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Chapter 6 · Number Play

जोड़ या गुणनफल की parity हिसाब लगाने से पहले ही तय होती है

Parity12 मिनट

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135 गुणा 654 की जाली में खाने सम हैं या विषम? गुणा किए बिना जवाब: सम, क्योंकि 654 सम है, और गिनती 88290 यही कहती है।

मुख्य idea

Parity गणित की क्रियाओं के बाद भी बची रहती है। जोड़ो, घटाओ या गुणा करो, जवाब की parity inputs की parities से पहले ही तय हो चुकी होती है — इसलिए आप ऐसी दुनिया में काम कर सकते हैं जिसमें सिर्फ़ दो numbers हों, और 135 × 654 के grid को गुणा किए बिना ही विषम या सम बता सकते हैं। असली बारीकी उस मामले में है जो तय नहीं होता: 3n + 4 कभी विषम होता है और कभी सम, और ऐसे expressions को उन expressions से अलग पहचानना जिनकी parity तय है, यही इस section की असली सीख है। सम coefficient अपने variable को parity से पूरी तरह छिपा देता है, और तब अकेला constant फ़ैसला करता है; विषम coefficient फ़ैसला वापस n को सौंप देता है।

आपको क्या आना चाहिए

  • जोड़ और घटाने के लिए parity table पूरी करना, और हर पंक्ति को उदाहरणों से नहीं बल्कि dots वाली तस्वीर से सही ठहराना
  • किसी जोड़ की parity सिर्फ़ इससे बताना कि उसमें कितनी विषम संख्याएँ हैं
  • बताना कि m × n grid में unit squares की गिनती विषम है या सम, सिर्फ़ m और n से और गुणा किए बिना
  • समझाना कि आयताकार गिनती को सम बनाने के लिए एक सम भुजा ही काफ़ी क्यों है
  • letter-number की कई values पर expression का मान निकालना और table से उसकी parity पढ़ना
  • expressions को दो हिस्सों में छाँटना — जिनकी parity हर value के लिए तय है और जिनकी parity बदलती है — और बताना कि expression की कौन-सी बात यह तय करती है
  • nवीं सम संख्या और nवीं विषम संख्या को expressions की तरह लिखना, और बताना कि हर expression किन संख्याओं तक पहुँचता है
  • "यह expression हमेशा विषम संख्याएँ देता है" जैसे दावे को हर value के बारे में दावे की तरह परखना, और जहाँ वह ग़लत हो वहाँ एक counterexample से उसे काटना

जानने लायक़ शब्द

शब्दएक पंक्ति में परिभाषाहिंदी / क्षेत्रीय समकक्षपहली बार कहाँ
parityकोई संख्या सम है या विषमसम-विषमता§6.2, p.131 पर छपा और पूरे pp.131–133 में इस्तेमाल हुआ
gridunit squares में बँटा एक आयत, जिसे उसकी दोनों भुजाओं से बताया जाता हैजालक"Small Squares in Grids", §6.2, p.131 में छपा
small squaresवे unit खाने जिनमें grid बँटा है; उनकी गिनती दोनों भुजाओं का गुणनफल हैछोटे वर्ग"Small Squares in Grids", §6.2, p.131 में छपा
expression3n + 4 जैसा rule जो किसी letter-number को एक value में बदल देता हैव्यंजक"Parity of Expressions", §6.2, p.132 में छपा
letter-numberकिसी संख्या की जगह खड़ा एक अक्षर, यहाँ अक्सर किसी sequence में positionअक्षर-संख्या§6.2, p.132 में छपा
nth termposition n पर expression की valuen-वाँ पद§6.2, p.132 में छपा
formulaकिसी भी position पर पद देने के लिए लिखा गया expressionसूत्र§6.2, p.133 में छपा
value of an expressionletter-number तय हो जाने पर expression का जो मान निकलता हैव्यंजक का मानPart I, §4.2, p.83 और §4.3, p.87 में छपा। इस chapter में नहीं छपा: §6.2 की table, p.132 पर, अपने बीच वाले column का heading सामने रखे उसी एक expression के लिए देती है, आम expressions के लिए नहीं — p.132 को देखकर पक्का किया गया। व्याख्या आम शब्द इस्तेमाल कर सकती है, पर उसे इस chapter के शब्दों की तरह नहीं रखना चाहिए।
fixed parityऐसे expression के लिए व्याख्या का वाक्यांश जो हर value के लिए विषम हो, या हर value के लिए समनिश्चित सम-विषमताव्याख्या का वाक्यांश; इस chapter में नहीं छपा

Hindi column में standard NCERT Hindi गणितीय शब्दावली दी गई है। Ganita Prakash Part I का Hindi संस्करण इस brief के लिए इस्तेमाल हुए corpus में नहीं है, इसलिए इन्हें Hindi छपाई से मिलाया नहीं गया — Notes देखें।

लोग कहाँ चूकते हैं

  • "घटाने के लिए अलग rules चाहिए होंगे।" नहीं चाहिए। जोड़ों का एक block हटाने से बचा हुआ dot कभी नहीं छुआ जाता, इसलिए घटाना पंक्ति-दर-पंक्ति जोड़ की नक़ल करता है। चार और lines रटने के बजाय इसे निकालना ही section 2 है।
  • "विषम संख्या गुणा सम संख्या विषम हो सकती है।" कभी नहीं: सम factor का मतलब है कि पूरा array एक दिशा में जोड़ों में बँट जाता है। grid वाली तस्वीर यह इस तरह दिखाती है जैसे पहाड़ा नहीं दिखाता — एक भुजा सम, और खाने दो-दो के columns में बँट जाते हैं।
  • "3n + 4 सम है, क्योंकि 4 सम है।" यह सिर्फ़ तब सम है जब 3n सम हो। coefficient 3 विषम है, इसलिए 3n वही parity लेता है जो n की है और expression उसके साथ पलटता है। छपी table ठीक इसी को पकड़ने के लिए बनी है।
  • "जो expression हमेशा सम values देता है, वह सारी सम values देता है।" chapter इसका counterexample 6k + 2 छापता है। हमेशा-सम उन outputs के बारे में कथन है जो वह देता है; सारी सम संख्याओं की list बनाना उन संख्याओं के बारे में कहीं बड़ा दावा है जिन्हें वह छोड़ता नहीं।
  • "2p + 1 और 2q − 1 एक ही चीज़ हैं, इसलिए दोनों हर विषम संख्या की list बनाते हैं।" expressions के रूप में इनमें फ़र्क़ बस इतना है कि गिनती कहाँ से शुरू होती है, और इस chapter में letter-number positions को एक से शुरू करके गिनता है। इस नियम के तहत 2q − 1 की शुरुआत 1 से होती है, जबकि 2p + 1 की शुरुआत 3 से होती है और वह कभी 1 तक नहीं पहुँचता। यह नियम साफ़-साफ़ कहिए; उसके बिना दावा न सच है न झूठ।
  • "parity मेल खाती है, तो जवाब हाँ है।" मेल खाती parity का मतलब बस इतना है कि parity वाले तर्क के पास कहने को कुछ नहीं। p.144 पर खुले पन्नों वाला सवाल ठीक यही जाल है — Notes देखें, जहाँ ज़्यादा बारीक तर्क रखा गया है।
  • "77 विषम है, इसलिए bulb आख़िर में विषम होगा।" bulb कोई संख्या नहीं है। 77 की parity बस इतना तय करती है कि हालत सम बार पलटी गई है या विषम बार, और कुछ नहीं।
पूरा transcript1,669 शब्द

बोर्ड पर जोड़ के 3 नतीजे लिखे हैं, सम और सम का जोड़ सम, विषम और विषम का जोड़ सम, और सम और विषम का जोड़ विषम। नीचे 4 खाली पंक्तियाँ हैं, घटाने के लिए, सम में से सम, विषम में से विषम, सम में से विषम, और विषम में से सम। आज की बड़ी बात, जोड़ो, घटाओ या गुणा करो, जवाब की parity पहले से तय होती है, हिसाब करने से पहले ही।

और उतनी ही ज़रूरी बात, कुछ expressions की parity तय नहीं होती, उन्हें पहचानना सीखना है। विषम में से विषम घटाओ, तो क्या बचेगा? दोनों तस्वीरों में 1 अकेला बिंदु है, घटाने वाले का अकेला बिंदु, पहले वाले के अकेले बिंदु को ले जाता है। बाकी जो हटता है वह पूरे जोड़े हैं, और जोड़े हटाने से कोई अकेला नहीं बनता, तो बचा हुआ सम। सम में से विषम, सम में कोई अकेला नहीं, तो विषम का अकेला बिंदु एक जोड़ा तोड़कर ले जाता है, और उस जोड़े का दूसरा बिंदु अकेला रह जाता है, नतीजा विषम।

इसी तरह सम में से सम, सम, और विषम में से सम, विषम, क्योंकि जोड़े हटाने से अकेला बिंदु जैसा था वैसा रहता है। यानी घटाने के नियम बिल्कुल जोड़ जैसे, कुछ नया याद नहीं करना। गिनकर देखा गया, 100 तक की सभी 4950 जोड़ियों में, जहाँ बड़े में से छोटा घटाया, ये 4 पंक्तियाँ हर बार सही। और हर बार, घटाने का नतीजा ठीक उसी parity का निकला, जिसका जोड़ का नतीजा।

क्योंकि जोड़ना हो या घटाना, बस अकेले बिंदुओं का हिसाब बदलता है, और वह हिसाब एक जैसा है। अब लंबा जोड़, कई संख्याएँ, तो किस बात पर ध्यान दें? सम संख्याएँ कोई अकेला बिंदु नहीं लातीं, हर विषम संख्या 1 लाती है, तो बस विषम पदों की गिनती मायने रखती है। सम पदों को जोड़ो या हटाओ, जवाब की parity ज़रा भी नहीं बदलती, वे parity के लिए अदृश्य हैं।

विषम पद विषम बार हों, तो जोड़ विषम, सम बार हों, तो जोड़ सम। यहाँ 1 से 10 तक की संख्याओं के 4 पदों वाले सभी 10000 जोड़ जाँचे गए, हर एक में यही नियम चला। एक डिब्बे में गोटियाँ हैं, कुछ अकेली, कुछ 5 की थैलियों में, और कुछ 10 की थैलियों में। अकेली गोटियाँ विषम गिनती में हैं, 5 वाली थैलियाँ भी विषम गिनती में, और 10 वाली थैलियाँ सम गिनती में।

कोई कहता है कि डिब्बे में कुल 205 गोटियाँ हैं। बिना गिने, क्या यह दावा सही हो सकता है? अकेली गोटियाँ विषम, तो उनसे 1 अकेला बिंदु। और 5 विषम है, और थैलियाँ विषम बार, तो विषम बार विषम जोड़ा, नतीजा विषम, एक और अकेला बिंदु। अब 10 सम है, उसे कितनी भी बार जोड़ो, सम ही रहेगा, कोई अकेला नहीं। कुल मिलाकर 2 अकेले बिंदु, जो जोड़ा बना लेते हैं, तो कुल गोटियाँ सम।

पर 205 विषम है, तो दावा अपने आप झूठा साबित होता है। ऐसे 23793 डिब्बों की गिनती की गई, हर एक का कुल सम निकला, और एक का भी 205 नहीं। अब एक जाली, जिसमें पंक्तियाँ और स्तंभ हैं, और हर खाना एक छोटा वर्ग। देखो, 3 पंक्ति और 3 स्तंभ की जाली में 9 छोटे वर्ग हैं, और 3 पंक्ति और 4 स्तंभ वाली में 12। क्या खाने गिने बिना बता सकते हो कि उनकी गिनती सम है या विषम?

यहाँ 3 गुणा 4 वाली जाली में हर पंक्ति के 4 खाने 2 के जोड़ों में बैठ जाते हैं, तो पूरी जाली जोड़ों में, कोई अकेला नहीं। और पंक्तियाँ कितनी भी हों, हर पंक्ति अपने जोड़े खुद बना लेती है, इसलिए एक सम भुजा काफ़ी है। और 3 गुणा 3 में हर पंक्ति का 1 खाना अकेला बचता है, 3 अकेले, उनमें से 2 जुड़ जाते हैं, और 1 अकेला रह जाता है।

तो गुणनफल विषम, सिर्फ़ तब जब दोनों संख्याएँ विषम हों, वरना सम। अब 30 तक की सभी 900 जालियाँ बनाई गईं, 675 में खाने जोड़ों में बैठे, और बाकी 225 में, जहाँ दोनों भुजाएँ विषम थीं, ठीक 1 अकेला। अब 3 जालियाँ, 27 गुणा 13, 42 गुणा 78, और 135 गुणा 654, गुणा किए बिना बताओ। पहली में 27 और 13, दोनों विषम, तो खाने विषम। दूसरी में 42 सम है, बस, 78 देखने की ज़रूरत भी नहीं, खाने सम।

तीसरी में 654 सम है, तो 135 कुछ भी हो, खाने सम। अब गिनकर देखो, 351, 3276 और 88290 खाने, पहला विषम, बाकी दोनों सम, ठीक जैसा कहा था। तो विषम गुणा सम कभी विषम नहीं, एक सम भुजा पूरी जाली को जोड़ों में बाँट देती है। अब एक expression, 3 n धन 4, जहाँ n कोई भी पूरी संख्या है। यह हमेशा सम है, या हमेशा विषम, या कुछ और?

n बराबर 3 रखो, तो 13, विषम। n बराबर 8, तो 28, सम। और n बराबर 10, तो 34, सम। तो जवाब एक जैसा नहीं, इस expression की parity तय नहीं, वह n पर निर्भर है। एक आम गलती, 4 सम है, तो 3 n धन 4 भी सम, नहीं। देखो, 3 विषम है, तो 3 n में n विषम बार आता है, इसलिए 3 n की parity वही जो n की।

और 4 जोड़ने से parity नहीं बदलती, तो n पलटे तो पूरा expression भी पलटता है। n बराबर 1 से 100 तक, यह 50 बार विषम और 50 बार सम निकला। अब 100 p देखो, p कुछ भी हो, 100 सम है, तो 100 p हमेशा सम। और 48 w घटा 2, 48 w हमेशा सम, उसमें से 2 घटाओ, फिर भी सम। जब letter के आगे सम संख्या हो, तो letter की parity छिप जाती है, फ़ैसला बस आखिरी संख्या करती है।

और जब आगे विषम संख्या हो, जैसे 3 n में, तो फ़ैसला letter पर लौट आता है। a n धन b जैसे 100 expressions जाँचे गए, a और b 0 से 9 तक, इनमें से 50 की parity तय निकली, ठीक वे जिनमें a सम है। अब 6 k धन 2, k बराबर 1, 2, 3 पर 8, 14, 20। यहाँ 6 सम है, तो 6 k हमेशा सम, और 2 जोड़कर भी सम, पहले 100 मान सब सम।

तो क्या यह हर सम संख्या देता है? नहीं, 600 तक 300 सम संख्याएँ हैं, और यह expression उनमें से बस 99 तक पहुँचता है। शुरू की ही कई छूट जाती हैं, 2, 4, 6, 10। हमेशा सम होना एक बात है, और हर सम संख्या देना बिल्कुल दूसरी, इन्हें मिलाना नहीं। सम संख्याएँ एक पंक्ति में लिखो, 2, 4, 6, 8, और उनके नीचे विषम, 1, 3, 5, 7।

पहली सम 2, दूसरी 4, तीसरी 6, यानी जगह n पर सम संख्या 2 n। और हर विषम ठीक अपनी सम के नीचे, उससे 1 कम, तो जगह n पर विषम संख्या 2 n घटा 1। तो 100वीं सम संख्या 200, और 100वीं विषम संख्या 199। संख्याओं पर चलकर दोनों सूचियाँ बनाई गईं, सभी 100 जगहों पर दोनों नियम सही। अब 4 दावे, और एक शर्त, letter की गिनती 1 से शुरू होती है, 0 से नहीं।

हर दावे के लिए सोचो, सच या झूठ? पहला, 4 m घटा 1 हमेशा विषम, सच, 4 m सम है, और सम में से 1 घटाओ तो विषम। दूसरा, हर सम संख्या 6 j घटा 4 के रूप में, झूठ, 4 कभी नहीं आता। देखो, j बराबर 1, 2, 3 पर यह 2, 8, 14 देता है, बीच की 4 और 6 जैसी सम संख्याएँ छूट जाती हैं। तीसरा, 2 p धन 1 और 2 q घटा 1, दोनों सारी विषम संख्याएँ देते हैं, झूठ, p एक से शुरू हो तो 2 p धन 1 पहले ही 3 देता है, 1 कभी नहीं।

यह दावा पूरी तरह इस शर्त पर टिका है कि गिनती 1 से शुरू हो, शर्त बोले बिना यह न सच है न झूठ। चौथा, 2 f धन 3 दोनों parity देता है, झूठ, 2 f हमेशा सम, और 3 जोड़कर हमेशा विषम। तो 4 में से बस 1 दावा सच। एक बल्ब जल रहा है, और उसका बटन 77 बार दबाया जाता है। हर 2 दबाव मिलकर बल्ब को वहीं लौटा देते हैं, तो जोड़े भूल जाओ, बस अकेला दबाव देखो।

और 77 विषम है, तो 1 दबाव अकेला बचता है, और बल्ब बुझा रहता है। बल्ब विषम नहीं होता, 77 की parity बस यह बताती है कि बल्ब की हालत विषम बार पलटी। अब 0 से 100 तक हर गिनती पर जाँचा गया, बल्ब ठीक तब जलता मिला जब दबाव सम बार हुए। आखिर में एक 2 गुणा 3 की जाली, हर पंक्ति और स्तंभ के आगे एक गोला, जो बताता है कि उसका जोड़ सम हो या विषम।

देखो, 6 संख्याएँ भरनी हैं, 3 विषम और 3 सम, ताकि हर गोले की बात सच हो। संख्याएँ चुनने से पहले सिर्फ़ सम और विषम का ढाँचा तय करो। जिस स्तंभ का जोड़ सम है, उसके दोनों खाने एक ही parity के, और जिसका विषम, उसके दोनों अलग। सम और विषम के कुल 64 ढाँचे बनते हैं, उनमें से बस 4 सारे गोलों को मानते हैं, और उनमें से 2 में ठीक 3 विषम खाने।

ढाँचा तय होते ही असली संख्याएँ कई तरह से भरी जा सकती हैं, पर सबसे ज़रूरी काम पहले ही हो चुका। एक आखिरी सावधानी, parity मेल खा जाए, तो इसका मतलब हाँ नहीं। इसका मतलब बस इतना है कि parity का तर्क चुप है, कोई और रुकावट अब भी हो सकती है। parity का असली ज़ोर ना कहने में है, जब parity न मिले, तब असंभव होना पक्का है। खुद आज़माओ, कोई भी जाली चुनो, उसके खाने सम हैं या विषम, पहले भुजाओं से बताओ, फिर गिनो।

कोई लंबा जोड़ लिखो, और सिर्फ़ विषम पद गिनकर जवाब की parity बताओ। कोई expression बनाओ जो हमेशा विषम हो, और एक जिसकी parity पलटती हो, और बताओ क्यों। हर बार वजह साफ़ लिखो, सम भुजा, विषम पदों की गिनती, या letter के आगे की संख्या। याद रखो, घटाने की parity बिल्कुल जोड़ जैसी। लंबे जोड़ में बस विषम पद गिनो। एक सम गुणक, और गुणनफल सम। letter के आगे सम संख्या, तो parity तय, विषम संख्या, तो parity letter के हाथ में।

हमेशा सम देना, और हर सम देना, 2 अलग दावे हैं।

यह कहाँ बैठता है

यह उन notes से लिया गया है जिनसे हर video बनी है, पढ़ने के क्रम से नहीं — ये वे ideas हैं जिन पर यह टिका है, और वे जो आगे चलकर इस पर टिकते हैं.

किस पर टिका है

आगे फिर कहाँ आता है

इसके ठीक पहले और ठीक बाद

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