PrepShorts · पढ़ाई की शीट · Class 8 Mathematics · Chapter 5, Number Play
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3, 4, 5 और 6 के बीच की 3 जगहों में प्लस या माइनस रखिए, तो 8 expressions बनते हैं, और हर एक का जवाब even आता है। ये हिसाब करने से पहले ही तय है।
मुख्य idea
कोई योग सम होगा या विषम, यह उसे निकालने से पहले ही तय होता है, क्योंकि सम-विषमता अंकगणित से होकर एक तय तरीक़े से गुज़रती है। एक plus को minus में बदलो, तो योग उस पद के दुगुने से खिसक जाता है जिसे तुमने छुआ — यह एक सम खिसकाव है — इसलिए चार संख्याओं पर चिह्न लगाने के आठों तरीक़ों को सम-विषम की एक ही तरफ़ आना पड़ता है। और चूँकि जोड़ना, घटाना और गुणा करना, हर एक सम-विषमता पर एक तय नियम से असर डालता है, तुम व्यंजक की बनावट देखकर ही जवाब पढ़ सकते हो। यह कहना कि कोई व्यंजक हमेशा सम है, यह दावा करना है कि हर तरह की value रखने पर नतीजे में 2 एक गुणनखंड बचा रहता है। अक्सर इसे व्यंजक में से ही 2 बाहर निकालकर दिखाया जा सकता है, और जहाँ ऐसा हो सके, दोनों दलीलों में वही ज़्यादा मज़बूत है — पर दोनों एक ही दावा नहीं हैं।
आपको क्या आना चाहिए
- चार संख्याओं के बीच plus और minus चिह्न रखने के आठों तरीक़ों की सूची बनाना, अंदाज़े से नहीं बल्कि शाखाओं वाले diagram से
- दिखाना कि एक चिह्न बदलने से value किसी एक पद के दुगुने से बदलती है, और नतीजा निकालना कि आठों values की सम-विषमता एक ही है
- किसी योग या अंतर के लिए सम-विषमता के तीनों नियम बताना और उन्हें पदों की एक कड़ी पर लागू करना
- किसी अंकगणितीय व्यंजक का मान निकाले बिना तय करना कि वह सम है या नहीं
- तय करना कि कोई बीजीय व्यंजक उसके अक्षरों की हर पूर्णांक value के लिए सम है या नहीं, और जहाँ नहीं है, वहाँ एक उदाहरण और एक प्रति-उदाहरण देना
- "हमेशा सम" को दो तरह से सही ठहराना — हिस्सों की सम-विषमता से, और 2 को गुणनखंड के रूप में दिखाकर — और बताना कि हर तरीक़ा क्या करता है जो दूसरा नहीं करता
- पहचानना कि सारे पूर्णांकों के बारे में किया गया दावा संख्याएँ रखकर तय नहीं हो सकता, पर एक ही value रखकर गिराया जा सकता है
जानने लायक़ शब्द
| शब्द | एक पंक्ति में अर्थ | हिंदी / क्षेत्रीय समकक्ष | पहली बार कहाँ आया |
|---|---|---|---|
| parity | कोई संख्या सम है या विषम, इसे अपने-आप में एक गुण की तरह देखना | सम-विषमता | इस chapter में छपा (Part I, §5.1, p.113) |
| even parity | सम होने का गुण, values के पूरे परिवार के बारे में एक साथ कहा गया | सम प्रकृति | इस chapter में छपा (Part I, §5.1, p.113) |
| even number | वह संख्या जिसका एक गुणनखंड 2 हो; chapter साफ़ कहता है कि ऋणात्मक संख्याएँ भी गिनी जाती हैं | सम संख्या | इस chapter में छपा (Part I, §5.1, p.113) |
| odd number | वह संख्या जिसका गुणनखंड 2 न हो | विषम संख्या | इस chapter में छपा (Part I, §5.1, p.113) |
| letter-number | किसी संख्या की जगह खड़ा एक अक्षर, ताकि एक दावा एक साथ हर value पर लागू हो सके | अक्षर-संख्या | इस chapter में छपा (Part I, §5.2, p.123) |
| expression | संख्याओं, अक्षरों और संक्रियाओं का मेल, समीकरण नहीं | व्यंजक | इस chapter में छपा (Part I, §5.1, p.114) |
| integer | एक पूरी संख्या, धनात्मक, ऋणात्मक या शून्य | पूर्णांक | इस chapter में छपा (Part I, §5.1, p.115) |
| factor | वह संख्या जो दूसरी को पूरा-पूरा बाँट दे; यहाँ, व्यंजक में से बाहर निकाला गया 2 | गुणनखंड | इस chapter में छपा (Part I, §5.1, p.113) |
| non-example | ऐसी value जो रखने पर दावा किया गया गुण टूट जाए | प्रति-उदाहरण | इस chapter में छपा (Part I, §5.1, p.116) |
| token model | पूर्णांकों की positive-और-negative counters वाली तस्वीर, जिसकी ओर chapter वापस इशारा करता है | टोकन मॉडल | इस chapter में Part I, §5.1, p.115 पर छपा; यह जोड़ा शब्द एक पंक्ति के पार टूटा है और उसके दोनों हिस्सों के बीच figure के अक्षर घुसे हैं, इसलिए text निकालने पर यह नहीं मिलता — इसे छपे हुए p.115 पर पढ़ें |
| sign switch | एक plus को minus से, या उलटा, बदलने के लिए इस पाठ का छोटा नाम | चिह्न परिवर्तन | इस पाठ का छोटा नाम, छपा हुआ नहीं |
हिंदी column में standard हिंदी गणितीय शब्दावली दी गई है। Ganita Prakash कक्षा 8 का हिंदी संस्करण नहीं देखा गया, इसलिए इसे standard चलन मानें, उस संस्करण के ठीक-ठीक शब्द नहीं।
लोग कहाँ चूकते हैं
- "ऋणात्मक संख्याएँ न सम होती हैं, न विषम।" chapter Part I p.113 पर मेहनत करके उलटा कहता है, और उसे कहना ही पड़ता है, क्योंकि चिह्न बदलने वाली गतिविधि के आधे छपे नतीजे ऋणात्मक हैं। सम संख्या वह है जिसका एक गुणनखंड 2 हो; चिह्न से कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता।
- "कुछ उदाहरण जाँच लेने से पता चल जाता है कि ऐसा हमेशा होता है।" Part I p.115 साफ़-साफ़ कहता है कि चार संख्याएँ चुनने के तरीक़ों की कोई सीमा नहीं। एक श्रेणी के आठ व्यंजक एक प्रदर्शन हैं; चिह्न बदलने वाली दलील एक प्रमाण है। दोनों को साफ़ तौर पर अलग रखो।
- "चिह्न बदलने से सम-विषमता बदल जाती है, क्योंकि minus, plus से अलग है।" इससे योग किसी पद के दुगुने से बदलता है। किसी भी चीज़ का दुगुना सम होता है, और सम मात्रा से खिसकने पर कोई सम से विषम में, या विषम से सम में, नहीं जा सकता। पूरे topic का भार इसी क़दम पर टिका है।
- "3g + 5h सम है क्योंकि 3 + 5 सम है।" गुणांक इस तरह नहीं जुड़ते। हर पद की सम-विषमता उसके अक्षर पर टिकी है, और विषम × विषम विषम ही रहता है।
- "x² + 2 सम है क्योंकि 2 सम है।" वर्ग x की सम-विषमता उठाता है, इसलिए व्यंजक सिर्फ़ सम x के लिए सम है। chapter की 38-और-11 वाली जोड़ी ठीक इसी भ्रम को तोड़ने के लिए है।
- "13k − 5k विषम है क्योंकि 13 और 5 विषम हैं।" पहले सरल करो: यह 8k है। जो students बिना सरल किए गुणांकों से सम-विषमता पढ़ते हैं, उनका जवाब उलटा आता है।
- "2 को गुणनखंड दिखाना और दोनों हिस्सों को सम दिखाना एक ही दलील है।" नहीं हैं, और chapter दोनों किसी वजह से देता है। गुणनखंड वाली दलील तब भी टिकी रहती है जब हिस्से अलग-अलग सम न हों — 6m + 2n बराबर 2(3m + n) है, चाहे 3m सम हो या न हो — जबकि हिस्सों वाली दलील नहीं टिकती।
- "एक value से बात सच निकली, तो हमेशा सच है।" एक value सिर्फ़ ग़लत साबित कर सकती है। Part I p.116 पर उदाहरण / प्रति-उदाहरण की जोड़ी यह सबक है कि हर तरह का उदाहरण कितना वज़न रखता है।
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पूरा transcript2,363 शब्द
पहले एक line में 4 संख्याएँ लिखिए, 3, 4, 5 और 6, बस इतनी ही। इनके बीच 3 ख़ाली जगहें हैं, और हर जगह में आप प्लस या माइनस रख सकते हैं। हर जगह 2 विकल्प, और ऐसी 3 जगहें, तो 2 गुणा 2 गुणा 2, यानी 8 expressions बनते हैं। पहली संख्या के आगे कोई जगह नहीं होती, इसलिए वो हर expression में प्लस के साथ ही आती है।
अब इन 8 expressions का हिसाब कीजिए, तो हर एक का जवाब even निकलता है। सवाल ये है, कि ये बात हिसाब करने से पहले ही कैसे तय हो सकती है? ये कभी-कभार नहीं, हर बार होता है, और इसे सिर्फ़ देखना नहीं, समझाना है। पहले ये पक्का कीजिए, कि 8 में से कोई expression छूटा तो नहीं। शुरुआत 3 से, और पहली जगह पर रास्ता बँटता है, एक तरफ़ प्लस 4 और दूसरी तरफ़ माइनस 4 जाता है।
फिर हर रास्ता 5 पर दोबारा बँटता है, और उसके बाद 6 पर एक बार और। हर जगह एक नई मंज़िल, और हर मंज़िल पर रास्ते दोगुने, 2, फिर 4, फिर 8 सिरे बनते हैं। ऊपर से नीचे का हर रास्ता एक expression है, और हर expression ठीक एक रास्ता है। इसलिए expressions ठीक 8 हैं, कोई नौवाँ कहीं छिपा नहीं है। यही पेड़ letters से भी बनता है, 3, 4, 5 और 6 की जगह a, b, c और d रखिए।
अब सारे 8 expressions का हिसाब एक साथ देखिए। सारे प्लस हों, यानी 3 प्लस 4 प्लस 5 प्लस 6, तो जवाब 18 है, 4 से पहले माइनस हो तो 10, और 5 से पहले माइनस हो तो 8 आता है। फिर 3 माइनस 4 माइनस 5 प्लस 6 का जवाब शून्य है, 3 प्लस 4 प्लस 5 माइनस 6 का 6, और 3 माइनस 4 प्लस 5 माइनस 6 का माइनस 2 है।
और 3 प्लस 4 माइनस 5 माइनस 6 का जवाब माइनस 4 है, और 3 माइनस 4 माइनस 5 माइनस 6 का माइनस 12 आता है। यहाँ 8 अलग-अलग जवाब मिले, और इनमें से हर एक even है। इनमें 3 जवाब negative हैं और एक शून्य है, और यहीं अक्सर गड़बड़ होती है। तो क्या माइनस 12 सच में even संख्या है? किसी संख्या के even होने का मतलब है, कि 2 उसका factor हो, और चिह्न से इसका कोई लेना-देना नहीं।
माइनस 12 है 2 गुणा माइनस 6, तो ये even है। इसी तरह माइनस 2, माइनस 4 और माइनस 6 even हैं, और शून्य भी, क्योंकि शून्य है 2 गुणा शून्य। पर माइनस 7 odd है, ठीक वैसे ही जैसे 7 odd है। अब 5, 6, 7 और 8 पर वही चिह्न लगाइए जो 8 और माइनस 12 वाले expressions में थे, तो 12 और माइनस 16 आते हैं, फिर से even।
अब असली सवाल, इन 8 में से कोई भी odd क्यों नहीं हो सकता? सबसे पहले वो expression लीजिए जिसमें सारे प्लस हैं, उसका जवाब 18 है। अब सिर्फ़ एक चिह्न बदलिए, 4 से पहले वाला प्लस अब माइनस है। तो नया total 10 बनता है, यानी 18 से नीचे आया। यानी 18 से 10 तक, total पूरे 8 से खिसका है। और 8 है 2 गुणा 4, यानी ठीक उसी संख्या का दोगुना जिसका चिह्न बदला।
ये इन संख्याओं का संयोग नहीं है, ऐसा हर बार होता है। अब letters में लिखें, तो ये बात हर संख्या के लिए एक साथ दिखती है। मान लीजिए expression है a प्लस b माइनस c माइनस d, और b से पहले का प्लस, माइनस बन जाता है। अब पुराने में से नया घटाइए, और bracket खोलते समय अंदर का हर चिह्न पलट जाता है। पहले a और माइनस a कट जाते हैं, फिर c और d भी, और बचता है b और b, यानी 2 b।
अब 3, 4, 5 और 6 पर जाँचिए, पहले का जवाब माइनस 4, दूसरे का माइनस 12, और अंतर 8, यानी 2 गुणा 4 है। उल्टी दिशा में, माइनस को प्लस बनाइए, तो total में 2 b वापस जुड़ जाता है। किसी भी दिशा में, total उसी संख्या के दोगुने से खिसकता है। और किसी भी संख्या का दोगुना even होता है। किसी संख्या में even जोड़िए या उसमें से even घटाइए, वो even से odd में नहीं जा सकती।
जैसे 18 में से 8 घटाकर 10, दोनों even, और 11 में से 8 घटाकर 3, दोनों odd। इसलिए चिह्न बदलने से total बदलता है, पर उसका even या odd होना कभी नहीं बदलता। ये जाँच 164 अलग सेटों पर हुई, हर expression की हर जगह पर, और 3936 में से 3936 बार दूरी उसी संख्या का दोगुना निकली। फिर एक दूसरे परिवार के 169 सेटों पर, और वहाँ 4056 में से 4056 बार।
पर odd दूरी से खिसकाइए, जैसे 1 जोड़कर, तो हर बार even और odd आपस में बदल जाते हैं, 3936 में से 3936 बार। किसी एक बदलाव से जवाब की तरफ़ नहीं बदलती, पर यहाँ 2 नहीं, 8 expressions हैं। तो इनके बीच चलिए, सारे प्लस वाले 18 से शुरू करके पहली जगह बदलिए, तो 10 आता है। अब दूसरी जगह बदलिए, तो शून्य, और फिर तीसरी जगह बदलिए, तो माइनस 12 आता है।
फिर पहली जगह वापस बदलिए, तो माइनस 4 मिलता है। ऐसे एक-एक बदलाव से, 8 में से हर expression तक किसी भी दूसरे से पहुँचा जा सकता है। कोई भी 2 expressions ज़्यादा से ज़्यादा 3 बदलाव दूर हैं, हर जगह के लिए एक। इसलिए सारे 8 उसी तरफ़ हैं जिस तरफ़ शुरुआत थी, और 18 even है, तो सारे even हैं। और सारे प्लस वाला total तो बिना कोई चिह्न चुने ही निकल आता है।
तो क्या जवाब हमेशा even ही आता है? अब 1, 2, 3 और 5 लीजिए, इनका सीधा total 11 है, जो odd है। इसके 8 जवाब हैं 11, 7, 5, 1, 1, माइनस 3, माइनस 5 और माइनस 9, सब के सब odd। यानी तरफ़ हमेशा even नहीं होती, वो वही होती है जो सीधे total की है। एक परिवार के 169 सेटों में, 91 सेट even तरफ़ निकले और 78 सेट odd तरफ़, और हर बार वही जो सीधे total की तरफ़ थी।
अब एक दूसरा तरीक़ा, जिसमें चिह्न बदलने की बात ही नहीं आती। नियम 3 हैं, odd के साथ odd से even, even के साथ even से even, और odd के साथ even से odd बनता है। और ये तीनों नियम जोड़ पर भी लागू होते हैं, और घटाने पर भी। जैसे 7 और 5 का जोड़ 12, और 7 में से 5 घटाएँ तो 2, दोनों even। माइनस 40 से 40 तक की हर जोड़ी पर, यानी 6561 जोड़ियों पर, ये नियम जोड़ और अंतर दोनों के लिए सही निकले।
प्लस और माइनस से जवाब तो अलग आते हैं, पर दोनों की तरफ़ एक ही रहती है। अब 3, 4, 5 और 6 पर एक-एक करके चलिए, 3 और 4 से odd, उसके साथ 5 से even, और फिर 6 के साथ even ही रहता है। इसमें चिह्न कहीं आए ही नहीं, हर क़दम पर बस इतना पूछा कि अगली संख्या odd है या even। और एक तीसरा तरीक़ा, जिसमें कोई चिह्न लिखना ही नहीं पड़ता।
हर संख्या को गोटियों का ढेर मानिए, प्लस हो तो positive गोटियाँ, माइनस हो तो negative। जैसे 3 प्लस 4 माइनस 5 प्लस 6 में, 13 positive गोटियाँ हैं और 5 negative। एक positive और एक negative गोटी मिलकर कट जाती हैं, यानी गोटियाँ हमेशा जोड़ी में जाती हैं। यहाँ 5 जोड़ियाँ कटती हैं, यानी 10 गोटियाँ जाती हैं, और बचती हैं 8, यही जवाब है। जाने वाली गोटियाँ हमेशा even होती हैं, इसलिए बचे हुए का even या odd होना, सारी 18 गोटियों से पहले ही तय है।
और 3 माइनस 4 माइनस 5 माइनस 6 में, 3 positive और 15 negative, 3 जोड़ियाँ कटती हैं, और 12 negative बचती हैं। इन तीनों तरीक़ों में से किसी को भी, ये जानने की ज़रूरत नहीं पड़ी कि संख्याएँ असल में क्या हैं। अब सोचिए, क्या इन तरीक़ों में कहीं 4 संख्याओं की बात थी? नहीं, किसी भी तरीक़े ने ये नहीं माना कि संख्याएँ 4 ही हैं। जहाँ 2 संख्याएँ हों, वहाँ 1 जगह और 2 expressions, और 5 संख्याओं में 4 जगहें और 16 expressions।
और 7 संख्याओं में 6 जगहें, यानी 64 expressions बनते हैं। हर बार चिह्न बदलने पर total किसी संख्या के दोगुने से खिसकता है, इसलिए एक समूह के सारे expressions एक ही तरफ़ रहते हैं। ये 108 समूहों पर जाँचा गया, जिनकी लंबाई 2 से 7 तक थी, और 108 में से 108 सही निकले। उनमें से 45 even तरफ़ गिरे और 63 odd तरफ़, हर एक अपने सीधे total की तरफ़।
यानी even या odd होना expression की बनावट से पढ़ा जा सकता है, हिसाब किए बिना। यहाँ 8 expressions हैं, और किसी का भी हिसाब नहीं करना, पहले जोड़ और अंतर वाले 5 देखिए। पहला, 43 प्लस 37, दोनों odd, तो जवाब even है। फिर 672 माइनस 348, दोनों even, तो जवाब even है। उसके बाद 708 माइनस 477, एक even और एक odd, तो जवाब odd है। और 809 प्लस 214 में भी एक odd और एक even, तो ये भी odd है।
आख़िर में 543 माइनस 479, दोनों odd, तो जवाब even है। हर संख्या के लिए बस उसका आख़िरी अंक देखना पड़ा, पूरा जोड़ या अंतर किसी का नहीं निकाला। गुणा करने पर नियम थोड़ा अलग है। गुणनफल तभी odd होता है, जब उसका हर factor odd हो। इसलिए 4 गुणा 347 गुणा 3 even है, सिर्फ़ उस 4 की वजह से। पर 119 गुणा 303 में दोनों factors odd हैं, तो गुणनफल odd है।
और 513 का cube, यानी 513 गुणा 513 गुणा 513, तीनों odd, तो ये भी odd है। ध्यान दीजिए, odd और odd का जोड़ even होता है, पर उनका गुणनफल odd। और आख़िरी factor भी फ़ैसला बदल सकता है, 7 गुणा 9 odd है, पर उसमें 4 से गुणा करें तो 252, even। इन 8 में से 4 even निकले और 4 odd, और किसी का भी पूरा हिसाब नहीं किया।
बाद में पूरा हिसाब करके मिलाया, तो 8 में से 8 जवाब सही निकले। अब letters वाले expressions, जहाँ even का मतलब है हर integer के लिए even। यहाँ 9 expressions हैं, पहले वो देखिए जो हमेशा even रहते हैं। पहला, 2 a प्लस 2 b, जिसके दोनों हिस्से even हैं, a और b चाहे जो हों। इसी तरह 4 m प्लस 2 n, और 2 u माइनस 4 v, इनमें भी हर हिस्सा even है।
अब 13 r माइनस 5 r देखिए, दोनों coefficients odd हैं, फिर भी ये सरल होकर 8 r बनता है। और 8 r हमेशा even है, r बराबर 1 हो तो 8, और r बराबर माइनस 2 हो तो माइनस 16 आता है। और 4 r गुणा 3 j, यानी 12 गुणा r j, उसमें 12 है, तो वो भी हमेशा even है। तो 9 में से 5 expressions हर integer के लिए even हैं, और दायरा दोगुने से ज़्यादा बढ़ाने पर भी वही 5 निकलते हैं।
बाक़ी 4 expressions कभी even होते हैं, कभी नहीं। पहला, 3 g प्लस 5 h, यहाँ 3 और 5 का जोड़ 8 है, पर coefficients ऐसे नहीं जुड़ते। यहाँ 3 g का even या odd होना g से तय होता है, और 5 h का h से, जैसे g शून्य और h बराबर 1 हो तो जवाब 5, odd। ये तभी even है जब g और h दोनों even हों या दोनों odd, और 625 जोड़ियों में से 313 जोड़ियों पर ऐसा होता है।
फिर 6 m माइनस 3 n, आगे 6 है, पर 3 n का even या odd होना n पर छोड़ देता है, m और n बराबर 1 हों तो जवाब 3, odd। और x का square प्लस 2, square वही रखता है जो x का है, तो ये सिर्फ़ even x के लिए even है। वहीं b का square प्लस 1, सिर्फ़ odd b के लिए even है, b बराबर 1 पर 2 और b बराबर 2 पर 5 आता है।
इन 4 में से कोई भी कभी-न-कभी even ज़रूर होता है, हर एक लगभग आधे मानों पर। अब फिर से x का square प्लस 2 लीजिए। मान लीजिए x बराबर 6 है, तो 38 आता है, even, तो क्या बात तय हो गई? अब x बराबर 3 रखिए, तो 11 आता है, जो odd है। एक अकेला मान, हर integer वाले दावे को तोड़ सकता है। पर कोई मान, और कितने भी मान, उसे साबित नहीं कर सकते, क्योंकि कोई न कोई integer हमेशा बाक़ी रहता है।
जैसे 2, 4, 6 और 8 रखिए, तो चारों बार even आता है, फिर भी दावा ग़लत है। यानी example बस दिखाता है, पर non-example फ़ैसला कर देता है। जब दावा सच हो, तो उसे दिखाने के 2 तरीक़े हैं, जैसे 4 m प्लस 2 q में। पहला तरीक़ा, 4 m even है और 2 q भी even, तो जोड़ even। दूसरा तरीक़ा, पूरे expression को 2 गुणा, 2 m प्लस q लिखिए, यानी 2 बाहर निकल आया।
जाँचने के लिए m बराबर 4 और q बराबर माइनस 9 लीजिए, तो 16 माइनस 18, यानी माइनस 2 आता है। और bracket में 8 माइनस 9, यानी माइनस 1, और 2 गुणा माइनस 1 का जवाब भी माइनस 2 है। पर ये दोनों एक ही तर्क नहीं हैं। जैसे 6 m प्लस 2 n को देखिए, ये 2 गुणा, 3 m प्लस n है, चाहे 3 m even हो या न हो।
और 13 r माइनस 5 r में, odd r पर दोनों हिस्से odd हैं, फिर भी ये 2 गुणा 4 r है। यानी 2 का factor वहाँ भी काम करता है, जहाँ हिस्सों वाला तर्क रुक जाता है। तो याद रखिए, एक चिह्न बदलने से total किसी संख्या के दोगुने से खिसकता है। इसलिए सारे expressions एक ही तरफ़ रहते हैं, उसी तरफ़ जिस तरफ़ सीधा total है। जोड़ और अंतर में odd के साथ odd से even बनता है, और गुणा में एक even factor काफ़ी है।
हर integer वाले दावे को एक मान तोड़ सकता है, पर कोई मान साबित नहीं करता। और 2 को factor के रूप में बाहर निकालना, हिस्सों वाले तर्क से ज़्यादा मज़बूत है। क्या आप ख़ुद एक ऐसा expression लिख सकते हैं जो हर integer के लिए even हो, और एक जो सिर्फ़ कभी-कभी even हो?
यह कहाँ बैठता है
यह उन notes से लिया गया है जिनसे हर video बनी है, पढ़ने के क्रम से नहीं — ये वे ideas हैं जिन पर यह टिका है, और वे जो आगे चलकर इस पर टिकते हैं.
किस पर टिका है
- When a sum of consecutive numbers is a multiple of somethingकक्षा 8 · Ch 5, Number Play
आगे फिर कहाँ आता है
- The four divisibility facts you can prove, and how to use themकक्षा 8 · Ch 5, Number Play
- Always, sometimes, or never: one counterexample settles itकक्षा 8 · Ch 5, Number Play