PrepShorts · पढ़ाई की शीट · Class 7 Mathematics · Chapter 5, Connecting the Dots...
Chapter 5 · Connecting the Dots...
किसी data set का वर्णन करने के लिए एक number कभी काफ़ी क्यों नहीं होता
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17 लड़के, 11 लड़कियाँ। लड़कियों का माध्य ऊँचा, बीच का मान भी ऊँचा - पर क्लास के दोनों सिरे लड़कों के पास, और 187 जोड़ियों में से 63 में लड़का लंबा।
मुख्य idea
"तुम्हारी class कितनी लंबी है?" का कोई एक-number वाला जवाब नहीं है, और इसकी वजह यह नहीं कि सवाल ढीला है — वजह यह है कि हर सारांश जान-बूझकर कुछ खोता है। mean सिरों को छोड़ देता है, median values के आकार को छोड़ देता है, extremes बीच की हर चीज़ को छोड़ देते हैं, और total यह छोड़ देता है कि values कितनी थीं। इसलिए data का वर्णन numbers का एक छोटा set होता है जिसे साथ मिलाकर इस्तेमाल किया जाता है, और chapter इसे एक ऐसी class से साबित करता है जिसमें सबसे लंबा और सबसे छोटा, दोनों स्थान लड़कों के पास हैं और फिर भी उनका औसत कम निकलता है। एक number पढ़िए तो जवाब ग़लत मिलता है; चार पढ़िए तो class साफ़ दिखने लगती है।
आपको क्या आना चाहिए
- वे चार चीज़ें बताना जिनसे किसी data set का वर्णन किया जा सकता है, chapter की अपनी सूची में: दोनों सिरे, total, सिरों के बीच का फ़ासला, और केंद्रीय प्रवृत्ति के दोनों मापक
- समझाना कि दो औसतों की तुलना दोनों समूहों से लिए गए किसी भी एक जोड़े के बारे में कुछ क्यों नहीं कहती
- छपे हुए means और medians वाले dot plots का set पढ़ना और हर समूह के आकार का अनुमान लगाना
- दर्ज किए गए zero और ग़ायब value में फ़र्क़ करना, और उसी हिसाब से denominator चुनना
- समझाना कि zero का median बड़े total के साथ-साथ कैसे रह सकता है
- सारांश निकालने से पहले तय करना कि कौन-सी values data set में आती हैं
- ऐसे दो समूहों की तुलना करना जिनके केंद्र पास-पास हैं पर फैलाव अलग
- सही ठहराना कि सिर्फ़ mean से फैलाव के बारे में कोई दावा क्यों नहीं किया जा सकता
- समझाना कि mean और median हमेशा minimum और maximum के बीच क्यों पड़ते हैं, और इसे निकाले गए जवाब की जाँच की तरह इस्तेमाल करना
जानने लायक़ शब्द
| शब्द | एक पंक्ति में परिभाषा | हिंदी / क्षेत्रीय समकक्ष | पहली बार कहाँ आया |
|---|---|---|---|
| extremes | सबसे छोटी और सबसे बड़ी values, एक जोड़ी के रूप में | चरम मान | §5.2 में छपा, Part II, p.109 |
| variability | values एक-दूसरे से कितनी अलग हैं, और वह चीज़ जिसे कोई अकेला सारांश छिपा देता है | परिवर्तिता | §5.2 में छपा, Part II, pp.102, 109 |
| range | सबसे बड़ी और सबसे छोटी value के बीच का फ़ासला | परिसर | SUMMARY में छपा, Part II, p.134; §5.2 (p.102) सिरों के अंतर का इस्तेमाल करता है, पर उसे नाम नहीं देता |
| total | हर value का जोड़, और उन तरीक़ों में से एक जिनसे chapter के मुताबिक़ data की तुलना की जा सकती है | योग | §5.2 में छपा, Part II, pp.99, 102 |
| measures of central tendency | mean और median, एक जोड़ी के रूप में | केंद्रीय प्रवृत्ति के मापक | §5.2 में छपा, Part II, p.109 |
| infer | कोई value सीधे पढ़ लेने के बजाय ऐसा निष्कर्ष निकालना जिसका data समर्थन करे | निष्कर्ष निकालना | §5.2 में छपा, Part II, p.110 |
| extras | cricket team के total में जुड़े वे runs जो किसी batter ने नहीं बनाए | अतिरिक्त रन | §5.2 में छपा, Part II, p.111 |
| distribution | किसी set की values कहाँ-कहाँ पड़ती हैं, इसका पूरा pattern | बंटन | इस chapter में एक बार छपा, §5.4 में, Part II, p.129; §5.2 पूरे समय इस विचार के साथ काम करता है पर यह शब्द नहीं लाता |
| summary statistic | पूरे set की जगह खड़ा होने के लिए निकाला गया कोई भी एक number | सारांश मान | इस पाठ का शब्द, इस chapter में नहीं छपा — किताब इसकी जगह representative value कहती है |
| sample size | कोई सारांश कितनी values से निकाला गया | प्रतिदर्श आकार | इस पाठ का शब्द, इस chapter में नहीं छपा, जो number of values कहता है |
हिंदी column में standard NCERT हिंदी गणितीय शब्दावली दी गई है। Ganita Prakash Part II का हिंदी संस्करण उपलब्ध नहीं था — Notes देखें।
लोग कहाँ चूकते हैं
- "औसत बताता है कि समूह कैसा है।" वह समूह के बारे में एक बात बताता है। p.109 वाली class का औसत लगभग 144 है और उसमें 128 का एक बच्चा है और 158 का एक बच्चा; सिर्फ़ 144 देखने वाला कोई भी यह नहीं जान पाता।
- "अगर समूह A का औसत ज़्यादा है, तो A का हर सदस्य बड़ा है।" chapter उसी साँस में दावे के साथ उसका सुधार जोड़ देता है, और यह इस topic का परीक्षा में सबसे ज़्यादा पूछा जाने लायक़ अकेला विचार है। ऐसे दो एक-दूसरे पर चढ़े dot plots दिखाइए जिनके means में दो centimetres का अंतर हो।
- "एक ही औसत वाले दो समूह एक जैसे हैं।" एक minute वाले दोनों समूहों के केंद्र लगभग एक second के अंतर पर हैं और फैलाव साफ़ तौर पर अलग। केंद्र वही, data अलग।
- "ख़ाली ख़ाना zero है।" दोनों fraction के अलग-अलग हिस्सों को बदलते हैं। zero, total में कुछ नहीं जोड़ता और गिनती में एक जोड़ता है; ख़ाली ख़ाना दोनों में से किसी में कुछ नहीं जोड़ता। chapter p.111 पर एक हल किए हुए मामले से दोनों को अलग करता है।
- "zero के median का मतलब है कि team ने कुछ नहीं बनाया।" आधे से ज़्यादा batters ने कुछ नहीं बनाया; बाक़ियों ने मिलकर 388 बनाए। median स्थान के बारे में कथन है, total के बारे में नहीं, और cricket वाला उदाहरण इसीलिए है कि यह बात भूली ही न जा सके।
- "आपके पास जितनी values हैं, सब सारांश में आती हैं।" Sita का पेड़ साल के सात महीने कोई आम नहीं देता। उन महीनों को शामिल करना उस सवाल से अलग सवाल का जवाब देता है जो कोई पूछना चाहता था। data set का दायरा तय करना विश्लेषण का हिस्सा है, उससे पहले होने वाली कोई चीज़ नहीं।
- "extremes तो बस दो सबसे कम दिलचस्प values हैं।" chapter का अपना उप-शीर्षक सिरों को सार (essence) के साथ किसी वजह से जोड़ता है: p.110 पर सिरे ही बताते हैं कि लड़के ज़्यादा विविधता वाला समूह हैं, और केंद्र का कोई भी मापक यह नहीं बता सकता था।
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पूरा transcript2,100 शब्द
कोई पूछे, तुम्हारी क्लास कितनी लंबी है, तो जवाब में कौन सी एक संख्या बताओगे? सिर्फ़ माध्य दें तो सिरे खो जाते हैं, सिर्फ़ बीच का मान दें तो आकार खो जाता है, सिर्फ़ सिरे दें तो बीच का सब कुछ खो जाता है। यहाँ एक क्लास के आँकड़ों से दिखेगा कि एक संख्या गलत जवाब देती है, और कुछ संख्याएँ मिलकर सही तस्वीर बनाती हैं। एक क्लास, 17 लड़के और 11 लड़कियाँ, कुल 28 बच्चे, सबकी लंबाई सेंटीमीटर में।
हर बच्चा पैमाने पर एक बिंदु, लड़के नीले, लड़कियाँ हरी, और नीचे पूरी क्लास एक पंक्ति में। कोई हिसाब करने से पहले बस देखो, बिंदु कहाँ घने हैं, कहाँ अकेले, और कौन से सबसे किनारे पर हैं। पहले कुल, 17 लड़कों की लंबाइयाँ जोड़ो तो 2430 सेंटीमीटर। यहाँ 11 लड़कियों की लंबाइयाँ जोड़ो तो 1616 सेंटीमीटर। पूरी क्लास का कुल इन दोनों का जोड़, 4046 सेंटीमीटर, पर अकेला कुल यह नहीं बताता कि कितने बच्चों में बँटा।
माध्य के लिए कुल को गिनती से भाग, 4046 को 28 से भाग। जवाब ठीक 144 दशमलव 5 सेंटीमीटर, यहाँ भाग पूरा बैठता है, कोई गोलाई नहीं चाहिए। कोई छपा हुआ माध्य मिले तो उस पर भरोसा करने से पहले खुद भाग करके देखो, एक छोटी सी चूक भी पूरे आँकड़े का हाल बदल देती है। लड़कों का माध्य, 2430 को 17 से भाग, लगभग 142 दशमलव 9 4। लड़कियों का माध्य, 1616 को 11 से भाग, लगभग 146 दशमलव 9।
तो लड़कियों का माध्य लगभग 3 दशमलव 9 7 सेंटीमीटर ऊपर, और पूरी क्लास का 144 दशमलव 5 इन दोनों के बीच। अब बीच का मान, 17 लड़कों को छाँटो, बीच में नौवाँ, 144। और 11 लड़कियों में बीच में छठा, 148। अब 28 बच्चों की गिनती सम है, तो चौदहवाँ और पंद्रहवाँ, और यहाँ दोनों 145, बीच का मान 145। अब क्लास के दोनों सिरे देखो, सबसे छोटा 128 सेंटीमीटर, और वह एक लड़का है।
सबसे लंबा 158 सेंटीमीटर, और वह भी एक लड़का है। मतलब क्लास के दोनों सिरे लड़कों के पास हैं, लड़कियाँ बीच में कहीं। लड़के 128 से 158 तक फैले हैं, फैलाव 30 सेंटीमीटर। लड़कियाँ 136 से 156 तक, फैलाव सिर्फ़ 20। तो लड़कों में ज़्यादा विविधता है, और यह बात कोई भी माध्य या बीच का मान अकेले नहीं बता सकता, यह सिरों से पता चलती है। सिरे देखो तो लगता है लड़के आगे, सबसे लंबा उन्हीं में है, पर माध्य कहता है लड़कियाँ आगे।
बीच का मान भी यही कहता है, लड़कियों का 148, लड़कों का 144। यह कोई गलती नहीं, अलग अलग सारांश अलग अलग सवालों का जवाब देते हैं, और यहाँ सवाल ही अलग तरह के हैं। एक सवाल, पूरी क्लास में कितने बच्चे क्लास के माध्य 144 दशमलव 5 से लंबे हैं, आधे, आधे से कम, या ज़्यादा? गिनो, 28 में से 15 बच्चे माध्य से ऊपर, 13 नीचे, और ठीक माध्य पर कोई नहीं।
ऊपर वाले 15 में 8 लड़के और 7 लड़कियाँ। बहुत लोग सोचते हैं औसत से ऊपर ठीक आधे होंगे, पर यहाँ 15 ऊपर और सिर्फ़ 13 नीचे। वजह वही पुरानी, नीचे के कुछ छोटे मान माध्य को अपनी तरफ़ खींचते हैं, तो माध्य थोड़ा नीचे बैठता है और ज़्यादा बच्चे उसके ऊपर आ जाते हैं। आधा आधा बाँटने का काम बीच का मान करता है, माध्य नहीं। अब एक आम गलती, लड़कियों का माध्य ऊँचा है, तो क्या हर लड़की हर लड़के से लंबी है?
नहीं, और इसे जाँचने का सीधा तरीका है, हर लड़के को हर लड़की के सामने खड़ा करो और गिनो। देखो, 17 लड़के, 11 लड़कियाँ, तो कुल 187 जोड़ियाँ। इनमें से 63 जोड़ियों में लड़का लंबा, 117 में लड़की लंबी, और 7 में दोनों बराबर। तो लड़कियाँ ज़्यादातर जोड़ियों में आगे हैं, पर हर जोड़ी में नहीं, माध्य का फ़र्क पूरे समूह के बारे में है, हर एक के बारे में नहीं।
पैमाने पर 136 से 156 तक का हिस्सा दोनों समूहों का साझा है। इस हिस्से में 28 में से 22 बच्चे, सारी 11 लड़कियाँ और 11 लड़के। बाहर सिर्फ़ 6 लड़के, 5 नीचे की तरफ़ और 1 ऊपर, यानी दोनों समूह ज़्यादातर एक दूसरे पर चढ़े हुए हैं। सबसे लंबा लड़का, 158, सारी 11 लड़कियों से लंबा। और सबसे छोटी लड़की, 136, से 17 में से 12 लड़के लंबे हैं।
समूह का माध्य ऊँचा होने से उसका हर सदस्य लंबा नहीं हो जाता, यह फ़र्क हमेशा ध्यान में रहे। एक और बात, लड़कों का माध्य उनके बीच के मान से लगभग 1 दशमलव 0 6 नीचे। लड़कियों में लगभग 1 दशमलव 0 9 नीचे, और पूरी क्लास में 0 दशमलव 5 नीचे। हर समूह में माध्य नीचे, पर फ़र्क हर बार 1 दशमलव 5 से कम, तो नीचे से बस एक हल्का सा खिंचाव है।
उसी स्कूल की एक और क्लास के सारांश, लड़कों का माध्य 142 दशमलव 0 5, बीच का मान 143। लड़कियों का माध्य 140 दशमलव 1 4, बीच का मान 140, और पूरी क्लास का माध्य 141 दशमलव 2 1, जो दोनों समूहों के माध्य के बीच में है। यहाँ दोनों पैमानों पर लड़के आगे, पहली क्लास का उल्टा, तो एक क्लास से पूरे स्कूल के बारे में नियम बनाना ठीक नहीं।
अब कुछ और आँकड़े, 9 दिनों का पानी, लीटर में, 5 दशमलव 6, 8, 3 दशमलव 0 9, 12 दशमलव 9, 6 दशमलव 5, 12 दशमलव 1, 11 दशमलव 3, 20 दशमलव 5, 7 दशमलव 4। कुल 87 दशमलव 3 9 लीटर, 9 से भाग करो तो माध्य ठीक 9 दशमलव 7 1। छाँटो तो बीच में पाँचवाँ दिन, 8 लीटर, यही बीच का मान। सवाल, क्या इन दिनों का माध्य या बीच का मान 25 और 30 के बीच आ सकता है?
सबसे कम पानी 3 दशमलव 0 9 लीटर, सबसे ज़्यादा 20 दशमलव 5। जब सबसे बड़ा दिन ही 20 दशमलव 5 है, तो कोई भी बीच वाली संख्या 25 तक कैसे पहुँचेगी, नहीं पहुँच सकती। वजह यह है, कोई मान सबसे बड़े से बड़ा नहीं, तो कुल ज़्यादा से ज़्यादा गिनती गुणा सबसे बड़ा मान। इसे गिनती से भाग करो, तो माध्य ज़्यादा से ज़्यादा सबसे बड़ा मान, यही तर्क नीचे वाले सिरे पर भी चलता है।
और बीच का मान या तो खुद एक मान है या 2 मानों का आधा आधा, तो वह भी सिरों के बीच ही रहता है। यह नियम 13 अलग अलग आँकड़ों पर जाँचा गया, क्लास, पानी, रन, फल, वज़न, और कुछ छोटे समूह। इन सभी 13 आँकड़ों में माध्य भी और बीच का मान भी सबसे छोटे और सबसे बड़े मान के बीच। माध्य सबसे बड़े मान के बराबर सिर्फ़ 2 समूहों में हुआ, और ये वही 2 समूह हैं जिनके सारे मान एक जैसे हैं।
इस नियम का सबसे बड़ा फ़ायदा, यह तुम्हारे अपने हिसाब की जाँच है। अगर तुम्हारा माध्य सबसे बड़े मान से ऊपर या सबसे छोटे से नीचे आया, तो भाग या जोड़ में कहीं चूक हुई है, फिर से करो। अब क्रिकेट, एक टीम के 11 बल्लेबाज़, सबके रन छाँटकर, 0, 0, 0, 0, 0, 0, 5, 19, 22, फिर 158 और 184। बल्ले से 388 रन, ऊपर से 19 अतिरिक्त रन, कुल 407।
अतिरिक्त रन किसी बल्लेबाज़ के नहीं, इसलिए प्रति बल्लेबाज़ औसत में सिर्फ़ बल्ले से बने रन गिनेंगे। माध्य, 388 को 11 से भाग, लगभग 35 दशमलव 2 7 रन प्रति बल्लेबाज़। और बीच का मान, 11 में छठा, जो है 0। बीच का मान 0, पर टीम ने 388 रन बनाए, यह एक ही समय पर कैसे सच? गिनो, 11 में से 6 बल्लेबाज़ 0 पर, और बाकी 5 ने सारे 388 रन बनाए।
यहाँ 11 में बीच का मान छठा, तो उसके 0 होने के लिए कम से कम 6 बल्लेबाज़ 0 पर चाहिए, आधे से ज़्यादा। सिर्फ़ 5 बल्लेबाज़ 0 पर हों तो छठा मान किसी बल्लेबाज़ का रन होगा, और बीच का मान 0 से ऊपर चला जाएगा। सबसे ऊपर के 2 बल्लेबाज़, 158 और 184, मिलकर 342 रन। यह बल्ले से बने 388 रनों का लगभग 88 प्रतिशत। माध्य कुल की बात करता है, बीच का मान जगह की, यहाँ कुल बड़ा है पर ज़्यादातर बल्लेबाज़ों की जगह 0 पर।
अब मान लो एक 0 की जगह 1 रन हो, तो 0 वाले बल्लेबाज़ सिर्फ़ 5 बचे। बीच का मान 0 से सीधा 1 पर, जबकि माध्य बस 388 बटा 11 से 389 बटा 11। तो यह 0 वाला बीच का मान एक धागे पर लटका है, जगह बदलते ही बदल गया। एक बल्लेबाज़ के 7 मैच, 57, 13, 0, 84, 51, 27, और पाँचवें मैच में सिर्फ़ एक डैश।
तीसरे मैच का 0 मतलब खेला और कोई रन नहीं, पर डैश मतलब खेला ही नहीं। तो 6 पारियाँ खेलीं, कुल 232 रन, माध्य 232 को 6 से भाग, लगभग 38 दशमलव 6 7। डैश को 0 मान लिया, तो वही 232 रन 7 से भाग, लगभग 33 दशमलव 1 4, बहुत कम। और असली 0 भी हटा दिया, तो 232 को 5 से भाग, 46 दशमलव 4, बहुत ज़्यादा।
ध्यान रहे, 0 कुल में कुछ नहीं जोड़ता पर गिनती में 1 जोड़ता है, जबकि डैश वाला मैच न कुल में कुछ जोड़ता है, न गिनती में। एक फल का पेड़, 12 महीनों में हर महीने कितने फल, 0, 0, 8, 24, 41, 16, 5, 0, 0, 0, 0, 0। साल भर में कुल 94 फल, सारे के सारे महीने 3 से 7 के बीच। बाकी 7 महीनों में एक भी फल नहीं।
पूरे साल पर, माध्य 94 को 12 से भाग, लगभग 7 दशमलव 8 3, और बीच का मान 0। सिर्फ़ फल वाले 5 महीनों पर, माध्य ठीक 18 दशमलव 8, बीच का मान 16। वही 94 फल, पर मौसम वाला माध्य साल वाले का 2 दशमलव 4 गुना, कौन से मान गिनने हैं, यह फ़ैसला भी हिसाब का हिस्सा है। अब वज़न, 5 पहलवान और 6 नर्तकियाँ, किलोग्राम में। पहलवानों का कुल 1201 दशमलव 9, नर्तकियों का कुल 254 दशमलव 5।
माध्य लगभग 240 दशमलव 3 8 और 42 दशमलव 4 2, बीच का मान 234 दशमलव 1 और 42 दशमलव 2। सवाल, एक पहलवान एक नर्तकी से कितने गुना भारी है? माध्य से लगभग 5 दशमलव 6 7 गुना, बीच के मान से लगभग 5 दशमलव 5 5 गुना, पर कुल से सिर्फ़ 4 दशमलव 7 2 गुना। कुल वाला जवाब गलत है, क्योंकि पहलवान 5 हैं और नर्तकियाँ 6, कुल की तुलना समूह के आकार को भी तौल लेती है।
सबसे हल्का पहलवान 200 दशमलव 9, सबसे भारी नर्तकी 48 दशमलव 2। सबसे हल्का पहलवान भी सबसे भारी नर्तकी से 4 गुने से ज़्यादा, दोनों समूह कहीं नहीं मिलते, पहले की क्लास से बिल्कुल अलग हाल। बहुत पहले, नाप तय करने के लिए 16 आदमी एड़ी से पंजा मिलाकर खड़े होते, और उनके पैरों की पूरी लंबाई एक रस्सी पर नापी जाती। फिर वह रस्सी 16 बराबर टुकड़ों में काटी जाती, और एक टुकड़ा एक फ़ुट कहलाता।
यह ठीक माध्य है, कुल लंबाई गिनती से भाग, 4 अलग अलग कतारों पर जाँचा गया, हर बार बराबर, और 15 टुकड़े करने पर एक बार भी नहीं। मान लो 15 आदमियों का पैर 30 सेंटीमीटर, और एक का सिर्फ़ 18। उसका पैर 12 सेंटीमीटर छोटा, पर फ़ुट सिर्फ़ 0 दशमलव 7 5 सेंटीमीटर छोटा होता है। माध्य में हर व्यक्ति की चूक 16 हिस्सों में बँट जाती है, इसलिए यह नाप भरोसेमंद बनता है।
अब क्लास को कुछ संख्याओं में, सबसे छोटा 128, सबसे बड़ा 158, माध्य 144 दशमलव 5, बीच का मान 145। और 128 और 158 का ठीक आधा रास्ता 143 है, पर यह माध्य नहीं, सिरे बीच का पता नहीं देते। हर संख्या कुछ बताती है, कुछ छिपाती है, मिलकर ही तस्वीर पूरी होती है। पहला समूह 10, 10, 10, 10, 10, दूसरा समूह 0, 5, 10, 15, 20। गिनती दोनों की 5, कुल 50, माध्य 10, बीच का मान 10, सब बराबर।
पर फैलाव एक का 0, दूसरे का 20, बराबर माध्य वाले समूह एक जैसे नहीं होते। उल्टा भी होता है, एक समूह में 0, 10 और 3 बार 1, दूसरे में 0, 10 और 3 बार 9, दोनों के सिरे 0 और 10। पर माध्य 2 दशमलव 6 और 7 दशमलव 4, 4 दशमलव 8 का फ़र्क, और बीच का मान 1 और 9। तो कोई एक सारांश दूसरे को तय नहीं करता, इसलिए आँकड़ों का वर्णन हमेशा कुछ संख्याओं का एक समूह होता है।
हर सारांश कुछ खोता है, माध्य सिरे, बीच का मान आकार, सिरे बीच का हिस्सा। समूह का माध्य ऊँचा हो, तो भी हर सदस्य बड़ा नहीं होता। माध्य और बीच का मान हमेशा सबसे छोटे और सबसे बड़े मान के बीच, यह अपने हिसाब की जाँच है। अब 0 एक मान है, डैश नहीं, और कौन से मान गिनने हैं, यह भी सोचना पड़ता है। सिर्फ़ एक संख्या से गलत जवाब, कुछ संख्याएँ मिलकर आँकड़ा साफ़ दिखाती हैं।
यह कहाँ बैठता है
यह उन notes से लिया गया है जिनसे हर video बनी है, पढ़ने के क्रम से नहीं — ये वे ideas हैं जिन पर यह टिका है, और वे जो आगे चलकर इस पर टिकते हैं.
किस पर टिका है
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इसके ठीक पहले और ठीक बाद
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