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Chapter 1 · Patterns in Mathematics

गणित patterns की खोज है, और इस बात की कि वे सच क्यों होते हैं

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5 आकृतियाँ, लकीरों की पंक्तियों से बनी — 1, 3, 6, 10, 15 लकीरें। छठी में कितनी होंगी? 21। यह ढूँढ लेना गणित का आधा काम है; बाकी आधा है यह समझाना कि ऐसा क्यों होना ही चाहिए।

मुख्य idea

pattern पहचान लेना उस काम का सिर्फ़ आधा हिस्सा है जिसकी बात किताब कर रही है। §1.1 गणित को एक जोड़ी की तरह परिभाषित करता है — pattern, और वह कारण जिसकी वजह से उसे सच होना ही है — और दूसरा आधा ही असली फ़ायदा देता है: कारण को ऐसी हालत में भी ले जाया जा सकता है जहाँ वह कभी मिला ही नहीं था, जबकि जिस pattern को बस कुछ बार जाँचा गया है, हो सकता है वह अगला case भी न झेल पाए।

आपको क्या आना चाहिए

  • §1.1 गणित का जो दो हिस्सों वाला परिचय देता है, उसे student अपने शब्दों में कह सके
  • ऐसी कई रोज़मर्रा की जगहों के नाम बता सके जहाँ किताब के अनुसार patterns मिलते हैं
  • "मैंने इसे पाँच cases में जाँच लिया है" और "ऐसा हमेशा होना ही है" में फ़र्क़ कर सके
  • एक ऐसे pattern का उदाहरण दे सके जो कई जाँचें पार कर लेता है और फिर टूट जाता है
  • किताब के अपने दो उदाहरणों से समझा सके कि कोई व्याख्या उस जगह से बहुत दूर भी क्यों काम आ सकती है जहाँ वह मिली थी
  • बता सके कि किताब गणित को विज्ञान के साथ-साथ कला भी क्यों मानती है
  • पहचान सके कि "क्यों?" गणित का एक जायज़ सवाल है, सवाल हल करने के बीच भटकाव नहीं

जानने लायक़ शब्द

शब्दएक पंक्ति में अर्थहिंदी / क्षेत्रीय समकक्षपहली बार कहाँ आया
patternऐसी नियमितता जिसे cases की सूची के बजाय एक नियम की तरह कहा जा सकेपैटर्न / प्रतिरूप§1.1, p.1 पर छपा
explanationइस बात का ब्योरा कि कोई pattern सच होने पर मजबूर क्यों है, सिर्फ़ यह नहीं कि वह सच हैव्याख्या§1.1, p.1 पर छपा
mathematicsनियमितताओं को, और उन्हें मजबूर करने वाले कारणों को, खोज निकालनागणितchapter के शीर्षक में और §1.1, p.1 पर छपा
artएक रचनात्मक, नया गढ़ने वाली गतिविधि — उन दो चीज़ों में से एक जो §1.1 गणित को कहता हैकला§1.1, p.1 पर छपा
scienceएक व्यवस्थित, सबूत से परखी जाने वाली गतिविधि — उन दो में से दूसरीविज्ञान§1.1, p.1 पर छपा
number theoryपूर्ण संख्याओं के patterns का अध्ययनसंख्या सिद्धांत§1.2, p.2 पर छपा — अगले topic में नाम आता है
geometryगणित की वह शाखा जो आकृतियों के patterns का अध्ययन करती हैज्यामिति§1.5, p.9 पर छपा — इसी chapter में आगे नाम आता है
counterexampleएक अकेला case जो अंदाज़े से बनाए नियम को तोड़ देता हैप्रति-उदाहरणयहाँ जोड़ा गया शब्द; इस chapter में नहीं छपा

Hindi column में standard हिंदी गणितीय शब्दावली दी गई है। Ganita Prakash का हिंदी संस्करण इस brief के लिए इस्तेमाल किए गए corpus में नहीं है, इसलिए इन शब्दों को इस chapter की हिंदी छपाई से नहीं मिलाया गया — Notes देखें।

लोग कहाँ चूकते हैं

  • "गणित नियमों का एक ढेर है जिसे कोई पहले ही पूरा कर चुका है।" §1.1 एक ऐसी गतिविधि का वर्णन वर्तमान काल में करता है — खोजना, पता लगाना, समझाना।
  • "अगर पहले कुछ के लिए चलता है, तो चलता है।" circle और chords वाली गिनती इसे सुधारती है: 1, 2, 4, 8, 16 — लगातार चार बार दोगुना — और फिर 31, 32 नहीं। cases जाँचना किसी संभावित नियम को ढूँढने का तरीक़ा है, उसे पक्का करने का कभी नहीं।
  • "'क्यों' तो extra credit है; असली काम जवाब है।" §1.1 व्याख्या को pattern के बराबर दर्जा देता है, और §1.4 तथा §1.6 का लगभग हर संबंध इसी तरह बना है — ग्यारह में से नौ के बाद कारण माँगा गया है। जो दो ऐसे नहीं हैं, वे हैं §1.4 Q3, जो सिर्फ़ यह पूछता है कि कौन-सी sequences दिखती हैं, और §1.6 Q5, जो student का अपना जवाब कोष्ठक में ही दे देता है।
  • "patterns वे चीज़ें हैं जो गणित की किताबों में छपी होती हैं।" किताब की अपनी सूची ज़्यादातर किताब के बाहर की है — खाना पकाना, खेल, गेंद फेंकना, मौसम।
  • "कोई व्याख्या सिर्फ़ उसी चीज़ के काम की है जिसे वह समझाती है।" §1.1 के दोनों उदाहरण ठीक इसी बात को नकारते हैं: ग्रहों की चाल के पीछे का कारण rockets के रास्तों में बदल गया, ऐसा इस्तेमाल जिसे pattern दिखते वक़्त कोई ढूँढ ही नहीं रहा था।
  • "कला और विज्ञान उलटे हैं, इसलिए गणित को इनमें से कोई एक होना होगा।" §1.1 दोनों कहता है, और कारण भी देता है: खोजना अपने आप में एक रचनात्मक काम है।
पूरा transcript1,578 शब्द

कुछ भी कहने से पहले, इन्हें देखो। 5 figures हैं — न कोई number, न कोई नाम, न कोई सवाल। चाहो तो strokes गिन लो — और बताओ, छठा figure कैसा दिखेगा? अभी तुम्हारे मन में जो हुआ — तुमने ढूँढा कि figure हर बार कैसे बढ़ता है — वही maths है। इसकी वजह पर हम आख़िर में लौटेंगे। तो maths असल में है क्या? maths है patterns को ढूँढना — और यह ढूँढना कि वे patterns सच क्यों होते हैं।

ध्यान दो, ये 2 चीज़ें हैं, एक नहीं। एक है pattern, और दूसरी है उसकी वजह। बहुत से students सोचते हैं कि maths नियमों का एक ढेर है, जिसे किसी ने बहुत पहले पूरा कर के रख दिया। पर असल में यह खोज है — ढूँढना, पता लगाना, समझाना — और यह काम आज भी चल रहा है। इसका पहला आधा हिस्सा तुम अभी कर चुके हो, उन 5 figures को देख कर।

ये patterns मिलते कहाँ हैं? लगभग हर जगह। कुदरत में, घर में और school में। सूरज, चाँद और तारे आसमान में जिस तरह चलते हैं, उसमें भी। खाना बनाने में, खरीदारी में, गेंद फेंकने में, खेलों में। मौसम में, और उस technology में भी जिस पर तुम यह video देख रहे हो। इस list की ज़्यादातर चीज़ें maths की class से बहुत दूर हैं। patterns पहले दुनिया में होते हैं, और हम उन्हें बाद में लिखते हैं।

पर pattern ढूँढना आधा ही काम है, और यह दिखाने के लिए एक puzzle लेते हैं। एक circle बनाओ और उसके किनारे पर कुछ points लगाओ। फिर हर point को बाक़ी हर point से एक सीधी line से जोड़ो। points बराबर दूरी पर मत लगाना, ताकि कोई 3 lines एक ही जगह से न गुज़रें। अब गिनो कि circle कितने हिस्सों में बँट गया। 1 point हो, तो कोई line नहीं बनती, और circle 1 ही हिस्सा रहता है।

2 points से 1 line बनती है, और 2 हिस्से। 3 points से एक त्रिभुज बनता है — 3 lines, और 4 हिस्से। देखो, 4 points पर अब 6 lines बनती हैं, और 8 हिस्से। और 5 points पर 10 lines बनती हैं। ध्यान से गिनो — 16 हिस्से। अब जो मिला है उसे एक साथ रखो: 1, 2, 4, 8, 16। 4 steps हैं, और हर step पर गिनती दुगुनी हुई है।

तो बनाने से पहले बताओ: 6 points पर कितने हिस्से होंगे? तुम्हें लगेगा 32 — और सच कहूँ तो यह बहुत अच्छा अंदाज़ा है। 4 बार लगातार दुगुना होना बहुत बड़ा सबूत लगता है। तो बना कर देखते हैं। 6 points, 15 lines। अब गिनते हैं। 31। 32 नहीं — 31। बस 1 कम, और इतना सुंदर pattern यहीं टूट गया। 31 कोई गिनने की चूक नहीं है। board पर देखो — इस drawing में कोई 3 lines एक जगह नहीं मिलतीं — हर crossing पर ठीक 2 lines हैं।

और अगर points लापरवाही से लगाओ, जैसे 3 lines circle के बीच एक ही जगह से गुज़रें, तो गिनती 31 भी नहीं रहती — 30 रह जाती है। यानी drawing ठीक होने पर भी जवाब 31 है, 32 नहीं। pattern टूटा है, drawing नहीं। वह अंदाज़ा बेवकूफ़ी नहीं था — उस वक़्त का सबसे अच्छा अंदाज़ा था। दिक़्क़त यह है कि cases check करते रहने से काम कभी पूरा नहीं होता, वह बस इशारा करता है।

तुम्हें लग सकता है कि 5 बार नियम सही बैठ गया तो बात पक्की है। पर उससे छठे case के बारे में कोई पक्की बात नहीं मिली। यही वह बाक़ी आधा काम है: क्या होता है, यह नहीं — बल्कि ऐसा क्यों होना ही चाहिए। एक check सिर्फ़ एक case तय करता है। एक वजह हर case एक साथ तय कर देती है — उन cases को भी जिन्हें अभी तक किसी ने देखा ही नहीं।

6 points पर ठीक 15 lines ही क्यों बनती हैं — बिना एक-एक गिने? हर point बाक़ी 5 points की तरफ़ एक line भेजता है। 6 points, हर एक से 5 — कुल 30 सिरे। पर हर line के 2 सिरे होते हैं, तो हर line 2 बार गिनी गई। 30 का आधा — 15। और यह वजह किसी भी गिनती पर चलती है। 10 points हों तो 10 गुणा 9, उसका आधा — 45 lines, बिना एक भी line बनाए।

यही वजह की ताक़त है: एक बार समझ लो, तो हर case का जवाब उसके साथ आ जाता है। अब हिस्सों की गिनती की वजह। हर नई line, जिस हिस्से से गुज़रती है, उसे 2 में काट देती है। अगर वह कोई पुरानी line न काटे, तो 1 नया हिस्सा बनाती है। और जितनी पुरानी lines वह काटती है, हर एक पर 1 और नया हिस्सा। यहाँ 6 points वाली drawing में 15 lines एक-एक करके बनाई गईं, और हर line ने ठीक इतने ही हिस्से जोड़े — 15 में से 15 बार।

तो कुल हिस्से बनते हैं: 1, उसमें सारी lines जोड़ो, और सारे crossings जोड़ो। 5 points पर: 1 जोड़ 10 जोड़ 5 — 16। 6 points पर: 1 जोड़ 15 जोड़ 15 — 31। और crossings कहाँ से आते हैं? देखो, कोई भी 4 points लो — उनमें आमने-सामने वाले points को जोड़ने वाली 2 lines ठीक 1 जगह एक-दूसरे को काटती हैं। तो crossings उतने ही हैं जितने 4-4 points के groups बनते हैं।

6 points से ऐसे 15 groups बनते हैं — इसलिए 15 crossings। यह वजह pattern के टूटने को भी समझाती है। हिस्से lines और crossings से बनते हैं — दुगुना होना इस वजह में कहीं था ही नहीं, पहले 5 बार बस वैसा दिख गया। यानी वजह ने बिना बनाए ही 31 बता दिया। check करने से हमें बस 32 का अंदाज़ा मिला था। वजहें इतनी क़ीमती इसलिए हैं क्योंकि वजह सफ़र कर सकती है — उसे ऐसी जगह ले जा सकते हो जहाँ वह कभी मिली ही नहीं थी।

पहला उदाहरण आसमान का है: लोगों ने बहुत पुराने समय से आसमान को देखा, और तारे, ग्रह और उनके चाँद जिस तरह चलते हैं, उसमें patterns पाए। फिर किसी ने पूछा — ऐसा क्यों होता है? और उस सवाल से gravitation की theory निकली। अब देखो वह वजह किस काम आई। उसी से हमने अपने satellites छोड़े, और मंगल और चाँद तक rockets भेजे। आसमान देखने वाले लोग satellite बनाने की कोशिश नहीं कर रहे थे।

वजह वहाँ पहुँच गई जहाँ उसका pattern कभी नहीं गया था। दूसरा उदाहरण हमारे और पास है। हर जीव के अंदर एक genome होता है — निर्देशों की एक बहुत लंबी list। बहुत समय तक यह एक बड़ी उलझन जैसा दिखता था। फिर लोगों ने उसमें patterns पाए — कुछ टुकड़े जो बार-बार आते हैं, और कुछ जो कुछ लोगों में होते हैं और कुछ में नहीं। फिर वही सवाल: यह टुकड़ा वहाँ क्यों है, और करता क्या है?

उन वजहों से बीमारियों को पहचानना आया, और कुछ को ठीक करना भी। दोनों बार कहानी का आकार एक-सा है: पहले pattern, फिर वजह, फिर कुछ ऐसा जिसकी किसी ने उम्मीद नहीं की थी। maths को विज्ञान भी कहा जाता है और कला भी। सुनने में यह थोड़ा अजीब लगता है, है न? सोचो, शुरू में उन 5 figures के साथ तुमने क्या किया। किसी ने कोई तरीका नहीं दिया था — ध्यान देने का कोई तय तरीका होता ही नहीं।

तुमने देखा, अंदाज़ा लगाया, कुछ आज़माया, और शायद कुछ ग़लत ख़याल छोड़ भी दिए। pattern ढूँढना एक रचने वाला काम है, और उसकी वजह ढूँढना भी — यही कला वाला हिस्सा है। विज्ञान वाला हिस्सा उसके बाद आता है: जब तुम उस ख़याल को ईमानदारी से जाँचते हो, और ज़रूरत हो तो उसे गिर जाने देते हो — जैसे हमारा दुगुना होना गिर गया। अब सवाल तुम्हारी तरफ़। तुम्हारे एक आम दिन में maths कहाँ-कहाँ दिखता है — class में नहीं, एक आम दिन में?

केक बनाने का सामान दुगुना करना। school समय पर पहुँचने के लिए घर से कब निकलना है, यह तय करना। गेंद पकड़ने के लिए कहाँ खड़े होना है। खेल में score रखना। अंदाज़ा लगाना कि बारिश होगी या नहीं। और एक दूसरा, बड़ा सवाल: maths ने इंसानों को आगे कैसे बढ़ाया? ये लिख कर जवाब देने वाले सवाल नहीं हैं — इन पर किसी ऐसे के साथ बहस करो जो तुमसे सहमत न हो।

तो आगे के लिए यह आदत रखो: जब भी कोई pattern दिखे, उसके साथ एक सवाल जोड़ो — ऐसा क्यों होता है? यह सवाल कोई आख़िर में मिलने वाला bonus नहीं है। यही असली काम है — pattern वह जगह है जहाँ से शुरू करते हो, जहाँ ख़त्म करते हो वह नहीं। तो 1 की जगह 2 सवाल पूछने की आदत डालो: pattern क्या है? और यह ऐसा ही क्यों होना चाहिए?

पहला सवाल तुम्हें अच्छे अंदाज़े लगाना सिखाता है। दूसरा सवाल तुम्हें mathematician बनाता है। और इसी से हम शुरू वाले 5 figures पर लौटते हैं — यहाँ देखो। हर figure strokes की कतारों से बना है — सबसे ऊपर 1, उसके बाद 2, फिर 3, और इसी तरह। गिनो तो: 1 stroke, फिर 3, फिर 6, फिर 10, फिर 15। छठे में 21 होंगे। और pattern भी दिख जाता है: हर बार तुम पिछली बार से 1 ज़्यादा जोड़ते हो — 2, 3, 4, 5, और फिर 6।

यह एक सुंदर pattern है। पर अब तुम जानते हो कि यह आधा ही काम है। तो असली सवाल यह है: figure में ऐसा क्या है जो हर छलाँग को पिछली छलाँग से ठीक 1 ज़्यादा होने पर मजबूर करता है? सिर्फ़ check मत करो — समझाओ। अपना जवाब comments में लिखो, और अगली बार हम नियम ढूँढने निकलेंगे।

यह कहाँ बैठता है

यह उन notes से लिया गया है जिनसे हर video बनी है, पढ़ने के क्रम से नहीं — ये वे ideas हैं जिन पर यह टिका है, और वे जो आगे चलकर इस पर टिकते हैं.

आगे फिर कहाँ आता है

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