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Chapter 5 · Parallel and Intersecting Lines

Alternate angles, और interior angles जिनका जोड़ 180° होता है

The other angle pairs at a transversal13 मिनट

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alternate angles और interior angles के नियम रटने की ज़रूरत नहीं: 2 पक्की बातें हैं, और उन्हें जोड़ने के 2 तरीके।

मुख्य idea

यहाँ कुछ भी नया मानकर नहीं चला जा रहा। इस section का हर नतीजा उन दो तथ्यों से बनता है जो आपके पास पहले से हैं — parallels के आर-पार corresponding angles, और एक कटान पर vertically opposite angles — उन्हें एक के बाद एक लगाकर। Alternate angles हैं "पहले corresponding, फिर पलटना"; एक ही तरफ़ के interior angles हैं "पहले corresponding, फिर linear pair"। इसीलिए एक मेल बराबरी देता है और दूसरा 180° का जोड़: दूसरा क़दम अलग है, इसलिए जवाब अलग है। section को रटने लायक़ दो और नियमों की तरह सीखना ठीक उसी चीज़ को छिपा देता है जो उन्हें साबित करने लायक़ बनाती है।

आपको क्या आना चाहिए

  • transversal वाली figure में किसी नाम दिए गए angle का alternate angle पहचानना
  • दो क़दमों में alternate angle ढूँढ़ना — पहले corresponding, फिर vertically opposite — और बताना कि हर क़दम ने कौन-सा तथ्य इस्तेमाल किया
  • वह शर्त बताना जिसमें alternate angles बराबर होते हैं, और शर्त के बिना यह बात न कहना
  • transversal की एक तरफ़ के interior angles पहचानना
  • corresponding angle को linear pair से जोड़कर दिखाना कि एक ही तरफ़ के interior angles का जोड़ 180° होता है
  • parallel lines की जोड़ी पर आठ में से एक angle दिया हो, तो बाक़ी सात निकालना
  • बराबर न होने वाले corresponding angles से स्थापित करना कि दो lines parallel नहीं हैं
  • parallel lines की दो स्वतंत्र जोड़ियों वाली figure को संभालना, interior-angle वाला नतीजा दो बार लगाकर

जानने लायक़ शब्द

शब्दएक line में परिभाषाहिंदी / क्षेत्रीय समकक्षपहली बार कहाँ आया
alternate angletransversal की उलटी तरफ़ और दोनों lines के बीच वाला angleएकांतर कोण§5.8, p.120 में bold में छपा
interior anglesदोनों lines के बीच पड़ी जोड़ी, हर कटान पर एकअंतःकोण§5.8, p.122 में bold में छपा
corresponding anglesदो angles, हर कटान पर एक, मिलती-जुलती जगहों परसंगत कोण§5.6, p.115 में छपा
vertically opposite anglesकटान के वे दो angles जो कटान वाले point के आर-पार एक-दूसरे के सामने हैंशीर्षाभिमुख कोण§5.1, p.108 में छपा
linear pairकटान पर adjacent angles की एक जोड़ी, जो मिलकर straight angle बनाती हैरैखिक युग्म§5.1, p.107 में छपा
transversalऐसी line जो दो दूसरी lines को काटती हुई निकलती हैतिर्यक रेखा§5.5, p.115 में छपा
justifiedनाप के बजाय कारण देने के लिए chapter का शब्दसिद्ध किया§5.8, p.120 में छपा
co-interior anglesएक ही तरफ़ की interior जोड़ी के लिए परीक्षाओं में चलने वाला आम नामसह-अंतःकोणयहाँ इस्तेमाल किया गया शब्द; इस chapter में नहीं छपा, जो इस जोड़ी को बस interior angles कहता है
alternate interior anglesउस जोड़ी का बाद की कक्षाओं में इस्तेमाल होने वाला पूरा नाम जिसे यह section alternate angles कहता हैएकांतर अंतःकोणयहाँ इस्तेमाल किया गया शब्द; इस chapter में नहीं छपा

हिंदी column में NCERT की standard हिंदी गणितीय शब्दावली है। Ganita Prakash Part I का हिंदी संस्करण इस brief के लिए इस्तेमाल की गई सामग्री में नहीं है, इसलिए इन शब्दों को हिंदी छपाई से नहीं मिलाया गया — Notes देखें।

परीक्षा में कौन-सा नाम चलेगा। इस किताब में परीक्षा वाले शब्द alternate angles और interior angles हैं। बाद की कक्षाएँ और कई question banks इन्हीं दो जोड़ियों के लिए alternate interior angles और co-interior angles कहते हैं। व्याख्या लंबे नामों का एक बार, बात-बात में, ज़िक्र कर सकती है, पर जवाब किताब के शब्दों में ही देना चाहिए।

लोग कहाँ चूकते हैं

  • "Alternate angles बराबर होते हैं।" सिर्फ़ parallel lines के आर-पार। यह chapter का सबसे ख़तरनाक आधा वाक्य है, और यहाँ ख़तरा असली है: Activity 6 के अंदर छपे शब्द कहते हैं कि बराबरी शुरू वाले angle के नाप से कोई फ़र्क़ पड़े बिना सही है, जो सच है, पर वह इसलिए सही है क्योंकि corresponding-angle वाला क़दम मौजूद है, और उस क़दम को parallel होने की ज़रूरत है। p.120 पर box वाला कथन शर्त ठीक से बताता है।
  • "Interior angles बराबर होते हैं, बाक़ी जोड़ियों की तरह।" उनका जोड़ 180° होता है। वे सिर्फ़ उस ख़ास हालत में बराबर होते हैं जब transversal parallels से 90° पर मिलती है, और तब दोनों 90° होते हैं। यह हालत ज़ोर से कहें; जिस student ने सिर्फ़ perpendicular वाले उदाहरण देखे हों, वह ग़लत दिशा में सामान्यीकरण करेगा।
  • "Alternate का मतलब है कि दोनों angles एक-दूसरे के बगल में हैं।" वे transversal की उलटी तरफ़ों पर बैठे हैं, हर कटान पर एक, दोनों lines के बीच। Fig. 5.25 के letters पर एक ग़लत चुनाव को सही के बगल में दिखाएँ।
  • "यहाँ रटने के लिए चार अलग नियम हैं।" दो तथ्य हैं और दो मेल। Section 4 और section 9 को एक ही चाल की तरह बनाना चाहिए जिसका दूसरा क़दम अलग है।
  • "Alternate angles एक नया तथ्य हैं, इसलिए उन्हें नया proof चाहिए।" chapter उन्हें निकालता है और यह कहता भी है — वह बताता है कि कोई नाप इस्तेमाल नहीं हुआ। वह वाक्य section की असली बात है, सजावट नहीं।
  • "अगर transversal पर दो angles supplementary हैं, तो lines parallel होनी चाहिए।" सिर्फ़ एक तरफ़ की interior जोड़ी के लिए। किसी भी कटान पर कोई भी linear pair पहले से supplementary है, lines चाहे जो करें।
  • "Example 4 के लिए parallelograms का कोई नियम चाहिए।" नहीं चाहिए, और chapter कोई इस्तेमाल भी नहीं करता। वह interior-angle वाला नतीजा दो बार लगाता है, parallel भुजाओं की हर जोड़ी पर एक बार।
पूरा transcript1,783 शब्द

शुरुआत 2 पक्की बातों से, आज कोई नया नियम नहीं आएगा, बस इन्हीं 2 को जोड़ना सीखेंगे। पहली बात, जहाँ 2 lines एक दूसरे को काटती हैं, वहाँ आमने सामने के vertically opposite angles बराबर होते हैं। दूसरी बात, जब एक transversal 2 lines को काटे, तो corresponding angles बराबर हैं, ठीक तब जब वे lines समांतर हों। आज इन 2 बातों को 2 तरह से जोड़ेंगे, और alternate angles और interior angles के बारे में सब कुछ उसी से निकलेगा।

यानी रटने को 4 नियम नहीं, समझने को 2 बातें और उन्हें जोड़ने के 2 तरीके। बोर्ड पर 2 lines हैं, ऊपर l और नीचे m, और एक transversal t दोनों को काटती है। l और m पर छोटे तीर के निशान लगाए हैं, ये बताते हैं कि दोनों lines समांतर हैं, सिर्फ़ दिखने से यह मान नहीं लेते। ऊपर वाली crossing पर 4 angles हैं, ऊपर बाएँ angle a, ऊपर दाएँ angle b, नीचे दाएँ angle c, और नीचे बाएँ angle d।

नीचे वाली crossing पर भी ठीक उन्हीं जगहों पर, ऊपर बाएँ e, ऊपर दाएँ f, नीचे दाएँ g, नीचे बाएँ h। तो a और e एक जैसी जगह पर हैं, b और f भी, इन्हें corresponding angles कहते हैं। और c, d, e, f, ये 4 angles दोनों lines के बीच में हैं, इसलिए इन्हें interior angles कहते हैं। अब angle d और angle f को देखो, दोनों lines के बीच में हैं, पर transversal की अलग अलग तरफ़।

ऐसी जोड़ी को alternate angles कहते हैं, बीच में, और t के आर पार। दूसरी जोड़ी है angle c और angle e, वह भी बीच में, और t के आर पार। ध्यान रहे, alternate का मतलब बगल वाला नहीं, बल्कि बारी बारी से, एक इस तरफ़ और एक उस तरफ़। बगल में सटे angles, जैसे a और b, एक linear pair बनाते हैं, वह बिल्कुल अलग रिश्ता है। सवाल यह है, क्या angle d और angle f बराबर हैं, और अगर हाँ, तो क्यों?

पहली छलांग, f से b तक, f और b corresponding हैं, और lines समांतर हैं, इसलिए f बराबर b। दूसरी छलांग, b से d तक, b और d आमने सामने हैं, vertically opposite, इसलिए b बराबर d। अब दोनों को जोड़ो, f बराबर b, और b बराबर d, तो f बराबर d। देखो, कोई नया नियम नहीं लगा, पहली छलांग दूसरी बात से आई, और दूसरी छलांग पहली बात से।

नतीजा यह, समांतर lines पर alternate angles बराबर होते हैं, पर यह नतीजा 2 बातों से बना है। एक संख्या रखकर देखो, मान लो angle f है 120। तो पहली छलांग से angle b भी 120। और दूसरी छलांग से angle d भी 120, बिल्कुल f जितना। अब संख्या हटाओ, छलांगों में कहीं भी 120 का इस्तेमाल हुआ ही नहीं, बस बराबरी आगे बढ़ती गई। इसलिए f जो भी हो, नतीजा वही, और गिनकर देखा गया, f जिन 179 पूरे मानों को ले सकता है, हर एक में d बराबर f निकला।

दूसरी जोड़ी, c और e, के लिए भी वही 2 छलांगें, बस उल्टी तरफ़ से। पहले e से a, दोनों corresponding हैं, तो e बराबर a। फिर a से c, दोनों आमने सामने हैं, तो a बराबर c, और इसलिए c बराबर e। बनाकर गिना गया, समांतर lines की सभी 2148 बनावटों में d बराबर f भी रहा, और c बराबर e भी। अब सोचो, अगर l और m समांतर न हों, तो क्या alternate angles फिर भी बराबर होंगे?

दूसरी छलांग तो हमेशा चलती है, vertically opposite angles को समांतर की कोई ज़रूरत नहीं। पर पहली छलांग टूट जाती है, lines समांतर नहीं, तो f और b बराबर होने की कोई गारंटी नहीं। जिन 382,344 बनावटों में lines समांतर नहीं थीं, उनमें से हर एक में b बराबर d रहा, पर d बराबर f एक में भी नहीं। इसलिए alternate angles बराबर होते हैं, यह अकेला कहना अधूरा है, हमेशा जोड़ो, जब lines समांतर हों।

उल्टा भी चलता है, अगर alternate angles बराबर मिलें, तो छलांग उलटकर corresponding बराबर, और इसलिए lines समांतर। अब एक उदाहरण, 2 समांतर lines, एक transversal, और सिर्फ़ एक angle दिया है, angle b बराबर 135। क्या इस एक angle से बाकी सारे 8 angles निकल सकते हैं? हमारे पास linear pair है, vertically opposite है, और corresponding है, बस इतना काफ़ी है। a और b एक linear pair हैं, जोड़ 180, तो a बराबर 180 में से 135 घटाओ, यानी 45।

d, b के आमने सामने है, तो d भी 135, और c, a के आमने सामने, तो c भी 45। अब corresponding से नीचे वाली crossing पर उतारो, e बराबर a, f बराबर b, g बराबर c, h बराबर d। तो 8 में से 4 angles 135 के हैं, और 4 angles 45 के। और 135 और 45 का जोड़ 180 है, हर बड़ा angle किसी छोटे का linear pair जोड़ीदार।

यानी समांतर lines पर एक angle पता हो, तो पूरी तस्वीर तय हो जाती है। अब उल्टा सवाल, यहाँ पता नहीं कि lines समांतर हैं या नहीं, बस angle a बराबर 120 और angle f बराबर 70 दिए हैं। क्या l और m समांतर हैं? पहले b निकालो, a और b linear pair, तो b बराबर 180 में से 120 घटाओ, यानी 60। अब b और f corresponding हैं, एक 60 और दूसरा 70, बराबर नहीं।

corresponding बराबर नहीं, तो lines समांतर नहीं हो सकतीं। ये दोनों angles 12 अलग अलग तरह से बनाए जा सकते हैं, और एक में भी l और m समांतर नहीं निकलीं। अब एक और जोड़ी, angle c और angle f, दोनों lines के बीच में, और दोनों t की एक ही तरफ़। इन्हें transversal की एक तरफ़ के interior angles कहते हैं, दूसरी ऐसी जोड़ी d और e है। मान लो angle c है 50, तो c और b linear pair, और b बराबर 130।

फिर b और f corresponding, lines समांतर, तो f भी 130। अब c और f को जोड़ो, 50 और 130, जोड़ 180। एक उदाहरण से पैटर्न नहीं बनता, और आज़माओ, c बराबर 70 हो, तो f बराबर 110। और c बराबर 90 हो, तो f भी 90। और c बराबर 110 हो, तो f बराबर 70। हर बार c और f का जोड़ 180, अब पैटर्न को नाम दे सकते हैं।

समांतर lines पर, transversal की एक तरफ़ के interior angles का जोड़ 180 होता है। पर क्यों, यह भी 2 बातों को जोड़ने से निकलता है। c और b एक linear pair हैं, इनका जोड़ हमेशा 180, lines समांतर हों या न हों। और lines समांतर हों, तो b की जगह f रख सकते हैं, क्योंकि b बराबर f, तो c और f का जोड़ भी 180। पहली जोड़ में corresponding और vertically opposite मिले थे, यहाँ corresponding और linear pair मिले।

गिनकर देखा गया, समांतर lines की 2148 बनावटों में दोनों जोड़ियों के जोड़ 180 निकले, यानी कुल 4296 जोड़ियाँ, और बाकी बनावटों में एक भी नहीं। एक आम गलती, alternate angles बराबर थे, तो interior angles भी बराबर होंगे। पर ऊपर के आज़माए हुए मान देखो, 50 और 130, 70 और 110, ये बराबर नहीं, इनका जोड़ 180 है। बराबर वे सिर्फ़ तब होते हैं जब दोनों 90 हों, और 2148 बनावटों में ऐसा ठीक 12 बार हुआ, जब transversal lines पर लंब था।

तो याद रखो, alternate में बराबरी, interior में जोड़ 180। एक और जाल, कहीं 2 angles का जोड़ 180 दिखा, तो lines समांतर। पर a और b का जोड़ हर बनावट में 180 है, सभी 384492 में, चाहे lines समांतर हों या न हों। तो जोड़ 180 होना अपने आप में कुछ नहीं बताता, देखना होगा कि जोड़ किन 2 angles का है। अगर वे transversal की एक तरफ़ के interior angles हैं, और उनका जोड़ 180 है, तभी lines समांतर हैं।

क्योंकि तब linear pair से b बराबर f निकलता है, और बराबर corresponding angles समांतर की पक्की जाँच हैं। अब 4 भुजाओं वाली एक आकृति A B C D, जिसमें A B और D C समांतर हैं, और A D और B C भी समांतर। ऐसी आकृति को parallelogram कहते हैं, और A से C तक एक diagonal खींचा है। दिया है, angle D A C बराबर 65, और angle A D C बराबर 60।

बाकी angles निकालो, और ध्यान रहे, parallelogram का कोई खास नियम नहीं चाहिए। तरकीब यह है कि हर भुजा को एक transversal की तरह देखो, जो 2 समांतर भुजाओं को काटती है। भुजा A D, समांतर भुजाओं A B और D C को काटती है, तो D A B और A D C एक तरफ़ के interior angles हैं। इनका जोड़ 180, तो angle D A B बराबर 180 में से 60 घटाओ, यानी 120।

diagonal इस angle को बाँटता है, तो angle C A B बराबर 120 में से 65 घटाओ, यानी 55। अब भुजा D C, समांतर भुजाओं A D और B C को काटती है, तो angle B C D बराबर 180 में से 60, यानी 120। और भुजा B C, A B और D C को काटती है, तो angle A B C बराबर 180 में से 120, यानी 60। सारे कोनों का जोड़, 120, 60, 120 और 60, कुल 360।

एक जाँच alternate angles से भी, diagonal A C, समांतर भुजाओं A B और D C को काटता है, तो angle A C D और angle C A B alternate हैं। इसलिए angle A C D भी 55 होना चाहिए, और नापने पर ठीक 55 ही निकला। यह आकृति निर्देशांकों से बनाकर हर angle नापा गया, सारे मान ठीक यही निकले। पूरी बात एक जगह, पक्की बातें 2, vertically opposite बराबर, और समांतर होने पर corresponding बराबर।

पहला जोड़, corresponding और फिर vertically opposite, इससे alternate angles बराबर। दूसरा जोड़, corresponding और फिर linear pair, इससे एक तरफ़ के interior angles का जोड़ 180। इन्हें 4 अलग नियम मानकर रटने की ज़रूरत नहीं, भूल जाओ, तो छलांगें फिर से लगाकर नतीजा बना लो। और हर नतीजा उल्टा भी चलता है, बराबर alternate, या एक तरफ़ के interior का जोड़ 180, तो lines समांतर। अब खुद करके देखो, कोई भी 2 lines और एक transversal खींचो, और एक angle नापो।

अगर lines समांतर हैं, तो बाकी सारे angles छलांगों से निकालो, हर कदम पर पहचानो कि कौन सी बात लगी। अगर पता नहीं कि समांतर हैं या नहीं, तो 2 angles नापो, और corresponding, alternate या interior से जाँचो। हर बार सवाल एक ही है, इस angle से उस angle तक कौन सी छलांगें ले जाती हैं। याद रखो, पक्की बातें 2 हैं, vertically opposite, और समांतर पर corresponding। alternate angles बराबर, बस समांतर lines पर, और वह 2 छलांगों का नतीजा है।

एक तरफ़ के interior angles का जोड़ 180, बराबर नहीं, जब तक दोनों 90 न हों। जोड़ 180 से समांतर तभी, जब वह जोड़ interior angles का हो। नियम रटो नहीं, छलांगें लगाओ।

यह कहाँ बैठता है

यह उन notes से लिया गया है जिनसे हर video बनी है, पढ़ने के क्रम से नहीं — ये वे ideas हैं जिन पर यह टिका है, और वे जो आगे चलकर इस पर टिकते हैं.

किस पर टिका है

आगे फिर कहाँ आता है

इसके ठीक पहले और ठीक बाद

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