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Chapter 1 · Geometric Twins

आकार भी वही, माप भी वही: superimposition ही कसौटी है

What congruence means11 मिनट

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बोर्ड पर बना निशान, दूसरे बोर्ड पर हूबहू कैसे पहुँचे, बिना tracing के? दो लंबाइयाँ, 4 और 8, काफ़ी नहीं: 1 से 179 degree तक हर मोड़ से अलग निशान बनता है। बीच का 80 degree का angle जोड़ो, और सूची पूरी।

मुख्य idea

यहाँ congruence कोई रटने वाली परिभाषा बनकर नहीं आती, बल्कि एक कारीगर की मुश्किल के जवाब के रूप में आती है: एक painter को एक sign दोबारा बनाना है, और वह उस पर tracing paper नहीं रख सकता, इसलिए आकार को numbers की एक छोटी-सी सूची बनकर पहुँचना पड़ता है। इससे पूरी बात उलट जाती है। superimpose करना तो बस दो बनी-बनाई आकृतियों को जाँचने का तरीक़ा है; chapter असल में जो ढूँढ़ रहा है, वह मापों की सबसे छोटी सूची है जो नक़ल करने वाले के लिए कोई भी छूट न छोड़े। भुजाओं की दो लंबाइयाँ बहुत छूट छोड़ती हैं — किताब ठीक उन्हीं दो लंबाइयों से चार अलग-अलग signs बनाकर दिखाती है — और उनके बीच का angle ही वह चीज़ है जो यह कमी पूरी करता है।

आपको क्या आना चाहिए

  • बताना कि दो आकृतियों के congruent होने के लिए क्या सच होना चाहिए
  • दो बनी हुई आकृतियों पर superimposition को कसौटी की तरह इस्तेमाल करना — घुमाने या पलटने समेत
  • समझाना कि किसी बड़े आकार को कहीं पहुँचाने के लिए tracing एक कमज़ोर तरीक़ा क्यों है
  • किताब की अपनी चार-symbol वाली तस्वीर से दिखाना कि भुजाओं की दो लंबाइयाँ दो भुजाओं वाली आकृति को तय नहीं करतीं
  • बताना कि कौन-सा तीसरा माप यह दुविधा ख़त्म करता है, और क्यों
  • तय करना कि एक circle और एक rectangle के लिए कितने कम माप काफ़ी हैं
  • अनुमान लगाना कि तीन भुजाओं वाली आकृति के लिए ज़रूरी मापों की सूची कैसे बढ़ती है
  • "ये एक-से दिखते हैं" और "ये congruent हैं" में फ़र्क़ करना

जानने लायक़ शब्द

शब्दएक line में परिभाषाहिंदी / क्षेत्रीय समकक्षपहली बार कहाँ आया
congruentऐसी दो आकृतियों के लिए जो रूप और माप दोनों में मेल खाती हैं, ताकि एक दूसरी की हूबहू नक़ल होसर्वांगसम§1.1, Part II, p.2 में bold में छपा
congruenceऐसी दो आकृतियों के बीच का संबंधसर्वांगसमता§1.1, Part II, p.2 में छपा
superimposeएक आकृति को दूसरी के ऊपर रखकर देखना कि दोनों पूरी तरह मिलती हैं या नहींअध्यारोपित करना§1.1, Part II, p.2 में छपा
tracing paperपतला, आर-पार दिखने वाला paper जिससे किसी outline की नक़ल की जाती हैट्रेसिंग पेपर§1.1, Part II, pp.1–2 में छपा
rotated / flippedplane में घुमाया हुआ / उलटकर पलटा हुआ — superimpose करने से पहले मंज़ूर दो चालेंघुमाया हुआ / पलटा हुआदोनों §1.1, Part II, p.2 में छपे
replicaऐसी नक़ल जो असली को हूबहू दोहराती हैप्रतिकृति§1.1, Part II, p.2 में छपा
armsignboard वाले symbol में B पर मिलने वाली दो सीधी रेखाओं में से एकभुजा§1.1, Part II, pp.1–3 में छपा
signboardसड़क किनारे का वह board जिस पर वह symbol है जिससे chapter शुरू होता हैसंकेत-पट्ट§1.1, Part II, pp.1–3 में छपा
radiuscircle के centre से उसके किनारे तक की दूरीत्रिज्याकक्षा 6, और फिर §1.2, Part II, p.5 में इस्तेमाल
shape and sizeवह जोड़ी जिसके दोनों हिस्सों का मेल congruence माँगती हैआकार और माप§1.1, Part II, p.2 में छपा
identical figuresइस पाठ का शब्द उन आकृतियों के लिए जो कोई भी जाँच होने से पहले बस एक-सी दिखती हैंएक जैसी दिखने वाली आकृतियाँइस पाठ का शब्द; किताब का कसौटी वाला शब्द congruent है
line of symmetryवह line जिस पर आकृति को मोड़ने से दोनों आधे हिस्से पूरी तरह मिल जाएँसममिति रेखा§1.2, Part II, p.6 में छपा — इस topic के बाद, पर यहाँ पलटने के पीछे यही विचार है

हिंदी column में NCERT की standard हिंदी गणितीय शब्दावली दी गई है। इस brief के लिए Ganita Prakash Part II का हिंदी संस्करण उपलब्ध नहीं था, इसलिए यह column अनुवाद में मदद भर है — Notes देखें।

लोग कहाँ चूकते हैं

  • "congruent का मतलब है एक ही आकार।" यह आधी परिभाषा है। p.2 के चारों symbols एक ही तरह की आकृति हैं, उन्हीं दो लंबाइयों से बने हैं, और फिर भी congruent नहीं हैं; p.10 के तीनों triangles के angles बिल्कुल एक जैसे हैं और वे भी congruent नहीं हैं। माप का मेल भी ज़रूरी है, और यह chapter दोनों बार यही बात एक साथ कहता है।
  • "अगर उसे घुमा दिया गया है, तो वह अलग आकृति है।" chapter pp.2–3 पर घुमाई और पलटी हुई जोड़ियाँ ठीक इसी भ्रम को ख़त्म करने के लिए रखता है। congruence का फ़ैसला तब होता है जब tracing को हिलाने-डुलाने की छूट मिल चुकी हो।
  • "जो दो आकृतियाँ एक-सी दिखती हैं, वे congruent हैं।" Figure it Out का सवाल 2 पूछता है कि कौन-सी जोड़ियाँ congruent दिखती हैं — शब्द सोच-समझकर चुना गया है। एक-सा दिखना जाँच शुरू करता है; superimpose करना या नापना उसे पूरा करता है।
  • "ज़्यादा माप हमेशा ज़्यादा सुरक्षित हैं।" chapter उलटी दिशा में ले जा रहा है: उसे सबसे छोटी काफ़ी सूची चाहिए। circle को एक number चाहिए। "और उसका area भी, और उसकी परिधि भी" कहने से कुछ नहीं जुड़ता, और जो चीज़ असल में काम कर रही है वह छिप जाती है।
  • "तीन भुजाओं वाली आकृति की भुजाएँ बराबर फैली होनी चाहिए।" p.4 पर छपी आकृति जान-बूझकर एक तरफ़ झुकी बनाई गई है। chapter में कुछ भी बराबर फैलाव पर मजबूर नहीं करता, और जो व्याख्या तस्वीर को सुथरा कर देती है वह ऐसा नियम सिखा देती है जिसे किताब कहने से मना कर रही है।
  • "congruent और बराबर एक ही शब्द हैं।" दो आकृतियाँ congruent होती हैं; दो लंबाइयाँ बराबर होती हैं। chapter शुरू से ही दोनों शब्दों को अलग रखता है, और Part II, §1.2 में जो ≅ चिह्न वह लाता है, वह = चिह्न नहीं है।
पूरा transcript1,549 शब्द

सड़क किनारे एक बोर्ड पर हाथ से बना एक निशान, 2 डंडियाँ जो एक बिंदु पर मिलती हैं। एक पेंटर को यही निशान दूसरे बोर्ड पर हूबहू बनाना है। सवाल यह, वह निशान को एक बोर्ड से दूसरे तक ले कैसे जाए? छोटा निशान होता, तो ट्रेसिंग पेपर पर उतारकर दूसरे बोर्ड पर रख देते। पर बोर्ड बड़ा है, इतना बड़ा ट्रेसिंग पेपर न हाथ में आता है, न संभलता है।

तो आकार को संख्याओं की एक छोटी सी सूची बनकर सफ़र करना होगा। यहाँ की असली खोज, सबसे छोटी सूची कौन सी है, जो नकल करने वाले के लिए कोई छूट न छोड़े? संख्याएँ फ़ोन पर बताई जा सकती हैं, कागज़ पर लिखी जा सकती हैं, और कहीं भी दोबारा आकार बना सकती हैं। पहले नाम रखो, ऊपर बाएँ सिरा A, नीचे जोड़ B, ऊपर दाएँ सिरा C। यहाँ 2 भुजाएँ, A से B, और B से C, जो B पर मिलती हैं।

बस इतना ही है पूरा निशान, और अब इसे संख्याओं में बताना है। पहली कोशिश, भुजाएँ नाप लो। A B, 4 सेंटीमीटर, और B C, 8 सेंटीमीटर। क्या पेंटर के लिए इतना काफ़ी है? देखो ये 4 निशान। हर एक में A B बराबर 4, और B C बराबर 8, बिल्कुल वही नाप। पर हर एक B पर अलग मुड़ा है। इनके 6 जोड़े बनते हैं, पर एक दूसरे पर ठीक बैठने वाला जोड़ा, एक भी नहीं।

B पर angle नापो, पहले में 86, दूसरे में 70, तीसरे में 48, और चौथे में 96 degree। ध्यान रखो, ये धीरे धीरे नहीं खुलते। तीसरा, 48 degree, सबसे सिकुड़ा हुआ, और चौथा, 96 degree, सबसे खुला। इसीलिए A से C की दूरी, तीसरे में सबसे छोटी, चौथे में सबसे बड़ी। सिर्फ़ 2 लंबाइयाँ हों, तो पेंटर इसे कितना भी मोड़ सकता है। और 1 से 179 degree तक, हर पूरी degree पर एक निशान बनाओ, कुल 179।

उनके 15,931 जोड़े बनते हैं, और एक भी जोड़ा एक दूसरे पर नहीं बैठता। यानी 2 नापों वाली सूची, पेंटर को बहुत सारी छूट दे देती है। पेंटर बस 2 संख्याएँ लेकर जाए, तो दूसरे बोर्ड पर कौन सा निशान बनेगा, यह किस्मत की बात होगी। अब सूची में एक चीज़ और, B पर angle A B C, जो 80 degree है। पूरी सूची, 4 सेंटीमीटर, 8 सेंटीमीटर, और बीच में 80 degree।

अब पेंटर के पास कोई छूट नहीं बची। सूची अब 3 संख्याओं की है, 2 लंबाइयाँ, और ठीक उनके बीच का angle। परखो, इसी सूची से 200 नकलें बनाओ, बोर्ड पर कहीं भी, किसी भी तरफ़ घुमाकर, और कई उलटकर भी। सभी 200 पहले वाले निशान पर हूबहू बैठ जाती हैं। और हर नकल को नापो, तो वही 4, वही 8, वही 80। छूट बंद करने का angle अकेला तरीका नहीं है।

A से C की दूरी नापो, 80 degree वाले निशान में यह 8 दशमलव 3 सेंटीमीटर के आसपास। अब 179 निशानों में से, इतनी दूरी वाला सिर्फ़ 1, वही 80 degree वाला। यानी सबसे छोटी सूची एक ही नहीं होती, पर हर सही सूची में 3 संख्याएँ हैं। एक बारीकी, कोई सूची में लंबाइयाँ अदल बदल दे, A B बराबर 8, और B C बराबर 4। A पर A, B पर B, C पर C रखो, तो यह नहीं मिलता।

पर A और C के नाम बदलकर पढ़ो, तो मिल जाता है। इसलिए सूची में नाम भी ज़रूरी हैं, कौन सी संख्या किस भुजा की है। ऐसी 2 आकृतियाँ, जो एक दूसरे के ऊपर रखने पर पूरी तरह मिल जाएँ, congruent कहलाती हैं। और ऊपर रखकर मिलाना, यानी superimpose करना, इसकी जाँच है। पर ध्यान रखो, superimpose करना तो 2 बनी हुई आकृतियों को जाँचने का तरीका है। असली खोज वह सूची है, जिससे बिना देखे ही congruent नकल बन जाए।

ऊपर रखने से पहले, ट्रेसिंग को खिसका सकते हो, घुमा सकते हो, और पलट भी सकते हो। निशान को आधा चक्कर घुमाओ, फिर भी वह मिलता है, बस घुमाकर रखना पड़ता है। उसे उलटो, तब भी मिलता है, बस ट्रेसिंग पलटकर रखनी पड़ती है। और सिर्फ़ खिसकाया हो, तो बस खिसकाकर रखो। ध्यान रखो, सूची में यह कहीं नहीं लिखा कि निशान बोर्ड पर कहाँ बने। न यह, कि वह किस तरफ़ मुड़ा हो, सीधा या उलटा।

इसीलिए वे 200 नकलें, बोर्ड पर कहीं भी बनीं, फिर भी सब मिल गईं। जगह और दिशा, ये खिसकाने, घुमाने और पलटने से बदल जाती हैं, और congruent की जाँच में ये चालें पहले से जायज़ हैं। कोई पूछे, घुमा दिया तो क्या आकृति बदल गई? नहीं, congruent का फ़ैसला ट्रेसिंग को हिलाने की छूट देकर ही होता है। आकृति कहाँ रखी है, किधर मुड़ी है, यह उसकी पहचान का हिस्सा नहीं।

एक L आकार का ब्रैकेट लो। आधा चक्कर घुमाओ, वह घुमाने से ही अपने ऊपर बैठ जाता है। अब उसकी शीशे वाली उलटी छवि बनाओ, यह सिर्फ़ पलटने से ही मिलती है। अगर पलटने की छूट न हो, तो कितना भी घुमाओ, यह कभी नहीं बैठती। इसीलिए congruent की जाँच में पलटना भी जायज़ चाल है। एक और गलतफ़हमी, एक जैसा आकार, यानी congruent। A B बराबर 8, B C बराबर 16, और angle वही 80, हर भुजा दोगुनी।

आकार एक जैसा दिखता है, पर यह पहले वाले पर नहीं बैठता। congruent के लिए आकार भी मिलना चाहिए, और नाप भी। दिखने में एक जैसी 2 आकृतियाँ, congruent लग सकती हैं। देखना बस शुरुआत है, फ़ैसला ऊपर रखकर, या नापकर होता है। देखो, 80 और 81 degree वाले निशान आँख से एक जैसे लगते हैं, पर ऊपर रखो तो नहीं मिलते। अब पेंटर के पास 3 संख्याएँ हैं, 4, 8 और 80।

वह इन्हें किसी भी बोर्ड पर, किसी भी तरफ़ बनाए, नया निशान पुराने के congruent होगा। ट्रेसिंग पेपर की ज़रूरत ही नहीं रही, आकार संख्याओं में बदलकर सफ़र कर गया। और शक हो, तो आखिर में ऊपर रखकर जाँच लो, वह जाँच है, बनाने का तरीका नहीं। अब सोचो, सूची कितनी छोटी हो सकती है? एक circle को दोबारा बनाने के लिए क्या चाहिए? बस एक संख्या, उसकी radius। radius 1 से 10 तक बदलो, तो radius, diameter, परिधि और क्षेत्रफल, हर एक के 10 अलग मान।

यानी इनमें से कोई भी एक पता हो, तो बाकी सब तय। कोई कहे, सुरक्षा के लिए radius के अलावा परिधि और क्षेत्रफल भी लिखो। इससे कुछ नया नहीं जुड़ता, बल्कि यह छिप जाता है कि असली काम कौन सी संख्या कर रही है। खोज सबसे छोटी काफ़ी सूची की है, सबसे लंबी की नहीं। अब आयत, क्या एक संख्या काफ़ी है? सिर्फ़ क्षेत्रफल 24 बताओ, तो पूरी संख्या वाली भुजाओं से 4 आयत बनते हैं।

यहाँ 1 और 24, फिर 2 और 12, फिर 3 और 8, और फिर 4 और 6। सिर्फ़ परिमाप 20 बताओ, तो 5 आयत। पर 2 भुजाएँ बताओ, 4 और 6, तो कोई छूट नहीं। क्षेत्रफल 24 और परिमाप 20, अपने आप निकल आते हैं। तो circle के लिए 1 संख्या, आयत के लिए 2। आयत के लिए भी 2 संख्याएँ किसी और तरह की हो सकती हैं। एक भुजा 6, और कोने से कोने तक की दूरी 10।

तब दूसरी भुजा 8 ही हो सकती है, और क्षेत्रफल 48। गिनती वही रही, 2 संख्याएँ, बस चुनने का ढंग अलग। अब एक बिंदु से 3 भुजाएँ, पहली 5 लंबी, दूसरी 4, और तीसरी 3। पहली 2 के बीच 175 degree, लगभग एक सीधी लकीर जैसी। तीसरी, उससे 95 degree आगे, पहली भुजा से 90 degree पर। यह जान बूझकर टेढ़ी मेढ़ी है, भुजाएँ बराबर दूरी पर फैली हों, ऐसा कोई नियम नहीं।

इसके लिए कितनी संख्याएँ? जवाब, 3 लंबाइयाँ, और 2 angles, कुल 5। इनमें से कोई एक हटाओ, और उसे थोड़ा थोड़ा बदलो, 1 से 10 कदम। हर बार 10 की 10 आकृतियाँ मूल पर नहीं बैठतीं, और यह पाँचों में से हर संख्या के लिए सच। गिनती का तरीका, पहली भुजा बस एक लंबाई, और उसके बाद हर नई भुजा, एक लंबाई और एक angle लाती है। 2 भुजाएँ हों, तो 1 जोड़ 2 बराबर 3, यानी वही 4, 8 और 80 वाली सूची, और 3 भुजाएँ हों, तो 1 जोड़ 2 जोड़ 2 बराबर 5।

कोई इसे सुंदर बनाने के लिए भुजाएँ बराबर फैलाए, 120, 120 degree पर। लंबाइयाँ वही, पर यह टेढ़ी वाली पर नहीं बैठती, बिल्कुल अलग आकृति। इसलिए आकृति जैसी है वैसी ही बनाओ, उसे सुधारना नकल बिगाड़ना है। एक बात शब्दों की, आकृतियाँ congruent होती हैं। लंबाइयाँ बराबर होती हैं, 4 सेंटीमीटर बराबर 4 सेंटीमीटर। यह फ़र्क शुरू से साफ़ रखो, congruent और बराबर, 2 अलग शब्द हैं। आखिर में एक पहेली, 5 गुणा 5 का ग्रिड, यानी 25 खाने।

बीच का एक खाना रंगा है, बचे 24 सफ़ेद खाने। इन्हें 6 congruent टुकड़ों में काटो, यानी हर टुकड़े में 4 खाने। कौन सा आकार काम करेगा? खोजने पर एक कटाई मिलती है, L आकार के टुकड़ों से। जाँचो, 6 टुकड़े, हर एक में 4 खाने, कोई खाना 2 बार नहीं, बीच वाला अछूता। सारे 24 खाने ढक गए। टुकड़े अलग अलग तरफ़ मुड़े हैं, कुछ पलटे हुए भी, पर घुमाने पलटने पर सब एक दूसरे पर बैठते हैं।

खुद कोशिश करो, क्या कोई दूसरी कटाई भी मिलती है? याद रखो, आकार संख्याओं की सूची बनकर सफ़र कर सकता है। खोज सबसे छोटी सूची की है, जो कोई छूट न छोड़े। अब 2 भुजाओं के बीच का angle, वही छूट बंद करता है। congruent, यानी घुमाकर, पलटकर, ऊपर रखने पर पूरा मिल जाना। और एक जैसा आकार काफ़ी नहीं, नाप भी मिलना चाहिए।

यह कहाँ बैठता है

यह उन notes से लिया गया है जिनसे हर video बनी है, पढ़ने के क्रम से नहीं — ये वे ideas हैं जिन पर यह टिका है, और वे जो आगे चलकर इस पर टिकते हैं.

किस पर टिका है

आगे फिर कहाँ आता है

इसके ठीक पहले और ठीक बाद

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