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Chapter 7 · A Tale of Three Intersecting Lines

altitude क्या है, और उसे कैसे बनाएँ

Altitudes and classification9 मिनट

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त्रिभुज की ऊँचाई कितनी है? पहले पूछना पड़ता है: किस आधार से। हर कोने का अपना altitude है, और वे आम तौर पर अलग अलग होते हैं।

मुख्य idea

"ऊँचाई" सुनने में किसी चीज़ का गुण लगती है, जैसे किसी पेड़ की एक ऊँचाई होती है। triangle में ऐसा नहीं है: वहाँ ऊँचाई एक चुने हुए vertex और उस side के बीच का संबंध है जिसे तुमने base कहना तय किया है, इसलिए एक ही triangle में एक साथ ऐसी तीन ऊँचाइयाँ होती हैं। और परिभाषा right angle के बारे में है, figure के अंदर रहने के बारे में नहीं। right angle को पकड़े रहो, तो obtuse वाली हालत अपने आप सुलझ जाती है — तुम base को तब तक बढ़ाते हो जब तक कोई ऐसी चीज़ न मिल जाए जिस पर perpendicular बनाया जा सके। इसके बजाय "triangle के अंदर" को पकड़े रहो, तो obtuse वाली हालत एक अपवाद लगने लगती है — और ठीक यही वह नहीं है।

आपको क्या आना चाहिए

  • बताना कि कौन-सी बात किसी segment को triangle का altitude बनाती है
  • नाम लिखे figure में पहचानना कि altitude किस vertex से निकलता है और किस side पर गिरता है
  • समझाना कि हर triangle में तीन altitudes क्यों होते हैं, और वे आम तौर पर अलग-अलग लंबाई के क्यों होते हैं
  • बताना कि "triangle की ऊँचाई" का क्या मतलब है, और base के बिना यह phrase अधूरा क्यों है
  • set square और ruler से किसी vertex से base पर altitude बनाना
  • obtuse triangle में, पहले base को आगे बढ़ाकर, altitude बनाना
  • सही ठहराना कि base को उसी पर ले आने वाला काग़ज़ का मोड़ perpendicular तह क्यों बनाता है
  • उस एक तरह के triangle को पहचानना जिसमें एक side ही altitude का काम भी करती है, और उस तरह का नाम बताना

जानने लायक़ शब्द

शब्दएक पंक्ति में अर्थहिंदी / क्षेत्रीय समकक्षपहली बार कहाँ
altitudeकिसी vertex से निकलकर सामने वाली side से right angle पर मिलने वाला segmentशीर्षलंब§7.4, p.167 में छपा, और फिर SUMMARY, p.171 में
heightaltitude कितना लंबा है, जो भी side base हो उसके सापेक्ष नापा हुआऊँचाईp.167 और p.168 पर छपा
perpendicularकिसी से right angle परलंबp.167 और p.168 पर छपा
baseवह side जिससे ऊँचाई नापने के लिए चुनी गई होआधारp.168 और p.169 पर छपा
line segmentदो endpoints वाला line का एक टुकड़ारेखाखंडp.167 पर छपा
vertextriangle का एक corner pointशीर्षp.146 पर छपा और पूरे §7.4 में
set squareright angle वाला drawing triangle, जिससे सटीक perpendicular खड़ा किया जाता हैसेट स्क्वायरp.168 और p.169 पर छपा
rulerवह सीधा किनारा जिसके साथ set square खिसकता हैरूलर / पैमानाp.168 और p.169 पर छपा
right-angled triangleऐसा triangle जिसके तीन angles में से एक right angle हो; chapter इसे छोटा करके right triangle भी कहता हैसमकोण त्रिभुज§7.4, p.169 में bold में छपा
foot of the altitudeवह point जहाँ altitude base से, या आगे बढ़ाए गए base से, मिलता हैलंब पादयहाँ जोड़ा गया phrase; यह इस chapter में नहीं छपा, जो इस point को D नाम देता है और इसका कोई नाम नहीं बताता

Hindi column में standard NCERT हिंदी गणितीय शब्दावली दी गई है। Ganita Prakash Part I का हिंदी संस्करण यहाँ इस्तेमाल किए गए corpus में नहीं है, इसलिए ये शब्द हिंदी छपाई से नहीं लिए गए — Notes देखें।

समझाते समय एक सावधानी। chapter p.169 पर right-angled triangles और छोटा रूप right triangles दोनों छापता है और दोनों को एक ही चीज़ मानता है; कोई भी इस्तेमाल करो, पर एक ही व्याख्या के भीतर एक जैसा रखो।

लोग कहाँ चूकते हैं

  • "altitude ऊपरी corner से पन्ने पर सीधा नीचे जाने वाली line है।" पन्ने पर नीचे की दिशा तभी खड़ी होती है जब base संयोग से आड़ा हो। ज़रूरी है base के साथ right angle, base चाहे जिस दिशा में चले।
  • "triangle की एक ही ऊँचाई होती है।" तीन होती हैं, हर vertex की एक, और वे आम तौर पर सब अलग-अलग होती हैं। "triangle की ऊँचाई" उस base वाली ऊँचाई का छोटा रूप है जो अभी इस्तेमाल हो रहा है, और chapter यह कहता है।
  • "altitude base को दो बराबर हिस्सों में बाँटता है" या "altitude जिस angle से निकलता है उसे दो बराबर हिस्सों में बाँटता है।" आम तौर पर दोनों में से कोई सच नहीं। Fig. 7.8 जान-बूझकर टेढ़ा बनाया गया है ताकि D, BC का midpoint न हो। median और bisector में से कोई भी शब्द इस chapter में कहीं नहीं छपा।
  • "altitude का triangle के अंदर होना ज़रूरी है।" obtuse triangle में तीन में से दो altitudes बाहर गिरते हैं, और chapter उनमें से एक दिखाता है। परिभाषा में अंदर का कहीं ज़िक्र ही नहीं था।
  • "अगर पैर बाहर है, तो base लंबा हो गया।" आगे बढ़ाया गया हिस्सा बनाने में मदद है, triangle का हिस्सा नहीं। BC अब भी उतना ही है जितना था; B और C से होकर जाने वाली line लंबी हुई है।
  • "हाथ से अंदाज़े से बनाना काफ़ी है।" chapter इसके लिए सिर्फ़ ruler वाली सटीकता को साफ़ तौर पर नकारता है और set square लाता है। बात यह है कि आँख से बना right angle ही वह अकेली चीज़ है जिसमें यह construction अंदाज़ा बर्दाश्त नहीं कर सकता।
  • "तीनों altitudes एक point पर मिलते हैं, इसलिए वह point यहाँ ज़रूर मायने रखता है।" chapter ऐसे किसी point को न कहता है न नाम देता है, और p.168 का उसका figure तीन में से सिर्फ़ दो altitudes बनाता है। व्याख्या में किसी एक point पर मिलने का दावा बाहर से मत लाना।
पूरा transcript1,404 शब्द

एक बच्चे की ऊँचाई, एक पेड़ की ऊँचाई, एक इमारत की ऊँचाई। हर बार ऊँचाई किसी चीज़ से नापी जाती है, सवाल यह कि किससे। ज़मीन से, बिल्कुल सीधा ऊपर, ज़मीन से right angle बनाते हुए। ढलान पर खड़ा पेड़ सोचो, उसकी ऊँचाई ढलान के सहारे नापोगे, या सीधी ज़मीन से, जवाब इस पर टिका है कि आधार किसे माना। ऊँचाई किसी चीज़ की अपनी खूबी लगती है, पर त्रिभुज में ऐसा नहीं, वहाँ ज़मीन खुद हमें चुननी पड़ती है।

एक टेढ़ा सा त्रिभुज लो, B नीचे बाईं ओर, C नीचे दाईं ओर, A ऊपर, पर C की तरफ़ झुका हुआ। A की ऊँचाई B C से नापनी है, तो A से B C पर ऐसी line उतारो जो B C से right angle बनाए। वह line B C को D पर छूती है, B से 6 और C से बस 2। और A D की लंबाई 4, यही A की ऊँचाई है, B C से।

इस टुकड़े A D को altitude कहते हैं, A से निकला altitude। altitude के लिए 2 चीज़ें चाहिए, एक कोना, और सामने की वह भुजा जिसे हमने आधार चुना। B C का बीच B से 4 पर है, पर D, 6 पर, तो altitude भुजा को आधा नहीं करता। और A का angle भी आधा नहीं होता, एक ओर लगभग 56 degree, दूसरी ओर लगभग 27। altitude का बस एक ही वादा है, आधार से right angle, और कुछ नहीं।

कई बच्चे सोचते हैं, altitude यानी ऊपर वाले कोने से सीधा पन्ने के नीचे की ओर। पन्ने के नीचे की ओर तभी सही है जब आधार लेटा हुआ हो। अगर आधार तिरछा हो, तो सीधे नीचे गिरने वाली line उससे टेढ़ा angle बनाएगी, और वह altitude नहीं होगी। त्रिभुज घुमाएँ तो आधार भी घूमता है, और altitude उसी आधार के संग घूमता है, हमेशा उससे right angle पर। पर हर कोने के सामने एक भुजा है, तो हर कोने का अपना altitude।

B से C A पर, और C से A B पर, right angle वाली lines उतारो, B E और C F। तीनों की लंबाई, A से लगभग 4 दशमलव 0, B से लगभग 7 दशमलव 2, C से लगभग 4 दशमलव 4। तीनों अलग, एक त्रिभुज, 3 ऊँचाइयाँ, और यहाँ तीनों के पैर अपनी भुजाओं पर ही पड़ते हैं। गौर करो, सबसे लंबा altitude, लगभग 7 दशमलव 2, सबसे छोटी भुजा C A पर खड़ा है, जो लगभग 4 दशमलव 5 है।

हर भुजा को उसके अपने altitude से गुणा करो, तीनों बार जवाब 32। यानी छोटा आधार हो तो ऊँचाई बड़ी, बड़ा आधार हो तो ऊँचाई छोटी, यह बात आगे बहुत काम आएगी, अभी बस इसे नोट करो। तो जब कोई कहे, इस त्रिभुज की ऊँचाई, तो पहले यह पूछना पड़ेगा कि किस आधार से। त्रिभुज की ऊँचाई, असल में एक छोटा रूप है, जिस आधार पर अभी काम चल रहा है, उससे ऊँचाई।

ऊँचाई कोई अकेली खूबी नहीं, एक रिश्ता है, एक चुने हुए कोने और एक चुनी हुई भुजा के बीच। अब ऐसा त्रिभुज, जिसमें B पर लगभग 124 degree का चौड़ा angle है, और A, B से भी बाईं ओर ऊपर लटका है। A से B C पर right angle वाली line कहाँ गिरेगी? B C पर कहीं भी नहीं, पूरी भुजा A के नीचे से बाहर है। तो पहले आधार की line को B से आगे बढ़ाओ, एक टूटी हुई line से।

अब पैर उस बढ़ी हुई line पर गिरता है, B से 2 आगे, और altitude की लंबाई 3। पर B C अब भी 6 ही है, लंबी line हुई है, त्रिभुज की भुजा नहीं, बढ़ाना बस चित्र बनाने की मदद है। right angle का छोटा चौकोर निशान भी अब बाहर, बढ़ी हुई line पर बनता है, त्रिभुज के बाहर। चोटी को धीरे धीरे बाईं ओर खिसकाओ, पैर कब भुजा से बाहर निकलता है?

ठीक तब, जब B का angle right angle से बड़ा हो जाए। जाली वाले 90 त्रिभुजों में, चोटी का पैर 48 में बाहर गिरा, और ये ठीक वही त्रिभुज हैं जिनमें B या C पर चौड़ा angle है। कोई कहे, altitude तो त्रिभुज के अंदर होना चाहिए। परिभाषा में अंदर का कहीं ज़िक्र ही नहीं था, बस आधार से right angle। right angle को पकड़े रहो, तो चौड़े angle वाला त्रिभुज कोई अपवाद नहीं लगता, बस आधार थोड़ा बढ़ाना पड़ता है।

यहाँ 6 लंबे आधार के ऊपर, जाली के हर पूरे बिंदु पर चोटी रखकर, 90 त्रिभुज बनाए गए। उनमें 58 में एक चौड़ा angle, यानी obtuse, 13 में right angle, और 19 में सारे angles छोटे, यानी acute। हर obtuse त्रिभुज में ठीक 2 altitudes के पैर भुजा से बाहर गिरे। right angle वालों में 2 पैर ठीक कोने पर, और acute वालों में सारे पैर भुजाओं पर, सभी 90 में यही मिला।

अब कागज़ से, त्रिभुज को A से होकर ऐसे मोड़ो कि आधार की line अपने ही ऊपर आ गिरे। मोड़ का निशान, A से आधार तक, यही altitude है। पर यह निशान आधार से right angle पर ही क्यों बनता है? मोड़ने पर आधार का एक हिस्सा दूसरे पर ठीक बैठता है, तो निशान के दोनों तरफ़ के angles बराबर। और दोनों angles मिलकर सीधी line बनाते हैं, यानी 180।

और 2 बराबर हिस्से, कुल 180, तो हर एक 90। और यह किसी भी त्रिभुज पर चलता है, शर्त बस इतनी कि मोड़ के बाद आधार अपने ऊपर गिरे, आधा आधा होना ज़रूरी नहीं। A से हर पूरे degree पर मोड़ आज़माए गए, आधार अपने ऊपर सिर्फ़ 90 degree वाले मोड़ पर गिरता है। कोई कहे, ruler से अंदाज़े से सीधा खींच लो, काफ़ी है। पर आँख से बना right angle बस 3 degree टेढ़ा हो, तो 4 ऊँचे altitude का पैर D से लगभग 0 दशमलव 2 हट जाता है।

और altitude की पूरी परिभाषा ही right angle है, तो यहाँ अंदाज़ा नहीं चलेगा, set square चाहिए। पहला कदम, ruler को आधार से सटाकर रखो, और set square को उस पर खड़ा करो, त्रिभुज के बाईं ओर। दूसरा, set square को ruler पर दाईं ओर खिसकाओ, जब तक उसका खड़ा किनारा A को न छू ले। तीसरा, उसी खड़े किनारे के संग A से आधार तक line खींचो। खिसकाकर देखा गया, set square B से 6 पर रुकता है, B C की लंबाई 8 में से, ठीक वहीं जहाँ D है।

चौड़े angle वाले त्रिभुज में set square को भुजा से भी आगे खिसकाना पड़ता है, B से आगे, B C की लंबाई का एक तिहाई। इसीलिए पहले ruler को आधार की line पर आगे तक रखो, ताकि set square के खिसकने की जगह हो। बाकी कदम वही तीनों, बस खिसकना भुजा पर नहीं, उसकी बढ़ी हुई line पर होता है। क्या त्रिभुज की अपनी कोई भुजा ही altitude हो सकती है?

B पर right angle वाला त्रिभुज लो, A B खड़ी, B C लेटी। A से B C पर right angle वाली line, वह तो पहले से A B ही है, पैर ठीक B पर। और C से A B पर, वह C B है, पैर फिर B पर। तीसरा, B से A C पर, वह अलग है, लगभग 3 दशमलव 1 लंबा, और A C के अंदर गिरता है। अभ्यास, B C बराबर 5, C A बराबर 5, A B बराबर 6, फिर A से altitude।

पैर B C पर ही गिरता है, B से 3 दशमलव 6 पर। B C का बीच 2 दशमलव 5 पर है, तो यहाँ भी altitude बीच से नहीं जाता, और उसकी लंबाई 4 दशमलव 8। यहाँ बराबर भुजाएँ C पर मिलती हैं, A पर नहीं, इसलिए A वाला altitude किसी भी चीज़ को आधा नहीं करता। दूसरा अभ्यास, T R बराबर 7, R पर 140 degree, R Y बराबर 4, फिर T से altitude।

पहले R का angle देखो, 140, right angle से बड़ा, तो पैर के बाहर गिरने की पूरी उम्मीद है। R Y पर नहीं, R से भी पीछे, R Y की बढ़ी हुई line पर, R से लगभग 5 दशमलव 4 दूर। और altitude लगभग 4 दशमलव 5 लंबा, तो पहले line बढ़ाओ, फिर set square खिसकाओ। खुद करो, एक चौड़े angle वाला त्रिभुज बनाओ, और उसके तीनों altitudes खींचो। गिनो, कितनों के लिए आधार बढ़ाना पड़ा, और कितने अंदर रहे।

याद रखो, ऊँचाई एक कोने और एक चुने हुए आधार का रिश्ता है। हर त्रिभुज के 3 altitudes, और वे आम तौर पर अलग अलग। altitude का मतलब आधार से right angle, अंदर रहना नहीं। पैर भुजा से बाहर गिरे, तो आधार की line बढ़ाओ, भुजा वही रहती है। और right angle अंदाज़े से नहीं, set square से।

यह कहाँ बैठता है

यह उन notes से लिया गया है जिनसे हर video बनी है, पढ़ने के क्रम से नहीं — ये वे ideas हैं जिन पर यह टिका है, और वे जो आगे चलकर इस पर टिकते हैं.

किस पर टिका है

आगे फिर कहाँ आता है

इसके ठीक पहले और ठीक बाद

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