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Chapter 6 · Perimeter and Area

बिना formula वाली आकृति के area का अंदाज़ा

Area10 मिनट

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2 आकृतियाँ — एक लहराती, एक 9 नुकीले सिरों वाली। किसके अंदर ज़्यादा जगह है? किसी का कोई सूत्र नहीं, और कभी होगा भी नहीं। तो नकल उतारकर graph paper पर रखिए और गिनिए: पूरा खाना 1, आधे से कम 0, आधे से ज़्यादा पूरा 1, और ठीक आधा, आधा।

मुख्य idea

p.140 पर छपे गिनने के चारों नियम तरीक़े का लबादा ओढ़े लापरवाही नहीं हैं; वे जान-बूझकर किया गया सौदा हैं। आप boundary पर सटीकता छोड़ते हैं और बदले में कुछ ज़्यादा क़ीमती पाते हैं — एक ऐसी विधि जो किसी भी आकृति के लिए एक संख्या देती है, उन आकृतियों के लिए भी जिन्हें कोई formula कभी नहीं छू पाएगा। हर नियम किसी अधूरे ढके square के बारे में एक फ़ैसला है, और क्योंकि फ़ैसले उलटी दिशाओं में लिए जाते हैं, ज़्यादा गिनती और कम गिनती काफ़ी हद तक एक-दूसरे को काट देती हैं। इनाम आख़िर में मिलता है: जब किसी आकृति की boundary संयोग से grid के साथ-साथ चलती है, तो वही गिनती अंदाज़ा नहीं रहती, बिल्कुल सही हो जाती है, और इसीलिए chapter की Summary सावधानी से कहती है कि area का अंदाज़ा लगाया जाता है या उसे ठीक-ठीक तय किया जाता है।

आपको क्या आना चाहिए

  • समझाना कि कुछ बंद आकृतियों के area का कोई नियम क्यों नहीं होता और फिर भी उनका area होता है
  • किसी आकृति को squared paper पर उतारकर उसके squares गिनना
  • किताब के चारों नियमों में से हर एक को अधूरे ढके square पर लगाना और बताना कि वह किस तरफ़ चूकता है
  • तर्क देना कि चारों नियम मिलकर ऐसा अंदाज़ा क्यों देते हैं जो मनमाना नहीं, बल्कि पास का है
  • बताना कि अंदाज़े को और पास क्या बनाएगा, और क्यों
  • पहचानना कि grid पर गिनती कब अंदाज़ा नहीं रहती और बिल्कुल सही हो जाती है
  • straight और diagonal किनारों वाली, dot grid पर बनी आकृति का ठीक-ठीक area निकालना
  • area को उसकी unit के साथ बताना, और जब वह अंदाज़ा हो तो उसे अंदाज़ा ही कहना

जानने लायक़ शब्द

शब्दएक line में परिभाषाहिंदी / क्षेत्रीय समकक्षपहली बार कहाँ आया
estimateकाम लायक़ पास की value, जो ठीक-ठीक नाप से नहीं बल्कि किसी नियम से निकाली गई होआकलन§6.1, p.134 पर छपा और पूरे §6.2, p.140 पर इस्तेमाल हुआ
square unitgrid के एक square का area, जिसे गिनती की unit माना जाता हैवर्ग इकाई§6.2, p.140 पर छपा
squared paperगिनने के लिए इस्तेमाल होने वाली lines वाली sheet; किताब इसे graph paper भी कहती हैवर्गांकित कागज़§6.2, p.140 पर छपा
simple closed shapeऐसी बंद outline जो ख़ुद को कहीं नहीं काटतीसरल बंद आकृति§6.2, p.140 पर छपा
halfsquare का वह हिस्सा जो boundary के उसे बराबर काटने पर गिना जाता हैआधा§6.2, p.140 पर छपा
irregularबराबर sides और बराबर angles से न बनी, इसलिए जिसका अपना कोई नियम नहींविषम§6.2, p.137 पर छपा
dot gridछपे हुए बिंदुओं का वह जाल जिस पर चारों आकृतियाँ बनी हैंबिंदु जालकव्याख्या का अपना शब्द; इस chapter में नहीं छपा
conventionएक तय किया हुआ फ़ैसला, जो इसलिए अपनाया गया कि वह काम करता है, इसलिए नहीं कि मजबूरी हैपरिपाटी§6.2, p.140 पर छपा
exactlyबिना किसी चूक के — किताब में estimated का उलटायथार्थ रूप सेSummary, p.150 पर, और §6.3, p.142 पर छपा

Hindi column में standard Hindi गणितीय शब्दावली दी गई है। Ganita Prakash का Hindi संस्करण इस brief के लिए इस्तेमाल किए गए corpus में नहीं है, इसलिए इन शब्दों को Hindi छपाई से नहीं मिलाया गया — Notes देखें।

लोग कहाँ चूकते हैं

  • "अंदाज़ा लगाने का मतलब अटकल लगाना है।" chapter एक ही पन्ने पर दोनों को अलग करता है: अटकल पहले आती है, बिना किसी तरीक़े के; अंदाज़ा बाद में, चार बताए गए नियमों के साथ। दोनों शब्द रखो और दोनों को अलग रखो।
  • "अंदाज़ा एक ग़लत जवाब है।" यह ऐसा जवाब है जिसे सुधारने का तरीक़ा पता है। अटकल ऐसी नहीं होती।
  • "नियम 3 बेईमानी है, क्योंकि आप ऐसी जगह गिन रहे हैं जो वहाँ है ही नहीं।" नियम 2 भी यही करता है, उलटी दिशा में। इन्हें एक जोड़ी की तरह दिखाओ, वरना किसी का कोई मतलब नहीं बनता।
  • "आधे square को भी, आधे से ऊपर वाली हर चीज़ की तरह, ऊपर की ओर पूरा कर देना चाहिए।" ठीक आधा ही वह अकेली हालत है जिसमें पूरा करने की ज़रूरत नहीं, इसलिए किताब उसे ठीक-ठीक लेती है।
  • "squares गिनने से हमेशा अंदाज़ा ही मिलता है।" तब नहीं, जब आकृति का हर कोना grid पर बैठा हो। dot grid वाली चारों आकृतियों के areas बिल्कुल सही हैं, और Summary यह अपने शब्दों में कहती है।
  • "कँटीली आकृति छोटी ही होगी, क्योंकि उसमें इतनी नोकें हैं।" नोकें वहीं हैं जहाँ students का सहज अंदाज़ा धोखा खाता है, और इसीलिए किताब अटकल को तरीक़े से पहले रखती है, बाद में नहीं।
  • "बड़े perimeter वाली आकृति का area भी बड़ा होता है।" Section 9 एक ही आकृति के दोनों नाप साथ-साथ रखता है और वे एक-दूसरे से स्वतंत्र चलते हैं — देखें Same area, many perimeters: why one does not determine the other, जो इसी पर बना है।
  • "formula चाहिए, इसलिए ऐसी आकृतियों का हल नहीं हो सकता।" हो सकता है, और chapter में ज़मीन, फ़र्श और playground का हर व्यावहारिक नाप इसी तरह होता है।
पूरा transcript1,521 शब्द

यहाँ 2 आकृतियाँ हैं। एक चिकनी और लहराती हुई, दूसरी काँटेदार — उसके 9 नुकीले सिरे हैं। इनमें से किसके अंदर ज़्यादा जगह है? आगे बढ़ने से पहले एक अटकल लगाइए। कई लोगों को लगता है कि काँटेदार वाली छोटी है — इतने सारे नुकीले सिरे उसे पतला दिखाते हैं। इसका जवाब यहाँ नहीं मिलेगा। ये अटकल जाँचने के लिए नहीं है। ये इसलिए है कि आपको एक तरीके की ज़रूरत महसूस हो — क्योंकि अभी आपके पास इसे तय करने का कोई तरीका नहीं है।

तो इन्हें सीधे-सीधे निकाल क्यों नहीं सकते? क्षेत्रफल का हर नियम चाहता है कि आकृति में कुछ दोहराया जाए। आयत में बराबर कतारें होती हैं। वर्ग में तो सब कुछ बराबर है। इन 2 में कुछ भी नहीं दोहराता — न बराबर कतारें, न बराबर भुजाएँ। कोई सूत्र नहीं है, और कभी होगा भी नहीं। इस लहराती आकृति को कतारों में काटकर देखिए — हर कतार की लंबाई अलग निकलती है।

गुणा करने के लिए कुछ बचता ही नहीं। पर देखिए — दोनों के अंदर कुछ न कुछ पक्की जगह तो है। यानी क्षेत्रफल मौजूद है। कमी बस उसे निकालने के तरीके की है। और अब जो तरीका आ रहा है, वो किसी भी आकृति पर चलता है — ये किसी सूत्र से कहीं बड़ा इनाम है। तरीका ये है। आकृति पर एक पतला, आर-पार दिखने वाला कागज़ रखिए, और उसकी किनारी की नकल उतार लीजिए।

अब वो कागज़ उठाइए, और graph paper पर रख दीजिए। ये कदम जितना दिखता है, उससे ज़्यादा ज़रूरी है। आकृति किसी जाल पर नहीं बनी थी — जाल आप उसके पास ले गए। इसलिए ये तरीका किसी पत्ते, पैर के निशान, या नक्शे की किसी झील — हर उस चीज़ पर चलता है, जिसकी नकल उतारी जा सके। अब नीचे के खाने गिनिए। और यहीं बात दिलचस्प होती है — क्योंकि ज़्यादातर खाने पूरे नहीं हैं।

गिनने के 4 नियम हैं। पहला नियम आसान है। एक पूरा छोटा खाना — 1 वर्ग इकाई। इसमें बहस की कोई बात नहीं। खाना पूरा अंदर है, तो पूरा गिना जाएगा। इस आकृति में ऐसे 23 खाने हैं। अंदर गहराई में ऐसे खाने बहुत हैं, और उनके लिए सोचना ही नहीं पड़ता। आखिरी गिनती का बड़ा हिस्सा — पूरे 23 — यहीं से आता है। सारी मुश्किल किनारी पर है — उन खानों में, जिन्हें किनारी काटती है।

बचे हुए 3 नियम उन्हीं के बारे में हैं। दूसरा नियम — अगर खाने का आधे से कम हिस्सा अंदर है, तो उसे छोड़ दीजिए, कुछ मत गिनिए। यहाँ ऐसे 13 खाने हैं। तीसरा नियम — अगर आधे से ज़्यादा हिस्सा अंदर है, तो पूरा खाना गिनिए, पूरा 1। यहाँ ऐसे 15 हैं। अब साफ़ कह देते हैं — ये दोनों नियम गलत हैं। दूसरा नियम अंदर का एक टुकड़ा फेंक देता है — यानी कम गिनता है।

तीसरा नियम बाहर का एक कोना भी अपना लेता है — यानी ज़्यादा गिनता है। तो सवाल ये है — जान-बूझकर की गई 2 गलतियों वाला तरीका कोई क्यों माने? इस किनारी के 2 असली खाने लीजिए। ये वाला करीब चौथाई अंदर है। दूसरा नियम इसे 0 गिनता है — यानी करीब चौथाई खाना छूट गया। और ये वाला करीब 3 चौथाई अंदर है। तीसरा नियम इसे पूरा 1 गिनता है — यानी बाहर का करीब चौथाई हिस्सा जुड़ गया।

अब दोनों को साथ रखिए। एक में चौथाई छूटा, दूसरे में चौथाई जुड़ा — और दोनों करीब-करीब बराबर हो गए। जवाब ये है, और ये इस पूरे तरीके का सबसे अच्छा विचार है — दोनों गलतियाँ उल्टी दिशाओं में जाती हैं। किनारी पर चक्कर लगाइए — दोनों तरह के खाने बार-बार आते हैं, कभी ये, कभी वो। अब जोड़कर देखिए। दूसरे नियम ने करीब 3 वर्ग इकाई छोड़ी, और तीसरे नियम ने करीब 3 वर्ग इकाई जोड़ी।

तो गिनती हुई 23 जोड़ 15 — 38। और असली क्षेत्रफल 39 से ज़रा सा कम है। गलतियाँ पूरी तरह नहीं कटतीं — ऐसा कोई दावा नहीं करता। पर काफ़ी हद तक कट जाती हैं, और पूरे चक्कर में कटती रहती हैं। इसीलिए ये अंदाज़ा है, अटकल नहीं। अटकल की गलती के बारे में कुछ सोचा नहीं जा सकता — इसकी गलती के बारे में सोचा जा सकता है। और ये तरीका ख़ुद बताता है कि बेहतर कैसे करें — और बारीक जाल लीजिए।

खाने की भुजा आधी कर दीजिए। अब 4 छोटे खाने मिलकर 1 इकाई बनाते हैं। फिर से गिनिए — 123 पूरे खाने, और 33 आधे से ज़्यादा ढके। कुल 156 छोटे खाने। 156 भाग 4 — 39 वर्ग इकाई। पहले से कहीं ज़्यादा पास। किनारी वाले खाने छोटे हो गए, तो विवाद वाली जगह भी सिकुड़ गई — और असली क्षेत्रफल अपनी जगह से हिला तक नहीं। एक और जाँच।

जाल को आधा खाना खिसका दीजिए, और फिर से गिनिए। बड़े खानों वाले जाल की 4 जगहें, और 4 गिनतियाँ — 38, 40, 37, 35। गिनती इस पर डोलती है कि जाल कहाँ रखा है। अब छोटे खानों वाला जाल, उन्हीं 4 जगहों पर — 39, 39, 39, 39। बारीक जाल ने गलती भी घटाई, और डोलना भी। अगर तरीका सच में कुछ नाप रहा है, तो ठीक यही होना चाहिए।

चौथा नियम — अगर किनारी किसी खाने को ठीक बीच से 2 बराबर हिस्सों में काटे, तो उसे आधा गिनिए। और चौथा नियम बाकी 2 जैसा नहीं है। ये कोई समझौता नहीं — ये बिल्कुल सही है। आधा खाना अंदर है, तो आधा गिना — कोई गलती आई ही नहीं। और ये एक बड़ी बात का इशारा है। जब किनारी वहाँ से गुज़रे, जिसे जाल ठीक-ठीक बता सके, तो गिनती अंदाज़ा नहीं रहती।

अब बिंदुओं के जाल पर 4 आकृतियाँ, जिनका हर कोना किसी बिंदु पर है। अब कुछ भी विवाद में नहीं है। किनारी का हर खाना या तो पूरा है, या कोने से कोने तक ठीक आधा कटा है। पहली आकृति को ध्यान से देखिए — बीच में 3 पूरे खाने। उसकी 2 तिरछी किनारियाँ एक-एक खाने को कोने से कोने तक काटती हैं। 2 आधे मिलकर 1 पूरा — कुल 4 वर्ग इकाई।

दूसरी — 6 पूरे और 6 आधे, यानी 9। तीसरी — 7 पूरे और 6 आधे, यानी 10। चौथी — 8 पूरे और 6 आधे, यानी 11। और ये अंदाज़े नहीं हैं — ये पक्के जवाब हैं। वही नियम, पर यहाँ सिर्फ़ पहला और चौथा नियम काम आया — दूसरे और तीसरे की ज़रूरत ही नहीं पड़ी। अब इन्हीं 4 आकृतियों को किनारी पर नापिए — सीधे कदमों और तिरछे कदमों में।

पहली — 8 सीधे और 2 तिरछे। दूसरी — 4 सीधे और 6 तिरछे। तीसरी — 12 सीधे और 6 तिरछे। चौथी — 18 सीधे और 6 तिरछे। ध्यान रहे, एक तिरछा कदम सीधे कदम से लंबा होता है। इसलिए दोनों तरह के कदम सीधे-सीधे नहीं जुड़ते — उन्हें अलग-अलग गिना जाता है। एक ही आकृति, 2 माप — 2 अलग इकाइयाँ, 2 अलग सवाल। अब दूसरी से तीसरी पर जाइए।

अंदर की जगह बस 1 वर्ग इकाई बढ़ी — पर किनारी पर 8 सीधे कदम और जुड़ गए। ये दोनों माप आपस में बँधे हुए नहीं हैं — और अगली बार हम इसी बात को और खींचकर देखेंगे। एक वाक्य याद रखने लायक है — किसी जगह का क्षेत्रफल, इकाई वर्गों में तोड़कर, या तो अंदाज़े से निकाला जा सकता है, या ठीक-ठीक। ये गोलमोल बात नहीं है। तरीका एक है, हालतें 2 — और कौन सी हालत है, ये आकृति तय करती है।

किनारी जाल पर चले, तो पक्का जवाब। खानों के बीच से भटके, तो अंदाज़ा। अभी आपने दोनों हालतें देखीं। बिंदुओं वाली 4 आकृतियाँ पक्की हालत थीं। लहराती आकृति अंदाज़े वाली हालत थी। दोनों हालतों में नियम वही, गिनती वही। बहुत किफ़ायती गणित है ये। अब 2 काम। पहला — अपने गलियारे के बाहर के फ़र्श का क्षेत्रफल, वर्ग मीटर में। दूसरा — अपने स्कूल के खेल के मैदान का क्षेत्रफल, वर्ग मीटर में।

यहाँ कोई सूत्र काम नहीं आएगा। असली फ़र्श में खंभे और कोने होते हैं, असली मैदान के किनारे टेढ़े-मेढ़े होते हैं। तो कदमों से नापिए, graph paper पर उसका नक्शा बनाइए, और गिनिए — पूरे खाने गिनिए, छोटे टुकड़े छोड़िए, बड़े पूरे लीजिए, और ठीक आधे को आधा। आपको एक संख्या मिलेगी। वो अंदाज़ा होगी — पर आपको पता होगा कि वो कितनी अच्छी है, और उसे बेहतर कैसे करें।

और जवाब लिखते वक़्त ईमानदार रहिए — लिखिए कि ये करीब इतने वर्ग मीटर है। करीब शब्द उसी जवाब का हिस्सा है। नापने और अटकल लगाने में यही फ़र्क है। सोचिए, इन 4 छोटे नियमों ने आपको क्या दिया। इनसे पहले आप सिर्फ़ उन आकृतियों का क्षेत्रफल निकाल सकते थे, जो दोहराती हैं — आयत, वर्ग, और बस। अब — हर वो आकृति, जो आप बना सकते हैं। इसकी कीमत थी किनारी पर सटीकता।

पर गलतियाँ उल्टी दिशाओं में रखी गईं, तो कीमत छोटी रहती है — और बारीक जाल से और छोटी हो जाती है। और जहाँ किनारी जाल पर चलती है, वहाँ कोई कीमत ही नहीं। और शुरू वाली अटकल याद है? अब उसे आप ख़ुद तय कर सकते हैं — दोनों आकृतियों की नकल उतारिए, जाल पर रखिए, और गिनिए। जो नियम हमेशा काम करे और कभी-कभी अंदाज़ा दे, वो उस नियम से बेहतर है, जो हमेशा सटीक हो, पर लगभग कभी लागू ही न हो।

यह कहाँ बैठता है

यह उन notes से लिया गया है जिनसे हर video बनी है, पढ़ने के क्रम से नहीं — ये वे ideas हैं जिन पर यह टिका है, और वे जो आगे चलकर इस पर टिकते हैं.

किस पर टिका है

आगे फिर कहाँ आता है

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