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Chapter 5 · Number Play

अंकों का वही योग 3 से विभाज्यता का फ़ैसला भी क्यों करता है

Divisibility shortcuts, and why they work15 मिनट

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4444 के अंकों का जोड़ 16 है, और यही 16 बताता है कि 4444 न 9 का multiple है, न 3 का, बचा हुआ भी वही, 9 से भाग पर 7 और 3 से भाग पर 1।

मुख्य idea

3 के लिए अंकों वाली जाँच सीखने के लिए कोई दूसरा नियम नहीं है — यह 9 वाली जाँच का ही दोबारा इस्तेमाल है, और यह ठीक एक वजह से चलती है: 3, 9 का एक गुणनखंड है। हर स्थानीय मान का नौ-नौ की कतार वाला हिस्सा 9 का गुणज है, इसलिए वह 3 का भी गुणज है, और दोनों हालतों में हिसाब से बाहर हो जाता है। इसलिए अंकों का एक ही योग दो सवालों का जवाब दो अलग बारीकियों पर देता है, क्योंकि जो योग 3 का गुणज है वह 9 का गुणज हो भी सकता है और नहीं भी। यह असमानता जाँच की कमी नहीं है; यह इस तथ्य की सच्ची ख़बर है कि 3, 9 को बाँटता है जबकि 9, 3 को नहीं बाँटता।

आपको क्या आना चाहिए

  • नौ वाली दलील का वह ठीक-ठीक क़दम पहचानना जहाँ संख्या 9 इस्तेमाल हुई थी, और जाँचना कि क्या वहाँ 3 उसकी जगह ले सकता है
  • दस की हर घात को 3 से भाग देने पर बचा शेषफल निकालना, और pattern बताना
  • 3 के लिए अंकों वाली जाँच उसी स्थानीय मान वाले बँटवारे से निकालना जिससे 9 की जाँच निकली थी
  • समझाना कि 9 का गुणज 3 का गुणज क्यों होना ही चाहिए, और ऐसी संख्या देना जो दिखाए कि उलटा नहीं चलता
  • अंकों के एक ही योग से दोनों फ़ैसले पढ़ना — 3 से विभाज्यता और 9 से
  • 3 से भाग देने पर शेषफल बताने के लिए अंकों के योग का इस्तेमाल करना
  • 18 या 36 जैसी भाज्य संख्या से विभाज्यता तय करने के लिए अंकों वाली जाँच को एक दूसरी जाँच के साथ मिलाना

जानने लायक़ शब्द

शब्दएक पंक्ति में अर्थहिंदी / क्षेत्रीय समकक्षपहली बार कहाँ आया
shortcutबिना भाग दिए की गई विभाज्यता की जाँच के लिए chapter का शब्दसंक्षिप्त विधिइस chapter में छपा (Part I, §5.2, p.123)
place valueकोई अंक अपनी जगह की वजह से कितना हैस्थानीय मानइस chapter में छपा (Part I, §5.2, p.123)
powerदस को बार-बार ख़ुद से गुणा करके लिखा गया स्थानीय मानघातइस chapter में छपा (Part I, §5.2, p.126)
multipleकिसी दी गई संख्या को किसी पूर्ण संख्या से गुणा करके मिली संख्यागुणजइस chapter में छपा (Part I, §5.1, p.116)
factorवह संख्या जो दूसरी संख्या को पूरा-पूरा बाँट देगुणनखंडइस chapter में छपा (Part I, §5.1, p.113)
divisibleभाग देने पर कुछ न बचनाविभाज्यइस पूरे chapter में छपा
remainderजब भाग पूरा-पूरा न जाए तो जो बचता हैशेषफलइस chapter में छपा (Part I, §5.1, p.116)
prime factorisationअभाज्य संख्याओं के गुणनफल के रूप में लिखी गई संख्याअभाज्य गुणनखंडनइस chapter में छपा (Part I, §5.1, p.121)
LCMदो संख्याओं का सबसे छोटा साझा गुणजलघुत्तम समापवर्त्यइस chapter में छपा (Part I, §5.1, p.121)
digit sumकिसी संख्या के अंकों के कुल योग के लिए इस पाठ का छोटा नामअंकों का योगइस पाठ का छोटा नाम; chapter हर बार पूरा वाक्यांश लिखता है और कभी छोटा नहीं करता
resolutionएक अकेली जाँच हालतों में कितनी बारीकी से फ़र्क़ करती है, इसके लिए इस पाठ का शब्दविभेदनइस पाठ का शब्द, छपा हुआ नहीं

हिंदी column में standard हिंदी गणितीय शब्दावली दी गई है। Ganita Prakash कक्षा 8 का हिंदी संस्करण नहीं देखा गया, इसलिए इसे standard चलन मानें, उस संस्करण के ठीक-ठीक शब्द नहीं।

लोग कहाँ चूकते हैं

  • "रटने के लिए दो अलग नियम।" यह एक ही दलील है जिसमें एक क़दम पर दूसरा भाजक रखा गया है। जिस student को दोनों याद रखने पड़ते हैं, उसने दोनों में से कोई नहीं समझा।
  • "अगर अंकों का योग तीन से बँटता है, तो संख्या नौ से बँटती है।" जाँच वही बताती है जो वह बताती है। 12 का योग तीन का गुणज है और नौ का नहीं, और संख्या भी ऐसी ही चलती है। chapter के तीन छपे उलटे उदाहरण इसी के लिए हैं।
  • "दो बार तीन से विभाज्य का मतलब नौ से विभाज्य।" तीन के दो गुणनखंड सचमुच नौ देते हैं, पर "अंकों का योग तीन का गुणज है" एक जानकारी है, दो नहीं। बारीक फ़ैसला चाहिए तो अंकों को फिर से जोड़ो।
  • "छह की जाँच तीन की जाँच ही है।" छह को दो भी चाहिए। chapter Part I p.129 पर इसे अपना अगला सवाल बनाता है, और इसकी वजह Divisibility by 6 and other numbers, checked through their factors का विषय है।
  • "तीन का नियम सिर्फ़ एक तरफ़ चलता है, क्योंकि किताब ऐसे ही कहती है।" छपा वाक्य एकतरफ़ा है और तथ्य नहीं। यह साफ़ कहो; जो student सोचता है कि उलटा नाकाम हो सकता है, वह जाँच के ना कहने पर उस पर भरोसा नहीं करेगा।
  • "तीन से भाग देने पर दस की घातें अलग-अलग शेषफल छोड़ती हैं, इसलिए यह नौ वाली हालत जितना साफ़ नहीं हो सकता।" सब एक छोड़ती हैं, उसी वजह से जिससे नौ से भाग देने पर सब एक छोड़ती हैं। इसे सिर्फ़ कहने के बजाय दो-तीन घातों पर करके दिखाओ।
पूरा transcript2,283 शब्द

किसी संख्या को 9 के लिए परखने का तरीका आपके पास पहले से है, उसके अंक जोड़िए। मान लीजिए संख्या है 4444, इसके अंकों का जोड़ 16 आता है। अब 16 बराबर 9 प्लस 7 है, ये 9 का multiple नहीं, इसलिए ये संख्या भी 9 का multiple नहीं है, 4444 बराबर 9 गुणा 493 प्लस 7 होता है। अब इसी संख्या से एक अलग सवाल पूछिए, क्या ये 3 का multiple है?

आप भाग दे सकते हैं, या फिर वही 16 दोबारा देख सकते हैं, जो आपके पास पहले से है। देखिए, 16 बराबर 3 गुणा 5 प्लस 1 है, ये 3 का multiple नहीं है, और जवाब यही है, 4444 बराबर 3 गुणा 1481 प्लस 1 होता है। और गौर कीजिए, बचा हुआ भी वही निकलता है, 3 से भाग पर 1 बचता है, और 9 से भाग पर 7 बचते हैं।

यानी जोड़ एक ही बार किया, और सवाल 2 पूछे, ये 2 अलग नियम नहीं हैं, एक ही नियम से पूछा गया दूसरा सवाल है। पर जब तक इसकी वजह पता न हो, ये बात किसी काम की नहीं, तो वजह ढूँढते हैं। अब 9 वाले तर्क पर वापस चलिए, और ध्यान से देखिए कि उसमें 9 ने असल में काम कहाँ किया। संख्या 87 लीजिए, इसमें 8 दहाई और 7 इकाई हैं।

हर दहाई को 9 प्लस 1 लिखिए, तो 8 दहाई बन जाती हैं, 8 बार 9, और 8 इकाई। इस तरह 87 के 2 हिस्से बनते हैं, पहला 8 गुणा 9 यानी 72, और दूसरा 8 प्लस 7 यानी 15 वाला हिस्सा। पहले हिस्से को ढेर कहिए, दूसरे को खुले अंक, और ये खुला हिस्सा ठीक अंकों का जोड़ ही है। हर संख्या ऐसे ही टूटती है, क्योंकि हर जगह का मान ऐसा ही है, जैसे 1000 बराबर 999 प्लस 1 होता है।

और अब वो बात देखिए जिस पर नज़र रखनी है, ढेर हमेशा 9 का multiple होता है, पूरे तर्क में 9 बस यहीं काम आता है। तो सीधा सवाल ये उठता है, क्या ये ढेर 3 का multiple भी है? ये ढेर 9, 99 और 999 जैसी संख्याओं से बना है, जो सिर्फ़ 9 से बनी होती हैं। अब देखिए, 9 बराबर 3 गुणा 3 है, और 99 बराबर 3 गुणा 33 होता है।

इसी तरह 999 बराबर 3 गुणा 333 है, और 9999 बराबर 3 गुणा 3333 होता है। यानी सिर्फ़ 9 से बनी हर संख्या, सिर्फ़ 3 से बनी किसी संख्या की 3 गुना होती है, ये बात 60 जगहों तक जाँची गई है, एक भी अपवाद नहीं। इसलिए ढेर, जो 9 का multiple है, वो 3 का multiple भी है। ये ढेर के बारे में कोई नई बात नहीं, बात 9 की है, जिस संख्या को 9 पूरा बाँटता है, उसे 3 से भी पूरा बाँटा जा सकता है।

इसे देखने का एक और तरीका भी है, और वो बताता है कि ऐसा test किन संख्याओं को मिल सकता है। संख्या 10 को 3 से भाग दीजिए, 10 बराबर 3 गुणा 3 प्लस 1, यानी 1 बचता है। अब संख्या 100 को 3 से भाग दीजिए, 100 बराबर 3 गुणा 33 प्लस 1, फिर से 1 बचता है। और 1000 बराबर 3 गुणा 333 प्लस 1, यहाँ भी सिर्फ़ 1 ही बचता है।

यानी 10 की हर power, 3 से भाग पर 1 बचाती है, पहली 30 जगहों में हर एक, और अगली 30 जगहों में भी हर एक। अंकों को जोड़ पाने की वजह यही है, अगर एक जगह का बचा हुआ 1 है, तो उस जगह की 7 copies का बचा हुआ 7 होता है। अब 7 से तुलना कीजिए, वहाँ 10 की powers बारी-बारी 1, 3, 2, 6, 4 और 5 बचाती हैं, यानी 6 अलग-अलग बचे हुए, जिन्हें जोड़ने का कोई मतलब नहीं।

और 11 से भाग पर वो बारी-बारी 1 और 10 बचाती हैं, कभी एक, कभी दूसरा। अब यही बँटवारा एक बार फिर कीजिए, पर इस बार 9 की जगह 3 के साथ। हर संख्या, एक ढेर और उसके अंकों के जोड़ से मिलकर बनती है, और ढेर 3 का multiple है। इसलिए 3 का सवाल पूछते समय, ढेर का फ़ैसला पहले ही हो चुका है, वो जवाब में कुछ नहीं बदलता।

सब कुछ खुले हिस्से पर टिका है, यानी अंकों के जोड़ पर। फिर से 87 लीजिए, इसका ढेर 72 है, और 72 बराबर 3 गुणा 24 है, तो ये हिस्सा हट जाता है। बचा 15, और 15 बराबर 3 गुणा 5 है, इसलिए पूरी संख्या 3 का multiple है, 87 बराबर 3 गुणा 29 होता है। एक बड़ी संख्या लीजिए, 5271, इसके अंकों का जोड़ 15 है, इसलिए ये 3 का multiple है, 5271 बराबर 3 गुणा 1757 होता है।

ध्यान दीजिए, हमने 87 या 5271 को कभी भाग नहीं दिया, भाग सिर्फ़ 15 को दिया। यही तो test का मतलब है, एक मुश्किल सवाल की जगह एक आसान सवाल, जिसका जवाब भी वही हो। तो ऐसा test किन भाग देने वाली संख्याओं को मिलता है? अब 1 से 20 तक की हर संख्या से पूछिए, क्या अंकों का जोड़ हमेशा वही बचाता है, जो पूरी संख्या बचाती है? सिर्फ़ 3 संख्याएँ पास होती हैं, 1, 3 और 9, बाकी सब फ़ेल।

और 21 से 40 तक की संख्याओं में, एक भी पास नहीं होती। जो संख्याएँ पास हुईं, वो ठीक वही हैं, जो 9 को पूरा बाँटती हैं। ये रटने वाली सूची नहीं है, ये सीधे ढेर से निकलती है। ढेर 9 का multiple है, तो अगर आपकी संख्या 9 को बाँटती है, तो वो ढेर को भी बाँटती है, और ढेर हट जाता है। ये नियम अक्सर एक ही तरफ़ से कहा जाता है, अगर अंकों का जोड़ 3 का multiple है, तो संख्या भी 3 का multiple है।

ये सच है, पर ये आधा सच है, और जो आधा छूट गया, वही सबसे ज़्यादा काम आता है। दूसरी दिशा कहती है, अगर संख्या 3 का multiple है, तो उसके अंकों का जोड़ भी 3 का multiple होगा। दोनों हिस्से 3000 से नीचे की हर संख्या पर सच निकलते हैं, और 400000 से ऊपर की अगली 2000 संख्याओं पर भी सच हैं। यही दोनों हिस्से संख्या 7 के लिए पूछिए, तो दोनों टूट जाते हैं, यानी ये जाँच ना भी कह सकती है।

छूटा हुआ हिस्सा इसलिए ज़रूरी है, क्योंकि वही test को ना कहने देता है। सिर्फ़ एक दिशा हो, तो 16 का जोड़ कुछ नहीं बताता, पर दोनों दिशाएँ हों, तो 16 का मतलब पक्का ना है। अब वो जगह आती है, जहाँ 3 और 9 एक जैसे नहीं रहते। देखिए, 9 का हर multiple, 3 का multiple होता है, क्योंकि 9 बराबर 3 गुणा 3 है, 900 तक के सारे 100 multiples ऐसे ही हैं।

पर उल्टी बात सच नहीं है, और ये फ़र्क test में भी दिखता है। एक तरफ़ 9 रखिए, दूसरी तरफ़ 3, अगर संख्या 9 का multiple है, तो उसके अंकों का जोड़ हमेशा 3 से बँटता है, इसमें कोई अपवाद नहीं। अब उल्टा पूछिए, अंकों का जोड़ 3 से बँटता है, तो क्या संख्या 9 का multiple है? हर बार नहीं। गिनिए तो, 900 तक 3 के multiples 300 हैं, और इन 300 में से 200, 9 के multiples नहीं हैं।

ये टेढ़ापन कोई ख़राबी नहीं है, test बस ये बता रहा है, कि 3, 9 को बाँटता है, पर 9, 3 को नहीं बाँटता। अब ये 3 संख्याएँ याद रखिए, 15, 33 और 87, इन पर ध्यान दीजिए। संख्या 15 के अंकों का जोड़ 6 है, 33 के अंकों का जोड़ 6 है, और 87 के अंकों का जोड़ 15 आता है। इनमें से हर संख्या 3 का multiple है, पर कोई भी 9 का multiple नहीं है।

यहाँ एक ग़लत वजह सूझ सकती है, कि इनके अंकों का जोड़ 9 तक पहुँचता ही नहीं। पर 87 का जोड़ 15 है, जो 9 से आगे है, इसे फिर से जोड़िए, तो 6 आता है। असल में इन सबमें 6 साझा है, और 6, 3 का multiple है, पर 9 का नहीं। ऐसा कितनी बार होता है? 1 से 900 तक, 3 के multiples 300 हैं, और 9 के multiples 100 हैं।

यानी 200 संख्याएँ 3 की multiples हैं, पर 9 की नहीं, ये 9 के multiples से 2 गुना हैं, तो ये आम बात है, कोई अपवाद नहीं। तो अंकों का एक ही जोड़, 2 सवालों का जवाब देता है। अंक जोड़िए, पहले 3 के बारे में पूछिए, फिर उसी जोड़ से 9 के बारे में पूछिए। हाँ और ना वाले 2 जवाब, 4 तरह से निकल सकते हैं, पर होते सिर्फ़ 3 हैं।

पहला, दोनों पर हाँ, जैसे 2718, इसका जोड़ 18 है, और 2718 बराबर 9 गुणा 302 होता है। दूसरा, 3 पर हाँ और 9 पर ना, जैसे 87, जिसका जोड़ 15 है। और एक, दोनों पर ना, इसका उदाहरण है 4444, इसके अंकों का जोड़ 16 है। चौथी हालत, यानी 3 पर ना और 9 पर हाँ, कभी नहीं आती, क्योंकि 9 का हर multiple, 3 का multiple भी है।

गिनकर देखिए, 1 से 900 तक, 100 संख्याएँ दोनों पर हाँ हैं, 200 सिर्फ़ 3 पर हाँ, 600 दोनों पर ना, और चौथी हालत में एक भी नहीं। अब एक गुणनफल देखिए, 6 का कोई multiple, गुणा 3 का कोई multiple। सबसे छोटा उदाहरण, 6 गुणा 3 बराबर 18, और 18 बराबर 9 गुणा 2 होता है। हर हिस्से में एक 3 छिपा है, तो गुणनफल में 3, 2 बार आता है, यानी 9, और 1600 जोड़ियाँ जाँचिए, तो हर एक में यही मिलता है।

पर एक कदम आगे, 27 तक खींचिए, तो बात टूट जाती है, 1600 में से सिर्फ़ 871 गुणनफल, 27 के multiples हैं। जैसे 12 गुणा 3 बराबर 36, और 36 बराबर 27 प्लस 9 होता है, यानी ये 27 का multiple नहीं है। वहीं 6 गुणा 9 बराबर 54, जो 27 गुणा 2 है, क्योंकि 9 के अंदर ही 3 गुणा 3 है, और 6 ने एक 3 और जोड़ दिया।

यानी 3 का 2 बार आना 9 की गारंटी है, 27 की नहीं, उसके लिए 3 को 3 बार आना होगा। ये test उन संख्याओं पर भी काम आता है, जो न 3 हैं, न 9 हैं। जैसे 6 बराबर 2 गुणा 3, तो 2 के लिए आख़िरी अंक देखिए, 3 के लिए अंकों का जोड़, दोनों हाँ कहें, तो 6 पूरा बाँटता है। इन 4 संख्याओं को परखिए, 38, 225, 186 और 64, इनके अंकों के जोड़ 11, 9, 15 और 10 आते हैं।

संख्या 38 और 64 even हैं, पर इनके जोड़ 11 और 10, 3 के multiples नहीं हैं। संख्या 225 का जोड़ 9 है, और 225 बराबर 3 गुणा 75 है, पर ये odd है, इसलिए 6 इसे नहीं बाँटता। दोनों शर्तें सिर्फ़ 186 पूरी करता है, और सच में 186 बराबर 6 गुणा 31 होता है। इसी तरह 18 बराबर 2 गुणा 9, 24 बराबर 3 गुणा 8, और 36 बराबर 4 गुणा 9, हर बार एक अंकों वाला test, और एक आसान test, भाग की ज़रूरत ही नहीं।

पर एक शर्त है, दोनों हिस्सों में कोई साझा factor नहीं होना चाहिए, और यहीं ग़लती होती है। संख्या 24 बराबर 4 गुणा 6 होता है, तो क्या 4 और 6 दोनों पास हों, तो 24 पक्का है? नहीं, 3000 से नीचे की संख्याओं में ये तरीका 125 बार ग़लत जवाब देता है। सबसे छोटा उदाहरण 12 है, ये 4 का multiple है, 6 का multiple है, पर 24 का नहीं।

वजह ये है, कि 4 और 6 में 2 साझा है, आपने वो साझा 2 दोनों तरफ़ गिन लिया, पर संख्या में वो उतनी बार था ही नहीं। वहीं 3 और 8 में कुछ साझा नहीं, इसलिए 3 गुणा 8 वाला तरीका, 3000 से नीचे हर संख्या पर सही निकलता है। अब एक ऐसा काम, जो हाथ से कोई नहीं करना चाहेगा, 6 अंकों की एक संख्या, 4, 8, खाली, 2, 3, खाली।

कौन से अंक भरें, कि ये 18 का multiple बन जाए? यहाँ 18 बराबर 2 गुणा 9 है, तो आख़िरी अंक even होना चाहिए, और अंकों का जोड़ 9 का multiple। दिए गए अंक जोड़िए, 4 प्लस 8 प्लस 2 प्लस 3 बराबर 17 होता है। तो खाली जगहों का जोड़ 1 या 10 होना चाहिए, तभी पूरा जोड़ 18 या 27 बनेगा। आख़िरी अंक even रखिए, तो जोड़ियाँ हैं, 1 और 0, 2 और 8, 4 और 6, 6 और 4, 8 और 2, यानी कुल 5 जोड़ियाँ।

अब even वाली शर्त हटा दीजिए, और सिर्फ़ 9 का multiple माँगिए, तो 11 जोड़ियाँ मिलती हैं। अब 45000 और 47000 के बीच, 36 के कितने multiples हैं? यहाँ 36 बराबर 4 गुणा 9 है, तो 4 के लिए आख़िरी 2 अंक देखिए, और 9 के लिए अंकों का जोड़। पहला multiple ख़ुद 45000 है, इसका जोड़ 9 है, आख़िरी 2 अंक 0 और 0 हैं, और 45000 बराबर 36 गुणा 1250 होता है।

और आख़िरी multiple है 46980, इसका जोड़ 27 है, आख़िरी 2 अंक 80 हैं, जो 4 गुणा 20 है, और 46980 बराबर 36 गुणा 1305 होता है। कुल मिलाकर 56 multiples हैं, तो अगर कोई 5 माँगे, तो ये चुनने का काम है, ढूँढने का नहीं। तो एक जोड़ से इतना कुछ मिला, 9 के लिए एक तरकीब और 3 के लिए दूसरी नहीं, बल्कि एक ही तर्क। हर संख्या, 9 से बनी संख्याओं का एक ढेर है, प्लस उसके अंकों का जोड़, और 9 से बनी हर संख्या, 3 से बनी संख्या की 3 गुना है।

इसलिए अंकों का एक जोड़, 3 और 9 दोनों के सवालों का जवाब देता है, दोनों दिशाओं में, और 4 में से सिर्फ़ 3 हालतें होती हैं। किसी संख्या को हिस्सों में तोड़ें, तो ऐसे हिस्सों में, जिनमें कोई साझा factor न हो। और इस पूरे तर्क को बस इतना चाहिए था, कि 10, आपकी संख्या के किसी multiple से 1 ज़्यादा हो, 9 वो multiple है, और 3 उसके अंदर छिपा है।

यह कहाँ बैठता है

यह उन notes से लिया गया है जिनसे हर video बनी है, पढ़ने के क्रम से नहीं — ये वे ideas हैं जिन पर यह टिका है, और वे जो आगे चलकर इस पर टिकते हैं.

किस पर टिका है

आगे फिर कहाँ आता है

इसके ठीक पहले और ठीक बाद

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