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Chapter 3 · Finding Common Ground

किसी संख्या को primes में तोड़ना, और नतीजा हर बार एक ही क्यों निकलता है

Prime factorisation12 मिनट

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किसी संख्या को कहीं से भी तोड़ना शुरू करो, 90 को 3 गुणा 30 से, 2 गुणा 45 से, या 9 गुणा 10 से, अंत में वही primes मिलते हैं, बस क्रम बदलता है।

मुख्य idea

किसी संख्या को तुम जहाँ से चाहो वहाँ से तोड़ना शुरू कर सकते हो — 90 को 3 × 30 की तरह, या 2 × 45 की तरह, या 9 × 10 की तरह — और हर रास्ता उन्हीं गिने-चुने primes पर ख़त्म होता है, बस किसी और order में। यही स्थिरता पूरी बात का सार है। इसका मतलब है कि prime factorisation 90 के कई विवरणों में से एक विवरण नहीं, बल्कि वही विवरण है, और यही वह चीज़ है जो chapter के बाक़ी सारे काम की इजाज़त देती है: यहाँ से आगे factors, HCF और LCM किसी factorisation से सीधे पढ़े जाते हैं, list बनाकर खोजे नहीं जाते। chapter यह एक जैसापन एक ही संख्या पर दिखाता है और तुमसे कहता है कि इसे अनोखा मानो; वह इसे prove नहीं करता, और किसी व्याख्या को इस बारे में उतना ही ईमानदार होना चाहिए जितनी किताब है।

आपको क्या आना चाहिए

  • बताना कि किसी संख्या के factors एक-एक करके लिखना भरोसेमंद क्यों नहीं है, और उसमें बिगड़ने वाली दो बातों के नाम लेना
  • prime क्या है, यह उसी रूप में बताना जिसमें किताब बताती है
  • किसी दो या तीन अंकों वाली संख्या का prime factorisation निकालना
  • एक ही संख्या को दो अलग पहले splits से तोड़ना और जाँचना कि वही primes निकलते हैं
  • बताना कि chapter उस एक जैसेपन के बारे में क्या दावा करता है, और यह भी कि chapter उसका कोई proof नहीं देता
  • किसी prime का factorisation बताना
  • गोलों वाला factor-tree diagram पढ़ना: बताना कि हर गोले वाली entry अपने दो पड़ोसियों से कैसे बनती है
  • division method चलाना, और divisors तथा आख़िरी quotient को इकट्ठा करके factorisation बनाना

जानने लायक़ शब्द

शब्दएक line में परिभाषाहिंदी / क्षेत्रीय समकक्षपहली बार कहाँ आया
factorवह संख्या जो दी गई संख्या को पूरा-पूरा भाग देगुणनखंडकक्षा 6; इस chapter के पहले page से इस्तेमाल, §3.1, Part II, p.47 में छपा
prime1 से बड़ी वह संख्या जिसके factors सिर्फ़ 1 और वह ख़ुद होंअभाज्य संख्या§3.1, Part II, p.49 में bold subheading की तरह छपा
compositeवह संख्या जिसका 1 और ख़ुद के अलावा भी कोई factor हो, इसलिए उसे अभी और तोड़ा जा सकता हैभाज्य संख्या§3.1, Part II, p.49 में, "Prime Factorisation" subheading के नीचे छपा
prime factorisationसंख्या को primes के गुणनफल के रूप में दोबारा लिखनाअभाज्य गुणनखंडन§3.1, Part II, p.49 में bold subheading की तरह छपा
division methodवह layout जिसमें हर divisor बाईं तरफ़ और हर quotient नीचे लिखा जाता हैविभाजन विधि§3.1, Part II, p.50 में bold में छपा
productहिस्सों को आपस में गुणा करने का नतीजागुणनफल§3.1, Part II, p.50 में छपा
Sieve of Eratosthenesकक्षा 6 का वह तरीक़ा जिससे किसी सीमा तक के primes की list बनती हैएरैटोस्थनीज़ की छलनी§3.1, Part II, p.49 में, याद दिलाने के तौर पर छपा
subpartकिसी factorisation में से काटे गए टुकड़े के लिए chapter का शब्द, अगले topic से इस्तेमालउपभाग§3.1, Part II, p.51 में छपा
factor treep.49 वाले गोलों वाले diagram के लिए इस पाठ का नामगुणनखंड वृक्षइस पाठ का अपना नाम — chapter diagram बनाता है पर उसका कोई नाम नहीं छापता (पूरे बीस pages, pp.47–66, खोलकर पढ़े गए)
uniqueness of the prime factorisationयह बात कि आख़िर में मिलने वाले primes इस पर निर्भर नहीं करते कि तोड़ना कहाँ से शुरू कियाअभाज्य गुणनखंडन की अद्वितीयताइस पाठ का अपना शब्द-समूह; chapter एक जैसेपन को शब्दों में कहता है पर इस chapter में कहीं unique या uniqueness नहीं छापता (pp.47–66 खोलकर जाँचा गया)

Hindi column में standard NCERT Hindi गणितीय शब्दावली है। Ganita Prakash Part II का Hindi संस्करण यहाँ इस्तेमाल हुई सामग्री में नहीं था, इसलिए उस column की किसी चीज़ को Hindi संस्करण से मिलाकर नहीं जाँचा गया — Notes देखें।

लोग कहाँ चूकते हैं

  • "सबसे छोटे prime से शुरू करना ज़रूरी है, वरना जवाब ग़लत आएगा।" 90 वाला उदाहरण इसी धारणा को ख़त्म करने के लिए है। किताब जान-बूझकर 3 × 30 और 2 × 45 को सही पहली चालों के रूप में देती है और उनमें से एक को मंज़िल तक पहुँचते दिखाती है। कोई भी पहला split चलता है; जो व्याख्या "हमेशा पहले 2 से भाग दो" रटवाती है, वह एक आदत को ज़रूरत बनाकर सिखा रही है।
  • "अलग-अलग तरह से तोड़ने पर अलग-अलग factorisations मिलते हैं।" primes किस order में निकलते हैं, यह बदलता है। ख़ुद primes, और हर एक कितनी बार आया, यह नहीं बदलता। इन दोनों बातों को साफ़-साफ़ अलग रखो।
  • "chapter prove करता है कि factorisation हर बार एक ही आता है।" नहीं करता। वह एक उदाहरण हल करता है, नतीजे को अनोखा कहता है, और आगे बढ़ जाता है। यह साफ़ कहो। जो student एक जाँचे हुए उदाहरण को proof समझ ले, उसने उस chapter से ग़लत सबक़ सीखा है जो आगे ठीक इसी फ़र्क़ पर पूरा एक page लगाता है (Part II, §3.1, p.52 और §3.3, p.58)।
  • "prime का कोई prime factorisation नहीं होता।" होता है, एक पद वाला: वह ख़ुद। किताब यह एक line में कहती है क्योंकि यही वह हालत है जिससे आम कथन बिना किसी अपवाद के चलता है।
  • "बड़ी संख्याओं का factorisation करने में ज़्यादा समय लगता है।" 121, 96 से बड़ी है और दो primes में टूटती है, जबकि 96 छह में।
  • "गोलों वाला diagram और lines वाला layout दो अलग तरीक़े हैं।" वे एक ही तरीक़ा हैं, बस गोले मिटा दिए गए हैं। मिटाना दिखाओ।
पूरा transcript1,523 शब्द

किसी संख्या के factors ढूँढने का सीधा तरीका, एक एक करके सूची बनाना। यहाँ 30 के 8 factors, 50 के 6, 28 के 6, और 42 के 8। सूची लंबी होती जाती है, और बीच में कोई छूट जाए, तो पता भी नहीं चलता। और 30 और 50 के साझे factors कौन से हैं, सूची से ढूँढने में कितनी देर लगेगी? अब 1, 2, 5, 10, और 28 और 42 के साझे, 1, 2, 7, 14।

इससे बेहतर एक औज़ार चाहिए, जो सूची बनाए बिना यह सब बता दे। prime वह संख्या, जो 1 से बड़ी हो, और जिसके factors सिर्फ़ 1 और वह खुद। देखो, 50 तक ऐसी 15 संख्याएँ हैं, 2, 3, 5, 7, 11, और आगे। और संख्या 1 prime नहीं है, उसका factor सिर्फ़ एक, वह खुद। जो संख्या और भी टूट सकती है, उसे composite कहते हैं। अब 90 को तोड़ो, 90 बराबर 3 गुणा 30।

यहाँ 30 अभी टूटता है, 2 गुणा 15, तो 90 बराबर 3 गुणा 2 गुणा 15। और 15 भी, 3 गुणा 5, तो 90 बराबर 3 गुणा 2 गुणा 3 गुणा 5। अब हर टुकड़ा prime है, कुछ और नहीं टूटता, यही 90 का prime factorisation है। पर अगर 3 गुणा 30 से नहीं, किसी और जोड़ी से शुरू करें, तो क्या कुछ और मिलेगा? अब 90 बराबर 2 गुणा 45, 45 बराबर 3 गुणा 15, 15 बराबर 3 गुणा 5, तो 2 गुणा 3 गुणा 3 गुणा 5।

या 90 बराबर 9 गुणा 10, 9 बराबर 3 गुणा 3, 10 बराबर 2 गुणा 5, तो 3 गुणा 3 गुणा 2 गुणा 5। तीनों को सजाकर रखो, हर बार वही, 2, 3, 3, 5। सिर्फ़ क्रम बदला, कौन से primes, और हर एक कितनी बार, यह नहीं बदला। एक 2, 2 बार 3, एक 5, तीनों रास्तों में। देखो, 90 को पहली बार 5 तरह से तोड़ सकते हो, 2 गुणा 45, 3 गुणा 30, 5 गुणा 18, 6 गुणा 15, 9 गुणा 10।

आगे के हर टुकड़े को भी हर तरह से तोड़ो, तो कुल 9 रास्ते। सभी 9 रास्ते, उन्हीं 4 primes पर खत्म, 2, 3, 3, 5। एक छोटा उदाहरण जो मन में रह सके, 30 को पहली बार तोड़ो, 2 गुणा 15, या 3 गुणा 10, या 5 गुणा 6। यहाँ 15 बराबर 3 गुणा 5, 10 बराबर 2 गुणा 5, 6 बराबर 2 गुणा 3। तीनों रास्ते, 3 के 3, एक ही अंत पर, 2, 3, 5।

कोई कहेगा, सबसे छोटे prime से ही शुरू करना ज़रूरी है, वरना जवाब गलत होगा। नहीं, 3 गुणा 30 से भी, 9 गुणा 10 से भी, जवाब वही आया। छोटे से शुरू करना एक आदत है, सुविधा के लिए, नियम नहीं। यह बात अद्भुत है, शुरू कहीं से करो, अंत वही primes। पर ईमानदारी से, यह एक संख्या पर दिखा है, साबित नहीं हुआ। और जाँच बढ़ाओ, 2 से 1000 तक, सभी 999 संख्याएँ, हर एक का सिर्फ़ एक अंत, चाहे जैसे तोड़ो।

यह पक्की गवाही है, पर सबूत नहीं, सबूत के लिए हर संख्या की वजह चाहिए। हर factorisation की जाँच आसान है, primes को वापस गुणा करो, वही संख्या आनी चाहिए। जैसे 2 गुणा 3 गुणा 3 गुणा 5, पहले 6, फिर 18, फिर 90। और 2 से 1000 तक, सभी 999 संख्याओं में, मिले primes गुणा होकर वही संख्या देते हैं। तो आदत बना लो, factorisation लिखा, तो एक बार गुणा करके देख लो।

अब उल्टी तरफ़ से, क्या 2 अलग संख्याओं का एक ही अंत हो सकता है? नहीं, 2 से 1000 तक की 999 संख्याएँ, और उनकी prime सूचियाँ भी पूरी 999 अलग अलग। यानी prime factorisation, संख्या की उँगलियों के निशान जैसा, हर संख्या का अपना, और हर बार वही। और किसी prime का prime factorisation, जैसे 37 का, वह क्या होगा, यह भी देखो। अब 37 को तोड़ने का कोई तरीका नहीं, इसलिए उसका factorisation, बस 37।

यही छोटी बात नियम को बिना अपवाद के रखती है, हर संख्या का एक prime factorisation, prime का भी। अब एक सजावट, 105 घेरे में, उसके बाएँ 3, नीचे 35 घेरे में। देखो, 35 के बाएँ 5, नीचे 7, जो अब नहीं टूटता। इसका नियम क्या है, घेरे वाली संख्या, बाएँ और नीचे वाली से कैसे जुड़ी है? घेरे वाली संख्या, बराबर बाएँ वाली गुणा नीचे वाली, 105 बराबर 3 गुणा 35, 35 बराबर 5 गुणा 7।

अब बाएँ वाले स्तंभ से नीचे तक एक लकीर घुमाओ, जो इकट्ठा करे, 3, 5, 7। यानी 105 बराबर 3 गुणा 5 गुणा 7। यहाँ 30 के लिए भी, बाएँ 2, नीचे 15, फिर बाएँ 3, नीचे 5, इकट्ठा, 2 गुणा 3 गुणा 5। अब घेरे मिटाओ, जो बचता है वह भाग वाला तरीका है। बाएँ भाग देने वाली संख्या, दाएँ वह संख्या, और नीचे भागफल, आखिरी भागफल अकेला। घेरे वाला चित्र और भाग वाला तरीका, 2 अलग तरीके नहीं, एक ही तरीका, बस घेरे हटाए।

अब 1200, भाग करते चलो, 2 से, 600, फिर 2 से, 300, फिर 2 से, 150, फिर 2 से, 75। और 75 को 3 से, 25, और 25 को 5 से, 5, जो अकेला खड़ा रहता है। कुल 6 बार भाग, तो 1200 बराबर 2 गुणा 2 गुणा 2 गुणा 2 गुणा 3 गुणा 5 गुणा 5। दूसरा रास्ता, 1200 बराबर 40 गुणा 30, यानी 5 गुणा 8 गुणा 5 गुणा 6।

अब 8 बराबर 2 गुणा 2 गुणा 2, 6 बराबर 2 गुणा 3, और वही 7 primes निकलते हैं। दोनों में कौन सा रास्ता कम मेहनत वाला लगा, यह तुम खुद तय करो, जवाब दोनों का एक। वैसे 1200 को तोड़ने के कुल 386 रास्ते हैं, और अंत हर बार एक। अब 72, एक रास्ता, 8 गुणा 9, 8 बराबर 2 गुणा 2 गुणा 2, 9 बराबर 3 गुणा 3।

दूसरा रास्ता, 6 गुणा 12, 6 बराबर 2 गुणा 3, 12 बराबर 2 गुणा 2 गुणा 3। दोनों में, 3 बार 2, 2 बार 3, कुल 5 primes। देखो, 72 को तोड़ने के कुल 15 रास्ते, और अंत सिर्फ़ 1। अब खुद करो, 84, 2 से भाग, 42, फिर 2 से, 21, फिर 3 से, और बचा 7। यानी 84 बराबर 2 गुणा 2 गुणा 3 गुणा 7। यहाँ 210, बराबर 2 गुणा 3 गुणा 5 गुणा 7, 4 अलग primes, हर एक एक बार।

और 128, 2 से भाग करते जाओ, पूरे 7 बार, सिर्फ़ 2 ही 2। क्या कभी ऐसा होगा कि कोई संख्या टूटती ही जाए, कभी रुके नहीं? नहीं, हर बार जो 2 टुकड़े बनते हैं, दोनों पहले वाली संख्या से छोटे होते हैं, 4 से 1000 तक हर तोड़ में यही। और पूरी संख्याएँ हमेशा के लिए छोटी नहीं होती रह सकतीं, इसलिए कभी न कभी हर टुकड़ा prime बनता है।

कोई सोचेगा, बड़ी संख्या, तो ज़्यादा primes। पर 96 बराबर 2 गुणा 2 गुणा 2 गुणा 2 गुणा 2 गुणा 3, पूरे 6 primes। और 121, जो बड़ा है, बराबर 11 गुणा 11, सिर्फ़ 2। अब एक चित्र, हर संख्या के लिए एक छल्ला, जितने primes, उतने टुकड़े, दोहराए हुए भी गिनकर। हर टुकड़े का रंग उसके prime से, 2 हरा, 3 गुलाबी, 5 नारंगी, 7 नीला, और उससे बड़ा कोई भी, लाल।

और 36 का छल्ला कैसा दिखेगा? अब 36 बराबर 2 गुणा 2 गुणा 3 गुणा 3, तो 4 टुकड़े, हरा, हरा, गुलाबी, गुलाबी। देखो, 34 का छल्ला, हरा, लाल, और 35 का, नारंगी, नीला। यहाँ 37 prime है, तो पूरा छल्ला एक ही टुकड़ा, लाल। और 49 के 2 नीले टुकड़े, और 1 का छल्ला खाली, उसमें कोई prime नहीं। अब 1 से 100 तक, एक टुकड़े वाले छल्ले 25, यानी सारे primes।

सबसे ज़्यादा टुकड़े 6, और ऐसे सिर्फ़ 2 छल्ले, 64 और 96। हर छल्ला उस संख्या की पहचान है, और यह पहचान हर बार एक ही निकलती है। एक झलक, 90 बराबर 2 गुणा 3 गुणा 3 गुणा 5, factor बनाने के लिए, 2 लो या न लो, 3 को 0, 1 या 2 बार, 5 लो या न लो। कुल 2 गुणा 3 गुणा 2, यानी 12 factors, और सूची बनाकर गिनो, तो भी 12।

और 30 बराबर 2 गुणा 3 गुणा 5, 50 बराबर 2 गुणा 5 गुणा 5, साझा एक 2 और एक 5। तो साझे factors, 1, 2, 5, और 2 गुणा 5, यानी 10, वही जो सूची बनाने पर मिलते, पर बिना सूची के। देखो, 1200 में, 2 आता है 4 बार, 3 आता है 1 बार, 5 आता है 2 बार, तो factors, 5 गुणा 2 गुणा 3, यानी 30।

गिनकर देखो, 1200 के factors पूरे 30, सूची बनाए बिना पता चल गया। और 2 से 1000 तक, 168 संख्याएँ prime हैं, एक ही टुकड़ा, कोई तोड़ नहीं। यहाँ 100 तक सबसे ज़्यादा रास्ते 96 के, पूरे 20, फिर भी अंत एक। इसलिए prime factorisation किसी संख्या का एक वर्णन नहीं, वही वर्णन है। आगे से factors, साझे factors, और साझे गुणज, सूची बनाकर नहीं, factorisation से सीधे पढ़े जाएँगे।

और यह तभी जायज़ है, जब factorisation हर बार एक ही आए। किसी संख्या को तब तक तोड़ो, जब तक हर टुकड़ा prime न हो जाए। शुरू कहीं से करो, primes वही, बस क्रम बदलता है। यह बहुत जाँचा गया है, पर यहाँ साबित नहीं किया गया। prime का factorisation वह खुद है। घेरे वाला चित्र और भाग वाला तरीका, एक ही चीज़।

यह कहाँ बैठता है

यह उन notes से लिया गया है जिनसे हर video बनी है, पढ़ने के क्रम से नहीं — ये वे ideas हैं जिन पर यह टिका है, और वे जो आगे चलकर इस पर टिकते हैं.

किस पर टिका है

आगे फिर कहाँ आता है

इसके ठीक पहले और ठीक बाद

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