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Chapter 2 · Lines and Angles

Straight angle और right angle: पूरे घुमाव के संदर्भ निशान

Measuring angles10 मिनट

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कॉपी का cover पूरा पीछे घुमाओ तो full turn, सपाट खोलो तो half turn — और half turn ही straight angle है। उसे ठीक आधा कैसे करें, आँख से अंदाज़ा लगाए बिना? कागज़ मोड़कर: मोड़ की लकीर right angle देती है।

मुख्य idea

right angle "page का कोना" नहीं है और "चौकोर-सा दिखने वाला angle" भी नहीं। उसकी परिभाषा है ठीक-ठीक आधा straight angle, और straight angle ख़ुद पूरे घुमाव का ठीक-ठीक आधा है — और chapter ठीक-ठीक शब्द का हक़ आँख से नहीं, कागज़ मोड़कर कमाता है, क्योंकि जो मोड़ एक भुजा को दूसरी पर ले आता है, वह दोनों आधों का बराबर होना सिर्फ़ सुझाता नहीं, साबित करता है। आधा करते जाने की यही कड़ी संभव घुमावों की पूरी रेंज पर दो पक्के निशान देती है, और इन दो निशानों के अपनी जगह पर आते ही, एक भी degree का नाम लिए बिना, हर angle को तीन समूहों में बाँटा जा सकता है।

आपको क्या आना चाहिए

  • आधे घुमाव को उस angle के रूप में पहचानना जिसकी भुजाएँ एक सीधी line में पड़ी हों
  • उस angle का नाम बताना और figure में उसे mark करना
  • दिखाना कि straight angle के vertex से निकलती कोई भी ray उसे दो angles में बाँट देती है
  • straight angle को मोड़कर दो बराबर हिस्सों में बाँटना और सही ठहराना कि दोनों हिस्से बराबर क्यों हैं
  • right angle को ठीक-ठीक आधे straight angle के रूप में, और इसलिए पूरे घुमाव के एक चौथाई के रूप में, परिभाषित करना
  • बताना कि एक straight angle में कितने right angles होते हैं
  • perpendicular lines पहचानना और मोड़कर ऐसी एक जोड़ी बनाना
  • square dot grid पर points जोड़कर straight और right angles बनाना
  • सिर्फ़ दो संदर्भ निशानों की मदद से angles को acute, right और obtuse में बाँटना
  • बढ़ती हुई figure में acute angles गिनना और pattern बताना

जानने लायक़ शब्द

शब्दएक line में परिभाषाहिंदी / क्षेत्रीय समकक्षपहली बार कहाँ आया
straight angleआधे घुमाव से बना angle, जिसकी दोनों भुजाएँ एक line में पड़ी होंऋजु कोण§2.8, p.27 — वहाँ bold में छपा
right angleठीक-ठीक आधा straight angleसमकोण§2.8, p.29 — वहाँ bold में छपा
perpendicularऐसी lines की जोड़ी के लिए कहा जाता है जो right angles पर एक-दूसरे को काटेंलंब§2.8, p.29 — वहाँ bold में छपा
full turnभुजा का एक पूरा चक्कर, वापस वहीं तक जहाँ से शुरू हुई थीपूर्ण घुमाव§2.8, p.27 — वहीं छपा
half turnपूरे चक्कर का आधाअर्ध घुमाव§2.8, p.27 — वहीं छपा
quarter turnपूरे चक्कर का एक चौथाईचौथाई घुमाव§2.8, p.31 — वहीं छपा, acute और obtuse के विवरणों में
creaseवह सीधी मोड़ की line जो मोड़ी गई शीट पर रह जाती हैमोड़ की रेखा§2.8, p.28 — वहीं छपा
acute angleright angle से छोटा angleन्यून कोण§2.8, p.31 — वहाँ bold में छपा
obtuse angleright angle से बड़ा पर straight angle से छोटा angleअधिक कोण§2.8, p.31 — वहाँ bold में छपा
landmarkएक पक्का संदर्भ मान जिसके हिसाब से दूसरे angles बताए जाते हैंसंदर्भ बिंदुयहाँ जोड़ा गया शब्द — इस chapter में नहीं छपा

हिंदी column में standard NCERT हिंदी गणितीय शब्दावली दी गई है। इसे Ganita Prakash के हिंदी संस्करण से मिलाकर नहीं देखा गया है — Notes देखें।

लोग कहाँ चूकते हैं

  • "right angle वह angle है जो चौकोर दिखे।" §2.8, p.29 में सुधारा गया — परिभाषा है ठीक-ठीक आधा straight angle, और chapter साफ़ कहता है कि बिलकुल सटीक से कम कुछ नहीं चलेगा। 'L' का आकार पहचानने में मदद है, परिभाषा नहीं।
  • "straight angle असल में angle नहीं है, क्योंकि वह बस एक line है।" वह आधे घुमाव का angle है; भुजाएँ अब भी एक vertex से निकलती दो rays हैं, और Fig. 2.11 में O पर curve ठीक इसी को दिखाने के लिए बनाया गया है।
  • "vertex से होकर जाती कोई भी ray straight angle को दो right angles में बाँट देती है।" ग़लत, और section 4 इसी फ़र्क़ पर बना है: कोई भी ray उसे दो angles में बाँटती है, पर सिर्फ़ एक ख़ास ray उसे दो बराबर angles में बाँटती है।
  • "मोड़ना एक कच्चा तरीक़ा है; नापना सटीक होगा।" §2.8, pp.28–29 पर chapter की राय इसकी उलटी है — मोड़ एक भुजा को दूसरी पर ले आता है, जो superimposition है, इसलिए बराबरी अंदाज़े से नहीं, सबूत से तय होती है। chapter में इस जगह तक कोई protractor आया ही नहीं है।
  • "perpendicular का मतलब खड़ा (vertical) है।" यह दो lines के बीच का रिश्ता है, कोई दिशा नहीं। §2.8, p.31 के तिरछे तह वाले अभ्यास से सुधारा गया, जहाँ right angles जान-बूझकर झुके हुए मोड़ पर बनाए जाते हैं।
  • "acute और obtuse बस रटने वाले नाम हैं।" दोनों शब्द अपने आम मतलब रखते हैं — chapter student से सीधे पूछता है कि नुकीले वाले और भोथरे वाले के लिए ये शब्द क्यों चुने गए (§2.8, p.32)।
पूरा transcript1,551 शब्द

पिछली बार हमने 2 angles की तुलना, एक को दूसरे पर रखकर की। आज 2 ख़ास angles की बात है, जिनसे बाकी हर angle की तुलना की जाती है। एक कॉपी का cover लो, और उसे पूरा पीछे घुमाओ, जब तक वो कॉपी की पीठ से न मिल जाए। यानी cover घूमकर वहीं आ गया जहाँ से चला था — यह पूरा चक्कर है, एक full turn। अब cover को सिर्फ़ इतना खोलो कि कॉपी मेज़ पर पूरी सपाट खुली पड़ी रहे।

यह आधा चक्कर है, यानी half turn। इन दोनों के बीच, अगर cover को सपाट से थोड़ा कम खोलो, तो दोनों हिस्से एक ओर झुके रहते हैं। थोड़ा ज़्यादा खोलो, तो दूसरी ओर। ठीक सपाट होने पर ही वो एक सीध में आते हैं। और half turn ठीक आधा full turn है। यही आधा होना आगे की पूरी कहानी की पहली कड़ी है। जब कॉपी सपाट खुली हो, तो cover की 2 arms बिल्कुल उल्टी दिशाओं में जाती हैं, और एक ही सीधी लकीर में आ जाती हैं।

आधे चक्कर वाले इस angle को, जिसकी दोनों arms एक सीधी लकीर में हों, straight angle कहते हैं। कुछ लोगों को यह angle नहीं, बस एक लकीर दिखती है। पर इसमें भी एक vertex है और उससे निकलती 2 rays हैं — बस उनके बीच आधे चक्कर का घुमाव है। अब points A, O और B लो, तीनों एक ही सीधी लकीर पर, जिसके दोनों सिरों पर arrowheads हैं। अब point O पर एक छोटा सा arc बनाओ।

अब यही figure एक angle भी है — angle AOB, एक straight angle, जिसका vertex O है। यानी एक ही तस्वीर, line भी है और angle भी। यहाँ O पर बना arc बताता है कि इस बार हम उसे angle की तरह पढ़ रहे हैं। अब O से ऊपर की ओर एक ray OC खींचो। इससे 2 angles बनते हैं — angle AOC और angle COB। दोनों मिलकर पूरा straight angle बनाते हैं।

यानी OA से OC तक का घुमाव, और फिर OC से OB तक का घुमाव, मिलाकर आधा चक्कर है। अब ray OC को घुमाओ। जितना angle AOC बढ़ता है, उतना ही angle COB घटता है, क्योंकि दोनों का जोड़ हमेशा वही straight angle है। हमने O से ऊपर 200 random rays आज़माईं। हर एक ने straight angle को 2 हिस्सों में बाँटा, जो मिलकर फिर वही straight angle बनाते हैं।

पर क्या ये 2 हिस्से बिल्कुल बराबर बनाए जा सकते हैं? अब O से ऊपर हर दसवें हिस्से पर एक ray खींचो — ऐसी 1799 rays बनती हैं। इनमें से ठीक 1 ray, straight angle को 2 बराबर angles में बाँटती है। ध्यान दो, कोई भी ray 2 angles बनाती है, पर 2 बराबर angles सिर्फ़ एक ख़ास ray बनाती है। और यह ray बस 'ऊपर की ओर' वाली ray नहीं है।

पन्ने को तिरछा करो तो 'ऊपर' बदल जाता है, पर आधा करने वाली ray उसी लकीर से जुड़ी रहती है। कौन सी ray? आँख से अंदाज़ा काफ़ी नहीं है। हमें ऐसा तरीका चाहिए जो बिल्कुल सही बताए। एक आयताकार कागज़ लो। उसके नीचे वाले किनारे पर, एक सीध में, A, O और B के निशान लगाओ। किनारा इसलिए, क्योंकि कागज़ का किनारा सीधा है। उस पर A, O और B लगाने से, O पर एक straight angle पहले से तैयार मिल जाता है।

अब कागज़ को O से होकर ऐसे मोड़ो, कि OB ठीक OA के ऊपर आ जाए। मोड़ को दबाओ, और कागज़ खोल दो। अब O से ऊपर की ओर एक मोड़ की लकीर दिखती है। यही लकीर वो ray है, जो straight angle को 2 बराबर angles में बाँटती है। मोड़ते समय O अपनी जगह रहा, और OB ठीक OA के ऊपर आया। यानी एक angle, दूसरे के ऊपर रख दिया गया — यही superimposition है।

अगर किसी और ray पर मोड़ो, तो B, A पर नहीं गिरता। सही मोड़ के बाद, दोनों हिस्से एक-दूसरे पर पूरी तरह बैठ जाते हैं। कोई किनारा बाहर नहीं निकलता। इसलिए मोड़ना कोई अंदाज़ा नहीं है। दोनों arms एक-दूसरे पर बैठ गईं, तो दोनों angles बराबर हैं — यह साबित हुआ, अनुमान नहीं। इन 2 बराबर angles में से हर एक को right angle कहते हैं। यानी right angle ठीक आधा straight angle है — न थोड़ा कम, न थोड़ा ज़्यादा।

इसलिए एक straight angle में ठीक 2 right angles समाते हैं। और full turn में 2 straight angles हैं, तो उसमें ठीक 4 right angles समाते हैं। तो आधा करते-करते हमें 2 पक्के निशान मिल गए — straight angle, और right angle। एक right angle, full turn का एक चौथाई है। उसकी शक्ल अंग्रेज़ी के L letter जैसी दिखती है। कॉपी के cover पर वापस चलो। उसे मेज़ पर सीधा खड़ा करो — यह चौथाई चक्कर है, यानी एक right angle।

पर 'जो कोने जैसा दिखे' — यह right angle की definition नहीं है। असली definition यह है कि वो ठीक आधा straight angle हो। किसी right angle से थोड़ा सा बड़ा angle भी देखने में कोने जैसा ही लगता है। फ़र्क सिर्फ़ superimposition से पता चलता है। जब 2 lines एक-दूसरे को right angle पर काटती हैं, तो उन्हें perpendicular कहते हैं। एक कागज़ को आधा मोड़ो, फिर उसी मोड़ की लकीर को ख़ुद पर मोड़ो।

खोलो, तो 2 लकीरें एक-दूसरे को काटती दिखती हैं, और वहाँ 4 right angles बनते हैं। तब उनके मिलने वाले point पर बने चारों कोने right angles होते हैं — 4 में से 4। पर perpendicular का मतलब 'खड़ा हुआ' नहीं है। यह 2 lines का आपसी रिश्ता है। पूरी जोड़ी को तिरछा करो, तब भी वो perpendicular रहती हैं। तिरछी लकीर वाला कागज़ ऐसे मोड़ो कि वो लकीर ख़ुद पर ही आ जाए।

मोड़ की लकीर उसे right angle पर काटती है। अब एक dot grid लो — 7 columns और 6 rows, कुल 42 points। उसके बीच में point A पर निशान लगाओ। एक point B लो, A की ही सीध में। अब BA को A के आगे उतना ही बढ़ाओ, तो वो ठीक एक और point C पर पहुँचता है। अब angle CAB एक straight angle है। अब B को A से एक कदम नीचे और एक कदम दाईं ओर लो।

फिर से BA को A के आगे उतना ही बढ़ाओ — फिर एक point मिलता है, और फिर एक straight angle। पर अगर B, grid के ऊपर दाएँ कोने में हो, तो A के आगे उतना ही कदम grid से बाहर चला जाता है। तब उसी line पर सबसे छोटा कदम लो — वो A के आगे एक dot पर पहुँच जाता है। तरीका एक ही है। यानी B से A तक जितना कदम, A के आगे ठीक उतना ही कदम और।

अब A पर right angle चाहिए। उसके लिए straight angle CAB को आधा करना है। अब A से B तक के कदम को एक चौथाई चक्कर घुमाओ। जो नया point मिलता है, वो भी grid पर है, और उसके ठीक सामने वाला भी। इस line से A पर 2 right angles बनते हैं, और दोनों उदाहरणों में ऐसा ही होता है। किसी square dot grid पर यही आसानी है — कदम को चौथाई चक्कर घुमाओ, और आधा करने वाली line मिल जाती है।

अब एक पन्ने पर 9 angles बने हैं, कहीं कोई गिनती नहीं। जो angle, right angle से छोटा हो, उसे acute कहते हैं। और जो right angle से बड़ा पर straight angle से छोटा हो, उसे obtuse। हर angle पर एक right angle रखकर देखो। तब 9 में से 3 acute निकलते हैं, 3 right, और 3 obtuse। और right वाले समूह में, रखे गए right angle के ऊपर दूसरी arm ठीक-ठीक बैठती है — न अंदर गिरती है, न बाहर।

एक angle बिल्कुल कोने जैसा दिखता है, पर right angle रखने पर उसकी arm बाहर गिरती है। इसलिए वो obtuse है। और हर obtuse angle, straight angle से छोटा ही रहता है। पर straight angle ख़ुद obtuse नहीं है — वो ऊपर वाली सीमा है। इन नामों का मतलब भी है। यहाँ acute यानी नुकीला, और obtuse यानी भोथरा — जैसा कोना, वैसा नाम। अब एक triangle लो। उसके तीनों कोनों पर acute angles हैं — कुल 3।

अब इसकी भुजाओं के बीच के points को जोड़ो। हर बीच वाले point पर 3 नए acute angles बनते हैं, तो कुल 12। 3 ही क्यों? बीच वाले point से 4 rays निकलती हैं, जिनकी 6 जोड़ियाँ बनती हैं। उनमें 3 acute हैं, 1 straight angle भुजा के साथ-साथ, और 2 obtuse। अब यही काम बीच वाले उल्टे triangle के अंदर करो। 3 नए points, हर एक पर 3 acute angles — यानी 9 और, कुल 21।

बड़े triangle के कोनों पर कुछ नहीं बदलता। वहाँ अब भी 2 ही rays हैं, और 1 ही acute angle। तो अगली figure में कितने acute angles होंगे? फिर 9 और, यानी 30। हर बार 3 नए points जुड़ते हैं, और हर point पर 3 acute angles — इसलिए हर कदम पर 9। आज की बात। किसी full turn का आधा straight angle है, और straight angle का आधा right angle।

मोड़ने से यह साबित होता है, और इन 2 निशानों से हर angle 3 में से किसी एक समूह में आ जाता है। अब तुम्हारी बारी। किसी तिरछी लकीर पर मोड़कर एक right angle बनाओ, और उसके कदम ऐसे लिखो कि कोई और भी उन्हें देखकर बना सके। अपने जवाब comments में लिखना। और सोचो — तुम्हारे कमरे में कितने right angles दिख रहे हैं?

यह कहाँ बैठता है

यह उन notes से लिया गया है जिनसे हर video बनी है, पढ़ने के क्रम से नहीं — ये वे ideas हैं जिन पर यह टिका है, और वे जो आगे चलकर इस पर टिकते हैं.

किस पर टिका है

आगे फिर कहाँ आता है

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