PrepShorts · पढ़ाई की शीट · Class 7 Mathematics · Chapter 2, Arithmetic Expressions
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30 जमा 5 गुणा 4: जवाब 140 है या 50? दोनों हिसाब सही हैं, बस line अपनी कहानी खो चुकी है। मैदान में 30 कंचे खुले पड़े हैं और 5 थैलियों में 4 4, तो गिनती 50 कहती है, और brackets यही फ़ैसला लिख देते हैं: 30 जमा (5 गुणा 4)।
मुख्य idea
जब तक कोई स्थिति साथ जुड़ी है, expression को ग़लत नहीं पढ़ा जा सकता — कहानी बता देती है कि पहले कौन-सा operation करना है। कहानी हटा दो, तो चिह्नों की वही लड़ी दो तरह से पढ़ी जा सकती है, और दोनों पढ़तें दो अलग numbers का नाम लेती हैं। इसलिए brackets सजावट नहीं हैं: वे उस क्रम को लिख देते हैं जिसे पहले संदर्भ अपने साथ उठाए चलता था। और यह रास्ता दोनों तरफ़ चलता है, क्योंकि कहानी किसी पढ़त को दोषी भी ठहरा सकती है — जो जवाब उस स्थिति में बेतुका हो, वह दिखा देता है कि पढ़त ग़लत थी, भले ही arithmetic का हर क़दम सही रहा हो।
आपको क्या आना चाहिए
- समझाना कि एक से ज़्यादा operations वाले expression को, उसका संदर्भ हटते ही, एक से ज़्यादा तरीक़ों से क्यों पढ़ा जा सकता है
- brackets वाले expression के लिए chapter का दिया नियम बताना: पहले अंदर वाला हिस्सा निपटाओ
- कोई स्थिति दी हो, तो उसे बताने वाला brackets वाला expression लिखना, और कहना कि स्थिति किस grouping को ज़रूरी बनाती है
- brackets वाले expression को उसी क्रम में हल करना जो brackets माँगते हैं
- ग़लत पढ़त को उसका जवाब स्थिति पर परखकर पकड़ना, arithmetic दोबारा जाँचकर नहीं
- पहचानना कि यह chapter operations के क्रम तक किसी रटे हुए संक्षिप्त नाम (acronym) से नहीं, बल्कि brackets और terms के रास्ते पहुँचता है
जानने लायक़ शब्द
| शब्द | एक line में मतलब | हिंदी / क्षेत्रीय समकक्ष | पहली बार कहाँ आया |
|---|---|---|---|
| brackets | जोड़ी वाले चिह्न जो expression के एक हिस्से को पहले निपटाने पर मजबूर करते हैं | कोष्ठक | यही topic; p.27 पर छपा (Part I, §2.2) |
| order of operations | एक expression के कई operations में से कौन-सा पहले किया जाता है | संक्रियाओं का क्रम | यही topic; pp.27–28 पर छपा (Part I, §2.2) |
| context | वह स्थिति जिससे expression आया, और जो तय करती है कि उसका मतलब क्या है | संदर्भ | यही topic; p.26 पर छपा (Part I, §2.2) |
| evaluate | expression जिस number के लिए खड़ा है उसे निकालना | मान ज्ञात करना | Writing a situation as an expression before computing it; p.24 पर छपा (Part I, §2.1) |
| value | वह अकेला number जिसके लिए expression खड़ा है | मान | Writing a situation as an expression before computing it; p.24 पर छपा (Part I, §2.1) |
| punctuation | वे निशान जो तय करते हैं कि वाक्य कैसे पढ़ा जाए; brackets के लिए chapter की मिसाल | विराम चिह्न | यही topic; pp.26–27 पर छपा (Part I, §2.2) |
| ambiguous expression | ऐसा expression जो संदर्भ और brackets दोनों हटा देने पर एक से ज़्यादा तरह से पढ़ा जा सके | — | इस व्याख्या का अपना जोड़ा हुआ शब्द; chapter इस स्थिति का लंबा वर्णन करता है, पर ऐसा कोई नाम नहीं देता |
Hindi column में standard NCERT Hindi गणितीय शब्दावली दी गई है। Ganita Prakash कक्षा 7 Part I का Hindi संस्करण source corpus में नहीं था, इसलिए ये शब्द इस chapter की Hindi छपाई से नहीं लिए गए हैं, और इस्तेमाल से पहले उससे मिलाकर जाँच लेने चाहिए।
लोग कहाँ चूकते हैं
- "गुणा जोड़ से पहले होता है — यह BODMAS नाम का नियम है जिसे रटना होता है।" यह chapter वह acronym कहीं नहीं छापता, न ही कोई दूसरा — सभी बाईस छपे हुए पन्ने (Part I, pp.24–45) जाँचे गए। वह इसी नतीजे तक दो ऐसे रास्तों से पहुँचता है जिन्हें student ख़ुद फिर से बना सकता है: brackets, और फिर terms का विचार। जो व्याख्या shortcut के तौर पर acronym का सहारा लेती है, वह कोई दूसरी किताब पढ़ा रही है।
- "Purna ने arithmetic की ग़लती की।" नहीं की।
30 + 5 = 35और35 × 4 = 140दोनों सही हैं। उसने उस expression से अलग कोई expression हल किया जिसका हाल marbles बताते हैं; यह modelling की ग़लती है, हिसाब की नहीं। - "Brackets expression की value बदल देते हैं।" वे चुनते हैं कि लिखे हुए चिह्न कौन-सी value का नाम लेते हैं। brackets लगने से marbles के बारे में कुछ नहीं बदला।
- "brackets आ गए, तो अब हर expression को उनकी ज़रूरत है।" chapter तुरंत आगे दिखाता है कि बिना brackets वाला expression भी terms के ज़रिए पढ़ा जा सकता है। brackets उन हालात के लिए हैं जहाँ क्रम को ज़बरदस्ती तय करना पड़ता है।
- "
100 – 15 + 56एक ग़लत expression है।" यह बिल्कुल ठीक expression है; बस Irfan की ख़रीदारी के लिए यह ग़लत expression है। यही फ़र्क़ chapter का पूरा तरीक़ा है। - "अगर arithmetic सही निकलता है, तो जवाब सही है।" section 8 इसी को तोड़ने के लिए है। ₹141 वाला जवाब हर arithmetic जाँच में पास होता है, और फिर भी ग़लत है।
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पूरा transcript1,537 शब्द
जब कोई हिसाब अपनी कहानी के साथ आता है, तो उसे गलत पढ़ना लगभग नामुमकिन है। कहानी ख़ुद बता देती है कि पहले कौन सा हिसाब करना है। मान लो किसी काग़ज़ पर बस यह लिखा मिले, 30 जमा 5 गुणा 4। इसके साथ कोई मैदान नहीं, कोई थैली नहीं, कोई कहानी नहीं। पर कहानी हटाओ, तो काग़ज़ पर बस numbers और निशान बचते हैं। और तब वही निशान, 2 अलग अलग numbers के नाम बन सकते हैं।
brackets इसीलिए हैं, वे उस क्रम को लिख देते हैं जो पहले कहानी अपने साथ लाती थी। और उल्टा भी होता है, कहानी किसी reading को गलत साबित भी कर सकती है, भले ही उसका हर हिसाब सही हो। भाषा में भी यही मुश्किल आती है। रुको, मत जाओ, इस पहली line में comma रुको के ठीक बाद आता है। इसका मतलब है कि ठहर जाओ, आगे मत बढ़ो। रुको मत, जाओ, इस दूसरी line में वही शब्द हैं, पर comma मत के बाद आता है।
अब मतलब बिल्कुल उल्टा है, कि रुकना नहीं, आगे जाना है। comma बस यह बताता है कि बीच वाला 'मत' किसके साथ जाएगा, रुकने के साथ या जाने के साथ। हिसाब में भी सवाल यही होता है, कि बीच वाला number किसके साथ जुड़ेगा। शब्द वही हैं, पर comma तय करता है कि बात क्या है, और brackets हिसाब में यही काम करते हैं। अब एक मैदान की बात करते हैं।
वहाँ ज़मीन पर 30 कंचे खुले पड़े हैं। और पास में 5 थैलियाँ रखी हैं, हर थैली में 4 कंचे। थैलियों वाले कंचे गिनने के लिए, थैलियों की गिनती को हर थैली के कंचों से गुणा करना पड़ता है। और खुले 30 कंचे बाद में जुड़ते हैं, उन्हें किसी से गुणा नहीं करना। कुल कंचों को लिखें तो बनता है, 30 जमा 5 गुणा 4। ध्यान दो कि खुले 30 कंचे अलग हैं, और थैलियों वाले कंचे अलग।
तो मैदान में कुल कितने कंचे हैं? इस line को 2 लोग अलग अलग तरीके से पढ़ते हैं। पहला बाएँ से दाएँ चलता है, 30 जमा 5 बना 35। फिर 35 गुणा 4, यानी 140। दूसरा पहले गुणा करता है, 5 गुणा 4 बना 20। फिर 30 जमा 20, यानी 50। एक ही line से 140 भी निकला और 50 भी, और दोनों में 90 का फ़र्क है। असली सवाल बस यह है कि बीच वाला 5 किसके साथ जाए, 30 के साथ या 4 के साथ।
तो क्या किसी ने हिसाब में गलती की? नहीं, दोनों तरफ़ का हर कदम बिल्कुल सही हिसाब है। अब वापस मैदान पर चलते हैं, और कंचे एक एक करके गिनते हैं। खुले 30, और थैलियों के 20, कुल मिला कर ठीक 50 कंचे। तो 50 वाली reading ही इस मैदान का सही बयान है। और 140 वाली reading क्या बताती है? वह 35 चीज़ों के 4 पूरे ढेर गिनती है।
जैसे 4 अलग अलग मैदान हों, और हर मैदान में 35 कंचे। ऐसी situation भी हो सकती है, बस यह वाला मैदान वैसा नहीं है। यानी गलती हिसाब में नहीं थी, गलती यह थी कि उस reading ने किसी और situation का हिसाब किया। कहानी तय करती है कि कौन सी reading सही है, अकेले निशान यह तय नहीं कर पाते। अब इस line को ऐसे लिखते हैं कि उसे सिर्फ़ एक ही तरह पढ़ा जा सके।
अब इसे ऐसे लिखते हैं, 30 जमा, bracket में 5 गुणा 4। bracket कहता है कि मेरे अंदर का हिसाब सबसे पहले करो। bracket का मतलब है, यह पूरा हिस्सा एक अकेली चीज़ है, इसे पहले एक number बना लो। अंदर का हिसाब पहले, 5 गुणा 4 यानी 20। फिर बाहर का, 30 जमा 20 यानी 50, ठीक मैदान के कंचों जितना। कोई सोच सकता है कि bracket लगाने से value बदल गई।
पर मैदान में कंचे तो 50 ही थे, bracket ने बस यह चुना कि ये निशान किस value का नाम हैं। और अगर bracket 30 जमा 5 के चारों तरफ़ लगाओ, तो वही निशान 140 का नाम बन जाते हैं। तो नियम सीधा है, पहले bracket के अंदर का हिसाब, फिर बाकी का। इस line पर bracket लगाने के 2 ही तरीके हैं, और उनसे सिर्फ़ 140 और 50 बनते हैं।
क्या ऐसी line की दोनों readings कभी बराबर भी आती हैं? हमने 8000 अलग अलग lines पर गिन कर देखा, और 7220 में दोनों readings अलग निकलीं। जो 780 बराबर आईं, उन सब में या तो पहला number शून्य था, या गुणा 1 से हो रहा था। मतलब जब तक पहला number शून्य न हो, या गुणा 1 से न हो, दोनों readings अलग ही निकलेंगी। यानी bracket या कहानी के बिना, पढ़ने का तरीका चुनना सच में एक फ़ैसला है।
अब एक दूसरी situation लेते हैं। एक डिब्बे में 100 बिस्कुट हैं। पहले उसमें से 15 बिस्कुट निकाले जाते हैं, और फिर 56 बिस्कुट और। कोई इसे ऐसे लिखता है, 100 घटा 15 जमा 56। यह line देखने में बिल्कुल ठीक लगती है, इसमें वही numbers हैं जो कहानी में थे। बाएँ से दाएँ पढ़ो, तो 100 घटा 15 बना 85। फिर 85 जमा 56, यानी 141। तो क्या डिब्बे में 141 बिस्कुट बचे?
डिब्बे में शुरू में ही 100 बिस्कुट थे, और यह जवाब कहता है कि निकालने के बाद उससे भी 41 ज़्यादा बचे। बिस्कुट निकालने से डिब्बे में ज़्यादा बिस्कुट नहीं हो सकते। जब कोई जवाब ऐसा अजीब हो, तो सबसे पहले यह सोचो कि कहीं line ही गलत तो नहीं पढ़ी गई। और फिर भी, 100 घटा 15 सच में 85 है, और 85 जमा 56 सच में 141 है।
यानी हिसाब सही हो, तब भी जवाब गलत सवाल का हो सकता है। एक और जाँच, निकाले गए और बचे हुए मिल कर 100 बनने चाहिए, पर 71 जमा 141 तो 100 नहीं बनता। यहाँ situation ने ख़ुद उस reading को पकड़ लिया। असल में डिब्बे से कुल कितने बिस्कुट निकले? पहले 15 और 56, यानी कुल 71 बिस्कुट। तो सही line है, 100 घटा, bracket में 15 जमा 56।
bracket के अंदर वह है जो कहानी में एक साथ सोचा गया था, यानी कुल निकाले गए बिस्कुट। अंदर पहले, 71, और फिर 100 घटा 71, यानी 29 बिस्कुट बचे। जाँच करो, 71 जमा 29 ठीक 100 बनता है। और 29 न 100 से ज़्यादा है, न शून्य से कम, तो यह जवाब इस डिब्बे में सच में हो सकता है। बस एक bracket लगाया, और जवाब डिब्बे की कहानी से मेल खाने लगा।
पर 141 और 29 में इतना फ़र्क क्यों है? दोनों जवाबों में 112 का फ़र्क है। और यह ठीक 56 का 2 गुना है। बाएँ से दाएँ पढ़ने में, जो 56 बिस्कुट निकलने थे, वे डिब्बे में डाल दिए गए, तो एक बार वे कम होने से बचे, और एक बार ऊपर से जुड़ गए। यानी 56 का असर उल्टी दिशा में चला गया, इसीलिए फ़र्क इतना बड़ा है। हमने यह 40000 lines पर गिन कर देखा, और हर एक में फ़र्क दूसरी मात्रा का ठीक 2 गुना निकला।
दोनों जवाब सिर्फ़ तब बराबर आते हैं जब दूसरी बार कुछ निकाला ही न जाए, और ऐसी 2000 lines थीं। तो क्या 100 घटा 15 जमा 56 एक गलत expression है? नहीं, वह बिल्कुल ठीक expression है, बस वह किसी और कहानी का बयान है। मान लो किसी ने 15 बिस्कुट खा लिए, और फिर किसी ने 56 बिस्कुट का नया packet डिब्बे में ख़ाली कर दिया। अगर 15 बिस्कुट निकाले जाएँ और फिर 56 डाले जाएँ, तो सच में 141 बिस्कुट होंगे।
इस line पर bracket लगाने के 2 ही तरीके हैं, और उनसे सिर्फ़ 141 और 29 बनते हैं। इन दोनों में से कौन सा सही है, यह डिब्बे की कहानी चुनती है। अब तुम्हारी बारी, एक टोकरी में 50 सेब हैं। पहले 12 सेब बिकते हैं, और फिर 8 और। इस टोकरी के लिए सही line कौन सी है? कुल बिके 12 जमा 8, तो 50 घटा, bracket में 12 जमा 8, यानी 30 सेब बचे।
बाएँ से दाएँ पढ़ते तो 46 आता, जैसे वे 8 सेब वापस आ गए हों। अब 6 डिब्बे हैं, हर डिब्बे में 10 पेंसिल, और हर डिब्बे से 2 पेंसिल निकाली जाती हैं। हर डिब्बे में 10 घटा 2 बचीं, तो कुल 6 गुणा, bracket में 10 घटा 2, यानी 48 पेंसिल। बिना bracket के 6 गुणा 10 घटा 2 लिखते, तो 58 आता, जैसे 2 पेंसिल बस एक ही डिब्बे से निकली हों।
तो क्या अब हर expression में brackets लगाने पड़ेंगे? नहीं, brackets तब चाहिए जब कोई खास क्रम ज़बरदस्ती तय करना हो। जिन lines में brackets नहीं हैं, उन्हें भी बिना उलझन पढ़ा जा सकता है। वह तरीका अगली बार आएगा, terms के सहारे, कोई रटा हुआ शब्द याद करके नहीं। तब 30 जमा 5 गुणा 4 जैसी line भी, बिना bracket के, एक ही तरह पढ़ी जाएगी। तो हमारे पास 2 औज़ार होंगे, brackets और terms।
कहानी के बिना, 2 हिसाब वाली line को 2 तरह से पढ़ा जा सकता है। जैसे 30 जमा 5 गुणा 4 से 140 भी बनता है और 50 भी, और मैदान कहता है 50। brackets वह क्रम लिख देते हैं, पहले अंदर का हिसाब, फिर बाहर का। और कहानी किसी reading को पकड़ भी सकती है, जैसे 141 बिस्कुट, जिसका हर कदम सही था। डिब्बे में असल में बचे 100 घटा, bracket में 15 जमा 56, यानी 29 बिस्कुट।
यह कहाँ बैठता है
यह उन notes से लिया गया है जिनसे हर video बनी है, पढ़ने के क्रम से नहीं — ये वे ideas हैं जिन पर यह टिका है, और वे जो आगे चलकर इस पर टिकते हैं.
किस पर टिका है
- Writing a situation as an expression before computing itकक्षा 7 · Ch 2, Arithmetic Expressions
आगे फिर कहाँ आता है
- Every expression can be rewritten as a sum of termsकक्षा 7 · Ch 2, Arithmetic Expressions
- The parity of a sum or product is fixed before you compute itकक्षा 7 · Ch 6, Number Play
- Constructing magic squares, and where they came fromकक्षा 7 · Ch 6, Number Play
इसके ठीक पहले और ठीक बाद
- Comparing two expressions by reasoning, not by evaluatingकक्षा 7 · Ch 2, Arithmetic Expressions