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Chapter 6 · Perimeter and Area

Perimeter, यानी पूरा चक्कर लगाने की दूरी

Perimeter13 मिनट

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किसी बंद आकृति की किनारी पर उँगली रखकर एक बार पूरा चक्कर लगाइए — उँगली ने जितनी दूरी तय की, वही परिमाप है। अंदर की जगह नहीं, किनारी का सफ़र। बहुभुज को कोनों पर काटकर सीधा बिछा दीजिए, तो वही सफ़र भुजाओं का जोड़ बन जाता है।

मुख्य idea

Perimeter किसी आकृति के अंदर की कोई ख़ासियत नहीं है; वह उसके किनारे के चारों ओर एक सफ़र की लंबाई है, और पूरा §6.1 उस सफ़र को सचमुच का सफ़र मानकर बना है — दो लड़कियाँ सचमुच उसे दौड़ती हैं, और उसमें ठीक बैठने के लिए सचमुच lace ख़रीदनी पड़ती है। उसे सचमुच मानने का एक तीखा नतीजा निकलता है, जिसे chapter दो बच्चों की बहस की तरह रखता है: किसी boundary को गिना तभी जा सकता है जब उसके साथ-साथ हर step एक ही लंबाई का हो। dot grid पर तिरछे steps सीधे steps से लंबे होते हैं, इसलिए जो triangle नौ steps दिखाता है वह नौ units लंबा नहीं है, और अकेला ईमानदार जवाब दो अलग-अलग units को साथ-साथ रखता है।

आपको क्या आना चाहिए

  • बताना कि perimeter क्या नापता है, और वह एक लंबाई क्यों है, कोई region नहीं
  • किसी polygon का perimeter उसकी sides की लंबाइयों से निकालना
  • किसी word problem में पहचानना कि माँगी गई चीज़ कब perimeter है — lace, tape, fencing, रस्सी, track का एक चक्कर
  • perimeter और एक को छोड़कर बाक़ी सभी sides दी हों, तो छूटी हुई side निकालना
  • अलग-अलग बार दौड़े गए दो बंद रास्तों की तुलना करना, और तय करना कि किसकी कुल दूरी ज़्यादा है
  • दौड़ी गई दूरी दी हो, तो बंद track पर बीच रास्ते की जगह ढूँढ़ना
  • समझाना कि grid के diagonal के आर-पार वाला step उसके साथ-साथ वाले step से लंबा क्यों है
  • dot-grid आकृति का perimeter किताब के दो units वाले छोटे रूप में लिखना, और बताना कि एक अकेली संख्या से काम क्यों नहीं चलेगा

जानने लायक़ शब्द

शब्दएक line में परिभाषाहिंदी / क्षेत्रीय समकक्षपहली बार कहाँ आया
perimeterकिसी बंद आकृति के चारों ओर पूरे रास्ते की लंबाईपरिमाप§6.1, p.129 पर छपा और परिभाषित
polygonबंद, सपाट आकृति जिसकी boundary line segments से बनी होबहुभुज§6.1, p.129 पर bold में छपा
closed plane figureसपाट आकृति जिसकी boundary वहीं लौट आती है जहाँ से शुरू हुई थीबंद समतल आकृति§6.1, p.129 पर छपा
boundaryवह किनारा जिसके साथ-साथ आप आकृति का चक्कर लगाते हुए चलते हैंपरिसीमा§6.1, p.129 पर छपा
sideउन सीधे किनारों में से एक जिनसे polygon बनता हैभुजा§6.1, p.129 पर छपा
sidelengthएक side की लंबाई, जिसे यह किताब एक ही शब्द में लिखती हैभुजा की लंबाई§6.1, p.132 पर छपा
straight unit (s)किताब के dot grid पर दो step-लंबाइयों में से छोटीसीधी इकाई§6.1, p.135 पर छपा
diagonal unit (d)dot grid के किसी square के आर-पार जाने वाला लंबा, तिरछा stepविकर्ण इकाई§6.1, p.135 पर छपा
roundकिसी बंद track के साथ-साथ एक पूरा चक्करचक्कर§6.1, p.133 पर छपा
lapऐसे एक चक्कर के लिए दूसरा शब्दचक्करव्याख्या का अपना शब्द; इस chapter में नहीं छपा

Hindi column में standard Hindi गणितीय शब्दावली दी गई है। Ganita Prakash का Hindi संस्करण इस brief के लिए इस्तेमाल किए गए corpus में नहीं है, इसलिए इन शब्दों को Hindi छपाई से नहीं मिलाया गया — Notes देखें।

लोग कहाँ चूकते हैं

  • "Perimeter यह है कि अंदर कितनी जगह है।" पूरे chapter की सबसे आम ग़लती, और यही वजह है कि किताब दौड़ने, lace ख़रीदने और fencing से शुरू होती है — इनमें से हर एक ऐसी लंबाई है जिसका दाम metre के हिसाब से चुकाया जाता है।
  • "लंबा track यानी लंबी दौड़।" Toshi का loop Akshi के loop से छोटा है, फिर भी Toshi ज़्यादा दूरी तय करती है, क्योंकि वह ज़्यादा बार चक्कर लगाती है। दौड़ी गई दूरी = चक्कर × perimeter.
  • "रस्सी के तीन चक्करों के लिए खेत की length की तीन गुना रस्सी चाहिए।" उसके लिए perimeter की तीन गुना रस्सी चाहिए। सवाल 6 (p.132) ठीक इसी ग़लती को पकड़ने के लिए है।
  • "नौ steps यानी नौ units।" Section 10 का दिल यही है। कोई step तभी unit है जब सारे steps बराबर हों, और dot grid पर वे बराबर नहीं हैं।
  • "तो diagonal भी लगभग उतना ही है, इसे 9 मान लो।" Toshi "थोड़ा ज़्यादा" नहीं कहती; वह कहती है कि यह 9 हो ही नहीं सकता। बहस को पूरा चलने दो और नाप को फ़ैसला करने दो, जवाब सीधे घोषित मत करो।
  • "6s + 3d को सरल करके 9 units लिखना चाहिए।" बिल्कुल नहीं। किताब दोनों letters को इसीलिए अलग रखती है कि दोनों steps की लंबाई अलग है; उन्हें मिला देने से पूरी बात ही ख़त्म हो जाती है।
  • "सिर्फ़ formula वाली आकृतियों का perimeter होता है।" Estimate and Verify में अख़बार से काटी गई आकृतियों का कोई formula नहीं है, फिर भी उनकी boundary की एक तय लंबाई है।
पूरा transcript1,721 शब्द

कोई भी बंद आकृति बनाइए — बस इतना ध्यान रहे कि उसकी line वहीं लौट आए, जहाँ से शुरू हुई थी। अब उसकी किनारी पर उँगली रखिए और एक बार पूरा चक्कर लगाइए। उँगली ने जितनी दूरी तय की, वही उस आकृति का परिमाप है। बस, यही पूरी परिभाषा है। और ध्यान दीजिए कि परिमाप क्या नहीं है। अंदर कितनी जगह है, ये परिमाप नहीं। आपकी उँगली अंदर गई ही नहीं।

और अगर line खुली हो? तो उँगली कभी वहाँ लौटती ही नहीं जहाँ से चली थी। चक्कर पूरा नहीं होता, इसलिए खुली line का कोई परिमाप नहीं होता। परिमाप किनारी के साथ-साथ किया गया सफ़र है। ये एक लंबाई है, जिस पर आप चल सकते हैं। अब मान लीजिए आकृति एक बहुभुज है — यानी एक बंद आकृति, जिसकी हर भुजा सीधी है। तब उसकी सीमा बस सीधे टुकड़े हैं, एक के बाद एक जुड़े हुए।

तो चलने की बजाय, उसे कोनों पर काटिए और सबको एक सीधी line में बिछा दीजिए। उस line की लंबाई सारी भुजाओं का जोड़ है। मोड़ी हुई डोरी भी उतनी ही लंबी होती है, जितनी सीधी। कोनों पर काटने से कुछ घटता नहीं, और कुछ जुड़ता भी नहीं। हर टुकड़ा ठीक उतना ही लंबा रहता है जितना किनारी पर था। इसीलिए बहुभुज का परिमाप है — सारी भुजाओं की लंबाई का जोड़।

ये रटने वाला नियम नहीं, वही सफ़र है, बस गिनती से। एक मेज़पोश है, 3 मीटर लंबा और 2 मीटर चौड़ा। उसके चारों ओर लेस लगानी है। कितनी लेस चाहिए? 3 जोड़ 2 जोड़ 3 जोड़ 2 — 10 मीटर। और लेस मीटर के हिसाब से ही बिकती है। और ध्यान दीजिए। मेज़पोश के किनारे-किनारे चलिए तो 10 मीटर। भुजाएँ जोड़िए तो भी 10 मीटर। 2 तरीके, एक ही जवाब — क्योंकि दोनों एक ही काम हैं।

या एक पार्क, 150 मीटर लंबा और 120 मीटर चौड़ा, जिसके चारों ओर बाड़ लगानी है। परिमाप 540 मीटर, तो 540 मीटर बाड़। और 75 मीटर भुजा वाला एक वर्गाकार पार्क, जिसके 3 चक्कर लगाने हैं। एक चक्कर 300 मीटर, तो 3 चक्कर 900 मीटर। लेस, बाड़, दौड़ — हर बार किनारी के चारों ओर की एक लंबाई। अब उल्टा चलिए। एक आयत का परिमाप 14 सेंटीमीटर है और चौड़ाई 2 सेंटीमीटर।

लंबाई कितनी है? परिमाप में लंबाई और चौड़ाई 2-2 बार आती हैं। इसलिए लंबाई और चौड़ाई का जोड़ है 14 का आधा, यानी 7। लंबाई 5 सेंटीमीटर। जाँच कर लीजिए। इसके लिए 5 और 2 वाली आयत के चारों ओर चलिए — 5, फिर 2, फिर 5, फिर 2। कुल 14। जवाब ठीक है। 20 सेंटीमीटर परिमाप वाले वर्ग की हर भुजा? 4 बराबर भुजाएँ, तो 5 सेंटीमीटर। एक आयत, परिमाप 12 मीटर, लंबाई 3 मीटर।

जोड़ 6, तो चौड़ाई भी 3। ये तो वर्ग निकला — और सवाल फिर भी सही था। एक त्रिभुज का परिमाप 55 सेंटीमीटर, 2 भुजाएँ 20 और 14। तीसरी भुजा 55 में से 34 घटाकर 21। 5 गुणा 3 सेंटीमीटर का तार का आयत खोलकर वर्ग बना दीजिए। तार 16 सेंटीमीटर का है, तो वर्ग की भुजा 4। हर बार एक ही बात हुई। परिमाप पता हो, और बस एक भुजा गायब हो, तो परिमाप उस भुजा को तय कर देता है।

एक खेत है, 230 मीटर लंबा और 160 मीटर चौड़ा, और उसके चारों ओर रस्सी के 3 घेरे लगाने हैं। रस्सी कितनी चाहिए? खेत की लंबाई का 3 गुना नहीं, परिमाप का 3 गुना। परिमाप 780 मीटर, तो रस्सी 2340 मीटर। जल्दी में कई लोग लंबाई को 3 से गुणा कर देते हैं — 690 मीटर। पर इतनी रस्सी से तो खेत का एक घेरा भी पूरा नहीं होगा। एक घेरे के लिए ही 780 मीटर चाहिए।

रस्सी हर घेरे में पूरी किनारी घूमती है। तो जितने घेरे, उतने परिमाप — एक भुजा कभी नहीं। 36 सेंटीमीटर की एक डोरी लीजिए। पहले उससे वर्ग बनाइए — 4 बराबर भुजाएँ, हर एक 9 सेंटीमीटर। अब खोलकर बराबर भुजाओं वाला त्रिभुज — 3 भुजाएँ, हर एक 12 सेंटीमीटर। और बराबर भुजाओं वाली 6 भुजाओं की आकृति — हर भुजा 6 सेंटीमीटर। 3 बिल्कुल अलग आकृतियाँ, और हर एक का परिमाप 36 सेंटीमीटर।

क्योंकि डोरी वही है। आप इस डोरी से कोई भी आकृति बना लीजिए। जब तक पूरी डोरी लगे और उसके दोनों सिरे आपस में मिलें, परिमाप 36 सेंटीमीटर ही रहेगा। आकृति बदलती है, चक्कर की लंबाई नहीं। अब 2 धावक, 2 पटरियों पर — एक पटरी दूसरी के अंदर। बाहरी पटरी 70 मीटर लंबी और 40 मीटर चौड़ी है — एक चक्कर 220 मीटर। अंदर वाली 60 गुणा 30 — एक चक्कर 180 मीटर।

पहला धावक बाहरी पटरी के 5 चक्कर लगाता है। दूसरा अंदर वाली के 7 चक्कर। ज़्यादा कौन दौड़ा? पहली नज़र में लगता है कि जवाब साफ़ है। बाहरी पटरी बड़ी है, तो उस पर दौड़ने वाला ही ज़्यादा दौड़ा होगा। पर अंदाज़े से पहले हिसाब कर लेते हैं। पहला — 5 गुणा 220, यानी 1100 मीटर। दूसरा — 7 गुणा 180, यानी 1260 मीटर। छोटी पटरी वाला धावक, पूरे 160 मीटर ज़्यादा।

क्योंकि दूरी है — चक्कर गुणा परिमाप। छोटी पटरी का मतलब छोटी दौड़ नहीं। दोनों पटरियों पर हर 10 मीटर पर एक निशान है। बाहरी पर 22 निशान-अंतर, अंदर वाली पर 18। 250 मीटर के बाद पहला धावक कहाँ है? 1 पूरा चक्कर, और दूसरे चक्कर में 30 मीटर। दूसरा धावक — 1 चक्कर और 70 मीटर। अब पटरी पर देखिए। पहला धावक 30 मीटर पर है, तो अभी पहली लंबी भुजा पर ही है, जो 70 मीटर की है।

दूसरा 70 मीटर पर है, और उसकी पहली भुजा बस 60 की है। तो वो मुड़ चुका है, और अगली भुजा पर 10 मीटर ऊपर है। 500 मीटर के बाद — पहला, 2 चक्कर और 60 मीटर। दूसरा, 2 चक्कर और 140 मीटर। और 1000 मीटर के बाद — पहला 4 चक्कर और 120 मीटर, दूसरा 5 चक्कर और 100 मीटर। इसे भाग से देखिए। 250 को 220 से भाग दीजिए — भागफल 1, शेषफल 30।

और 250 को 180 से — भागफल 1, शेषफल 70। ठीक वही, जो पटरी पर चलकर मिला था। यानी भाग करके देखिए। भागफल बताता है कितने चक्कर हुए, और शेषफल बताता है कि आप कहाँ खड़े हैं। अब 2 वर्गाकार पटरियाँ, एक के अंदर दूसरी। अंदर वाली की भुजा 100 मीटर, बाहर वाली की 150 मीटर। तो एक चक्कर 400 मीटर, और दूसरा 600 मीटर। दोनों पटरियों के बीच से एक ही finish line गुज़रती है।

और दौड़ है ठीक 350 मीटर की, दोनों के लिए। हर धावक कहाँ से शुरू करे? इसके लिए उल्टा चलिए — finish line से अपनी-अपनी पटरी पर 350 मीटर पीछे जाइए, वहीं शुरुआत है। अंदर वाली पटरी पर ये finish line से 50 मीटर आगे पड़ता है। बाहर वाली पर 250 मीटर आगे। अब इन्हें पटरी पर खोजिए। finish line भुजा के बीच से गुज़रती है। तो अंदर वाली पटरी पर अगला कोना 50 मीटर दूर है, और बाहर वाली पर 75 मीटर।

अंदर वाले धावक को 50 मीटर आगे जाना है — वो ठीक कोने पर शुरू करेगा। बाहर वाले को 250 मीटर — 75 मीटर कोने तक, 150 मीटर पूरी भुजा ऊपर, और फिर ऊपर की भुजा पर 25 मीटर। तो दोनों शुरुआतें आस-पास नहीं हो सकतीं। अलग लंबाई की पटरियों पर बराबर दौड़ के लिए शुरुआत अलग-अलग जगह होगी — इसीलिए असली दौड़ में starting lines सीढ़ी जैसी होती हैं।

एक छोटा सा काम, जो सच में करके देखने लायक है। अख़बार से कुछ बेतरतीब आकृतियाँ फाड़िए। पहले अंदाज़ा लगाइए कि उनका परिमाप कितना है, फिर फ़ीते से नापिए। 2 बातें होंगी। आपके अंदाज़े जल्दी बेहतर होंगे। और जिन आकृतियों का कोई सूत्र नहीं, उनका भी एक पक्का परिमाप होता है, जिसे फ़ीता नाप सकता है। एक पत्ता लीजिए। उसकी किनारी का कोई सूत्र नहीं। पर एक धागा उसकी किनारी पर बिछाइए, फिर सीधा करके नापिए — वही उसका परिमाप है।

यही तो पहला विचार था, चक्कर की लंबाई। अब आख़िरी बात, और ये एक असली बहस है। बिंदुओं की एक जाली पर एक right angle वाला त्रिभुज है। ऊपर 3 क़दम, बगल में 3 क़दम नीचे, और फिर एक तिरछी line, 3 खानों को पार करती हुई। एक बच्चा गिनता है — 3 जोड़ 3 जोड़ 3, यानी 9 क़दम। वो कहता है परिमाप 9 इकाई है। दूसरा बच्चा कहता है — नहीं, 9 हो ही नहीं सकता।

कौन सही है? एक सीधा क़दम और एक तिरछा क़दम साथ रखकर देखिए। वो बराबर नहीं हैं। तिरछा क़दम लंबा है — सीधे क़दम का लगभग 1 दशमलव 4 गुना। पर 2 से कम। तिरछा क़दम कोने को काटकर जाता है, जबकि सीधे-सीधे जाने में 2 क़दम लगते — एक बगल में, एक नीचे। कोना काटना छोटा रास्ता है, पर 1 क़दम जितना छोटा नहीं। तो 9 क़दमों में से 3 लंबे वाले थे।

असली दूरी लगभग 10 दशमलव 2 इकाई है। 9 कहना करीब 12 प्रतिशत कम है। कोई क़दम इकाई तभी बन सकता है, जब सारे क़दम बराबर हों। इस जाली पर वो बराबर नहीं हैं। तो लिखें क्या? जवाब है — दोनों इकाइयाँ रखिए। सीधे क़दम को s कहिए, और तिरछे क़दम को d। तब वो त्रिभुज है 6 s जोड़ 3 d — 6 सीधे क़दम और 3 तिरछे। और इसे 9 में मत समेटिए।

पूरी बात ही यही है। 6 s जोड़ 3 d अधूरा जवाब नहीं, ये पूरा और सच्चा जवाब है। ये नई बात नहीं है। मीटर और सेंटीमीटर को भी हम बिना बदले सीधे नहीं जोड़ते, क्योंकि दोनों अलग लंबाइयाँ हैं। सीधा क़दम और तिरछा क़दम भी अलग-अलग इकाइयाँ हैं। इसका सबूत इसी जाली पर है — 2 आकृतियाँ। पहली का परिमाप 8 s जोड़ 2 d, दूसरी का 4 s जोड़ 6 d।

पहली आकृति पर चलकर देखिए। 3 क़दम सीधे, 2 ऊपर, 1 तिरछा, 1 सीधा, फिर 1 तिरछा, और 2 नीचे। सीधे क़दम 8, तिरछे 2। अब क़दम गिनिए। 8 और 2 — 10। 4 और 6 — 10। दोनों 10 क़दम की। समेट दें तो दोनों 10 इकाई लगेंगी, और हम कहेंगे परिमाप बराबर है। पर नापें तो पहली लगभग 10 दशमलव 8 इकाई है, और दूसरी लगभग 12 दशमलव 5।

दूसरी आकृति लगभग 15 प्रतिशत लंबी है। क़दम बराबर, लंबाई अलग। समेटने से यही बात खो जाती है। तो परिमाप है किनारी के चारों ओर की दूरी — अंदर की जगह नहीं। भुजाएँ सीधी हों तो उन्हें जोड़िए। कई चक्कर हों तो चक्कर गुणा परिमाप। और गिनिए उन्हीं इकाइयों में, जो सब बराबर लंबी हों। अलग-अलग क़दम हों, तो उन्हें अलग-अलग लिखिए।

यह कहाँ बैठता है

यह उन notes से लिया गया है जिनसे हर video बनी है, पढ़ने के क्रम से नहीं — ये वे ideas हैं जिन पर यह टिका है, और वे जो आगे चलकर इस पर टिकते हैं.

किस पर टिका है

आगे फिर कहाँ आता है

इसके ठीक पहले और ठीक बाद

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