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Chapter 3 · Proportional Reasoning-2

किसी मात्रा को दिए गए ratio में बाँटना

Dividing a whole, and picturing it11 मिनट

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किसी नुस्खे को बढ़ाना और किसी मात्रा को अनुपात में बाँटना एक ही काम है, बस उल्टी दिशा में। दोनों की धुरी एक संख्या है, एक भाग का नाप: पूरी मात्रा बटा पदों का जोड़।

मुख्य idea

किसी पूरे को दिए गए ratio में काटना और किसी नुस्ख़े को बड़ा करना, एक ही क्रिया है जो उलटी दिशाओं में चलती है, और दोनों की धुरी एक संख्या है: एक भाग का आकार। chapter जो fraction वाला नियम बताता है, वह रटने वाली कोई नई तकनीक नहीं है — हर पद बटा पदों का जोड़ ही पूरे में से उसका हिस्सा है, और ये fractions इस तरह बने हैं कि जुड़कर ठीक एक बनें, और इसी वजह से पूरे में से न कुछ खोता है और न कुछ नया बनता है। और इसीलिए ratio किसी बँटवारे को तभी तय करता है जब बाँटने के लिए कोई तय कुल हो: 1 : 3 : 5 त्रिभुज के कोणों को पूरी तरह तय कर देता है, जबकि 3 : 4 : 5 उसकी भुजाओं का आकार तय नहीं करता।

आपको क्या आना चाहिए

  • ratio के पदों को जोड़ना और उस जोड़ को बराबर भागों की गिनती की तरह समझना
  • दिए गए पूरे को उस जोड़ से भाग देकर एक भाग निकालना, और गुणा करके हर हिस्सा निकालना
  • उसी बँटवारे को उसके fraction वाले रूप में, पद बटा पदों का जोड़, लिखना और सीधे इस्तेमाल करना
  • दिखाना कि हिस्से जुड़कर फिर से पूरा बनाते हैं, और समझाना कि ऐसा क्यों होना ही चाहिए
  • decimals में दी गई मात्रा, या ऐसी मात्रा जो भागों की पूरी संख्या नहीं है, बिना जल्दी round किए बाँटना
  • ऐसे सवाल में जहाँ कुल दिया है और ऐसे सवाल में जहाँ एक भाग दिया है, फ़र्क़ करना, और हर एक के लिए सही पहला क़दम चुनना
  • बँटवारे को ऐसे कुल पर लगाना जो सवाल ने नहीं, गणित ने तय किया है — त्रिभुज का 180°
  • तय करना कि भुजाओं का ratio एक अकेला त्रिभुज तय करता है या नहीं, और कि भुजाओं का कोई दिया हुआ ratio त्रिभुज बन भी सकता है या नहीं

जानने लायक़ शब्द

शब्दएक पंक्ति में अर्थहिंदी / क्षेत्रीय समकक्षपहली बार कहाँ
termsratio के अंदर लिखी अलग-अलग मात्राएँपदइसी chapter में छपा, Part II §3.3 (Part II p.57)
quotientउस भाग का नतीजा जिससे एक भाग का आकार मिलता हैभागफलइसी chapter में छपा, Part II §3.4 (Part II p.58)
dividing a whole in a given ratioबताई गई मात्रा को ऐसे हिस्सों में बाँटना जो बताए गए ratio में होंदिए गए अनुपात में विभाजन§3.4 का छपा हुआ शीर्षक (Part II p.58)
units (of a mixture)वह गिनती का माप जिसमें concrete वाला उदाहरण काम करता है, न बोरियाँ न kilogramइकाईइसी chapter में छपा, Part II §3.4, Example 3 (Part II p.59)
congruentवही आकृति और वही आकार, ताकि एक आकृति दूसरी पर ठीक-ठीक रखी जा सकेसर्वांगसमइसी chapter में छपा, §3.4 के चौथे अभ्यास item में (Part II p.60)
size of one partपूरा, पदों के जोड़ से भाग दिया हुआ—इस पाठ का शब्द; chapter हर हल किए उदाहरण में यह संख्या निकालता है और इसे कभी नाम नहीं देता

हिंदी column में standard हिंदी गणितीय शब्दावली दी गई है। Ganita Prakash कक्षा 8 का हिंदी संस्करण नहीं देखा गया, इसलिए इसे standard शब्दावली मानें, उस संस्करण के ठीक-ठीक शब्द नहीं।

लोग कहाँ चूकते हैं

  • "12 को 2 : 1 के ratio में बाँटने का मतलब है 12 ÷ 2 और 12 ÷ 1।" इससे 6 और 12 मिलते हैं, जो जुड़कर 18 होते हैं। भाग पदों के जोड़ से होता है, और जाँच यह है कि हिस्से जुड़कर फिर 12 बनें।
  • "पदों का जोड़ ही पूरा है।" Example 3 में पद जुड़कर 5.5 होते हैं और पूरा 110 है। जोड़ भाग गिनता है; पूरा इकाइयों में नापा जाता है। इन दोनों संख्याओं को साफ़ तौर पर अलग रखना आधी से ज़्यादा लड़ाई है।
  • "5.5 से भाग नहीं दे सकते।" दे सकते हैं, और chapter देता है। ratio के पदों के जोड़ का पूर्ण संख्या होना ज़रूरी नहीं।
  • "288 Odiya किताबों का मतलब है कुल 288 किताबें।" item 2 आपको एक भाग देता है, पूरा नहीं। आपको दोनों में से क्या दिया गया है, यह पहचानना ही हुनर है; उसके बाद का हिसाब एक जैसा है।
  • "4 : 3 : 2 : 1 के ratio में सिक्कों का मतलब है 4 : 3 : 2 : 1 के ratio में पैसा।" नहीं। एक रुपये के दस सिक्के और दस रुपये के दस सिक्के गिनती में बराबर हैं और क़ीमत में दस गुना अलग।
  • "भुजाओं का ratio वही, तो त्रिभुज वही।" आकृति वही, आकार कोई भी। शब्द similar और congruent अलग-अलग काम करते हैं, और अभ्यास item 4 इन्हें अलग करने के लिए ही बना है।
  • "कोई भी तीन संख्याएँ त्रिभुज की भुजाएँ हो सकती हैं।" 1 : 3 : 5 किसी भी scale पर नहीं हो सकता। तीनों को किसी भी संख्या से गुणा कीजिए, छोटी दो फिर भी लंबी वाली से आगे नहीं पहुँचतीं।
  • "ratio हमेशा जवाब तय कर देता है।" सिर्फ़ किसी तय कुल के सामने। sections 8 से 10 इसी एक वाक्य के तीन रूप हैं।
पूरा transcript1,755 शब्द

कुछ सवाल सुनने में एक दूसरे के बिल्कुल उल्टे लगते हैं। एक कहता है कि नुस्खा वही रखकर इसे और ज़्यादा बनाइए, दूसरा कहता है कि नुस्खा वही रखकर इसे बाँट दीजिए। पहले में एक दिए हुए हिस्से से पूरी मात्रा बनती है, और दूसरे में पहले से मौजूद पूरी मात्रा हिस्सों में कटती है। काम अलग लगते हैं, पर असल में ये एक ही काम है, बस उल्टी दिशा में चलाया गया।

और दोनों की धुरी एक ही संख्या है, एक भाग का नाप, वो मिल जाए तो बाकी सब बस गुणा है। छोटे से शुरू करते हैं, 12 को 2 और 1 के अनुपात में बाँटना है। एक चीज़ के 2 भाग, दूसरी का 1 भाग, तो कुल मिलाकर 3 भाग हुए। इस 3 को पकड़कर रखिए, क्योंकि यही वो संख्या है जो लोग सबसे पहले खो देते हैं। ये 3 कोई मात्रा नहीं है, यहाँ 3 चीज़ें कहीं नहीं हैं, ये बराबर भागों की गिनती है, और 12 वो है जो इन भागों में बँटना है।

पदों का जोड़ भाग गिनता है, और पूरी मात्रा इकाइयों में नापी जाती है, इन दोनों को अलग रखिए तो ये पूरा विषय आसान है। तो 12 इकाई और 3 भाग, एक भाग है 12 को 3 से भाग, यानी 4 इकाई। बस इतना ही, पूरा हिसाब यही एक भाग है। उसके बाद सिर्फ़ गुणा, 2 भाग यानी 8 इकाई, और 1 भाग यानी 4 इकाई। और जाँचिए, 8 और 4 मिलकर 12 होते हैं, न कुछ ग़ायब हुआ, न कुछ नया बना।

इसका ढाँचा देखिए, पहले जोड़ से एक बार भाग, फिर पदों से गुणा, ratio कैसा भी हो। अब एक ग़लत चाल, जिसे एक बार जानबूझकर चलकर देखना ज़रूरी है। मान लीजिए 12 को 2 और 1 के अनुपात में बाँटना है, और कोई 12 को 2 से भाग देता है, फिर 12 को 1 से। मिलते हैं 6 और 12, जो मिलकर 18 हो जाते हैं। पूरी मात्रा 12 थी, और इस तरीके ने 6 इकाई कहीं से अपने आप बना दीं।

ये इन संख्याओं का संयोग नहीं है, 9 अलग बँटवारों पर ये तरीका आज़माएँ, तो 9 में से सिर्फ़ 3 पर पूरा जुड़ता है, और 6 पर नहीं। और वो 3 ऐसे ratio हैं जिनके सारे पद बराबर हैं, असली मिश्रण में ऐसा कहाँ होता है, भाग पदों के जोड़ से ही होता है। अब एक मुश्किल सवाल, और ये दिलचस्प तरीके से मुश्किल है। अब 110 इकाई कंक्रीट चाहिए, जिसमें सीमेंट 1 भाग, रेत 1 दशमलव 5 भाग और बजरी 3 भाग है।

पद जोड़िए, 1 और 1 दशमलव 5 और 3 मिलकर 5 दशमलव 5 बनते हैं। यहाँ मन कहता है कि 5 दशमलव 5 से भाग नहीं दिया जा सकता, पर दिया जा सकता है, और देना ही पड़ेगा। तो 110 इकाई को 5 दशमलव 5 से भाग दें तो 20 आता है, यानी एक भाग 20 इकाई का। तो सीमेंट 1 भाग यानी 20 इकाई, रेत 1 दशमलव 5 भाग यानी 30 इकाई, और बजरी 3 भाग यानी 60 इकाई।

और 20, 30 और 60 मिलकर पूरे 110 इकाई होते हैं। यहीं एक और ग़लतफ़हमी छिपी है, कि पदों का जोड़ ही पूरी मात्रा है। कंक्रीट में पद जुड़कर 5 दशमलव 5 बने, और पूरी मात्रा 110 इकाई थी, ये बिल्कुल अलग संख्याएँ हैं। जोड़ भागों की गिनती है, पूरी मात्रा इकाइयों में नापी गई चीज़ है, और इन दोनों को अलग रखना ही आधा काम है। इन 9 बँटवारों में जोड़ को ही पूरी मात्रा मान लें, तो ये 9 में से सिर्फ़ 1 पर ठीक बैठता है।

इसे एक चित्र में देखिए, ऊपर 110 इकाई कंक्रीट का ढेर है, और उससे नीचे की तरफ़ तीर निकलते हैं। तीरों पर पद लिखे हैं, सीमेंट का 1, रेत का 1 दशमलव 5 और बजरी का 3, और नीचे के ढेरों पर हिस्से, 20, 30 और 60 इकाई। एक ही चित्र में ratio के पद भी हैं और असली हिस्से भी, और दोनों को अलग पहचानना ही यहाँ का असली हुनर है।

पद बताते हैं कि किसके कितने भाग हैं, और हिस्से बताते हैं कि असल में कितना मिला। ये हिसाब इतनी सफ़ाई से पूरा क्यों बैठा, जबकि ये कोई किस्मत नहीं थी? देखिए कि कोई भी हिस्सा असल में क्या है, पूरी मात्रा गुणा उसका पद, बटा पदों का जोड़। कंक्रीट के लिए ये भिन्न 2 बटा 11, 3 बटा 11 और 6 बटा 11 बनते हैं। और 2, 3 और 6 मिलकर 11 होते हैं, यानी ये भिन्न जुड़कर 11 बटा 11 बनते हैं, जो पूरा 1 है।

यही पूरा तर्क है, ये भिन्न उसी जोड़ से बने हैं जो पदों का जोड़ है, इसलिए ये 1 के सिवा कुछ और जोड़ ही नहीं सकते। इसलिए हिस्से भी पूरी मात्रा के सिवा कुछ और नहीं जुड़ सकते, मात्रा कोई भी हो, ratio कोई भी हो, और 9 में से 9 बँटवारों में ठीक ऐसा ही हुआ। तो ये नियम सिर्फ़ काम का नहीं, भरोसे लायक भी है। इसी से यही कदम लिखने का एक दूसरा तरीका निकलता है।

पहले भाग और फिर गुणा करने के बजाय, पूरी मात्रा को सीधे इस पद बटा पदों के कुल जोड़ से गुणा कीजिए। सीमेंट के लिए 110 को 1 बटा 5 दशमलव 5 से गुणा कीजिए, और रेत के लिए 1 दशमलव 5 बटा 5 दशमलव 5 से। वही 20 इकाई, वही 30 इकाई, होना ही था, क्योंकि ये वही गुणा और भाग हैं, बस उल्टे क्रम में। कोई भी तरीका चुनिए, पर भाग वाले तरीके का एक फ़ायदा है, वो एक भाग का नाप सामने रख देता है।

अब दोनों दिशाएँ एक ही उदाहरण पर साथ साथ देखते हैं। एक बैंगनी रंग में लाल, नीला और सफ़ेद 2, 3 और 5 के अनुपात में मिलते हैं। पहला सवाल, आपको 50 मिलीलीटर बैंगनी चाहिए, पद जुड़कर 10, तो एक भाग 5 मिलीलीटर, और हिस्से 10, 15 और 25 मिलीलीटर। दूसरा सवाल, आपके पास 10 लीटर सफ़ेद है और पूरा इस्तेमाल करना है, सफ़ेद 5 भाग है, तो एक भाग 2 लीटर, लाल 4 लीटर और नीला 6 लीटर, कुल 20 लीटर।

यहाँ ratio वही है, दिशा उल्टी, और दोनों में सबसे पहले एक भाग का नाप ही निकला। अब एक नया बँटवारा, जिसे आप ख़ुद भी आज़मा सकते हैं। किसी खेल का 150 मिनट का अभ्यास warm-up, batting, bowling और fielding में 3, 4, 3 और 5 के अनुपात में बँटता है। पद जुड़कर 15 बनते हैं, और 150 मिनट को 15 से भाग दें तो एक भाग 10 मिनट का।

तो warm-up के हिस्से में 30 मिनट, batting के हिस्से में 40 मिनट, bowling के हिस्से में 30 मिनट, और fielding के हिस्से में 50 मिनट आते हैं। और 30, 40, 30 और 50 मिलकर फिर से पूरे 150 मिनट। अब एक सवाल जो दिखता वैसा ही है, पर है नहीं। एक पुस्तकालय में कहानी की, विज्ञान की और नक्शों की किताबें 3, 2 और 1 के अनुपात में हैं, और कहानी की किताबें 288 हैं।

भाग देने से पहले रुकिए, 288 पूरी मात्रा नहीं है, ये सिर्फ़ एक हिस्सा है। तो जोड़ से भाग मत दीजिए, उसी पद से भाग दीजिए जो इस हिस्से का है, 288 बटा 3, यानी एक भाग में 96 किताबें। फिर गुणा, कहानी की 288, विज्ञान की 192 और नक्शों की 96, कुल 576 किताबें। अगर 288 किताबों को ही पूरी मात्रा मान लें, तो मिलेंगे 144, 96 और 48, जो जुड़कर 288 बनते हैं, जाँच पास हो जाती है, और फिर भी 3 में से 3 संख्याएँ ग़लत हैं।

अब तक की पूरी मात्राएँ किसी ने चुनी थीं, 110 इकाई, 50 मिलीलीटर और 150 मिनट। अब एक ऐसा बँटवारा जिसकी पूरी मात्रा पर कोई बहस ही नहीं। किसी त्रिभुज के angle 1, 3 और 5 के अनुपात में हैं, तो वो कितने हैं? कुल किसी ने बताया नहीं, फिर भी वो पता है, क्योंकि त्रिभुज के angle जुड़कर कुल 180 होते हैं, और ये सवाल से बहुत पहले तय था।

तो बाँटिए, 1 और 3 और 5 मिलकर 9 भाग, और 180 बटा 9, यानी एक भाग 20 का। तो angle हुए 20, 60 और 100, और ये जुड़कर फिर से 180 बनते हैं। अब बस एक शब्द बदलिए, और पूरा हिसाब बिखर जाता है। एक त्रिभुज जिसकी भुजाएँ 1, 3 और 5 के अनुपात में हैं, वो कितनी लंबी हैं? इसका कोई जवाब नहीं है, और इसकी वजहें अलग अलग हैं।

पहली वजह, ऐसा कोई त्रिभुज बनता ही नहीं, 1 और 3 मिलकर 4 होते हैं, और 4 की लंबाई 5 तक पहुँच ही नहीं सकती। छोटी भुजाएँ मिलकर तीसरी से लंबी होनी चाहिए, और इस ratio को 1 गुना, 2 गुना, 10 गुना या 100 गुना करके भी त्रिभुज एक बार भी नहीं बनता। दूसरी वजह और गहरी है, एक ऐसा ratio लीजिए जो चलता है, 3, 4 और 5 का।

इन भुजाओं से किसी भी नाप का त्रिभुज बनता है, 3, 4 और 5 से, 6, 8 और 10 से, या 30, 40 और 50 से। इनकी परिधि 12, 24 और 120 है, आकार एक, नाप अलग। ये ratio इनमें से किसी एक को नहीं चुनता, क्योंकि बाँटने के लिए कोई तय कुल था ही नहीं। यही फ़र्क है, angle का कुल पहले से हाथ में था, भुजाओं का कुल कभी हाथ में नहीं आता।

इसलिए भुजाओं के एक ही ratio वाले त्रिभुज आकार में एक जैसे होते हैं, पर नाप में ज़रूरी नहीं। एक आख़िरी जाल, जिसमें सावधान लोग भी फँसते हैं। पेंसिलों के 100 डिब्बे हैं, कुछ में 10 पेंसिल, कुछ में 5, कुछ में 2 और कुछ में 1, और डिब्बों की गिनती 4, 3, 2 और 1 के अनुपात में है। कुल 10 भाग, तो एक भाग में 10 डिब्बे, यानी 40, 30, 20 और 10 डिब्बे, ये हिस्सा आसान था।

अब पेंसिलें कितनी, 400 और 150 और 40 और 10, यानी कुल 600 पेंसिलें। पर इन्हें ratio की तरह देखिए, सरल करने पर ये 40, 15, 4 और 1 बनते हैं, और ये 4, 3, 2 और 1 बिल्कुल नहीं है। किसी मात्रा को ratio में बाँटने से ठीक वही चीज़ बँटती है जो आपने बाँटी, यहाँ डिब्बों की गिनती बँटी थी, पेंसिलों का वादा किसी ने नहीं किया था।

तो पूरा तरीका इतना है, पहले एक भाग का नाप निकालिए, फिर गुणा कीजिए। फिर जाँचिए कि हिस्से जुड़कर पूरी मात्रा बनाते हैं या नहीं। उससे पहले देख लीजिए कि आपके हाथ में पूरी मात्रा है या सिर्फ़ एक हिस्सा, क्योंकि पहला कदम उसी से तय होता है। और ये भी देखिए कि बाँटने के लिए कोई तय कुल है भी या नहीं, angle में था, भुजाओं में नहीं। और साफ़ रहिए कि आप असल में बाँट क्या रहे थे, डिब्बे या पेंसिलें।

यह कहाँ बैठता है

यह उन notes से लिया गया है जिनसे हर video बनी है, पढ़ने के क्रम से नहीं — ये वे ideas हैं जिन पर यह टिका है, और वे जो आगे चलकर इस पर टिकते हैं.

किस पर टिका है

आगे फिर कहाँ आता है

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