PrepShorts · पढ़ाई की शीट · Class 7 Mathematics · Chapter 6, Number Play
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13, 9, 1, 7, 11, 5, 3 के कार्डों में से 5 चुनकर जोड़ 30 बनाओ: 16807 तरीके हैं, और एक भी काम नहीं करता।
मुख्य idea
सम और विषम ऐसे label नहीं रह जाते जो भाग देकर मिलते हैं, बल्कि एक आकार बन जाते हैं: सम गिनती दो-दो के जोड़ों में पूरी बिछ जाती है, और विषम गिनती वही तस्वीर है जिसमें ठीक एक dot अकेला छूट जाता है। एक बार सम होना आकार बन जाए, तो जोड़ना सिर्फ़ अकेले छूटे dots का हिसाब रह जाता है — और इसीलिए एक तस्वीर एक साथ अनगिनत मामलों का फ़ैसला कर सकती है, जो उदाहरण जाँचकर कभी नहीं हो सकता। chapter इसी से दो सवालों को सीधे ठुकरा देता है, और यह ठुकराना ही सबक़ है: इस तरह का तर्क साबित करता है कि कोई चीज़ नामुमकिन है; वह कभी साबित नहीं कर सकता कि कोई चीज़ मुमकिन है।
आपको क्या आना चाहिए
- किसी दिए गए whole number को जोड़ों में बिछे dots की तरह दिखाना, और तस्वीर से पढ़ना कि वह सम है या विषम
- बताना कि उस तस्वीर में विषम संख्या कैसी दिखती है: जोड़ों का पूरा set और एक dot फ़ालतू
- तस्वीर से समझाना कि कितनी भी सम संख्याएँ जोड़ी जाएँ, जोड़ सम क्यों होता है
- तस्वीर से समझाना कि दो विषम संख्याओं का जोड़ सम क्यों है, और तीन का जोड़ सम क्यों नहीं
- विषम संख्याओं के जोड़ की parity इससे बताना कि वे कितनी हैं
- parity वाले तर्क से दिखाना कि बताया गया total पहुँच से बाहर है, और तर्क ऐसे रखना कि वह हर कोशिश पर एक साथ लागू हो
- शब्द parity को सही इस्तेमाल करना, और बताना कि parity किस बात का फ़ैसला करती है और किसका नहीं
जानने लायक़ शब्द
| शब्द | एक पंक्ति में परिभाषा | हिंदी / क्षेत्रीय समकक्ष | पहली बार कहाँ |
|---|---|---|---|
| parity | कोई संख्या सम है या विषम, इसे अपने आप में एक गुण की तरह देखना | सम-विषमता | §6.2, p.131 पर मोटे अक्षरों में छपा |
| even number | ऐसी गिनती जो पूरी की पूरी दो-दो में बिछ जाए, कुछ न बचे | सम संख्या | पूरे §6.2 में छपा, pp.129–131 |
| odd number | ऐसी गिनती जो दो-दो में बिछे और ठीक एक बच जाए | विषम संख्या | पूरे §6.2 में छपा, pp.129–131 |
| pair | दो dots वाली इकाई जिससे पूरी तस्वीर बनी है | युग्म / जोड़ा | §6.2, p.129 पर छपा |
| leftover | वह dot जो किसी जोड़े में नहीं जाता | शेष | §6.2, p.129 पर छपा |
| consecutive numbers | एक क़दम की दूरी वाले whole numbers, जैसे साल भर के फ़र्क़ वाले दो भाई-बहनों की उम्रें | क्रमागत संख्याएँ | §6.2, p.130 पर छपा |
| proof | ऐसा तर्क जो हर मामले का एक साथ फ़ैसला कर दे, उदाहरणों की जाँच नहीं | उपपत्ति | §6.2, p.130 पर मोटे अक्षरों में छपा |
| sum | जोड़ने का नतीजा | योग | पूरे §6.2 में छपा, pp.129–131 |
| stranded dot | leftover के लिए व्याख्या का वाक्यांश, ताकि तस्वीर नज़र में बनी रहे | — | व्याख्या का वाक्यांश; इस chapter में नहीं छपा |
Hindi column में standard NCERT Hindi गणितीय शब्दावली दी गई है। Ganita Prakash Part I का Hindi संस्करण इस brief के लिए इस्तेमाल हुए corpus में नहीं है, इसलिए इन्हें Hindi छपाई से मिलाया नहीं गया — Notes देखें।
व्याख्या के लिए दो सावधानियाँ। पहली, chapter यहाँ proof को एक तस्वीर के लिए लाता है, algebra की किसी कड़ी के लिए नहीं — proof को ऐसी चीज़ की तरह मत पेश कीजिए जो सिर्फ़ symbols के साथ आती है। दूसरी, parity का नाम देर से आता है, p.131 पर, जब उससे सारा काम हो चुका होता है; व्याख्या को परिभाषा से शुरू करने के बजाय यही क्रम अपनाना चाहिए।
लोग कहाँ चूकते हैं
- "विषम का मतलब है कि शेष 1 बचता है, जब आप 2 से भाग देते हैं, और बस इतना ही कहना है।" सच है, पर यहाँ बेकार। chapter की तस्वीर ही वह चीज़ है जिससे आप पाँच विषम संख्याएँ जोड़ सकते हैं, उनमें से एक को भी जाने बिना।
- "मुझे 30 बनाने वाले पाँच cards नहीं मिले, तो शायद कोई चतुर set है जो मुझसे छूट गया।" chapter का क़दम उल्टा है: ढूँढ़ना बंद करो। पाँच बचे हुए dots आपस में जोड़े नहीं बना सकते, इसलिए पाँच विषम cards का कोई भी चुनाव सम total तक नहीं पहुँचता — तर्क हर set को एक साथ ढक लेता है, उन्हें भी जिन्हें किसी ने आज़माया नहीं।
- "विषम संख्याएँ जोड़ने पर जवाब विषम आता है।" सिर्फ़ तब, जब उनकी गिनती विषम हो। दो विषम से सम मिलता है; चार विषम से सम मिलता है। फ़ैसला जोड़ी जा रही संख्याओं की गिनती करती है, ख़ुद संख्याएँ नहीं।
- "तस्वीर बस समझाने का ज़रिया है, proof नहीं।" chapter p.130 पर इससे असहमत है, और ठीक है: तस्वीर ऐसे बनी है कि उसमें कहीं कोई ख़ास size इस्तेमाल नहीं होता। जो तस्वीर सिर्फ़ दिखाई गई संख्याओं के लिए काम करे वह proof नहीं होती — यह तस्वीर उनका ज़िक्र तक नहीं करती।
- "parity किसी भी तरफ़ सवाल का फ़ैसला कर देती है।" नहीं करती। यह दिखाना कि किसी total की parity ग़लत है, साबित करता है कि वह पहुँच से बाहर है; यह दिखाना कि उसकी parity सही है, कुछ भी साबित नहीं करता, क्योंकि रास्ते में अब भी कोई और रुकावट हो सकती है। यह फ़र्क़ section 12 में साफ़-साफ़ कहना चाहिए, और p.144 पर encyclopaedia के खुले पन्नों वाला exercise इसी को परखता है — साथी topic The parity of a sum or product is fixed before you compute it देखें।
- "हो सकता है उनकी उम्रें whole numbers न हों।" chapter जन्मदिन एक ही रखता है ठीक इसलिए कि दोनों उम्रें एक के फ़र्क़ वाले whole numbers हों। यह साफ़-साफ़ कहिए, वरना कोई तेज़ student 55.5 और 56.5 निकाल लाएगा और सही होगा।
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पूरा transcript1,539 शब्द
एक पहेली से शुरू करते हैं, बोर्ड पर 5 खाली डिब्बे हैं, बीच में जोड़ के निशान, और आखिर में लिखा है 30। पास में कार्डों के ढेर हैं, हर ढेर में एक ही संख्या के कई कार्ड, 13, 9, 1, 7, 11, 5, 3। हर डिब्बे में एक कार्ड रखना है, एक ही संख्या दोबारा भी ले सकते हो, और 5 कार्डों का जोड़ 30 आना चाहिए। रुककर कोशिश करो, क्या तुम ऐसे 5 कार्ड चुन सकते हो?
ज़्यादातर लोग सीधे जोड़ने लगते हैं, 13 और 9, फिर कुछ और, और गड़बड़ा जाते हैं। पर पहले ढेर को ध्यान से देखो, इन कार्डों में कुछ खास है। सारे 7 कार्ड विषम संख्याएँ हैं, एक भी सम नहीं। आज देखेंगे कि यही एक बात पूरी पहेली का फ़ैसला कर देती है, बिना कोई जोड़ आज़माए। कितने तरीके हैं, क्रम से गिनें तो 16807, और क्रम छोड़ दें तो भी 462 अलग अलग हाथ।
कुछ आज़माकर हार मान लेना कुछ साबित नहीं करता, शायद कोई चालाक चुनाव छूट गया हो। और सब आज़मा भी लो, तो भी पता चलेगा कि नहीं बनता, यह नहीं कि क्यों नहीं बनता। तो ढूँढना छोड़ते हैं, और एक वजह खोजते हैं, जो हर चुनाव पर एक ही बार में लागू हो। सम और विषम को भाग से नहीं, एक शक्ल से देखते हैं। कुछ बिंदु लो, और उन्हें 2 की कतारों में जमाओ, हर कतार में ठीक 2 बिंदु।
देखो, 6 बिंदु, 10 बिंदु, 18 बिंदु, हर एक पूरी जोड़ियों में बैठ जाता है। जिस संख्या के बिंदु पूरे जोड़ों में बैठें, कोई अकेला न बचे, वह सम है। अब इन्हीं तस्वीरों में एक बिंदु और जोड़ो, 7, 11 और 19। यह नया बिंदु किसी जोड़े में नहीं बैठता, अकेला रह जाता है, इसे दूसरे रंग में दिखाते हैं। जिस संख्या की तस्वीर में ठीक एक बिंदु अकेला बचे, वह विषम है।
वह अलग रंग का अकेला बिंदु ही आज की पूरी कहानी है, उसी पर नज़र रखना। क्या कभी 2 बिंदु अकेले बच सकते हैं? नहीं, 2 अकेले बिंदु मिलकर खुद एक जोड़ा बना लेते हैं, तो अकेला या तो 1 बचता है, या कोई नहीं। यानी 1 से 200 तक हर संख्या के बिंदु जमाए गए, 100 में कोई नहीं बचा, 100 में ठीक 1, और कभी 1 से ज़्यादा नहीं।
अब 2 विषम संख्याओं को जोड़ते हैं, एक की तस्वीर हरे रंग में, दूसरी की बैंगनी में, और दोनों को एक के ऊपर एक रख देते हैं। दोनों के पूरे जोड़े वैसे ही रहते हैं, और दोनों के अकेले बिंदु आपस में मिलकर एक नया जोड़ा बना लेते हैं। तो ढेर में ठीक एक कतार मिली जुली है, एक हरा और एक बैंगनी बिंदु। जैसे 3 और 3, 5 और 3, 3 और 9, हर बार ठीक एक मिली जुली कतार, और कोई बिंदु अकेला नहीं।
कोई अकेला नहीं बचा, तो 2 विषम संख्याओं का जोड़ हमेशा सम। इस तस्वीर को फिर देखो, इसमें कहीं नहीं लिखा कि हरे बिंदु कितने हैं, या बैंगनी कितने। पूरे जोड़ों की कतारें कितनी भी लंबी हों, अकेले बिंदु बस 2 हैं, और वे हमेशा जुड़ जाते हैं। कंप्यूटर पर 100 से छोटी विषम संख्याओं की सभी 2500 जोड़ियाँ जाँची गईं, हर बार ठीक एक मिली जुली कतार। पर 2500 जोड़ियाँ भी अनगिनत जोड़ियों का एक छोटा सा हिस्सा हैं, जाँच भरोसा देती है, सबूत नहीं।
सबूत तस्वीर है, क्योंकि उसने कोई खास संख्या इस्तेमाल ही नहीं की, इसलिए वह हर जोड़ी पर एक ही बार में चलती है। तो यह सिर्फ़ समझाने वाली तस्वीर नहीं, अगर यह सिर्फ़ दिखाई गई संख्याओं पर चलती, तो सबूत न होती। विषम और विषम देख लिया, अब बाकी जोड़े भी देखो, सम और सम, और सम और विषम। सम और सम, दोनों तस्वीरों में कोई अकेला नहीं, तो ढेर में भी कोई अकेला नहीं, जोड़ सम।
सम और विषम, अकेला बिंदु सिर्फ़ विषम वाला लाता है, और उसे जोड़ीदार मिलता ही नहीं, तो जोड़ विषम। गिनती में, 100 तक की सम संख्याओं को लेकर, सम और सम की 2500 जोड़ियों में कोई अकेला नहीं बचा, और सम और विषम की 2500 में हर बार ठीक 1। यानी जोड़ते समय पूरे जोड़ों को भूल जाओ, सिर्फ़ अकेले बिंदुओं का हिसाब रखो। अब 3 विषम संख्याएँ जोड़ो, क्या बचेगा?
हर विषम संख्या अपना एक अकेला बिंदु लाती है, तो 3 अकेले बिंदु, उनमें से 2 जोड़ा बनाते हैं, और 1 फिर अकेला। और 4 विषम संख्याएँ, तो 4 अकेले बिंदु, जो 2 जोड़ों में बैठ जाते हैं, कोई नहीं बचता। यानी अकेले बिंदु खुद एक गिनती बनाते हैं, और वह गिनती सम है या विषम, बस यही तय करता है। गिनकर देखा गया, 20 से छोटी विषम संख्याओं से 1 से 4 तक के सभी 11110 ढेर बनाए गए, विषम गिनती पर 1 बिंदु बचा, सम गिनती पर कोई नहीं।
नियम यह बना, विषम संख्याएँ विषम बार जोड़ो तो जोड़ विषम, सम बार जोड़ो तो जोड़ सम। एक आम गलती, विषम जोड़ने से विषम ही आता है, नहीं, 2 विषम का जोड़ सम है, 4 का भी सम। फ़ैसला संख्याएँ नहीं करतीं, फ़ैसला करता है कि कितनी संख्याएँ जोड़ी गईं। अब पहेली पर लौटो, 5 कार्ड, सब विषम, तो 5 अकेले बिंदु। इन 5 में से 4 बिंदु 2 जोड़े बना लेते हैं, और 1 अकेला बच जाता है, तो जोड़ हमेशा विषम।
पर 30 सम है, उसकी तस्वीर में कोई अकेला बिंदु नहीं, तो 5 विषम कार्ड कभी 30 नहीं बना सकते। और सभी 16807 तरीके सच में जाँचे गए, एक का भी जोड़ 30 नहीं, हर जोड़ विषम। पर ध्यान रहे, वजह जाँच से पहले ही पूरा फ़ैसला दे चुकी थी। अब पहेली बदलते हैं, ढेरों में 2 वाले कार्डों का एक ढेर और जोड़ो, 2 सम है। अब अगर 30 बनता है, तो उस हाथ में कितने विषम कार्ड होंगे?
जोड़ सम चाहिए, तो अकेले बिंदु सम गिनती में होने चाहिए, यानी विषम कार्ड सम बार, और इसलिए 2 वाले कार्ड विषम बार। सच में गिनने पर 30 बनाने वाले 19 हाथ मिले, 18 में 2 वाला कार्ड 1 बार, और 1 में 3 बार। तो parity सिर्फ़ मना नहीं करती, वह यह भी बताती है कि कोई हल अगर है तो किस शक्ल का होगा। शायद कोई चालाक चुनाव छूट गया हो, यह सोच यहाँ काम की नहीं।
अकेले बिंदुओं वाली बात किसी खास कार्ड पर टिकी नहीं, वह हर हाथ पर एक ही बार में लागू है, उन पर भी जो किसी ने कभी आज़माए नहीं। इसलिए यहाँ सही कदम है ढूँढना बंद करना, क्योंकि ढूँढने को कुछ है ही नहीं। एक और सवाल, 2 भाई बहन, ठीक एक साल के फ़र्क से पैदा हुए, और जन्मदिन भी एक ही दिन। कोई कहता है कि उनकी उम्रों का जोड़ 112 है।
क्या यह हो सकता है? आज़माकर देखो, 51 और 52, जोड़ 103, कम पड़ा। फिर से आज़माने की बजाय, वजह ढूँढते हैं। पूरी संख्याएँ बारी बारी चलती हैं, सम, विषम, सम, विषम। तो किन्हीं भी 2 पड़ोसी संख्याओं में ठीक 1 सम होती है और 1 विषम। गिनती में, 0 और 1 से लेकर 199 और 200 तक, सभी 200 पड़ोसी जोड़ियों में यही निकला। सम वाली तस्वीर में कोई अकेला नहीं, विषम वाली में 1, तो जोड़ में ठीक 1 अकेला बिंदु, यानी जोड़ विषम।
और 112 सम है, तो पड़ोसी उम्रों का जोड़ 112 कभी नहीं हो सकता। कोई तेज़ विद्यार्थी कहेगा, उम्र पूरी संख्या ही क्यों हो? अगर उम्र 55 दशमलव 5 और 56 दशमलव 5 हो, तो जोड़ ठीक 112 बनता है। इसीलिए जन्मदिन एक ही दिन रखा गया, तब दोनों की उम्र हमेशा पूरी संख्या, और फ़र्क ठीक 1। तर्क वहीं तक चलता है जहाँ तक उसकी शर्तें सच हैं, इसलिए शर्तें ध्यान से देखनी चाहिए।
किसी संख्या का सम या विषम होना, इसे parity कहते हैं। और आज के दोनों तर्क parity के तर्क थे, जोड़ की parity देखी, और लक्ष्य की parity से मिलाई। उल्टा सवाल, अगर लक्ष्य विषम हो, तो क्या 5 कार्ड उसे ज़रूर बना लेंगे? अब 67 लो, वह विषम है, पर सबसे बड़ा कार्ड 13 है, और 5 बार 13 बस 65, तो 67 किसी हाथ से नहीं बनता। और 3 भी विषम है, पर सबसे छोटा जोड़ 5 बार 1, यानी 5, तो 3 भी नहीं बनता।
जबकि 31 बनता है, और एक नहीं, पूरे 30 अलग हाथों से। गिनती कहती है कि 5 कार्ड ठीक 31 विषम जोड़ बनाते हैं, 5 से 65 तक के सभी। तो parity गलत हो, तो असंभव पक्का, पर parity सही हो, तो कुछ भी पक्का नहीं, कोई और रुकावट हो सकती है। अब खुद सोचो, उन्हीं ढेरों से 6 कार्ड चुनें, तो क्या जोड़ 45 हो सकता है? यहाँ 6 कार्ड, यानी 6 अकेले बिंदु, जो 3 जोड़ों में बैठ जाते हैं, तो हर जोड़ सम।
पर 45 विषम है, तो नहीं, और सभी 924 हाथ जाँचने पर भी एक से भी 45 नहीं बना। अपने लिए एक ऐसी पहेली बनाओ, और पहले parity देखो, फिर तय करो कि ढूँढना भी है या नहीं। याद रखो, सम यानी सारे बिंदु जोड़ों में, विषम यानी ठीक 1 अकेला। जोड़ते समय बस अकेले बिंदु गिनो, बाकी सब अपने आप जुड़ जाते हैं। जो तस्वीर कोई खास संख्या नहीं मानती, वह हर संख्या के लिए सबूत है।
parity गलत, तो असंभव, बिना एक भी कोशिश के। parity सही, तो बस शुरुआत, संभव होना अलग से दिखाना पड़ता है।
यह कहाँ बैठता है
यह उन notes से लिया गया है जिनसे हर video बनी है, पढ़ने के क्रम से नहीं — ये वे ideas हैं जिन पर यह टिका है, और वे जो आगे चलकर इस पर टिकते हैं.
किस पर टिका है
- Why whole units are not enough to measure withकक्षा 7 · Ch 3, A Peek Beyond the Point
- The four angles at a crossing: vertically opposite and linear pairsकक्षा 7 · Ch 5, Parallel and Intersecting Lines
आगे फिर कहाँ आता है
- The parity of a sum or product is fixed before you compute itकक्षा 7 · Ch 6, Number Play
- Using row and column sums to prove a grid cannot be filledकक्षा 7 · Ch 6, Number Play
- Virahāṅka–Fibonacci numbers, and the poetry-counting problem that produced themकक्षा 7 · Ch 6, Number Play
इसके ठीक पहले और ठीक बाद
- Encoding a line-up as a sequence of numbersकक्षा 7 · Ch 6, Number Play