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Chapter 7 · A Tale of Three Intersecting Lines

किसी भी triangle के तीनों angles का जोड़ 180° क्यों होता है

Constructing from sides and angles12 मिनट

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60 और 70 वाला त्रिभुज 5 के आधार पर बनाओ या 7 के, तीसरा angle हर बार 50 आता है। क्यों?

मुख्य idea

सौ triangles नापो तो तुम्हें 180° के आसपास सौ जोड़ मिलेंगे, और कभी यह पता नहीं चलेगा कि क्यों। chapter यह क्यों एक ऐसी line से निकालता है जो पहले वहाँ थी ही नहीं: ऊपरी शीर्ष (apex) से होकर, उसके सामने वाली side के parallel एक line खींचो, और triangle के तीनों angles उस line के साथ फिर से दिखाई देते हैं, जहाँ उनका जोड़ पहले से पता है। यह अतिरिक्त line कोई नई जानकारी नहीं जोड़ती — वह triangle का हिस्सा नहीं है, और उस पर कोई नाप नहीं ली जाती — फिर भी वह एक बंद आकृति के बारे में एक तथ्य को एक सीधी line के बारे में तथ्य में बदल देती है। यही चाल, एक सहायक (auxiliary) construction, असली सबक़ है; 180° तो उससे अपने आप निकल आता है।

आपको क्या आना चाहिए

  • triangle के दो angles दिए हों, तो तीसरा नापकर नहीं, बल्कि एक parallel line जोड़कर और तर्क देकर निकालना
  • जब apex से होकर एक line base के parallel चलती है, तब बनने वाली alternate angles की दोनों जोड़ियाँ पहचानना
  • angle sum property का आम तर्क, चुनी हुई values के बजाय अक्षरों से, फिर से बनाना
  • angle sum property कहना और बताना कि कौन-सी बात इसे हर triangle का गुण बनाती है
  • समझाना कि जब कोई सहायक line कोई नया माप नहीं लाती, तब वह क्या योगदान देती है
  • काग़ज़ के triangle को मोड़कर property की जाँच करना, और बताना कि मोड़ना क्या दिखाता है और क्या नहीं
  • triangle के exterior angle की परिभाषा देना और नाम लिखे figure में उसे ढूँढ़ना
  • दो दिए गए interior angles से exterior angle दो steps में निकालना
  • exterior angle और दूसरे vertices के दोनों interior angles के बीच का संबंध पहचानना, और बताना कि वह कैसे निकलता है

जानने लायक़ शब्द

शब्दएक पंक्ति में अर्थहिंदी / क्षेत्रीय समकक्षपहली बार कहाँ
angle sum propertyयह तथ्य कि किसी भी triangle के तीनों angles का जोड़ 180° होता हैकोण योग गुणधर्म§7.3, p.166 में bold में छपा; p.171 का SUMMARY यह तथ्य कहता है पर यह शब्द इस्तेमाल नहीं करता
exterior angleकिसी vertex पर, पास वाली side और दूसरी side के आगे बढ़ाए हिस्से के बीच का angleबहिष्कोण§7.3, p.167 में bold में छपा
straight angleवह 180° का angle जो एक सीधी line अपने किसी point पर बनाती हैऋजु कोणp.166 पर छपा और फिर p.167 पर
alternate anglesदो parallel lines को काटती transversal की उलटी तरफ़ों पर बनी बराबर जोड़ीएकांतर कोणp.164 पर छपा
transversalऐसी line जो दो दूसरी lines को काटती हुई जाती हैतिर्यक रेखाp.164 पर छपा और उससे पहले p.163 पर
parallelएक समतल की ऐसी दो lines के लिए, जो कभी नहीं मिलतींसमांतरpp.164–166 पर छपा
vertextriangle का एक corner pointशीर्षp.146 पर छपा और फिर p.166 पर
triangleवह बंद आकृति जिसके तीनों angles का जोड़ यह topic निकालता हैत्रिभुजपूरे chapter में छपा, p.146 से
The ElementsEuclid की किताब, लगभग 300 BCE, जिसे इस तर्क का श्रेय दिया जाता हैद एलिमेंट्सp.166 पर छपा
auxiliary linefigure में सिर्फ़ इसलिए जोड़ी गई line ताकि उसके बारे में तर्क किया जा सकेसहायक रेखायहाँ जोड़ा गया शब्द; यह phrase इस chapter में नहीं छपा, हालाँकि line ख़ुद Fig. 7.6 और Fig. 7.7 में XY के रूप में बनी है
exterior angle theoremp.167 के आख़िर में खड़े किए गए संबंध का आम तौर पर दिया जाने वाला नामबहिष्कोण प्रमेयइस chapter में नहीं छपा — chapter संबंध बनाता है और उसे कहना student पर छोड़ देता है

Hindi column में standard NCERT हिंदी गणितीय शब्दावली दी गई है। Ganita Prakash Part I का हिंदी संस्करण यहाँ इस्तेमाल किए गए corpus में नहीं है, इसलिए ये शब्द हिंदी छपाई से नहीं लिए गए — Notes देखें।

समझाते समय एक सावधानी। chapter p.166 पर अक्षरों वाले तर्क के लिए शब्द proved इस्तेमाल करता है। यह जान-बूझकर है — यह वही मानक है जो Part I, Chapter 5 में तय हुआ था — इसलिए इसे घटाकर "हम देख सकते हैं कि" मत बनाना। उसी पन्ने पर काग़ज़ मोड़ने को जाँचने (verifying) के तरीक़े के रूप में रखा गया है, जो एक अलग और कमज़ोर दावा है।

लोग कहाँ चूकते हैं

  • "जोड़ 180° इसलिए है क्योंकि मैंने बहुत सारे triangles नापे और ऐसा ही निकला।" हर नाप अंदाज़न होती है, और सौ अंदाज़े मिलकर भी निश्चितता नहीं बनते। p.166 पर chapter का अपना विचार ठीक इसी के बारे में है — संबंध तब तक दिखता ही नहीं था जब तक एक line नहीं जोड़ी गई, और फिर वह अनिवार्य हो गया।
  • "parallel line triangle का हिस्सा है।" नहीं है। XY बनाने पर triangle में कुछ नहीं बदलता, और XY की कोई लंबाई कभी इस्तेमाल नहीं होती। वह इसलिए है कि बिखरे हुए तीन angles एक line पर बैठे दिख सकें।
  • "बहुत बड़े triangle का angle sum ज़्यादा होगा।" size का कोई मतलब नहीं; तर्क में कहीं लंबाई का ज़िक्र ही नहीं है। यह पिछले topic के "base से फ़र्क़ नहीं पड़ता" वाला ही सबक़ है, एक क़दम आगे पहुँचा हुआ।
  • "काग़ज़ मोड़ना ही proof है।" वह एक जाँच है। मोड़ने से उस triangle के लिए तीनों angles एक सीधे किनारे के साथ फ़िट होते दिखते हैं, जो कैंची से काटा और हाथ से मोड़ा गया था। chapter उसी पन्ने पर दोनों को अलग रखता है — अक्षरों वाले तर्क के लिए proof की भाषा और मोड़ने के लिए जाँचने की भाषा।
  • "काफ़ी बड़ा हो तो triangle में दो right angles हो सकते हैं।" दो right angles पहले ही पूरे 180° ले लेते हैं, तीसरे के लिए कुछ नहीं बचता। ध्यान दो कि यह वही तथ्य है जिस तक पिछला topic parallel-line वाली तरफ़ से पहुँचा था, अब एक पंक्ति के नतीजे के रूप में मिल रहा है।
  • "exterior angle बाहर है, इसलिए वह आगे बढ़ाई गई दोनों sides के बीच का angle है।" वह एक आगे बढ़ाई गई side और उसी vertex पर उसके पास वाली side के बीच नापा जाता है, और वहाँ के interior angle के साथ एक भुजा साझा करता है। उसे भुजाओं की ग़लत जोड़ी से पढ़ना आम ग़लती है, और p.167 का figure ही इसे ठीक करता है।
  • "Euclid ने साबित किया, इसलिए यह सच है।" chapter की बात इसके उल्टी है: तर्क ही इसे सच बनाता है, और इसका श्रेय The Elements को इसलिए दिया जाता है कि यह ख़ास idea वहीं मिलता है।
पूरा transcript1,649 शब्द

एक त्रिभुज में 2 angles 60 और 70 degree लो, और उसे पहले 5 के आधार पर बनाओ, फिर 7 के आधार पर। दोनों बार तीसरा angle 50 degree निकलता है, ज़रा भी नहीं हिलता। आधार बदला, भुजाएँ बदलीं, पर angle नहीं, तो कोई बात सिर्फ़ angles के बीच चल रही है। आज सवाल यही है, क्यों? एक तरीका, बहुत सारे त्रिभुज बनाओ और हर एक के angles नापकर जोड़ो।

पर protractor पूरे degree में पढ़ता है, angles सच में 50 दशमलव 4 और 70 दशमलव 4 हों, तो तीनों की पढ़ाई का जोड़ 179 आता है। और 50 दशमलव 6, 70 दशमलव 6 वाले त्रिभुज में, वही पढ़ाई जोड़ने पर 181। तो नापने से बस इतना दिखता है कि जोड़ 180 के आसपास है, पर क्यों, यह नाप कभी नहीं बताता। एक त्रिभुज A B C, B पर 50 degree, C पर 70 degree।

बिना बनाए, बिना नापे, A पर कितना होगा? अभी 180 में से घटाना मना है, क्योंकि वही 180 तो हमें साबित करना है, पहले यह दिखाना है कि वह आता कहाँ से है। एक नई line खींचो, A से होकर, B C के parallel, बाईं ओर उसका सिरा X, दाईं ओर Y। यह line पहले नहीं थी, त्रिभुज में इसकी कोई जगह नहीं। इससे त्रिभुज ज़रा भी नहीं बदलता, और इस line पर कोई लंबाई कभी नापी नहीं जाएगी।

यह बस इसलिए है कि बिखरे हुए 3 angles एक सीधी line पर इकट्ठे दिख सकें। पहले औज़ार याद करो, 2 parallel lines को कोई line काटे, तो उसे transversal कहते हैं। transversal के उल्टी तरफ़, दोनों parallel lines के बीच, जो 2 angles बनते हैं, वे Z के कोनों जैसे दिखते हैं। ये alternate angles हैं, और जब lines parallel हों, तो alternate angles हमेशा आपस में बराबर होते हैं।

अब A B को देखो, वह XY और B C, इन 2 parallel lines को काटती है, यानी transversal है। तो X A B और B का angle, ये alternate angles हैं, और parallel lines में alternate angles बराबर होते हैं, तो X A B बराबर 50। इसी तरह A C भी दोनों को काटती है, तो Y A C बराबर C का angle, यानी 70। बने हुए चित्र पर नापो, X A B ठीक 50, Y A C ठीक 70।

अब A पर XY के ऊपर 3 angles हैं, X A B, फिर त्रिभुज का अपना angle B A C, फिर Y A C। ये तीनों मिलकर पूरी सीधी line भरते हैं, और सीधी line पर angles का जोड़ 180। तो 50 धन A धन 70 बराबर 180, यानी A बराबर 60। अब बनाकर नापो, A पर protractor, ठीक 60 degree। क्या कोई भी line चल जाती, parallel होना ज़रूरी था?

XY को parallel से 5 degree घुमाओ, अब X A B पढ़ता है 45, और Y A C 75। तीनों का जोड़ अब भी 180, क्योंकि line अब भी सीधी है। पर अब किनारे वाले angles B और C की नकल नहीं रहे, तो त्रिभुज के बारे में कुछ पता नहीं चलता, parallel ही असली काम करता है। अब संख्याएँ हटाओ, कोई भी त्रिभुज, angles बस A, B, C। A से वही parallel line XY खींचो।

B का angle लाल, और उसका alternate जोड़ीदार X A B भी लाल, C का हरा, और Y A C भी हरा। बीच में A का अपना angle, भूरे रंग में, लाल और हरे के बीच। तीनों रंग मिलकर सीधी line भरते हैं, तो A धन B धन C बराबर 180, हर त्रिभुज में। यह line A से ही क्यों, B से भी खींच सकते हैं, A C के parallel।

तब B के दोनों ओर के angles, A और C की नकल बनते हैं, सभी 15931 त्रिभुजों में। कोना कोई भी चुनो, तर्क वही, जवाब वही। पूरे degree वाले आधार के angles की हर जोड़ी जिससे त्रिभुज बनता है, कुल 15931 त्रिभुज बनाए और नापे गए। सभी 15931 में तीनों angles का जोड़ 180, और सभी 15931 में दोनों alternate जोड़ियाँ बराबर। पर याद रखो, यह गिनती बस पुष्टि करती है, वजह वह नई line देती है।

इसे angle sum property कहते हैं, किसी भी त्रिभुज के तीनों angles का जोड़ 180। हैरानी यह है कि त्रिभुज को घूरते रहो, यह बात दिखती ही नहीं। एक ऐसी line जोड़ते ही, जो त्रिभुज का हिस्सा भी नहीं, बात मजबूरी बन जाती है, इसे auxiliary line कहते हैं। कोई कहे, बहुत बड़े त्रिभुज का जोड़ ज़्यादा होगा। पर पूरे तर्क में कहीं कोई लंबाई आई ही नहीं, बस parallel lines और angles।

यहाँ 50 और 70 को 1, 6 और 1000 के आधार पर बनाओ, हर बार जोड़ 180, 180, 180। यानी जोड़ तय करने में आधार की लंबाई का कोई रोल नहीं, भुजाएँ छोटी हों या बहुत बड़ी, जोड़ वही 180 रहता है। अब तुम करो, 2 angles दिए हैं, तीसरा बताओ, 36 और 72, 150 और 15, 90 और 30, 75 और 45। और 36 धन 72 को 180 में से घटाओ, बचता है 72।

अब 150 वाली पर रुको, 150 ने लगभग सब कुछ ले लिया, बाकी 2 के लिए बस 30 बचा, तो 15 के संग तीसरा 15। देखो, 90 और 30 से 60, और 75 और 45 से भी 60। जहाँ एक angle 90 हो, वहाँ बाकी 2 मिलकर ठीक 90, दोनों छोटे ही होंगे। यहाँ 2 angles 70 और 70 हों, तो तीसरा 40। और अगर तीनों बराबर हों, तो हर एक कितना?

और 180 को 3 बराबर हिस्सों में बाँटो, हर angle 60। एक लंबा त्रिभुज, ऊपर चोटी पर 50, और नीचे के 2 angles बराबर, पर उनकी कीमत नहीं लिखी। अब 180 में से 50 गया, 130 बचा, और वह 2 बराबर हिस्सों में बँटता है। नीचे के angle को 0 दशमलव 1 degree के कदमों में आज़माया गया, सिर्फ़ 65 पर चोटी ठीक 50 बनती है। कोई पूछे, बहुत बड़ा त्रिभुज हो, तो क्या 2 right angles हो सकते हैं?

नहीं, 2 right angles ही 180 पूरा कर देते हैं, तीसरे के लिए कुछ नहीं बचता। और B और C पर खड़ी lines parallel होती हैं, इसलिए वे मिलती ही नहीं, और यह भी उसी एक line वाले तर्क का नतीजा है। इसी से एक और बात, किसी त्रिभुज में 90 या उससे बड़े 2 angles नहीं हो सकते। देखो, 2 ही मिलकर 180 या ज़्यादा हो जाते, तीसरे के लिए कुछ नहीं बचता।

सभी 15931 त्रिभुजों में ऐसे त्रिभुज गिने गए, कुल 0। यह तर्क बहुत पुराना है, ज्यामिति में बहुत पहले से लिखा चला आ रहा है। पर यह इसलिए सच नहीं कि किसी बड़े विद्वान ने लिखा, यह इसलिए सच है कि तर्क खुद टिकता है। तुम खुद हर कदम जाँच सकते हो, किसी पर भरोसा करने की ज़रूरत नहीं, इतिहास बस बताता है कि यह विचार कहाँ से आया। अब कागज़ से जाँचो, 50 और 70 वाला एक कागज़ का त्रिभुज काटो।

ऊपर का कोना नीचे आधार तक मोड़ो, बीच से मुड़ा हुआ एक trapezium बचता है। फिर नीचे के दोनों कोने अंदर मोड़ो, ताकि वे भी उसी बिंदु पर आ मिलें। तीनों कोने आधार के एक ही बिंदु पर आ मिलते हैं। C का टुकड़ा 0 से 70 तक, A का 70 से 130 तक, B का 130 से 180 तक, किनारे से किनारा सटा हुआ, सीधी line पूरी भरी। पर मोड़ना सबूत नहीं है।

वह बस उस एक त्रिभुज के लिए दिखाता है, जो हाथ से काटा और हाथ से मोड़ा गया। सबूत वह line वाला तर्क है, वह हर त्रिभुज पर एक संग लागू होता है, नापने या मोड़ने की ज़रूरत नहीं। और हाथ का मोड़ ज़रा टेढ़ा हो, तब भी आँख को सीधा ही दिखेगा, तो मोड़ना छोटी गलती पकड़ नहीं सकता। अब एक भुजा आगे बढ़ाओ, B C को C से आगे D तक।

C पर C A और C D के बीच का angle, बाहर वाला angle है, इसे exterior angle कहते हैं। इसका एक हाथ C A है, वही जो अंदर वाले angle का भी हाथ है। A पर 50, B पर 60। पहले angle sum से, C का अंदर वाला angle, 180 घटा 50 घटा 60, यानी 70। फिर B C D सीधी line है, तो अंदर और बाहर वाले मिलकर 180, बाहर वाला 110।

बनाकर नापो, A C D ठीक 110 degree। एक आम गलती, दोनों भुजाएँ आगे बढ़ाकर उनके बीच का angle पढ़ लेना। वह angle नापो तो 70 निकलता है, यानी फिर से अंदर वाला, बाहर वाला नहीं। exterior angle हमेशा एक बढ़ाई हुई भुजा, और उसी कोने की अगली भुजा के बीच होता है। अब A और B के कुछ और मान लेकर देखो, exterior angle का उनसे क्या रिश्ता है?

यहाँ 2 बातें पता हैं, A धन B धन C बराबर 180, और C का अंदर वाला धन बाहर वाला भी 180। दोनों में C का अंदर वाला angle आम है, तो बाहर वाला angle बराबर A धन B। यहाँ 50 धन 60, यानी 110, ठीक वही जो नापा। और सभी 15931 त्रिभुजों में नापकर देखा, हर एक में बाहर वाला angle, सामने के 2 अंदर वाले angles के जोड़ के बराबर, कुल 15931।

यह रिश्ता हमने खुद पूरा किया, सवाल खुला छोड़ा गया था, जवाब यह तर्क है। इससे एक और नतीजा, बाहर वाला angle, सामने के हर एक अंदर वाले angle से बड़ा होता है। क्योंकि वह दोनों का जोड़ है, और दोनों angles कुछ न कुछ तो हैं। सभी 15931 त्रिभुजों में जाँचा गया, यह बात सच निकली 15931 में। खुद करो, कोई भी त्रिभुज बनाओ, किसी एक कोने से सामने की भुजा के parallel line खींचो, और जोड़ीदार angles को एक रंग में रंगो।

फिर 36 और 72 वाले त्रिभुज में, तीसरे कोने का exterior angle बताओ, बिना नापे। याद रखो, नापना बस पास पहुँचाता है, वजह नहीं बताता। एक कोने से सामने की भुजा के parallel line, और तीनों angles एक सीधी line पर। किसी भी त्रिभुज के तीनों angles का जोड़ 180, नाप चाहे जो हो। कागज़ मोड़ना जाँच है, सबूत line वाला तर्क है। और exterior angle, सामने के 2 अंदर वाले angles का जोड़।

यह कहाँ बैठता है

यह उन notes से लिया गया है जिनसे हर video बनी है, पढ़ने के क्रम से नहीं — ये वे ideas हैं जिन पर यह टिका है, और वे जो आगे चलकर इस पर टिकते हैं.

किस पर टिका है

आगे फिर कहाँ आता है

इसके ठीक पहले और ठीक बाद

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