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Chapter 1 · Geometric Twins

हर equilateral triangle में तीन 60° वाले angles क्यों होते हैं

What congruence lets you prove10 मिनट

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equilateral शब्द सिर्फ़ भुजाओं की बात करता है, angles की नहीं। तो हर angle 60 क्यों?

मुख्य idea

Equilateral लंबाइयों के बारे में एक कथन है और angles के बारे में कुछ नहीं कहता, फिर भी हर equilateral triangle में तीन 60° वाले angles होते हैं और कोई दूसरा मान मुमकिन ही नहीं। chapter बिना protractor के वहाँ एक ही नतीजे को दो बार इस्तेमाल करके पहुँचता है: बराबर भुजाओं की एक जोड़ी चुनो, तो उनके सामने वाले angles मेल खाने ही चाहिए; दूसरी जोड़ी चुनो, तो दूसरा मेल निकल आता है; दोनों मेल जुड़कर यह देते हैं कि तीनों angles बराबर हैं, और फिर 180° हिसाब की ठीक एक ही गुंजाइश छोड़ता है। 60° न देखा गया है, न परिभाषा से बना दिया गया है — उसे निचोड़कर निकाला गया है। निगमन (deduction) ऐसा ही महसूस होता है, और यह chapter का आख़िरी प्रदर्शन है कि congruence किसलिए थी।

आपको क्या आना चाहिए

  • बताना कि equilateral किस बात का दावा करता है, और किस बात का सीधे दावा नहीं करता
  • बराबर-भुजाओं वाले नतीजे को भुजाओं की एक जोड़ी पर लगाना और उन angles के नाम लेना जिन्हें वह बराबर करता है
  • बराबर भुजाओं की दूसरी जोड़ी चुनकर angles की दूसरी बराबरी निकालना
  • दोनों बराबरियों को जोड़कर दिखाना कि तीनों angles बराबर हैं
  • 180° के कुल से इकलौता मुमकिन मान निकालना
  • समझाना कि बनाकर नापना एक जाँच है, कारण नहीं
  • बताना कि पूरा निगमन किस पहले वाले नतीजे पर टिका है
  • बनी हुई संरचनाओं और designs में congruent और equilateral triangles पहचानना

जानने लायक़ शब्द

शब्दएक line में परिभाषाहिंदी / क्षेत्रीय समकक्षपहली बार कहाँ आया
equilateral triangleऐसा triangle जिसकी तीनों भुजाएँ एक ही लंबाई की होंसमबाहु त्रिभुज§1.3, Part II, p.18 में, और p.17 पर section के शीर्षक में छपा
isosceles triangleऐसा triangle जिसकी दो भुजाएँ बराबर लंबाई की होंसमद्विबाहु त्रिभुज§1.3, Part II, p.17 में छपा
deducedजो पहले से साबित बातों से तर्क करके पाया गया होनिगमित§1.3, Part II, p.19 में छपा
verifyकिसी नतीजे को करके जाँचनासत्यापित करना§1.3, Part II, p.19 में छपा
constructionवह drawing जिससे नतीजा जाँचा जाता हैरचना§1.3, Part II, p.19 में छपा
congruentरूप और माप दोनों में मेल खाता हुआसर्वांगसम§1.1, Part II, p.2 में, और पूरे chapter में छपा
rangoliफ़र्श पर design बनाने की परंपरा, जिसे chapter उदाहरण के रूप में लेता हैरंगोली§1.3, Part II, p.19 में छपा
domeघुमावदार छत का रूप, जिसे chapter उदाहरण के रूप में लेता हैगुंबद§1.3, Part II, p.19 में छपा
Rabindra SetuHowrah Bridge, chapter का भारतीय engineering वाला उदाहरणरवीन्द्र सेतु§1.3, Part II, p.20 में छपा
equiangularजिसके तीनों angles बराबर होंसमान कोणों वालाइस पाठ का शब्द, इस chapter में नहीं छपा — chapter शब्दों में कहता है कि तीनों angles बराबर हैं
proofऐसा तर्क जो बिना नापे किसी दावे को तय कर देउपपत्तिइस पाठ का शब्द, इस chapter में नहीं छपा — यह Part I, छपे हुए Chapter 5, p.108 में छपा है
trussbridge की photograph में दिखने वाला triangles का ढाँचाट्रसइस पाठ का शब्द, इस chapter में नहीं छपा

हिंदी column में जहाँ standard शब्द मौजूद है वहाँ NCERT की standard हिंदी गणितीय शब्दावली दी गई है, और जहाँ नहीं है वहाँ सीधा-सादा वर्णन — equiangular को नाम देने के बजाय "समान कोणों वाला" कहकर समझाया गया है, क्योंकि सबसे सीधा गढ़ा हुआ शब्द समकोण से टकराता है, जो right angle का शब्द है। इस brief के लिए Ganita Prakash Part II का हिंदी संस्करण उपलब्ध नहीं था — Notes देखें।

लोग कहाँ चूकते हैं

  • "equilateral मतलब सारे angles बराबर — यही परिभाषा है।" ऐसा नहीं है। chapter इस शब्द की परिभाषा भुजाओं की लंबाई से देता है और angle वाला तथ्य निकालने में डेढ़ page लगाता है। अगर angles परिभाषा का हिस्सा होते, तो साबित करने को कुछ न होता और यह section होता ही नहीं।
  • "सारे angles 60° मतलब 60° angles वाले सारे triangles एक ही triangle हैं।" p.10 के एक जैसे angles वाले तीनों triangles पहले ही दिखा चुके हैं कि सिर्फ़ angles triangle को तय नहीं करते। equilateral triangles हर माप के होते हैं; उनमें 60° साझा है, माप नहीं।
  • "बस एक को नाप लेते और 60° देख लेते।" एक equilateral triangle को नापना तुम्हें उसी triangle के बारे में और तुम्हारे protractor की सटीकता के बारे में बताता है। chapter का आख़िरी वाक्य साफ़ कहता है कि यह मान निगमित किया गया था।
  • "भुजाओं की हर जोड़ी के लिए अलग तर्क चाहिए।" एक ही तर्क दो बार चाहिए, एक अलग जोड़ी पर लगाया हुआ। इसे दिखाना — बिना बदली आकृति पर निशानों का एक जोड़ी से दूसरी पर खिसकना — ही सिखाने का पूरा पल है।
  • "∠A, भुजा AB के सामने है।" नहीं है; वह BC के सामने है। सामने वाली भुजा ग़लत पहचानना ही इस निगमन में student के चूकने का सबसे आम तरीक़ा है, और p.18 का दो-आकृति वाला क्रम वह जगह है जहाँ धीमे होकर इशारा करना चाहिए।
  • "तीन 60° वाले angles साबित करते हैं कि triangle equilateral है।" यह उलटा कथन है। chapter इसे नहीं उठाता। chapter जो दिखाता है वह एक ही दिशा में चलता है: पहले बराबर भुजाएँ, फिर बराबर angles।
  • "photographs गणित को साबित करती हैं।" वे इस बात के उदाहरण हैं कि congruent triangles कहाँ दिखते हैं, और उनसे जुड़ी exercise पढ़ने वाले से वर्णन करने को कहती है कि वह क्या देखता है। वे किसी भी चीज़ का सबूत नहीं हैं।
पूरा transcript1,439 शब्द

एक त्रिभुज जिसकी तीनों भुजाएँ बराबर हों, उसे equilateral कहते हैं। गौर करो, यह शब्द सिर्फ़ लंबाइयों के बारे में है, भुजाएँ बराबर, बस इतना। angles के बारे में यह शब्द एक बात भी नहीं कहता। तो इसके angles कितने हैं, और क्या वे कुछ और भी हो सकते हैं? कोई कहेगा, equilateral का मतलब ही है कि angles बराबर हैं, यह तो परिभाषा है। नहीं, परिभाषा सिर्फ़ भुजाओं की है, angles वाली बात उसमें कहीं नहीं लिखी।

अगर angles परिभाषा में होते, तो साबित करने को कुछ बचता ही नहीं, पर यहाँ बचता है। यहाँ हम angles की बात, सिर्फ़ भुजाओं से, तर्क के ज़ोर पर निकालेंगे, बिना कुछ नापे। औज़ार यह नतीजा है, किसी भी त्रिभुज में, बराबर भुजाओं के सामने वाले angles बराबर होते हैं। यह बात त्रिभुज को बीच से काटकर, 2 आधे हिस्सों को congruent दिखाकर साबित होती है। यहाँ वही एक नतीजा, एक ही त्रिभुज पर, 2 बार लगाएँगे।

पहले यह पक्का करो कि कौन सा angle किस भुजा के सामने है, A के सामने B C। B के सामने A C। और C के सामने A B। नियम आसान है, कोना जिस भुजा को छूता नहीं, वही उसके सामने है। सबसे आम गलती, A, भुजा A B के सामने है। नहीं, बिंदु A तो भुजा A B का एक सिरा है, उसे छूता है, उसके सामने कैसे होगा?

यह उल्टा पढ़ा, तो पूरा तर्क गलत angles को बराबर कर देगा, इसलिए यहाँ धीरे चलो। पहली बार, सिर्फ़ A B और A C पर निशान लगाओ, ये 6 और 6, बराबर हैं। भुजा A B के सामने C है, और भुजा A C के सामने B है। तो औज़ार कहता है, B पर का angle, C पर के angle के बराबर। A के बारे में अभी कुछ पता नहीं चला, वह इस बार की जोड़ी में है ही नहीं।

देखो कि एक बार काफ़ी क्यों नहीं, एक त्रिभुज लो, A B और A C दोनों 5 के, पर B C 6 का। यहाँ भी B और C बराबर, दोनों लगभग 53। पर A पर लगभग 74, बाकी दोनों से अलग। यानी पहली बार का नतीजा, सिर्फ़ 2 angles को बाँधता है, तीसरा खुला रह जाता है। अब असली चाल, त्रिभुज वही है, एक भी भुजा नहीं बदली। बस निशान खिसकते हैं, A C से हटकर, B C पर, A B वाला वहीं रहता है।

यह जायज़ है, क्योंकि equilateral में A B और B C भी बराबर हैं, हर जोड़ी बराबर है। बदला सिर्फ़ यह कि हम किस जोड़ी पर ध्यान दे रहे हैं। अब देखो, A B और B C के सामने कौन से angles हैं? भुजा A B के सामने C, और भुजा B C के सामने A। तो इस बार, A पर का angle, C पर के angle के बराबर। B इस बार नहीं आता, अगर तुमने B लिखा, तो सामने वाली बात उल्टी पढ़ी है।

फिर जाँचो, A B और B C दोनों 5 के, पर A C 6 का। अब A और C बराबर, दोनों लगभग 53। और इस बार अलग पड़ता है B, लगभग 74। यानी हर बार का नतीजा अलग जोड़ी को बाँधता है, और यही हमें चाहिए। गौर करो, हमने कोई नया तर्क नहीं दिया, वही एक नतीजा 2 बार लगाया। पहली बार जोड़ी A B और A C, दूसरी बार A B और B C, अलग जोड़ियाँ।

दोनों में साझी भुजा सिर्फ़ एक, A B। हर जोड़ी के लिए नया सबूत नहीं चाहिए, एक ही सबूत दोबारा चलता है। अब दोनों को जोड़ो, पहली बार से, B बराबर C। दूसरी बार से, A बराबर C। B भी C के बराबर, A भी C के बराबर, तो A और B भी आपस में बराबर। यानी A, B, C, तीनों angles बराबर, जोड़ियों में गिनो तो 3 में से 3 जोड़ियाँ बराबर।

भुजाओं की जोड़ी 3 तरह से चुनी जा सकती है, A B और A C, या A B और B C, या A C और B C। इनमें से कोई भी 2 जोड़ियाँ चुनो, हर चुनाव से तीनों angles बराबर निकलते हैं, 3 में से 3। पर अकेली एक बार से, कभी नहीं, 3 में से 0। इसीलिए 2 बार, एक बार हमेशा एक कोना छोड़ देती है। अब एक और पक्की बात, किसी भी त्रिभुज के तीनों angles का जोड़ 180।

तीनों बराबर हैं, तो एक angle को 3 बार जोड़ो, 180 आना चाहिए। तो एक angle कितना हुआ, हिसाब लगाओ? यहाँ 180 बटा 3, यानी 60 degree। क्या कोई और मान चल सकता है, यह देखने को हर पूरी संख्या आज़माओ, 1 से 179 तक, सिर्फ़ एक चलती है, 60। जैसे 59 को 3 बार लो, बनता है 177, 180 से 3 कम। और 61 को 3 बार, बनता है 183, 180 से 3 ज़्यादा।

तो बराबर angles के लिए बस एक ही रास्ता बचता है, 60। सोचो, यह 60 हमने कहीं देखा नहीं, और परिभाषा में डाला भी नहीं। यह भुजाओं से निचोड़कर निकाला गया, बराबर भुजाएँ, फिर 2 बार औज़ार, फिर 180। इसी को तर्क से निकालना कहते हैं, एक बात, जो पहले से पक्की बातों से मजबूरन निकलती है। अब, और सिर्फ़ अब, बनाकर जाँचो, तर्क पहले, चित्र बाद में। परकार से, सिर्फ़ लंबाइयाँ लेकर, तीनों भुजाएँ 6 की, कोई angle नहीं दिया।

अब नापो, तीनों angles 60 के। यह जाँच है, कारण नहीं, कारण तो तर्क था। कोई पूछे, इतना सब क्यों, एक त्रिभुज बनाकर नाप लेते, 60 दिख जाता। एक त्रिभुज नापने से, बस उसी त्रिभुज का पता चलता है, और तुम्हारे नापने के औज़ार की सफ़ाई का। हाथ ज़रा हिला, तो 59 भी पढ़ सकते हो, 61 भी, पर तर्क कभी नहीं हिलता। फिर भी, और भरोसे के लिए, भुजा 1 से 20 तक हर लंबाई, और हर एक 12 अलग दिशाओं में।

कुल 240 त्रिभुज, सब सिर्फ़ लंबाइयों से बने। सभी 240 त्रिभुजों में, तीनों angles 60। फिर भी यह सबूत नहीं, गवाही है, सबूत तो वह तर्क है जो हर त्रिभुज पर एक संग लागू होता है। एक और गलतफ़हमी, सबके angles 60, तो सब equilateral त्रिभुज एक ही हैं। एक की भुजा 2, दूसरे की 7, दोनों में हर angle 60 का। पर एक दूसरे पर रखो, तो नहीं बैठते, ये congruent नहीं हैं।

angles अकेले आकार तय नहीं करते, equilateral हर नाप में आते हैं, साझा सिर्फ़ 60 है। एक सावधानी, हमने साबित किया, भुजाएँ बराबर, तो angles 60। उल्टी बात, तीनों angles 60, तो भुजाएँ बराबर, यह एक अलग बात है। वह यहाँ साबित नहीं हुई, इसलिए उसे इस्तेमाल मत करो। अब खुद करो, ऊपर equilateral त्रिभुज A B C, और B C के नीचे एक और त्रिभुज B C D। इसमें B D बराबर C D, और D पर 40 degree।

पूरे चित्र में, B पर का पूरा angle, यानी A B D, कितना है? नीचे वाले में, B D बराबर C D, तो B और C पर बराबर, 180 में से 40 घटाकर आधा, हर एक 70। ऊपर वाला equilateral, तो B पर उसका हिस्सा 60। जोड़ो, 60 और 70, यानी 130। नापकर देखो, B पर पूरा angle, 130। यहाँ दोनों नतीजे मिलकर काम आए, बराबर भुजाओं वाला, और 60 वाला।

अब असल दुनिया की बात, 6 equilateral त्रिभुज, एक ही बिंदु के चारों तरफ़। हर एक उस बिंदु पर 60 देता है, 6 बार 60, यानी 360, पूरा एक चक्कर। इसलिए घेरा बिना किसी दरार के बंद होता है, और हर त्रिभुज की भुजा 6। फ़र्श के तारे वाले नमूने, और छत्ते जैसे नमूने, इसी वजह से बिना दरार के बनते हैं। एक पुल का लोहे का ढाँचा, 2 पटरियों के बीच त्रिभुज ही त्रिभुज, यहाँ 7।

क्या ये सब एक जैसे हैं, और क्या ये equilateral हैं? सभी 7 एक दूसरे पर बैठते हैं, यानी congruent, कुछ सीधे, कुछ उल्टे। पर equilateral एक भी नहीं, नीचे की भुजा 4, तिरछी लगभग 3.6। एक pyramid, नीचे 4 की भुजा वाला वर्ग, और चोटी बीच से 3 ऊपर। उसके 4 तिरछे चेहरे, सबकी तीनों लंबाइयाँ एक जैसी, यानी सब congruent। पर इनमें equilateral एक भी नहीं, तिरछी किनारी, नीचे की किनारी से लंबी है।

तो बनी हुई चीज़ों में congruent त्रिभुज ढूँढो, equilateral मानकर मत चलो। और ध्यान रहे, तस्वीरें उदाहरण हैं, सबूत नहीं, सबूत तर्क है। पूरा तर्क किस पर टिका है? बराबर भुजाओं के सामने बराबर angles, जो 2 बार लगा। और वह खुद टिका था congruent आधे हिस्सों पर, और उसके अलावा, जोड़ 180 पर। कीमत क्या लगी? एक भी नाप नहीं, सिर्फ़ तर्क। equilateral सिर्फ़ भुजाओं की बात है। एक ही नतीजा 2 बार, 2 अलग जोड़ियों पर, पहले B बराबर C, फिर A बराबर C।

दोनों को जोड़ो, तीनों angles बराबर, और 180 बटा 3, यानी 60। बनाकर नापना जाँच है, कारण नहीं। और उल्टी दिशा वाली बात, अलग है, यहाँ साबित नहीं हुई।

यह कहाँ बैठता है

यह उन notes से लिया गया है जिनसे हर video बनी है, पढ़ने के क्रम से नहीं — ये वे ideas हैं जिन पर यह टिका है, और वे जो आगे चलकर इस पर टिकते हैं.

किस पर टिका है

इसके ठीक पहले और ठीक बाद

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