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Chapter 6 · Measuring Space: Perimeter and Area

बौधायन की रचना: किसी rectangle को बराबर क्षेत्रफल वाले square में बदलना

Squaring a shape19 मिनट

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किसी आकृति को square कर देना यानी उतने ही area का square खींच देना — सिर्फ़ एक सीधी पटरी और एक compass से, बिना कुछ नापे। rectangle के लिए यह हो जाता है, और पूरी drawing 6 निर्देशों की है; sweep के 820 rectangle में से 0 को इससे कम या ज़्यादा लगे। नीचे जो काम कर रही है वह algebra की एक पहचान है: 2 square का अंतर। 820 पूरी संख्या वाले जोड़ों पर और 78 तिहाई वाले जोड़ों पर, दोनों में 0 बार यह पहचान टूटी।

मुख्य idea

यह रचना परकार का कोई करतब नहीं है; यह पूरी की पूरी खींची हुई एक बीजगणितीय सर्वसमिका है। गुणनफल ab दो वर्गों का अंतर है — a और b के औसत पर बना वर्ग, घटा उनके अंतर के आधे पर बना वर्ग — और बौधायन–पाइथागोरस प्रमेय ठीक वही औज़ार है जो दो वर्गों के अंतर को किसी भुजा की लंबाई में बदल देता है। यानी आकृति की हर line इन्हीं दो पदों में से किसी एक को आँखों के सामने रख देती है: चाप कर्ण (a + b)/2 देती है, rectangle की अपनी ऊँचाई दूसरी भुजा (a − b)/2 देती है, और जो बच रहता है वह √(ab) लंबाई की एक भुजा है। इस तरह पढ़िए तो आठ सौ BCE की एक drawing बीजगणित की एक पंक्ति बन जाती है।

आपको क्या आना चाहिए

  • बताइए कि प्राचीन अभ्यास में "किसी आकृति का वर्गीकरण" क्या माँगता था, और भुजाओं a तथा b वाले rectangle के लिए लक्ष्य क्या है
  • वह सर्वसमिका बताइए जिसे यह रचना साकार करती है, और उसे बीजगणित से जाँचिए
  • छपे हुए निर्देशों से बौधायन की रचना क़दम-दर-क़दम कीजिए
  • समझाइए कि पहले चरण में खींचे गए square की भुजा a और b के औसत के बराबर क्यों है
  • समझाइए कि rectangle की ऊपरी भुजा से square के ऊपरी कोने तक का segment a और b के अंतर का आधा क्यों है
  • उस समकोण त्रिभुज को पहचानिए जिसे argument इस्तेमाल करता है, उसके समकोण का नाम लीजिए, और वह क़दम जोड़िए जिसे छपा हुआ प्रमाण छोड़ देता है
  • बीजगणित पूरा करके दिखाइए कि आख़िरी square का क्षेत्रफल ab है
  • इस तथ्य के सहारे समझाइए कि रचना कभी नाकाम क्यों नहीं हो सकती — कि दो लंबाइयों का गुणोत्तर माध्य उनके औसत से कभी बड़ा नहीं होता
  • बताइए कि किसी त्रिभुज का वर्गीकरण कैसे किया जाए, और कहिए कि circle का वर्गीकरण एक अलग ही तरह की समस्या क्यों है

जानने लायक़ शब्द

शब्दएक पंक्ति में अर्थहिंदी / क्षेत्रीय समकक्षपहली बार कहाँ
square a given shapeऐसा square बनाना जिसका क्षेत्रफल उस आकृति के क्षेत्रफल के बराबर होकिसी दी गई आकृति का वर्गीकरण§6.9 (p. 140) की शुरुआत में, उद्धरण चिह्नों में और अपनी व्याख्या के साथ छपा है
Śhulbasūtraप्राचीन भारतीय ज्यामितीय रचना-नियमों का वह ग्रंथ जिससे यह रचना आई हैशुल्बसूत्रitalic में, 800 BCE की तिथि के साथ, §6.9 (p. 140) पर छपा है
Baudhāyana–Pythagoras theoremसमकोण त्रिभुज में दोनों भुजाओं पर बने वर्गों का जोड़ कर्ण पर बने वर्ग के बराबर होता हैबौधायन–पाइथागोरस प्रमेय§6.9 के प्रमाण में छपा है (p. 141)
midpointवह point जो किसी segment को आधा कर देता हैमध्यबिंदुरचना के तीसरे निर्देश में छपा है (p. 141)
producedकिसी line segment का, उसके किसी सिरे से आगे बढ़ाया हुआबढ़ाई गईरचना के चौथे निर्देश में छपा है (p. 141)
arcयहाँ, दिए हुए centre और radius से खींची गई वृत्तीय चापचापरचना के पाँचवें निर्देश में छपा है (p. 141)
radiusकिसी circle के centre से उसके हर point तक की बराबर दूरीत्रिज्याप्रमाण में, जहाँ चाप का radius इस्तेमाल होता है, छपा है (p. 141)
special caseकोई सामान्य कथन, जिस पर एक अतिरिक्त शर्त लगा दी गई होविशिष्ट स्थितिp. 139 वाले panel के विषय की तरह छपा है, ठीक इस section से पहले
geometric meanलंबाई √(ab), यानी उस square की भुजा जो यह रचना बनाती हैगुणोत्तर माध्ययहाँ जोड़ा गया शब्द; इस chapter में छपा नहीं है, जो surd लिखता तो है पर उसे कोई नाम नहीं देता
arithmetic meanलंबाई (a + b)/2, जिसे रचना एक radius की तरह इस्तेमाल करती हैसमांतर माध्ययहाँ जोड़ा गया शब्द; chapter यह expression लिखता है और उसे कोई नाम नहीं देता

हिंदी column में standard हिंदी गणितीय शब्दावली दी गई है। Ganita Manjari का हिंदी संस्करण मैंने नहीं देखा।

लोग कहाँ चूकते हैं

  • "वर्गीकरण का मतलब है किसी को ख़ुद से गुणा कर देना।" यहाँ इसका मतलब है उसी क्षेत्रफल का square बना देना। इस chapter में दोनों अर्थ एक-दूसरे से दो pages के भीतर ज़िंदा हैं, और p. 140 पर chapter की अपनी व्याख्या ही इसका इलाज है।
  • "यह रचना रटने लायक़ एक नुस्ख़ा है।" यह एक बीजगणितीय सर्वसमिका है, खींची हुई। जैसे ही student देख लेता है कि (a + b)/2 चाप का radius है और (a − b)/2 rectangle के ऊपर बची जगह, छहों निर्देश मनमाने लगने बंद हो जाते हैं।
  • **"AF, AD का आधा है।"** वह AE + AD का आधा है, क्योंकि F पूरी AD को नहीं, बची हुई ED को आधा करता है। यह ग़लत हो जाए तो उसके बाद का हर क़दम ग़लत निकलता है, और ऊपर से यह ठीक लगती भी है।
  • **"HP² = HK² − BH² किताब की ग़लती है।"** वह सही पंक्ति है, बस एक क़दम अनकहा है। उस त्रिभुज की भुजाएँ HP और KP हैं, और KP = BH इसलिए कि BHPK एक rectangle है। वह rectangle दिखा दीजिए, और छपी हुई पंक्ति साफ़-साफ़ सही दिखने लगती है।
  • **"हो सकता है चाप BC से चूक जाए।"** चूक नहीं सकती: चाप का radius उसके centre से उस line की दूरी से हमेशा बड़ा होता है, क्योंकि जब भी b धनात्मक है तब (a + b)/2 > (a − b)/2 होता है।
  • **"√(ab), square AFGH की भुजा से बड़ा भी निकल सकता है, और तब P सिरे से आगे गिर जाएगा।"** नहीं निकल सकता, और वजह है औसत बनाम गुणोत्तर माध्य वाली असमिका। एक थाप की हक़दार, क्योंकि यह एक चिंता को एक प्रमेय में बदल देती है।
  • "अगर rectangle का वर्गीकरण हो सकता है तो circle का भी हो सकता है — बस पर्याप्त बारीक सन्निकटन ले लीजिए।" सन्निकटन रचना नहीं होता। इन औज़ारों से circle वाला मामला सचमुच असंभव है, और chapter, p. 140 पर circle उठा लेने के बाद, यह कभी कहता नहीं।
पूरा transcript2,894 शब्द

बहुत पुराने ज़माने में एक सवाल बार-बार पूछा जाता था। कोई भी आकृति सामने रखिए, और उतने ही area का square बनाकर दिखाइए। यहाँ square बनाने का मतलब गुणा करना नहीं है। मतलब है एक ऐसी आकृति खींचना जिसकी चारों भुजाएँ बराबर हों, और जिसका area हू-ब-हू वही रहे। जब हम कहते हैं 5 का square, तब हम 5 को 5 से गुणा कर रहे होते हैं। और जब हम कहते हैं इस rectangle का square बनाओ, तब हम एक आकृति खींच रहे होते हैं।

एक ही शब्द, 2 अलग काम। rectangle, त्रिभुज और घेरा — तीनों के लिए यही सवाल पूछा गया था, और तीनों के लिए जवाब की उम्मीद भी थी। हम rectangle वाला जवाब पूरा खोलेंगे, एक-एक निर्देश के साथ। और आख़िर में देखेंगे कि घेरे वाला सवाल क्यों बिलकुल अलग तरह का सवाल है। एक rectangle लीजिए। नीचे वाली भुजा AD की लंबाई a है, और बाईं तरफ़ वाली भुजा, A से B तक, b लंबी है।

जो square हमें बनाना है उसका area भी a गुणा b होना चाहिए। यही पूरी शर्त है। और अगर square का area a गुणा b है, तो उसकी भुजा a गुणा b का square root है। यही वह लंबाई है जो हमें खींचकर निकालनी है। और यह भुजा लगभग कभी पूरी संख्या नहीं होती। 820 rectangles की एक sweep में सिर्फ़ 28 ऐसे निकले जिनकी भुजा पूरी है। बाकी 792 की भुजा irrational है।

ध्यान दीजिए कि area हमेशा पूरी संख्या रहता है। पूरी sweep में एक भी ऐसा rectangle नहीं जहाँ वह न हो। मुश्किल area में नहीं है, भुजा में है। तो सवाल यह है: बिना कुछ नापे, सिर्फ़ एक सीधी पटरी और एक compass से, ऐसी भुजा खींची कैसे जाए? इसका जवाब एक पहचान से आता है, और वह पहचान पूरी तरह algebra की है। ज्यामिति बाद में आती है। a गुणा b, 2 चीज़ों के अंतर के बराबर है।

a और b के औसत का square, घटा उनके आधे अंतर का square। औसत है a जोड़ b का आधा। और आधा अंतर है a घटा b का आधा। दोनों लंबाइयाँ हैं, और दोनों आगे drawing में दिखेंगी। दोनों को खोलिए। पहले square में a गुणा b वाला हिस्सा जुड़ता है, दूसरे में वही घटता है। घटाने पर a का square और b का square कट जाते हैं। जो बचता है वह a गुणा b है।

यानी बड़े square में से छोटा square काट दीजिए, और बचा हुआ हिस्सा ठीक rectangle जितना है। और यह सिर्फ़ एक उदाहरण पर नहीं देखा गया। 820 पूरी संख्या वाले जोड़ों पर, और 78 तिहाई वाले जोड़ों पर, दोनों में 0 बार यह पहचान टूटी। अब देखिए कि यह पहचान माँग क्या रही है। वह कहती है: मुझे 2 square का अंतर चाहिए। और 2 square का अंतर एक ही औज़ार जानता है — वर्गों वाला नियम।

सीधे कोने वाले त्रिभुज में, सबसे लंबी भुजा के square में से एक भुजा का square घटाइए, तो तीसरी भुजा का square मिल जाता है। तो हमें एक ऐसा त्रिभुज चाहिए जिसकी सबसे लंबी भुजा औसत हो, और एक भुजा आधा अंतर। बची हुई भुजा का square अपने आप a गुणा b होगा। पूरी construction इसी एक वाक्य को खींचकर दिखाती है। पूरी construction 6 निर्देशों से बनी है। एक-एक करके करते हैं, और हर निर्देश के बाद रुकेंगे।

शुरुआत rectangle ABCD से। नीचे AD की लंबाई a, और बाईं तरफ़ A से B तक की लंबाई b। पहला निर्देश यह है — AD पर E ऐसे निशान लगाइए कि AE, बाईं भुजा के बराबर हो जाए। यानी b को नीचे वाली भुजा पर उतार दीजिए। दूसरा निर्देश यह है — E से D तक जो हिस्सा बचा है, उसका midpoint F लीजिए। ध्यान रखिए — बचे हुए हिस्से का, पूरी AD का नहीं।

तीसरा निर्देश यह है — AF पर एक square AFGH बनाइए। इसके लिए बाईं भुजा को ऊपर की तरफ़ बढ़ाना पड़ता है, और H उसी बढ़ाई गई भुजा पर बैठता है। चौथा निर्देश यह है — H को केंद्र मानकर A से G तक एक arc खींचिए। वह rectangle की ऊपर वाली भुजा BC को जहाँ काटता है, उस point को K कहिए। पाँचवाँ निर्देश यह है — K से AH के समांतर एक सीध खींचिए, जो ऊपर जाकर HG को P पर मिले।

और छठा निर्देश यह है — HP पर जो square बनता है — HPQS — वही जवाब है। 6 निर्देश, और हर rectangle इन्हीं 6 में बन जाता है। पूरी sweep में किसी को इससे कम या ज़्यादा नहीं लगे। drawing बन गई। अब हर लंबाई को नापते हैं, क्योंकि असली सबूत वहीं है। सबसे पहले AF। AE की लंबाई b है, क्योंकि हमने उसे बाईं भुजा से उतारा था।

और पूरी AD की लंबाई a है। तो बचा हुआ हिस्सा ED, a घटा b के बराबर है। F उस बचे हुए हिस्से को आधा करता है। तो AF हुआ b जोड़ (a घटा b) का आधा। इसे सुलझाइए और मिलता है a जोड़ b का आधा। यही औसत है — पहचान का पहला टुकड़ा। 820 में से 0 rectangles ऐसे निकले जहाँ AF औसत न हो। यहाँ सबसे आम गलती यह है कि F को पूरी AD का midpoint मान लिया जाए।

देखने में दोनों point पास-पास हैं। पर AD का आधा और यह वाला AF, 820 में से 0 बार बराबर होते हैं। एक बार भी संयोग से मेल नहीं खाते — और इसीलिए यह गलती चुपचाप हर जवाब बिगाड़ देती है। दूसरी लंबाई BH है — rectangle की ऊपर वाली भुजा से square के ऊपर वाले कोने तक। AH square की भुजा है, यानी a जोड़ b का आधा। और बाईं भुजा, A से B तक, b लंबी है।

तो BH बचा — a जोड़ b का आधा, घटा b। इसे सुलझाइए और मिलता है a घटा b का आधा। पूरी sweep में यह एक बार भी अलग नहीं निकला। अब रुककर देखिए क्या हो चुका है। पहचान के दोनों टुकड़े drawing में मौजूद हैं — औसत AF में, और आधा अंतर BH में। कुछ भी बचा नहीं है जिसे ढूँढना पड़े। अब arc की बारी। पूरी construction में compass सिर्फ़ एक बार चलता है, और उसका काम एक ही है — औसत को rectangle के ऊपर तक ले जाना।

arc का केंद्र H है और वह A से होकर जाता है। तो H से A तक की लंबाई ही उसका radius है। HG उसी square की भुजा है, इसलिए वह भी उतनी ही लंबी है। और HK, उसी arc पर होने के कारण, फिर वही लंबाई है। तीनों बराबर — और यह तस्वीर देखकर नहीं कहा गया। 820 rectangles नापे गए, और किसी में तीनों के बीच फ़र्क़ नहीं मिला।

इसलिए HK — यानी उस त्रिभुज की सबसे लंबी भुजा — ठीक औसत है। यह मान नहीं लिया गया, नापा गया है। अब वह त्रिभुज सामने लाइए जिस पर पूरा हिसाब टिका है — H, K और P वाला। सीधा कोना इन 3 में से किस point पर है? तीनों कोनों को अलग-अलग जाँचा गया। P पर 820 में से 820 बार सीधा कोना मिला। K पर 0 बार, और H पर 0 बार।

और 'नहीं' कहने से बेहतर है नाप दिखाना। 8 गुणा 2 वाले rectangle में K वाला कोना 9 निकलता है और H वाला 16। दोनों 0 नहीं हैं, इसलिए दोनों सीधे कोने नहीं हैं। और उसी drawing में, HK का square, HP और KP के square जोड़ने पर मिलता है — 820 में से 0 बार ऐसा नहीं हुआ। यहाँ एक कदम है जो छोटी proof में अक्सर लिखा ही नहीं जाता, और उसी की वजह से वह proof गलत दिखने लगती है।

नियम के हिसाब से HP का square बराबर होना चाहिए HK का square घटा KP का square। पर जो लिखा मिलता है उसमें KP की जगह BH है। तो क्या यह गलती है? नहीं, यह गलती नहीं है। B और K दोनों एक ही सीध BC पर हैं, और H और P दोनों एक ही सीध HG पर। और ये 2 सीधें आपस में समांतर हैं। इसलिए B, H, P और K मिलकर एक rectangle बनाते हैं।

और rectangle की आमने-सामने वाली भुजाएँ बराबर होती हैं, तो KP और BH एक ही लंबाई हैं। यह भी नापा गया। 820 में से 0 बार KP और BH अलग निकले, और 0 बार BHPK के चारों कोने सीधे न निकले। बस एक वाक्य जोड़ दीजिए, और वह लिखा हुआ कदम पूरी तरह सही पढ़ा जाता है। proof गलत नहीं थी — अधूरी थी। और अगर किसी ने सीधा कोना K पर मान लिया, तो क्या होता है?

इसे भी पूरा करके देखते हैं। उस हालत में HK सबसे लंबी भुजा नहीं रहती, और दोनों square घटाने की जगह जुड़ने लगते हैं। पूरा हिसाब उल्टा हो जाता है। जवाब सिर्फ़ गलत नहीं होता। 820 में से 820 बार वह असली area से बड़ा निकलता है, और पूरी sweep में एक बार भी वह सही जवाब पर नहीं गिरता। 8 गुणा 2 पर सही जवाब 16 है, और यह गलत पढ़ाई 34 देती है — दुगुने से भी ज़्यादा।

इसलिए सीधा कोना कहाँ है, यह तय करना कोई औपचारिकता नहीं है। वहीं से जवाब बनता या बिगड़ता है। अब सब कुछ हमारे पास है। हिसाब बंद करते हैं। HP का square बराबर HK का square, घटा KP का square। HK हमने नापा — वह औसत है। और KP, BH के बराबर होने की वजह से, आधा अंतर है। दोनों रख दीजिए। और यह ठीक वही पहचान है जिससे हमने शुरुआत की थी।

उसका जवाब a गुणा b है। यानी HP वाले square का area, rectangle के area के बराबर। और इसे derive करके छोड़ा नहीं गया — drawing पर नापा भी गया। 820 में से 0 बार HP वाले square का area a गुणा b से अलग निकला, और तिहाई वाले 78 जोड़ों पर भी 0 बार। rectangle का area और square का area अब एक ही हैं। यही माँगा गया था।

अब पूरी चीज़ एक बार numbers के साथ। 8 गुणा 2 का rectangle लीजिए। AE बराबर b, यानी 2। तो ED बचा 6, और उसका आधा 3। इसलिए AF हुआ 2 जोड़ 3, यानी 5। arc का radius भी 5 है। और BH हुआ 5 घटा 2, यानी 3। तो HP का square हुआ 25 घटा 9, यानी 16। और 16 का square root 4 है। यही square की भुजा है।

और 4 का square 16 है, जो ठीक 8 गुणा 2 है। rectangle का area वापस मिल गया। 9 गुणा 4 पर यही चलकर 36 देता है, और भुजा 6। पर 5 गुणा 3 पर 15 आता है, जिसकी भुजा पूरी संख्या है ही नहीं। 3 में से 2 में भुजा पूरी निकली — और यही आम हालत है। अब 2 गलत तरीक़े देखते हैं। ये इसलिए ज़रूरी हैं क्योंकि इन्हीं से पता चलता है कि यह construction कितनी नाज़ुक है।

पहला — AF को सीधे AD का आधा मान लेना। यानी बचे हुए हिस्से को नहीं, पूरी नीचे वाली भुजा को आधा करना। drawing फिर भी पूरी बन जाती है — 820 में से 820 बार। और 820 में से 0 बार वह सही जवाब देती है। हर बार जवाब छोटा आता है — 820 में से 820 बार। और कमी हमेशा ठीक b के square के बराबर होती है, 820 में से 0 बार इससे अलग।

8 गुणा 2 पर यह 12 देती है, जबकि सही जवाब 16 है। अंतर 4 — और 4, b यानी 2 का square है। बिलकुल वही जो कहा गया था। इसलिए drawing का बन जाना कोई सबूत नहीं है। गलत construction भी उतनी ही साफ़ और पूरी बनती है। दूसरा गलत तरीक़ा पहले से ज़्यादा ख़तरनाक है। E को b पर रखने की जगह a घटा b पर रख दीजिए।

drawing फिर भी बन जाती है — 820 में से 820 बार। यहाँ तक सब पहले जैसा है। पर इस बार 820 में से 20 rectangles ऐसे हैं जिन पर यह बिलकुल सही जवाब देती है। पूरी तरह सही, गलती की कोई गुंजाइश नहीं। तो वे 20 कौन से हैं? वे ठीक वही हैं जिनमें a, b का 2 गुना है। सीधे गिनने पर 20, और जिन पर यह गलत तरीक़ा सही निकला उन्हें गिनने पर भी 20 — वही 20।

8 गुणा 2 पर यह 24 देती है, सही 16 के बदले। 9 गुणा 4 पर 40 देती है, सही 36 के बदले। पर 8 गुणा 4 पर यह 32 देती है — और सही जवाब भी 32 है। अब ज़रा सोचिए कि इसका मतलब क्या है। अगर जाँचने के लिए आपने 8 गुणा 4 चुना होता, तो आपको कभी पता न चलता कि आपकी construction गलत है। एक जाँच सबूत नहीं होती।

अब एक सवाल जो आम तौर पर पूछा ही नहीं जाता। क्या यह drawing कभी बन ही न पाए, ऐसा हो सकता है? फेल होने के ठीक 3 तरीक़े हैं, और उन्हें अलग-अलग पूछना पड़ता है। arc, BC तक पहुँचे ही नहीं। या K, BC के टुकड़े से बाहर गिरे। या P, HG के सिरे से आगे निकल जाए। पूरे 820 rectangles में इनमें से कोई भी नहीं हुआ। एक बार भी नहीं।

पर 0 तभी मायने रखता है जब जाँच 'हाँ' भी कह सकती हो। इसलिए उसे 60 ऐसी settings दी गईं जहाँ सीध radius से दूर थी, और 60 में से 0 को उसने पहुँच में बताया। फिर 2 drawings जानबूझकर तोड़कर दी गईं, और 2 में से 0 उससे छूटीं। arc के पहुँचने की वजह एक ही है। radius है a जोड़ b का आधा, और सीध BC सिर्फ़ a घटा b का आधा दूर है।

पूरी sweep में radius कभी छोटा नहीं पड़ा। और P, HG के सिरे से आगे क्यों नहीं जाता? इसकी वजह एक असमानता है, और वह इस construction से कहीं बड़ी चीज़ है। HP वह भुजा है जो square बनाती है, और HG औसत है। सवाल सिर्फ़ इतना है कि इन 2 में बड़ा कौन है। 820 rectangles पर देखा गया, और औसत कहीं भी square वाली भुजा से छोटा नहीं निकला।

यानी औसत हमेशा बड़ा या बराबर रहा। और 820 में से 0 बार वे बराबर निकले। बराबर सिर्फ़ तब होते हैं जब rectangle पहले से square हो — यह 11 बराबर-भुजा वाले जोड़ों पर अलग से जाँचा गया। और अंतर कितना है यह भी तय है। औसत का square घटा a गुणा b, हमेशा आधे अंतर का square होता है, और पूरी sweep में एक बार भी इससे अलग नहीं।

तो यह drawing किस्मत से नहीं चलती। चाहे rectangle लगभग square हो या बहुत लंबा और पतला, वह इसी असमानता पर टिकी रहती है। आख़िरी point S है — वहाँ जहाँ नया square, बाईं तरफ़ वाली भुजा से मिलता है। जो drawing हम खींच रहे थे उसमें S, A और B के बीच बैठा था। देखने में लगता है कि हमेशा वहीं बैठेगा। पर 820 में से सिर्फ़ 692 बार ऐसा होता है।

बाकी 128 बार S, B से ऊपर निकल जाता है। दोनों गिनतियाँ अलग-अलग तरीक़े से नापी गईं, और जोड़ने पर पूरे 820। S अंदर तभी रहता है जब a और b का अनुपात 5.8 से ज़्यादा न हो। उसके बाद वह ऊपर निकलने लगता है। 100 गुणा 1 वाले rectangle में S की ऊँचाई 40.5 है, जबकि b सिर्फ़ 1 है। square पूरी भुजा से ऊपर उठ जाता है — और कुछ भी नहीं टूटता।

जो चीज़ हमेशा सही है वह यह है कि P, HG पर रहता है। S वाली बात उससे अलग है, कमज़ोर है, और गलत भी हो जाती है। दोनों को एक मान लेना सबसे आसान फिसलन है। एक आख़िरी हालत। अगर a और b बराबर हों, यानी rectangle पहले से ही square हो, तो क्या होगा? तब AE पूरी AD के बराबर है, इसलिए E और D एक ही point पर आ जाते हैं।

बीच में कुछ बचता ही नहीं, इसलिए F भी वहीं। BH हो जाता है 0। यानी त्रिभुज की एक भुजा ग़ायब हो जाती है, और घटाने को कुछ रहता नहीं। और जवाब क्या निकलता है? 7 गुणा 7 पर HP का square 49 निकलता है — वही rectangle वापस। construction टूटती नहीं है। वह जो दिया गया था, वही लौटा देती है — और एक अच्छी construction से यही उम्मीद भी है।

rectangle हो गया। शुरू में हमने 3 आकृतियाँ रखी थीं — त्रिभुज का क्या? त्रिभुज का area है base गुणा ऊँचाई का आधा। तो एक rectangle बनाइए जिसकी एक भुजा base हो और दूसरी ऊँचाई की आधी। उसका area वही है। यह 441 त्रिभुजों पर जाँचा गया। 0 बार area बदला, और 0 बार ऐसा हुआ कि उस rectangle का square न बन सके। यानी त्रिभुज 2 कदमों में हो जाता है, और दोनों कदम हमारे पास पहले से थे।

और घेरे का क्या हुआ? वही तीसरी आकृति, जिसका सवाल शुरू में उठाया गया था। यहाँ सबसे आम गलत वजह यह दी जाती है कि घेरे का जवाब irrational होता है। वह वजह हो ही नहीं सकती। क्योंकि यही construction 820 में से 792 rectangles पर irrational भुजा बनाकर देती है — और हर बार बना देती है। irrational होना रुकावट नहीं है। असली वजह π का एक और गहरा गुण है।

π किसी भी ऐसी बहुपद का हल नहीं है जिसके गुणांक पूरी संख्याएँ हों। यह बात इस video के बाहर से आ रही है, और हमने इसे यहाँ जाँचा नहीं है। तो यह पुरानी construction कोई जादू नहीं है। वह algebra की एक पहचान है, जिसे खींचकर दिखाया गया है। arc औसत लाता है, rectangle की अपनी ऊँचाई आधा अंतर देती है, और जो बचता है वही square की भुजा है।

यह कहाँ बैठता है

यह उन notes से लिया गया है जिनसे हर video बनी है, पढ़ने के क्रम से नहीं — ये वे ideas हैं जिन पर यह टिका है, और वे जो आगे चलकर इस पर टिकते हैं.

किस पर टिका है

इसके ठीक पहले और ठीक बाद

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