PrepShorts · पढ़ाई की शीट · Class 6 Mathematics · Chapter 9, Symmetry
यह video load नहीं हो सकी. फिर से कोशिश करने के लिए page reload करें.
Sign in with Google12 min.
इस chapter में अपनी जगह बनाए रखिए — sign in करें, यह free है.Sign in करें
कक्षा 6 की सभी Hindi videos · सभी Hindi videos
किसी आकृति से 2 बिल्कुल अलग सवाल पूछे जा सकते हैं — क्या वो मुड़कर ख़ुद पर आती है, और क्या वो पूरे चक्कर से पहले घूमकर ख़ुद पर आती है — और लोग दोनों के लिए एक ही शब्द बोलते हैं: symmetric। पर चारों जवाब सच में होते हैं। फिरकी घूमती है, कभी मुड़ती नहीं। पट्टी मुड़ती है, कभी घूमती नहीं। square दोनों करता है। अलग-अलग भुजाओं वाला त्रिभुज, कुछ नहीं।
मुख्य idea
chapter इस बात पर ज़ोर देकर ख़त्म होता है कि दर्पण line और काम करने वाला घुमाव अलग-अलग गुण हैं: हर एक दूसरे के बिना हो सकता है, इसलिए symmetric शब्द तब तक कुछ नहीं कहता जब तक तुम यह न बताओ कि कौन-सा test चलाया गया। पर अलग होने का मतलब बेमेल होना नहीं — जैसे ही किसी figure के पास एक भी दर्पण line हो, उसकी दर्पण lines और उसके घुमाव गिनती में बराबर निकलते हैं, और इसीलिए regular polygons, Parliament की outline और अशोक चक्र, हर एक दोनों बार एक ही जवाब देते हैं।
आपको क्या आना चाहिए
- दोनों tests अलग-अलग बताना और कहना कि हर एक क्या नापता है
- ऐसी figure देना जिसमें घुमाव हों पर दर्पण line न हो, और ऐसी जिसमें दर्पण line हो पर घुमाव न हो
- figures के एक set को उन चार मामलों में बाँटना जिनका नाम chapter का समापन वाला कथन लेता है
- समझाना कि हर angle, चाहे कोई भी हो, circle का angle of symmetry क्यों है
- समझाना कि circle का हर diameter line of symmetry क्यों है
- बताना कि सबसे छोटे angle वाले नियम का अपवाद circle क्यों है
- एक ही figure की lines और angles of symmetry, दोनों गिनना और दोनों संख्याओं की तुलना करना
- दोनों गुणों के बताए गए मेल वाली figure का sketch बनाना, या बताना कि क्यों नहीं बन सकता
जानने लायक़ शब्द
| शब्द | एक line में मतलब | हिंदी / क्षेत्रीय समकक्ष | पहली बार कहाँ आया |
|---|---|---|---|
| reflection symmetry | कम से कम एक line of symmetry होने का गुण | परावर्तन सममिति | §9.1, p.222 — वहाँ bold में छपा |
| rotational symmetry | पूरे घुमाव से कम का कोई angle of symmetry होने का गुण | घूर्णन सममिति | §9.2, p.230 — वहाँ bold में छपा, और Summary, p.241 में तय |
| line of symmetry | वह line जिस पर figure मुड़कर अपने ऊपर आ जाती है | सममिति रेखा | §9.1, p.219 — वहाँ bold में छपा और परिभाषित |
| angle of symmetry | घुमाव का ऐसा angle जिसके बाद figure बिना छुई हुई दिखे | सममिति कोण | §9.2, p.230 — वहाँ bold में छपा |
| circle | वह figure जिसे केंद्र के चारों ओर का हर घुमाव बिना बदले छोड़ देता है | वृत्त | §9.2, p.237 — उसकी symmetries पर bold sub-heading |
| rim | circle का किनारा | परिधि | §9.2, p.237 — वहाँ diameter बनाने में इस्तेमाल |
| diameter | केंद्र से होकर जाने वाला segment जिसके दोनों सिरे किनारे पर हों | व्यास | §9.2, p.237 — वहाँ छपा, और line of symmetry बताया गया |
| regular polygon | बराबर भुजाओं और बराबर angles वाली कई भुजाओं की figure | सम बहुभुज | §9.2, p.239, Q8 — वहाँ नाम लिया गया, Chapter 1, §1.5, Table 3, p.10 से |
| Ashoka Chakra | राष्ट्रीय ध्वज का चौबीस तीलियों वाला पहिया | अशोक चक्र | §9.2, p.239, Q11 — वहाँ नाम लिया गया |
| Koch Snowflake | Chapter 1 के shape sequences में आख़िरी | — (notes देखें) | §9.2, p.239, Q10 — वहाँ नाम लिया गया; sequence ख़ुद Chapter 1, §1.5, Table 3, p.10 में छपा है |
| independent | दो गुणों के लिए कहा जाता है जब कोई भी दूसरे के बिना हो सके | — | दोनों tests के रिश्ते के लिए इस व्याख्या का शब्द — इस chapter में नहीं छपा |
हिंदी column में NCERT की standard हिंदी गणितीय शब्दावली दी गई है। इसे Ganita Prakash के हिंदी संस्करण से उतारा नहीं गया है — Notes देखें।
लोग कहाँ चूकते हैं
- "symmetric का मतलब दर्पण-symmetric है।" फिरकी इस सोच को ख़त्म करती है, और इसीलिए chapter इस अंतर पर एक वाक्य नहीं, पूरा section लगाता है।
- "अगर figure में rotational symmetry है तो उसकी दर्पण line भी होनी चाहिए।" तिरछा parallelogram वह उलटा उदाहरण है जो chapter Q3(c), p.238 पर माँगता है: आधा घुमाव काम करता है, और कोई fold नहीं।
- "अगर figure की दर्पण line है तो उसमें rotational symmetry होनी चाहिए।" p.232 की trapezium वाली पट्टी और Q3(d) का kite, दोनों मना कर देते हैं।
- "circle की एक line of symmetry होती है — लेटी वाली।" किनारे के हर point से होकर एक जाती है। एक diameter से हर diameter तक पहुँचना ही section 8 की पूरी बात है।
- "हर figure का कोई सबसे छोटा angle of symmetry होता है।" chapter कहता है कि ज़्यादातर का होता है और circle का नहीं। तुम कोई भी angle बताओ, उसका आधा भी काम करता है — इसलिए कोई सबसे छोटा नहीं है।
- "lines की संख्या और angles की संख्या हमेशा बराबर होती है।" सिर्फ़ तब, जब कम से कम एक line हो। फिरकी के चार angles हैं और कोई line नहीं।
- "गिनतियाँ संयोग से बराबर हैं।" section 11 वजह देता है: एक दर्पण line के पार मोड़ो और फिर दूसरी के पार, तो दोनों folds मिलकर एक घुमाव हैं; मोड़ो और फिर घुमाओ, तो वह किसी तीसरी line के पार fold है। इसलिए दर्पण और घुमाव एक-एक करके जोड़ी बना लेते हैं।
Ask your teacher a person
Your teacher reads this and writes back, usually within a day. For an instant answer, use Ask the video in the sidebar.
Your class sees the question and the answer. Only your teacher sees that it was you.
No questions on this topic yet.
Worked answers to this chapter’s exercises · this video explains Figure it Out · 4 Q2, Figure it Out · 4 Q3, Figure it Out · 4 Q7, Figure it Out · 4 Q10, Figure it Out · 4 Q11
पूरा transcript1,684 शब्द
किसी आकृति के बारे में 2 बिल्कुल अलग सवाल पूछे जा सकते हैं, और लोग दोनों के लिए एक ही शब्द बोलते हैं। पहला सवाल: क्या कोई ऐसी fold line है, जिस पर मोड़ने से दोनों आधे हिस्से ठीक एक-दूसरे पर आ जाएँ? दूसरा सवाल: क्या पूरे चक्कर से छोटा कोई ऐसा चक्कर है, जिसके बाद आकृति बिल्कुल वैसी ही दिखे? दोनों को symmetry कहा जाता है: पहले को reflection symmetry, दूसरे को rotational symmetry।
पर ये अलग-अलग सवाल हैं। कोई आकृति एक सवाल में पास और दूसरे में फ़ेल हो सकती है, और ऐसा किसी भी तरफ़ से हो सकता है। इसलिए सिर्फ़ ये कहना कि आकृति symmetric है, कुछ नहीं बताता, जब तक आप ये न बताएँ कि कौन सा test चलाया। तो चलिए, चारों मुमकिन जवाब सच में होते हुए देखते हैं, एक-एक करके। शुरुआत काग़ज़ की एक फिरकी से, जिसके 4 पंख हैं, हर पंख पिछले से चौथाई चक्कर घूमा हुआ।
इसे खड़ा मोड़िए, तो दोनों आधे नहीं मिलते। लेटा मोड़िए, तो भी नहीं मिलते। कोने से कोने तक, किसी भी तरफ़: नहीं। और ये अंदाज़ा नहीं है: हर मुमकिन fold line जाँची गई, और कहीं भी कोई नहीं चली। यानी 0 fold lines। fold वाले test से ये आकृति बिल्कुल symmetric नहीं है। अब centre पकड़कर इसे चौथाई चक्कर घुमाइए। ये ठीक ख़ुद पर आ जाती है। 4 angles of symmetry: 90, 180, 270 और 360 degree।
4 angles, पर एक भी fold line नहीं। मोड़ने पर नहीं, घुमाने पर हाँ। ये पहला case है। तो symmetric का मतलब हमेशा मोड़ने वाली symmetry नहीं होता। ये फिरकी उस सोच को यहीं ख़त्म कर देती है। अब उल्टा case देखिए, जहाँ मोड़ना चले और घुमाना नहीं। ये एक पट्टी है: नीचे का किनारा 8 लंबा, ऊपर का 4, और दोनों सिरे अंदर की ओर झुके हुए। इसे बीच से खड़ा मोड़िए, और दोनों आधे हिस्से पूरी तरह मिल जाते हैं।
1 fold line। अब centre पर आधा चक्कर घुमाइए। पट्टी उल्टी हो जाती है, चौड़ा किनारा ऊपर, और अपनी पुरानी जगह से मेल नहीं खाती। एक और आधा चक्कर, और ये वापस आ जाती है। पर ये कुल मिलाकर पूरा चक्कर है, और पूरा चक्कर तो हर आकृति पर चलता है। पूरे चक्कर से छोटा कोई भी चक्कर नहीं चलता। 1 fold line, और rotational symmetry नहीं। ध्यान दीजिए: जब कहते हैं कि इसका कोई angle नहीं, तो मतलब है 360 से छोटा कोई नहीं।
360 तो हमेशा चलता है। 2 बराबर भुजाओं वाला त्रिभुज भी यही करता है: बीच से 1 fold line, और घुमाने पर एक भी चक्कर नहीं। ये दूसरा case है: मोड़ने पर हाँ, घुमाने पर नहीं। तीसरा case सबसे जाना-पहचाना है। अब एक square लीजिए। खड़ा मोड़िए, तो हाँ; लेटा मोड़िए, तो भी हाँ। एक diagonal पर हाँ, और दूसरे पर भी हाँ। यानी 4 fold lines। अब घुमाइए: चौथाई चक्कर पर हाँ, आधे पर हाँ, 3 चौथाई पर भी हाँ, और पूरा चक्कर तो है ही।
यानी 4 angles। 4 और 4। ये दोनों test पास करता है। ऐसी आकृतियाँ हम सबसे पहले देखते हैं, इसीलिए लोग मान लेते हैं कि दोनों test हमेशा साथ चलते हैं। हाँ, अक्सर दोनों साथ चलते हैं। पर ज़रूरी नहीं। ये फ़र्क़ याद रखिए। चौथा case: एक त्रिभुज, जिसकी तीनों भुजाएँ अलग-अलग लंबाई की हैं। कोई fold line नहीं: जैसे भी मोड़िए, आधे हिस्से कभी नहीं मिलते। और कोई चक्कर भी नहीं, क्योंकि आकृति ख़ुद पर तभी आए, जब हर कोना किसी अपने जैसे कोने पर पहुँचे, और यहाँ कोई 2 कोने एक जैसे नहीं।
0 और 0। ये दोनों test में फ़ेल है। और यही आम हालत है। बादल, किसी समुद्र का किनारा, काग़ज़ पर खिंची आड़ी-तिरछी लकीर: बिना सोचे बनी लगभग हर चीज़ इसी खाने में आती है। symmetry ख़ास case है, आम नहीं। अब इन चारों को 4 खानों वाले एक square में रखिए। सबसे ऊपर सवाल है, कि ये मुड़ती है या नहीं? बगल में: घूमती है या नहीं? दोनों हाँ: square।
जो सिर्फ़ घूमे, वो फिरकी। सिर्फ़ मुड़े: पट्टी। कुछ नहीं: अलग-अलग भुजाओं वाला त्रिभुज। और हर खाने में कुछ न कुछ है। कोई खाना ख़ाली नहीं। यानी ये 2 गुण एक-दूसरे से आज़ाद हैं। कोई भी दूसरे को ज़बरदस्ती नहीं लाता, किसी भी तरफ़ से। एक और परख: क्या कोई 4 भुजाओं वाली आकृति घूमे, पर कभी न मुड़े? हाँ: एक तिरछा parallelogram, जिसकी भुजाएँ 4 और 5 हैं। आधा चक्कर चलता है, पर कोई fold line नहीं।
और उल्टा: एक पतंग की आकृति बीच से 1 बार मुड़ती है, पर कभी घूमती नहीं। इसीलिए अकेला शब्द symmetric किसी सवाल का पूरा जवाब नहीं। हमेशा बताइए कि कौन सा test। अब एक आकृति जो इस पूरे topic के हर pattern को तोड़ देती है: circle। इसे centre पर चौथाई चक्कर घुमाइए: ये ख़ुद पर आ जाता है। पाँचवाँ हिस्सा घुमाइए: हाँ। और 1 degree घुमाइए, तो भी हाँ।
और 17 degree पर भी हाँ। जबकि 17 किसी और आकृति के लिए नामुमकिन था, क्योंकि वो 360 में पूरा नहीं जाता। कोई भी angle, जो आप सोच सकें, उसके साथ भी जो degree के टुकड़े हों। वजह ये है: किनारे का हर point centre से बिल्कुल बराबर दूरी पर है, इसलिए घुमाने पर हर point किनारे पर ही खिसककर किसी दूसरे point पर जाता है। कुछ भी किनारे से बाहर नहीं जाता, और किनारे के सिवा कुछ बना ही नहीं था।
तो तस्वीर बदल ही नहीं सकती, angle जो भी हो। और ये सिर्फ़ कुछ angles पर जाँचा नहीं गया: दूरी वाला हिसाब एक ऐसी बराबरी है जो 81 points के जाल पर सच निकली, और इतने points पर सच होना उसे हर angle के लिए साबित कर देता है। अब circle को मोड़कर देखिए। बीच से सीधा खड़ा मोड़ना चलता है, दोनों आधे हिस्से एक-दूसरे पर आ जाते हैं। यहाँ तक सब आम है।
पर अब किनारे पर कोई भी point चुनिए। उसे centre से जोड़िए, और line को सीधा दूसरी तरफ़ तक ले जाइए। ये line एक diameter है, और ये भी fold line है, उसी वजह से। इस पर मोड़ने से हर point की centre से दूरी वही रहती है, तो किनारे का हर point फिर किनारे पर ही गिरता है। और आप किनारे पर कहीं से भी शुरू कर सकते हैं।
तो diameters अनगिनत हैं, और उनमें से हर एक fold line है। तो circle की 1 fold line नहीं, न सिर्फ़ लेटी वाली। हर diameter, बिना किसी अपवाद के। इसी से circle उस नियम का अपवाद बन जाता है, जिस पर हमने पहले भरोसा किया था। बाक़ी हर आकृति के angles एक सबसे छोटे angle के गुने होते हैं, और वो सबसे छोटा angle 360 में पूरा जाता है। circle का कोई सबसे छोटा angle है ही नहीं।
कोई नाम लीजिए, जैसे 1 बटा 10 degree का angle। पर तब 1 बटा 20 degree भी चलता है, और वो छोटा है। फिर आधा कीजिए, और फिर, और फिर। 40 बार आधा करने के बाद भी angle बचा रहता है, और वो भी चलता है। आधा करना कभी ख़त्म नहीं होता। तो circle के angles अनगिनत हैं, पर सबसे छोटा कोई नहीं। ये वो अकेली आकृति है जिस पर वो नियम लागू ही नहीं होता।
इसके मुक़ाबले 3 पंखों वाला पंखा देखिए: 120, 240, 360, और सबसे छोटा साफ़ है, 120। अब एक ही आकृति के लिए दोनों गिनतियाँ कीजिए, और कुछ दिलचस्प होने लगता है। ये ऊपर से देखी गई एक इमारत का नक़्शा है: 3 बराबर भुजाओं वाला त्रिभुज, जिसके तीनों कोने काट दिए गए। 3 fold lines, और 3 angles: 120, 240, 360। 3 और 3। पर सावधान: कोने ठीक तिहाई पर काटें, तो सारी 6 भुजाएँ बराबर हो जाती हैं, और जवाब उछलकर 6 और 6 हो जाता है।
कहाँ काटा, वही तय करता है। बराबर भुजाओं और बराबर कोनों वाली आकृतियाँ: 5 भुजाएँ, 5 lines और 5 angles। 6 भुजाएँ, 6 और 6। 7, 8, 9, 10: हर बार वही संख्या, 2 बार। 24 तीलियों वाला पहिया: 24 fold lines और 24 angles, और सबसे छोटा angle है 360 बटा 24, यानी 15 degree। इन सबमें दोनों गिनतियाँ बराबर निकलीं। क्या ये इत्तफ़ाक़ है? पहले ये याद कीजिए, कि गिनतियाँ हमेशा बराबर नहीं होतीं।
फिरकी की 0 fold lines थीं और 4 angles। ये इत्तफ़ाक़ नहीं है, और इसकी वजह आप ख़ुद देख सकते हैं। square पर देखिए। पहले खड़ा मोड़िए, फिर एक diagonal पर। दोनों मोड़ मिलकर ठीक एक चौथाई चक्कर बन जाते हैं, और वो चक्कर दोनों fold lines के बीच के 45 degree का दुगुना है। अब किसी भी आकृति को लीजिए जिसकी कम से कम 1 fold line है। उनमें से एक चुन लीजिए, और उसे अपना fold कहिए।
फिर अपना fold कीजिए, और उसके बाद आकृति का कोई भी चक्कर। दोनों क़दम आकृति को ख़ुद पर लाते हैं, तो मिलकर भी लाते हैं। और ये मेल एक fold निकलता है, किसी दूसरी line पर। अलग-अलग चक्कर अलग-अलग folds देते हैं, और इस तरह हर fold line मिल जाती है। यानी चक्कर और folds की जोड़ियाँ बन जाती हैं, एक के बदले एक। इसीलिए दोनों गिनतियाँ बराबर हैं। और ये बात यहाँ की हर उस आकृति पर जाँची गई जिसकी fold line है, और हर बार जोड़ियाँ पूरी बनीं।
पर इस तर्क को शुरू करने के लिए 1 fold line चाहिए। फिरकी में एक भी नहीं, कुछ जुड़ता नहीं, और गिनती 0 और 4 रहती है। parallelogram में 0 और 2। आख़िर में एक आकृति, जो सब कुछ एक साथ परखती है। 3 बराबर भुजाओं वाले त्रिभुज से शुरू कीजिए: 3 fold lines, 3 angles। अब हर भुजा के बीच से एक उभार बाहर निकालिए। 6 नोकों वाला तारा बनता है, 12 कोनों वाला।
फिर गिनिए: 6 fold lines, 6 angles। यही हर 12 भुजाओं पर कीजिए: 48 कोने, आकृति और नुकीली, पर गिनती अब भी 6 और 6। दूसरी आकृति से आगे गिनती हिलती ही नहीं, क्योंकि हर भुजा के साथ ठीक एक जैसा बर्ताव होता है। तो: 2 test, 4 मुमकिन जवाब, और एक शब्द जो दोनों का काम कर रहा है। एक भी fold line हो, तो दोनों गिनतियाँ बराबर। और circle, जिसका कोई सबसे छोटा angle नहीं।
अगली बार कोई कहे कि आकृति symmetric है, तो पूछिए: कौन सा test? इससे सच में फ़र्क़ पड़ता है।
यह कहाँ बैठता है
यह उन notes से लिया गया है जिनसे हर video बनी है, पढ़ने के क्रम से नहीं — ये वे ideas हैं जिन पर यह टिका है, और वे जो आगे चलकर इस पर टिकते हैं.
किस पर टिका है
- A line of symmetry is a fold that makes the halves coincideकक्षा 6 · Ch 9, Symmetry
- Why a figure can have several lines of symmetryकक्षा 6 · Ch 9, Symmetry
- An angle of symmetry: turning a figure onto itselfकक्षा 6 · Ch 9, Symmetry
- Counting the angles of symmetry of polygons and radial-arm figuresकक्षा 6 · Ch 9, Symmetry
- Shapes come in sequences too, with rules of their ownकक्षा 6 · Ch 1, Patterns in Mathematics
इसके ठीक पहले और ठीक बाद
- Numbering the floors below the ground: why zero needs another sideकक्षा 6 · Ch 10, The Other Side of Zero