चलते रहिए: 29 से 61, फिर 61 से 125, और 125 से सीधे 253। सूची 133 के ऊपर से निकल जाती है और उस पर उतरती ही नहीं। यह जवाब सही है, पर एक शर्त के साथ। किसी पद के ऊपर से निकल जाना तभी सबूत है जब सूची ऊपर ही ऊपर जाती हो और जाती रहे। ऐसी सूचियाँ होती हैं जो ऐसा नहीं करतीं।

10 से शुरू कीजिए और हर बार 7 से दूरी लीजिए — 10, 3, 4, 3, 4, 3। और एक सूची तो वहीं रुकी रहती है — 5, 5, 5, 5। इन दोनों पर वही चलना चलाइए तो वह फ़ैसला देने से मना कर देता है। और इसलिए मना करता है कि सूची ऊपर नहीं जा रही, इसलिए नहीं कि पद ख़त्म हो गए। तो चलना जवाब देता है, पर पहले दिशा जाँचता है।

दिशा पहले, जवाब बाद में। इस सूची के लिए एक और मज़बूत जवाब मौजूद है, और वह चलने में नहीं मिलता। हर पद में 3 जोड़ दीजिए। 1 से 4, 5 से 8, 13 से 16, 29 से 32, और 61 से 64। यह दुगुनी होती संख्याओं की row है — 2 की power। यानी इस सूची का हर पद किसी power से 3 कम है। 25 जगहों पर जाँचा गया, और हर जगह यही निकला।

इसके बग़ल वाला रूप नहीं चलता। अगर 3 की जगह 2 कम लिखा जाए तो पहली ही जगह पर ग़लत हो जाता है। अब 133 में 3 जोड़िए तो 136 मिलता है। 136, 2 की कोई power नहीं है। 125 में 3 जोड़िए तो 128 मिलता है, जो power है। और 253 में 3 जोड़िए तो 256, जो power है। 136 इन 2 के बीच में गिरता है। अब यह हर जगह के लिए तय हो गया, सिर्फ़ उन जगहों के लिए नहीं जहाँ तक चला गया था।

यह रूप 398 चढ़ाइयों पर चढ़ता ही है, और 399 जगहों में एक बार भी 133 नहीं होता। यही तरीका दूसरी चाल पर लगाइए। पहला पद 2, और हर अगला पद पिछले पद का 3 गुना में से 2 कम। इससे 2, 4, 10, 28, 82, 244, 730 निकलता है। इसका हर पद 3 की किसी power से 1 अधिक है। 20 जगहों पर जाँचा गया, हर जगह यही। 730 को देखिए।

730 बराबर 729 जमा 1, और 729 एक power है। तो 730 इसका पद है, और वह 7वीं जगह पर बैठता है। और 729 ख़ुद इसका पद नहीं है। अब एक चाल जो पिछले पद को 2 बार इस्तेमाल करती है। पहला पद 3 है, और हर अगला पद पिछला पद गुणा उससे ठीक एक कम संख्या। 3 गुणा 2 बराबर 6। 6 गुणा 5 बराबर 30। 30 गुणा 29 बराबर 870।

अगला पद 870 गुणा 869 है, यानी 756030 — 3 अंक के पद से 6 अंक का पद। और उसके बाद वाला पद 12 अंकों तक चला जाता है। हर पद पिछले पद का वर्ग में से वही पद घटाकर बनता है। जो 5 चालें चली गईं, 5 की 5 पर यही सही है। इतनी ही जगहों में 3 जोड़ने वाली सूची सिर्फ़ 16 तक पहुँची है। अब वह चाल जो 2 पद पीछे तक पहुँचती है।

हर पद उससे पहले के 2 पदों का जोड़ है, और शुरुआती पद 1 और 2 हैं। 2 जमा 1 बराबर 3। 3 जमा 2 बराबर 5। और 5 जमा 3 बराबर 8। इसी तरह आगे 13, 21 और 34 आते हैं, और इसके बाद 55 और 89। 27 जगहों पर जाँचा गया, और हर जगह पद पिछले 2 पदों का जोड़ ही निकला। इस सूची का पुराना इतिहास है।

यह कविता की एक गिनती से निकली थी — कि छोटी और बड़ी मात्राओं से एक पंक्ति कितने तरीक़ों से बन सकती है। बहुत लोग इस सूची को 1 और 1 से शुरू करते हैं। तब 1, 1, 2, 3, 5, 8, 13, 21 निकलता है। चाल वही है, शुरुआती पद अलग हैं। इन दोनों में हर पद ठीक एक जगह खिसका हुआ है। 24 जगहों पर जाँचा गया और हर जगह यही निकला।

एक अंतर और है। 1 और 1 वाली सूची अपने शुरू के 16 पदों में एक पद दोहराती है, जबकि छपी हुई सूची के 15 पद अलग-अलग हैं। इसीलिए इन 2 को सिर्फ़ पद देखकर आमने-सामने नहीं रखा जा सकता। इसलिए कुछ भी हल करने से पहले यह बता दीजिए कि आप किन शुरुआती पदों से चल रहे हैं। अब 3 पद पीछे तक पहुँचने वाली चाल। हर पद उससे पहले के 3 पदों का कुल जोड़ है, और शुरुआती पद 1, 2 और 4 हैं।

इसके बाद के 5 पद निकलते हैं: 7, 13, 24, 44, 81। 16 जगहों पर जाँचा गया, और हर जगह पद पिछले 3 पदों का जोड़ ही निकला। एक सवाल, और थोड़ा रुककर सोचिए। अगर शुरुआती पदों में से आख़िरी वाला बदल दिया जाए, तो 8 में से कितने पद बदलेंगे? आख़िरी शुरुआती पद को 4 से 5 कर दीजिए। तब 8 में से 6 पद बदल जाते हैं, और उससे पहले के 2 पद जहाँ थे वहीं रहते हैं।

पर सिर्फ़ आख़िरी पद बदलकर यह नहीं कहा जा सकता कि तीनों काम कर रहे हैं। तीनों को बारी-बारी से बदलिए। तीनों बार सूची बदल जाती है, और तीनों बदलाव अलग-अलग बदलाव हैं। अब इस video की आख़िरी बात। क्या सूची और उसे बनाने वाला नियम एक ही चीज़ हैं? एक नियम लीजिए। शुरुआती पद 1 और 2, और हर अगला पद उससे पहले के सारे पदों के कुल जोड़ से 1 अधिक।

इससे 1, 2, 4, 8, 16, 32, 64, 128 निकलता है, जो दूसरे पद से आगे बस दुगुना होता जाता है। और यह सभी 7 चालों पर सही है। पर यह दुगुना होना इन्हीं शुरुआती पदों का असर है। उसी नियम को 1 और 5 से चलाइए तो वह चौथी चाल से पहले दुगुना नहीं होता। एक सवाल, और थोड़ा रुककर सोचिए। क्या बिलकुल अलग शक्ल का कोई नियम वही सूची दे सकता है जो अभी बनी थी?

अब एक बिलकुल अलग शक्ल का नियम। वही शुरुआती पद 1 और 2, पर हर अगला पद 2 जगह पीछे तक के सारे पदों के जोड़ से 2 अधिक। इससे 1, 2, 3, 5, 8, 13, 21, 34 निकलता है। यह वही सूची है जो 2 पद पीछे वाली चाल से बनी थी, पद दर पद। 2 नियम जो एक-दूसरे से बिलकुल नहीं मिलते, और सूची एक। और पहला नियम इससे अलग सूची देता है।

तो नियम सूची का विवरण है, सूची ख़ुद नहीं। एक ही सूची के 2 विवरण हो सकते हैं। अब आख़िरी चुनाव। सवाल ही बताता है कि कौन सा विवरण चाहिए। अगर सवाल यह है कि आगे क्या होगा, तो चाल वाला विवरण चाहिए। और अगर सवाल यह है कि 400वीं जगह पर क्या है, तो जगह वाला विवरण चाहिए। चाल वाला नियम कहने में सस्ता है और इस्तेमाल में महँगा।

जगह वाला नियम इसका उल्टा है। और कुछ सूचियाँ ऐसी हैं जिनके पास सिर्फ़ चाल वाला विवरण होता है। 2 पद पीछे वाली सूची यहाँ अपनी चाल से दी गई है, और किसी और तरीक़े से नहीं।

यह कहाँ बैठता है

यह उन notes से लिया गया है जिनसे हर video बनी है, पढ़ने के क्रम से नहीं — ये वे ideas हैं जिन पर यह टिका है, और वे जो आगे चलकर इस पर टिकते हैं.

किस पर टिका है

आगे फिर कहाँ आता है

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