PrepShorts · पढ़ाई की शीट · Class 8 Mathematics · Chapter 5, Number Play
Chapter 5 · Number Play
विभाज्यता के चार तथ्य जिन्हें तुम साबित कर सकते हो, और उन्हें कैसे इस्तेमाल करें
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2 even संख्याओं का जोड़ हमेशा even होता है, पर क्या वो 4 का multiple भी होता है? 12 और 16 का जोड़ 28 है, और 4 उसमें पूरा जाता है, पर 12 और 6 का जोड़ 18 है, और 4 उसमें पूरा नहीं जाता।
मुख्य idea
8 का गुणज होने का मतलब है आठ-आठ की पूरी पंक्तियों से बना होना, और chapter के विभाज्यता वाले चारों नियम ऐसी पंक्तियों को फिर से जमाने के जायज़ तरीक़े हैं। पंक्तियों के दो खंड एक के ऊपर एक रख दो, पंक्तियाँ पूरी रहती हैं, इसलिए जो संख्या दोनों को बाँटती है वह योग को भी बाँटती है। एक खंड को बार-बार दोहराओ, पंक्तियाँ पूरी रहती हैं, इसलिए वह हर गुणज को बाँटती है। हर पंक्ति को उसके अपने किसी गुणनखंड से काटो, पंक्तियाँ पूरी रहती हैं, इसलिए कोई भाजक अपने सारे गुणनखंड साथ खींच लाता है। एक साथ दो तरह की पंक्तियाँ माँगो, तो दोनों शर्तें पूरी करने वाला सबसे छोटा खंड उनका LCM होता है, उनका गुणनफल नहीं। पहले तीन नियम वितरण नियम या साहचर्य नियम को उलटा पढ़ना हैं, इसीलिए उन्हें याद करने के बजाय साबित किया जा सकता है। चौथा ऐसा नहीं है: एक साथ दो तरह की पंक्तियाँ माँगने के लिए एक और विचार चाहिए, अभाज्य गुणनखंडन, और इसीलिए chapter Part I Part I p.121 पर उसका सहारा लेता है।
आपको क्या आना चाहिए
- सम संख्याओं को दो वर्गों में छाँटना, इस आधार पर कि 4 से भाग देने पर वे क्या बचाती हैं, और हर वर्ग को letter-number से लिखना
- जोड़ने से पहले ही अनुमान लगाना कि दो दी गई सम संख्याओं का योग 4 का गुणज है या नहीं, और उस अनुमान को algebra से और पंक्तियों वाले diagram से सही ठहराना
- बताना और साबित करना कि दो संख्याओं का साझा भाजक उनके योग और उनके अंतर को बाँटता है
- बताना और साबित करना कि k के किसी गुणज का हर गुणज ख़ुद k का गुणज होता है
- बताना और साबित करना कि जो संख्या k से विभाज्य है, वह k के हर गुणनखंड से विभाज्य है
- समझाना कि दो भाजक मिलकर उनके LCM से विभाज्यता क्यों तय करते हैं, और आम तौर पर गुणनफल ग़लत जवाब क्यों है
- चुनना कि किसी दिए गए सवाल को चारों में से कौन-सा तथ्य चाहिए, और उसे लागू करना
- पंक्तियों वाले diagram को सिर्फ़ चित्र नहीं, प्रमाण की तरह पढ़ना
जानने लायक़ शब्द
| शब्द | एक पंक्ति में अर्थ | हिंदी / क्षेत्रीय समकक्ष | पहली बार कहाँ आया |
|---|---|---|---|
| divisible | भाग देने पर कोई शेषफल न बचना | विभाज्य | इस पूरे chapter में छपा (Part I, §5.1, p.116 से आगे) |
| multiple | किसी दी गई संख्या को किसी पूर्ण संख्या से गुणा करके मिली संख्या | गुणज | इस chapter में छपा (Part I, §5.1, p.116) |
| factor | वह संख्या जो दूसरी संख्या को पूरा-पूरा बाँट दे | गुणनखंड | इस chapter में छपा (Part I, §5.1, p.113) |
| remainder | जब भाग पूरा-पूरा न जाए तो जो बचता है | शेषफल | इस chapter में छपा (Part I, §5.1, p.116) |
| prime factorisation | अभाज्य संख्याओं के गुणनफल के रूप में लिखी गई संख्या | अभाज्य गुणनखंडन | इस chapter में छपा (Part I, §5.1, p.121) |
| LCM | दो संख्याओं का सबसे छोटा साझा गुणज | लघुत्तम समापवर्त्य | इस chapter में छपा (Part I, §5.1, p.121) |
| letter-number | किसी संख्या की जगह खड़ा एक अक्षर, ताकि एक दावा हर value पर लागू हो सके | अक्षर-संख्या | इस chapter में छपा (Part I, §5.2, p.123) |
| visualisation | पंक्ति-और-बिंदु वाली उस तस्वीर के लिए chapter का शब्द जो algebra के बगल में चलती है | दृश्य निरूपण | इस chapter में, tables के शीर्षकों में छपा (Part I, §5.1, pp.117–120) |
| generalise | ख़ास उदाहरणों से उन सब के बारे में एक दावे तक पहुँचना | व्यापीकरण | इस chapter में छपा (Part I, §5.1, p.118) |
| row block | बिंदुओं का वह आयत जिसकी सारी पंक्तियाँ बराबर लंबाई की हों, उसके लिए इस पाठ का नाम | पंक्ति खंड | इस पाठ का नाम; chapter इन्हें बनाता है पर नाम नहीं देता |
हिंदी column में standard हिंदी गणितीय शब्दावली दी गई है। Ganita Prakash कक्षा 8 का हिंदी संस्करण नहीं देखा गया, इसलिए इसे standard चलन मानें, उस संस्करण के ठीक-ठीक शब्द नहीं।
लोग कहाँ चूकते हैं
- "दो सम संख्याओं का योग 4 का गुणज होता है।" ऐसा सिर्फ़ तब होता है जब 4 से भाग देने पर दोनों बराबर बचाएँ। chapter की तीन हालतों वाली table इसीलिए है कि इस section में यही सबसे आम ग़लत अनुमान है।
- "पंक्तियों वाली तस्वीर अच्छा चित्र है; प्रमाण तो algebra है।" दोनों एक ही प्रमाण हैं, दो बार कहा हुआ। पंक्तियों के दो खंड मिलाना ही साझा भाजक को बाहर निकालना है। यह साफ़ कहो — Part I p.118 कहता है कि व्यापीकरण दोनों मिलकर कर रहे हैं।
- "अगर a योग को बाँटता है, तो वह हर हिस्से को बाँटता है।" यह statement 2 है, और यह सिर्फ़ कभी-कभी सच है: 72 को 48 + 24 में बाँटा जा सकता है, जहाँ 8 दोनों को बाँटता है, और 50 + 22 में, जहाँ वह किसी को नहीं बाँटता। यह निष्कर्ष सिर्फ़ एक दिशा में चलता है।
- "7 से विभाज्य का मतलब है 14, 21, 28 वग़ैरह से विभाज्य।" Statement 5। भाजक नीचे की ओर गुणनखंडों तक जाते हैं, कभी ऊपर गुणजों तक नहीं। 42 chapter का अपना गवाह है।
- "6 से और 4 से विभाज्य का मतलब है 24 से विभाज्य।" दोनों भाजकों में 2 का गुणनखंड साझा है, इसलिए वह दो बार गिना जाता है। सही जवाब LCM है। chapter का अपना प्रति-उदाहरण, 12, Part I p.130 पर है।
- "तो नियम हमेशा LCM है, गुणनफल कभी नहीं।" गुणनफल ठीक तब सही है जब दोनों भाजकों में कोई अभाज्य साझा न हो — इसीलिए 9 और 4 सचमुच 36 तय करते हैं। student को सिर्फ़ चेतावनी नहीं, शर्त दो।
- "शेषफल कुछ भी हो सकता है।" 4 से भाग देने पर सम संख्या 0 या 2 बचाती है, और कुछ नहीं। section की शुरुआत वाला दो वर्गों का बँटवारा एक पूरा वर्गीकरण है, और यही पूरापन तीन हालतों को काफ़ी बनाता है।
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पूरा transcript2,738 शब्द
कोई भी 2 even संख्याएँ जोड़िए, तो जवाब even ही आता है, ये बात तो सबको पता है। अब एक मुश्किल सवाल, क्या ये जवाब 4 का multiple भी होता है? मान लीजिए 12 और 16, इनका जोड़ 28 है, और 28 में 4 पूरा-पूरा जाता है, तो जवाब हाँ है। अब 12 और 6 लीजिए, इनका जोड़ 18 है, और 18 में 4 पूरा नहीं जाता, तो जवाब नहीं है।
यानी कभी हाँ और कभी नहीं, और ये सबसे परेशान करने वाला जवाब है, क्योंकि इसका मतलब है कि कोई नियम है, जो अभी मिला नहीं। माइनस 20 से 60 तक की even संख्याओं की 1681 जोड़ियों में से 841 का जोड़ 4 का multiple है, यानी आधे से थोड़ा ज़्यादा। कोई चीज़ तय कर रही है कि कौन सी जोड़ी हाँ कहेगी, चलिए उसे ढूँढते हैं। किसी संख्या को बिंदुओं में बिछाइए, और हर row में 4 बिंदु रखिए।
पहले 12 बिंदु लीजिए, वो ठीक बैठ जाते हैं, 3 पूरी rows बनती हैं, और एक भी बिंदु नहीं बचता। अब 18 बिंदु लीजिए, इनसे 4 पूरी rows बन जाती हैं, और आख़िर में 2 बिंदु अकेले बच जाते हैं। किसी संख्या के 4 का multiple होने का मतलब बस इतना है, कि सारे बिंदु पूरी rows में बैठ जाएँ, और कुछ न बचे। जैसे 28 से ठीक 7 पूरी rows बनती हैं, पर 30 में 7 rows के बाद 2 बिंदु बच जाते हैं।
और जो बचता है, वो हमेशा एक row से छोटा होता है, यानी शून्य, 1, 2 या 3 बिंदु, इससे ज़्यादा कभी नहीं। अब सिर्फ़ even संख्याओं को 4 की rows में बिछाइए, और देखिए कि क्या बचता है। किसी even संख्या में या तो कुछ नहीं बचता, या ठीक 2 बिंदु बचते हैं, 1 या 3 कभी नहीं बचते। इसलिए even संख्याएँ ठीक 2 तरह की होती हैं, एक तो 4 के multiples, और दूसरी 4 के multiples से 2 ज़्यादा।
पहली तरह की संख्याएँ हैं 4, 8, 12 और 16, और दूसरी तरह की हैं 2, 6, 10 और 14, जिनमें 2 बिंदु बचते हैं। इन्हें letters में लिखें, तो पहली तरह 4 p है, और दूसरी तरह 4 p प्लस 2 है। माइनस 20 से 60 तक की 41 even संख्याओं में से 21 पहली तरह की हैं, 20 दूसरी तरह की, और तीसरी तरह की एक भी नहीं।
जो संख्या odd है, उसमें 1 या 3 बिंदु बचते हैं, इसलिए वो इन दोनों में से किसी तरह की नहीं है, ये बँटवारा सिर्फ़ even संख्याओं का है। तो जोड़ने के 3 cases बनते हैं, और पहला case सबसे आसान है। पहली तरह की 2 संख्याएँ लीजिए, 12 और 16, दोनों 4 के multiples हैं। यहाँ 12 की 3 rows हैं और 16 की 4 rows, अब दूसरे block को पहले वाले के नीचे खिसका दीजिए।
हर row पहले भी पूरी थी, और अब भी पूरी है, 3 और 4 मिलकर 7 rows, यानी 28 बिंदु। यही बात letters में ऐसे दिखती है, 4 p प्लस 4 q, बराबर 4 गुणा bracket p प्लस q। अब 16 और 28 लीजिए, इनके साथ भी यही होता है, 4 rows और 7 rows मिलकर 11 rows, यानी 44 बिंदु। पहली तरह की जोड़ियाँ 441 हैं, और इनमें से हर एक का जोड़ 4 का multiple निकलता है।
तस्वीर और algebra, 2 अलग-अलग तर्क नहीं हैं, ये एक ही तर्क को 2 भाषाओं में सुनाते हैं। दूसरा case वो है जो लोगों को चौंकाता है, इसमें दोनों संख्याएँ दूसरी तरह की होती हैं। जैसे 6 और 10, इनमें से कोई भी 4 का multiple नहीं है। यहाँ 6 में एक पूरी row है और 2 बिंदु बचे हैं, और 10 में 2 पूरी rows हैं, और यहाँ भी 2 बिंदु बचे हैं।
अब इन्हें एक साथ खिसकाइए, और नीचे ध्यान से देखिए कि क्या होता है। दोनों अधूरी rows मिलती हैं, 2 बिंदु और 2 बिंदु, यानी 4 बिंदु, और ये एक पूरी row है। तो 1 और 2 rows, और ये नई row, कुल 4 पूरी rows, यानी 16, बचे हुए बिंदुओं ने जवाब बिगाड़ा नहीं, एक-दूसरे को पूरा कर दिया। इसे letters में देखें, तो यही extra row वो प्लस 1 है, जो 4 गुणा bracket p प्लस q प्लस 1 में दिखता है।
इसी तरह 2 और 6 मिलकर 8 बनाते हैं, 22 और 6 मिलकर 28, और दूसरी तरह की सारी 400 जोड़ियों में यही होता है। तीसरे case में एक संख्या पहली तरह की है, और एक दूसरी तरह की। मान लीजिए 12 और 6, पहले block की rows पूरी हैं, और दूसरे में 2 बिंदु बचे हैं। इन्हें साथ खिसकाइए, तो वो 2 बिंदु अब भी अकेले हैं, उनके साथ जुड़ने को कुछ है ही नहीं।
पहले की 3 rows और दूसरे की एक row मिलकर 4 पूरी rows होती हैं, और 2 बिंदु बचते हैं, यानी 18 बिंदु। इसे letters में लिखें, तो 4 p और 4 q प्लस 2 का जोड़ है 4 गुणा bracket p प्लस q, प्लस 2, यानी हमेशा 2 बचते हैं। ऐसी ही 2 जोड़ियाँ और देखिए, 16 और 2 मिलकर 18, और 8 और 22 मिलकर 30, दोनों बार 2 बिंदु बचते हैं।
मिली-जुली 840 जोड़ियों में से एक का भी जोड़ 4 का multiple नहीं है, हर बार ठीक 2 बचते हैं। तो नियम मिल गया, एक ही तरह की संख्याएँ हों तो हाँ, अलग तरह की हों तो नहीं, और 441 और 400 मिलकर वही 841 जोड़ियाँ बनती हैं। यहाँ एक पल रुकिए, क्योंकि अभी जो हुआ, उसे अनदेखा करना बहुत आसान है। हर जोड़ी को अलग से जाँचा नहीं गया, सिर्फ़ 3 आकार देखे गए।
और इन blocks का कोई तय आकार नहीं था, p और q का मतलब था rows की कोई भी गिनती। इसलिए ये 3 तस्वीरें even संख्याओं की हर जोड़ी पर लागू होती हैं, जो आज तक बनी है या कभी बनेगी। तो ये बात साफ़ कहनी चाहिए, ये चित्र proof की सजावट नहीं है, ये चित्र ख़ुद proof है। बगल में लिखा algebra भी यही बात कहता है, बस दूसरी लिपि में।
पर ये नियम 4 की rows का है, 6 की rows में वही 1681 जोड़ियाँ लें, तो सिर्फ़ 560 का जोड़ 6 का multiple बनता है। और पूरी rows को इधर-उधर करने की इसी एक चाल में 4 अलग नियम छिपे हैं, चलिए उन्हें एक-एक करके उठाते हैं। पहला नियम, अगर कोई संख्या 2 संख्याओं में पूरी जाती है, तो उनके जोड़ में भी पूरी जाती है। जैसे 8, 16 में भी पूरा जाता है, और 56 में भी।
यहाँ 16 बिंदुओं की 8 वाली 2 rows बनती हैं, और 56 की 7 rows। इन्हें साथ खिसकाइए, तो कुल 9 पूरी rows हो जाती हैं, यानी 72 बिंदु। यही बात letters में ऐसे दिखती है, 8 a प्लस 8 b बराबर है 8 गुणा bracket a प्लस b, rows की गिनती बस जुड़ जाती है। अब 80 और 120 लीजिए, इनके साथ भी यही होता है, 10 rows और 15 rows मिलकर 25 rows, यानी 200 बिंदु।
पूरी जाँच में, row की लंबाई और rows की गिनती के 3971 मेलों पर जाँचिए, तो ये एक बार भी ग़लत नहीं निकलता, और तर्क ने कभी पूछा ही नहीं कि संख्याएँ कौन सी हैं। अब यही तर्क उल्टा चलाइए, छोटे block को जोड़ने की जगह हटा दीजिए। यहाँ 56 की 7 rows में से 16 की 2 rows हटाइए, तो 5 पूरी rows बचती हैं, यानी 40 बिंदु। जो rows बचीं, वो अब भी पूरी हैं, इसलिए 8 अंतर में भी पूरा जाता है।
इसी तरह 120 में से 80 हटाइए, तो 15 rows में से 10 rows जाती हैं, और फिर से 5 rows, यानी 40 बिंदु बचते हैं। उल्टी तरफ़ से घटाएँ, 16 माइनस 56, तो माइनस 40 आता है, यानी शून्य से नीचे 5 पूरी rows, फिर भी कुछ नहीं बचता। पर इस नियम को दोनों संख्याएँ चाहिए, 8 और 17 जोड़िए, तो 25 बनता है, यानी 3 rows और एक बिंदु बचा हुआ।
जब सिर्फ़ एक संख्या multiple हो, तो 3971 मेलों में से एक में भी जोड़ multiple नहीं बनता, बचा हुआ बिंदु कहीं जा ही नहीं पाता। पर ध्यान से देखिए, कि इस नियम को किस दिशा में पढ़ा जा रहा है। अब सवाल, 8 तो 72 में पूरा जाता है, पर क्या ये उन 2 हिस्सों में भी पूरा जाएगा, जिन्हें जोड़कर 72 बना? पहले 48 और 24 लीजिए, 8 इन दोनों को पूरा बाँटता है, तो यहाँ बात बन गई।
अब 50 और 22 लीजिए, 50 में 6 rows और 2 बचते हैं, 22 में 2 rows और 6 बचते हैं, फिर भी जोड़ 72 ही है। क्योंकि बचे हुए 2 और 6 बिंदु मिलकर 8 की एक पूरी row बना देते हैं। कुल मिलाकर 72 को 2 हिस्सों में बाँटने के 71 तरीक़े हैं, और इनमें से सिर्फ़ 8 में दोनों हिस्से 8 के multiples हैं, 8 और 64 से लेकर 64 और 8 तक।
ये नियम हिस्सों से total की तरफ़ चलता है, total से वापस हिस्सों की तरफ़ नहीं। और जिस total में 8 पूरा नहीं जाता, जैसे 74, वहाँ 73 तरीक़ों में से एक में भी दोनों हिस्से 8 के multiples नहीं हैं, जबकि 18 तरीक़ों में एक हिस्सा है। दूसरा नियम, किसी multiple का हर multiple, अब भी उसी संख्या का multiple होता है। जैसे 7, 14 में पूरा जाता है, क्योंकि 14 की 7 वाली 2 rows बनती हैं, अब 14 को 5 बार दोहराइए।
हर copy में 2 पूरी rows हैं, तो 5 copies में 10 पूरी rows, यानी 70 बिंदु। यहाँ rows की गिनती बस गुणा हो जाती है, 2 गुणा 5 बराबर 10, और letters में 7 j का m गुना, 7 का ही multiple है। अब 14, 42 और 98 को देखिए, ये 7 गुणा 2, 7 गुणा 6 और 7 गुणा 14 हैं, यानी सब 7 के multiples। फिर 14 के multiples लीजिए, 28, 70 और 154, इनमें 7 की 4, 10 और 22 पूरी rows बनती हैं।
किसी block को दोहराने से कोई row अधूरी नहीं हो सकती, इसलिए ये नियम मुफ़्त में मिलता है, और 2244 मेलों में से हर एक पर सही निकलता है। अब एक जाल, जो पिछले जाल का उल्टा रूप है। किसी संख्या के 7 से पूरा बँटने का मतलब ये नहीं, कि वो 14, 21 या 28 से भी पूरी बँटेगी। अब 42 को देखिए, इसमें 7 की 6 पूरी rows हैं, और 14 की 3 पूरी rows।
पर 28 की row बनाइए, तो एक row के बाद 14 बिंदु बच जाते हैं, इसलिए 28 इसमें पूरा नहीं जाता। गिनकर देखें तो 7 से 84 तक, 7 के पहले 12 multiples में से सिर्फ़ 4 ही 42 में पूरे जाते हैं, और वो हैं 7, 14, 21 और 42 ख़ुद। नियम ये कहता है, कि 14 का हर multiple 7 का multiple है, ये नहीं कहता कि 14 का हर multiple 28 का multiple है।
तीसरा नियम, कोई संख्या जिसमें पूरी जाती है, उसके सारे factors भी उसमें पूरे जाते हैं। जैसे 60 बिंदु, 12 की 5 पूरी rows में बिना कुछ बचाए बैठ जाते हैं। और 12 को 2 गुणा 6 लिख सकते हैं, या 3 गुणा 4, और ये दोनों रूप अभी काम आएँगे। अब 12 वाली हर row को आधा काटिए, तो 6 की rows बनती हैं, 5 की जगह 10 rows।
और हर row को 3 बराबर हिस्सों में काटिए, तो 4 की 15 rows बनती हैं, और कुछ नहीं बचता। असल में row की लंबाई का factor हर row को साफ़ काटता है, इसलिए पूरा block बिना कुछ बचाए ढँका रहता है। कुल मिलाकर 12 के 6 factors हैं, 1, 2, 3, 4, 6 और 12, और ये सारे factors, 12 के हर multiple में पूरे जाते हैं। पर जो factor नहीं है, वो साथ नहीं आता, 12 के पहले 60 multiples में से 5 सिर्फ़ 12 में पूरा जाता है, यानी हर 5 में से एक में।
इसी तरह 24 के 8 factors हैं, 1, 2, 3, 4, 6, 8, 12 और 24, और 24 जहाँ भी पूरा जाता है, ये सारे वहाँ पूरे जाते हैं। दूसरे और तीसरे नियम को साथ रखिए, तो multiples के घेरे एक-दूसरे के अंदर बैठ जाते हैं। सबसे बड़ा घेरा 4 के multiples का है, उसके अंदर 8 के multiples, और उसके भी अंदर 32 के multiples। गिनें तो 1000 से नीचे 4 के 249 multiples हैं, 8 के 124, और 32 के सिर्फ़ 31 multiples।
यहाँ 32 का हर multiple 8 का multiple है, क्योंकि 32 ख़ुद 8 का multiple है, और 8 का हर multiple 4 का, क्योंकि 4, 8 का factor है। पर बाहर की तरफ़ ये कभी नहीं चलता, 8 के 124 multiples में से सिर्फ़ 31 ही 32 के multiples हैं। और 4 के 249 multiples में से 124 ही 8 के multiples हैं, यानी लगभग आधे। चौथा नियम बिल्कुल अलग किस्म का है, इसमें एक साथ 2 तरह की rows माँगी जाती हैं।
ऐसी संख्या चाहिए जिसमें 9 और 4, दोनों पूरे जाएँ, तो सबसे छोटी ऐसी संख्या 36 है, और हर ऐसी संख्या 36 का multiple निकलती है। और 9 गुणा 4 का जवाब भी 36 है, तो क्या हमेशा बस दोनों का गुणा कर देना काफ़ी है? अब इसे 6 और 4 पर आज़माइए, 6 गुणा 4 बराबर 24 होता है। पर 12 को देखिए, इसमें 6 की 2 पूरी rows बनती हैं, 4 की 3 पूरी rows, और फिर भी 24 इसमें पूरा नहीं जाता।
गिनें तो 400 से छोटी संख्याओं में 12 के 33 multiples हैं, और इनमें से सिर्फ़ 16 ही 24 के multiples हैं, यानी गुणा वाला नियम 17 बार ग़लत निकलता है। इसकी वजह सामने ही दिख रही है, बस 6 और 4 को तोड़कर देखिए। देखिए, 6 बराबर 2 गुणा 3, और 4 बराबर 2 गुणा 2, दोनों के अंदर एक 2 मौजूद है। दोनों का गुणा करें, तो वो साझा 2, बार-बार गिना जाता है, इसीलिए 24 बराबर 12 गुणा 2 है।
साझा 2 को एक ही बार गिनिए, तो 2 गुणा 2 गुणा 3 बराबर 12, और यही वो सबसे छोटी संख्या है जिसमें 6 और 4 दोनों पूरे जाते हैं, इसे LCM कहते हैं। तो 2 divisors एक साथ जिस संख्या को मजबूर करते हैं, वो उनका LCM है, गुणनफल नहीं। गुणनफल तभी सही होता है जब दोनों में कुछ भी साझा न हो, 361 जोड़ियों में से 216 में कुछ साझा नहीं है, और ठीक इन्हीं 216 में गुणा वाला नियम चलता है।
अब 9 और 4 में कुछ साझा नहीं है, इसीलिए 36 दोनों तरीक़ों से सही आया, वो किस्मत थी, नियम नहीं। और जहाँ साझा ज़्यादा हो, वहाँ फ़र्क़ भी बड़ा है, 4 और 8 का LCM सिर्फ़ 8 है जबकि गुणनफल 32 है, और 12 और 18 का LCM 36 है, जबकि गुणनफल 216 जितना बड़ा है। तो ये रहे चारों नियम, एक ही card पर। सबसे ऊपर, multiple का हर multiple, जैसे 21, 7 का multiple है, तो 21 गुणा 5, यानी 105 में, 7 की 15 पूरी rows बनती हैं।
फिर divisor का हर factor, जैसे 24 के सारे 8 factors, 24 में पूरे जाते हैं। फिर जोड़ और अंतर, 8 गुणा 4 और 8 गुणा 9 का जोड़ 104 है, यानी 8 की 13 rows, और इनका अंतर 40 है, यानी 8 की 5 rows। और आख़िर में, 2 divisors एक साथ अपने LCM को मजबूर करते हैं, जैसे 9 गुणा 4 गुणा 3, यानी 108 में, 36 की 3 पूरी rows हैं।
पहले 3 नियम सिर्फ़ पूरी rows को इधर-उधर खिसकाना हैं, और तीनों एक चित्र से साबित होते हैं, पर चौथे को अपना अलग तर्क चाहिए। अब कुछ सवाल देखिए, और हर एक के लिए सही नियम चुनिए। कोई संख्या 12 से पूरी बँटती है, तो क्या वो 3 से भी पूरी बँटेगी, और 8 से? पहले का जवाब हाँ है, क्योंकि 3, 12 का factor है, पर 8 का जवाब नहीं है, और इसका गवाह ख़ुद 12 है।
अब 36 और 60 का जोड़ लीजिए, 12 की 3 rows और 5 rows मिलकर 8 पूरी rows, यानी 96, तो जोड़ वाला नियम काफ़ी है। कोई संख्या 4 और 10, दोनों से पूरी बँटती है, तो उसे 20 से बँटना ही पड़ेगा, 40 से नहीं, क्योंकि 20 ख़ुद 4 और 10 से बँटता है, पर 40 से नहीं। और 45, 15 का multiple है, तो 45 गुणा 7, यानी 315 में, 15 की 21 पूरी rows बनेंगी, यहाँ multiple के multiple वाला नियम चलता है।
पूरी बात इतनी है, कि कोई नियम सच क्यों है, यही जानकर पता चलता है कि वो कहाँ तक लागू होता है।
यह कहाँ बैठता है
यह उन notes से लिया गया है जिनसे हर video बनी है, पढ़ने के क्रम से नहीं — ये वे ideas हैं जिन पर यह टिका है, और वे जो आगे चलकर इस पर टिकते हैं.
किस पर टिका है
- Deciding parity without computing the answerकक्षा 8 · Ch 5, Number Play
आगे फिर कहाँ आता है
- Always, sometimes, or never: one counterexample settles itकक्षा 8 · Ch 5, Number Play
- Writing "leaves remainder r" as an algebraic expressionकक्षा 8 · Ch 5, Number Play
- The digit-sum test for 9, and the algebra underneath itकक्षा 8 · Ch 5, Number Play
- Why the same digit sum also settles divisibility by 3कक्षा 8 · Ch 5, Number Play
- Divisibility by 6 and other numbers, checked through their factorsकक्षा 8 · Ch 5, Number Play