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Chapter 7 · Finding the Unknown

इतिहास की एक चुटकी: अज्ञात को हल करना कहाँ से आया

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बीजगणित और algebra - दोनों नाम किसी जवाब के नहीं, एक विधि के हैं, एक ऐसे रास्ते के जो हर बार चलता है।

मुख्य idea

इतिहास वाला यह हिस्सा chapter के आख़िर में टाँगी गई कोई सजावट नहीं है — यह इस बारे में एक दावा करता है कि algebra असल में है क्या। Ax + B = Cx + D के लिए Brahmagupta का नियम ऐसा कुछ नहीं करता जो पिछले पंद्रह पन्ने पहले ही न कर चुके हों; वह उस सबको चार संख्याओं और एक भाग में समेट देता है, ताकि हाथ में आने वाली चीज़ एक हल किया हुआ सवाल न रहकर एक ऐसा तरीक़ा बन जाए जिसे कोई भी चला सके। शब्दों की उत्पत्ति यही दावा दो बार दोहराती है: bīja यानी बीज, al-jabr यानी वापस पूरा करना, और दोनों नाम तरीक़े के हैं, जवाब के नहीं।

आपको क्या आना चाहिए

  • समझाना कि bījagaṇita किस चीज़ का नाम है और रूपक के लिए बीज ही क्यों चुना गया
  • Aryabhata, Brahmagupta, Al-Khwarizmi और Bhāskarāchārya को chapter में छपी तारीख़ों के साथ एक ही समयरेखा पर रखना
  • वह रास्ता बताना जिससे शब्द algebra आज की English तक पहुँचा
  • छपी table के प्राचीन भारतीय notation में लिखे expression को पढ़कर उसका आज का रूप बताना, और उलटी दिशा में भी जाना
  • घोड़ों-और-क़र्ज़ वाला सवाल बनाकर हल करना, और जवाब को दोनों आदमियों की जायदाद से जाँचना
  • Ax + B = Cx + D रूप वाले equation पर Brahmagupta का formula लगाना
  • formula को उस equation पर परखना जो chapter में पहले लंबे रास्ते से हल हो चुका है
  • वह हालत पहचानना जिसमें formula नहीं लगाया जा सकता, और उसे पहले वाले बिना-हल exercise set से जोड़ना

जानने लायक़ शब्द

शब्दएक पंक्ति में अर्थहिंदी / क्षेत्रीय समकक्षपहली बार कहाँ
bījagaṇitaगणित की उस शाखा का प्राचीन भारतीय नाम जो अज्ञातों के साथ काम करती हैबीजगणितPart II, §7.4, p.182 पर छपा
bījaबीज — नाम की जड़, और वह रूपक जिस पर chapter आगे बढ़ता हैबीजPart II, §7.4, p.182 पर छपा
algebraउसी शाखा का आज का English नामबीजगणितPart II, §7.4, p.182 पर छपा
al-jabrAl-Khwarizmi की किताब के शीर्षक का वह शब्द जो algebra बनाअल-जब्रPart II, §7.4, p.182 पर छपा
yāvat-tāvatवह वाक्यांश जिसे छोटा करके yā बनाया गया, पुराने notation का पहला अज्ञातयावत्-तावत्Part II, §7.4, p.182 पर छपा
kālakaकाला — दूसरे अज्ञात kā के पीछे का रंग का नामकालकPart II, §7.4, p.183 पर छपा
nīlakaनीला — तीसरे अज्ञात nī के पीछे का रंग का नामनीलकPart II, §7.4, p.183 पर छपा
rūpaरूप — ज्ञात राशि के लिए शब्द, छोटा करके rūरूपPart II, §7.4, p.183 पर छपा
Brāhmasphuṭasiddhānta628 CE की Brahmagupta की किताब, जिसके Chapter 18 की ओर यह section इशारा करता हैब्राह्मस्फुटसिद्धांतPart II, §7.4, p.182 पर छपा
Bījgaṇita1150 CE की Bhāskarāchārya की किताब, जिससे Example 16 लिया गया हैबीजगणितPart II, §7.4, p.183 पर इसी वर्तनी में छपा
Bakhśhāli Manuscript300 CE की वह पांडुलिपि जिससे बाद का एक exercise बँटवारे का सवाल लेता हैबख्शाली पांडुलिपिPart II में §7.4 के बाद वाले exercise block में, p.188 पर छपा
generalise patternsवह काम जो यह section कहता है कि algebra पढ़ने से करना आता हैप्रतिरूपों का व्यापकीकरणPart II, §7.4, p.184 पर मोटे अक्षरों में छपा
standard formAx + B = Cx + D वाला रूप, जिस पर Brahmagupta का नियम लगता हैमानक रूपइस पाठ का नाम; किताब p.184 पर चार-अक्षर वाला रूप छापती है पर उसे कोई नाम नहीं देती
coefficientअज्ञात से गुणा होने वाली संख्या — यहाँ A और Cगुणांकइस chapter में नहीं छपा — सभी 28 छपे पन्ने, 164 से 191 तक, देखे और पढ़े गए; section A, B, C और D को बस चार संख्याएँ कहता है

हिंदी column में standard NCERT हिंदी गणितीय शब्दावली दी गई है; संस्कृत शब्द किताब में diacritics वाले roman लिप्यंतरण में छपे हैं और यहाँ देवनागरी में दिए गए हैं। Part II का हिंदी संस्करण यहाँ इस्तेमाल हुई सामग्री में नहीं था — Notes देखें।

लोग कहाँ चूकते हैं

  • "algebra Europe में बना और बाद में भारत पहुँचा।" chapter सफ़र को उलटी दिशा में चलाता है और तारीख़ भी देता है: 5वीं से 7वीं सदी में भारतीय काम, 8वीं में अरबी में, 12वीं में Latin में। दिशा ज़ोर से कहो।
  • "Brahmagupta का formula एक अलग, ज़्यादा चतुर तरीक़ा है।" यह वही तरीक़ा है, हर बार किसी ख़ास equation पर चलाने के बजाय एक बार आम रूप में चलाया हुआ। इसे Ax + B = Cx + D से निकालना — Cx घटाओ, B घटाओ, A − C से भाग दो — नब्बे सेकंड के लायक़ है, और formula को रटने की चीज़ से बदलकर ऐसी चीज़ बना देता है जिसे सच होना ही था।
  • "formula हमेशा चलता है।" नहीं चलता, और chapter p.184 पर इसके साथ कोई शर्त नहीं जोड़ता। जब A = C हो, तो भाग देने के लिए कुछ बचता ही नहीं। अगर B और D भी बराबर हों, तो x का हर मान चलता है; अगर नहीं, तो कोई नहीं — और यह दूसरी हालत ठीक वही बिना-हल वाला equation है जिसे बनाने को पढ़ने वाले से पहले §7.2 में कहा गया था (Part II, §7.2, p.172). इन दोनों पलों को जोड़ो; chapter यह जोड़ पढ़ने वाले पर छोड़ देता है।
  • "पुराना notation बस अजीब symbols वाला आज का notation है।" p.183 पर तीन असली फ़र्क़ छपे हैं: निशान संख्या के बाद नहीं, पहले आता था; negative सामने चिह्न से नहीं, ऊपर बिंदु से दिखाया जाता था; और दोनों पक्ष बराबर के चिह्न से जुड़ने के बजाय एक के ऊपर एक रखे जाते थे। तीसरी row का प्राचीन खाना ही है जिसमें बराबर का चिह्न नहीं है — उसके बगल वाले आज के notation वाले खाने में चिह्न छपा है, इसलिए वह row एक तुलना है, कोई कमी नहीं।
  • "उनके पास हमेशा सिर्फ़ एक अज्ञात था।" yā, kā, nī, pī और lo अलग-अलग अज्ञातों के लिए अलग-अलग symbols के रूप में छपे हैं, जिनमें से ज़्यादातर रंगों के नामों के छोटे रूप हैं। यह चलन आज के x, y, z के उससे ज़्यादा क़रीब है जितना इन अक्षरों का अजीबपन बताता है।
  • "क़र्ज़ बस थोड़ी कम रक़म है।" Example 16 में ₹100 का क़र्ज़ equation में घटाव के रूप में आता है, और वह चिह्न सही रखना ही पूरा modelling वाला क़दम है। यहाँ negative numbers ठीक उसी काम के लिए इस्तेमाल हो रहे हैं जिसके लिए वे हैं।
  • "इतिहास वह हिस्सा है जिसे छोड़ सकते हैं।" यह section chapter का इस सवाल का जवाब है कि यह सारा हल करना किसलिए था। इस पर सवाल भी आ सकते हैं: इसके बाद आने वाले exercise block में Bakhśhāli Manuscript से लिया एक सवाल है।
पूरा transcript1,717 शब्द

बीजगणित, इस नाम के अंदर एक बीज छिपा है। बीज के अंदर पूरा पेड़ छिपा रहता है, जैसे अनजान के अंदर उसका जवाब। और सवाल हल करना, उस पेड़ को कदम कदम बाहर लाना है। बीज से पेड़ एक ही बार में नहीं निकलता, हर दिन थोड़ा, वैसे ही equation में हर line पर एक क्रिया। ध्यान से देखो, यह नाम जवाब का नहीं, तरीके का है। बीज बोना और उसे उगाना, यानी एक ऐसा रास्ता जो हर बार चलता है।

असली बात यही है, algebra कोई एक हल किया हुआ सवाल नहीं, हर किसी के चलाने लायक एक विधि है। अंग्रेज़ी का algebra भी एक पुराने शब्द से आया, al-jabr, यानी टूटे हिस्से को वापस जोड़ना। वह भी तरीके का नाम है, दोनों तरफ़ संतुलन बनाकर टूटे को पूरा करना। कुछ लोग सोचते हैं कि algebra कहीं दूर बना, और यहाँ बहुत बाद में पहुँचा। पर ये विचार संस्कृत से अरबी में गए, अरबी से लैटिन में, और वहीं से algebra शब्द बना।

दिशा उल्टी थी, और यह बात ध्यान देने लायक है। पुराने लिखने के तरीके में अनजान को x नहीं, एक छोटा निशान कहते थे, या। या, यावत्-तावत् का छोटा रूप, यानी जितना भी हो, उतना। तो इस निशान का मतलब, जो भी अनजान मात्रा हो, उसका एक नाम। और एक से ज़्यादा अनजान हों, तो का, नी, पी, लो, हर एक का अलग निशान। का आया कालक से, यानी काला, और नी आया नीलक से, यानी नीला, रंगों के नाम।

कुछ लोग सोचते हैं कि पुराने समय में equation में बस एक ही अनजान संख्या होती थी। पर 5 अलग निशान, सब एक दूसरे से अलग, जैसे अब x, y और z। और जानी हुई संख्या के आगे लिखते थे, रू, रूप से, यानी जाना पहचाना आकार। या वाला निशान अनजान के लिए, और रू वाला निशान जानी हुई संख्या के लिए, बस यही फ़र्क। और निशान रू, इन 5 अनजान निशानों में से कोई नहीं।

अब पुराने और नए तरीके आमने सामने। यहाँ 2 गुणा x जोड़ 1, पुराने तरीके में, या के साथ 2, और रू के साथ 1। निशान पहले, संख्या बाद में, हमारे 2x से उल्टा। और 2 गुणा x घटा 8, पुराने तरीके में, या के साथ 2, रू के साथ 8, और 8 के ऊपर एक बिंदु। बिंदु का मतलब, यह संख्या ऋण है, घटा का कोई निशान नहीं। और यही छोटा सा बिंदु 2 गुणा x जोड़ 8 से अकेला फ़र्क है, और हर मान पर उसकी कीमत 16।

228 अलग पक्ष पुराने तरीके में लिखकर वापस पढ़ो, तो 228 में से 228 ठीक लौटते हैं। बिंदु ठीक तब आता है जब संख्या ऋण हो, और किसी भी लिखी संख्या पर कोई निशान नहीं। अब एक equation, 3 गुणा x जोड़ 4, बराबर 2 गुणा x जोड़ 8। पुराने तरीके में, ऊपर या के साथ 3, रू के साथ 4, और ठीक नीचे या के साथ 2, रू के साथ 8, बीच में बराबर का कोई निशान नहीं।

ऊपर नीचे रखना ही बराबर का मतलब है। हल करो, x बराबर 4, और दोनों तरफ़ 16। कुछ लोग सोचते हैं कि पुराना तरीका बस अजीब निशानों वाला हमारा ही तरीका है। पर 3 असली फ़र्क हैं, निशान संख्या से पहले, ऋण के लिए ऊपर बिंदु, और दोनों तरफ़ ऊपर नीचे। एक और, 5 गुणा x घटा 3, पुराने तरीके में, या के साथ 5, रू के साथ 3, और 3 पर बिंदु।

और उल्टा, या के साथ 4, रू के साथ 7, यानी 4 गुणा x जोड़ 7। अब एक पुराना सवाल, जिसमें क़ीमत अनाज की बोरियों में है। एक आदमी के पास 300 बोरी अनाज और 6 घोड़े। दूसरे के पास 10 घोड़े, पर उस पर 100 बोरी का कर्ज़ है। दोनों बराबर अमीर हैं, और हर घोड़े की क़ीमत एक जैसी, तो एक घोड़ा कितनी बोरियों का? घोड़े की क़ीमत x, तो पहले के पास कुल, 6 गुणा x जोड़ 300।

दूसरे की, 10 गुणा x, और कर्ज़ घटता है, घटा 100। कर्ज़ उसकी दौलत में से कटता है, इसलिए वह घटा बनकर आता है, जोड़ बनकर नहीं। तो equation बनता है, 6 गुणा x जोड़ 300, बराबर 10 गुणा x घटा 100। दोनों तरफ़ से 6 गुणा x घटाओ, और 100 जोड़ो, 400 बराबर 4 गुणा x। x बराबर 100 बोरी। जाँच, 6 गुणा 100 जोड़ 300, यानी 900, और 10 गुणा 100 घटा 100, वह भी 900।

कुछ लोग कर्ज़ को बस थोड़ी कम दौलत समझते हैं, और उसे जोड़ देते हैं। तब equation बनता, 6 गुणा x जोड़ 300, बराबर 10 गुणा x जोड़ 100, और हल 50। अब 50 पर उस ग़लत equation के दोनों तरफ़ 600, यानी वापस रखकर जाँचना ग़लत मॉडल को नहीं पकड़ता। पकड़ती है बस कहानी, क्योंकि हल 50, असली equation में नहीं चलता, और घोड़े की क़ीमत 50 बोरी कम निकलती है।

असली equation में 50 रखो, तो पहली तरफ़ 600, दूसरी तरफ़ 400, बराबर नहीं। अब 2 equations, 5 गुणा x जोड़ 4, बराबर 3 गुणा x जोड़ 8, और 3 गुणा x घटा 6, बराबर 2 गुणा x जोड़ 4। क्या हर equation की 4 संख्याओं से सीधे जवाब निकल सकता है? आम रूप लो, A गुणा x जोड़ B, बराबर C गुणा x जोड़ D। दोनों तरफ़ से C गुणा x घटाओ, फिर B घटाओ।

बाईं तरफ़ रह जाता है A घटा C, गुणा x, और दाईं तरफ़ D घटा B। अब A घटा C से भाग करो, x बराबर, D घटा B, बटा, A घटा C। पहले लंबा रास्ता, 5 गुणा x जोड़ 4, बराबर 3 गुणा x जोड़ 8, दोनों तरफ़ से 3 गुणा x घटाओ, 2 गुणा x जोड़ 4, बराबर 8। दोनों तरफ़ से 4 घटाओ, 2 गुणा x बराबर 4, और 2 से भाग करो, x बराबर 2।

देखो, आख़िर में ऊपर 8 घटा 4 बचा, और नीचे 5 घटा 3, बस यही 4 संख्याएँ काम आईं। यही वह पुराना नियम है, 4 संख्याएँ, और एक भाग। यह कोई नया चालाक तरीका नहीं, वही पुराना तरीका, बस हर बार अलग से चलाने की जगह एक बार आम रूप में चलाया। एक बार नियम मिल गया, तो हर equation के लिए बस 4 संख्याएँ पढ़ो, 2 घटाव और एक भाग, और यह कोई भी कर सकता है।

इसे 1800 equations पर परखो, तो हर बार नियम और लंबा रास्ता एक ही जवाब पर पहुँचते हैं। ऋण जवाब भी आते हैं, और भिन्न वाले भी, नियम कहीं नहीं चूकता। देखो, 5 गुणा x जोड़ 4, बराबर 3 गुणा x जोड़ 8, तो 8 घटा 4, बटा, 5 घटा 3, यानी 4 बटा 2, यानी 2। जाँच, दोनों तरफ़ 14। लंबा रास्ता और नियम, दोनों का जवाब वही, x बराबर 2।

यहाँ 3 गुणा x घटा 6, बराबर 2 गुणा x जोड़ 4, यहाँ B है ऋण 6। और 4 घटा ऋण 6, यानी 10, बटा, 3 घटा 2, यानी 1, तो x बराबर 10, और दोनों तरफ़ 24। ऋण 6 को धन 6 पढ़ो, तो ऋण 2 आता, जो नहीं चलता, इसलिए ऋण का निशान सजावट नहीं। ध्यान रहे, ऊपर D घटा B, और नीचे A घटा C। ऊपर वाला उल्टा करो, तो जवाब का निशान पलटता है, और नीचे वाला उल्टा करो, तब भी।

और पलटा हुआ जवाब equation में वापस रखो, तो वह कभी नहीं चलता, जहाँ जवाब शून्य न हो। पर दोनों उल्टे करो, B घटा D, बटा, C घटा A, तो दोनों पलटाव कट जाते हैं, और जवाब फिर सही, 1800 में से 1800 बार। अब 2 पानी की टंकियाँ, पहली में 4000 लीटर, हर महीने 650 और, दूसरी टंकी में 5050, हर महीने 500 और, तो 650 गुणा m जोड़ 4000, बराबर 500 गुणा m जोड़ 5050।

नियम से, 5050 घटा 4000, यानी 1050, बटा, 650 घटा 500, यानी 150, और m बराबर 7। लंबे रास्ते में 4 lines, यहाँ बस एक, और दोनों 7 पर, जब दोनों टंकियों में 8550 लीटर। और 6 या 8 महीने पर दोनों तरफ़ नहीं मिलतीं। लंबा रास्ता देखो, 150 गुणा m जोड़ 4000, बराबर 5050, फिर 150 गुणा m बराबर 1050, और फिर m बराबर 7। अब 2 गुणा x जोड़ 3, बराबर 4 गुणा x जोड़ 5।

नीचे 2 घटा 4, यानी ऋण 2, और ऊपर 5 घटा 3, यानी 2। x बराबर ऋण 1, और दोनों तरफ़ 1। नीचे ऋण आया, तो जवाब भी ऋण, नियम इससे घबराता नहीं। कुछ लोग सोचते हैं कि यह नियम हमेशा चलता है। पर जब A और C बराबर हों, तो नीचे शून्य, और शून्य से भाग कोई क्रिया ही नहीं। 729 equations देखो, तो नियम ठीक तभी रुकता है, जब A बराबर C।

तब B और D फ़ैसला करते हैं, 2 गुणा x जोड़ 3, बराबर 2 गुणा x जोड़ 3, हर मान पर सच। और 2 गुणा x जोड़ 3, बराबर 2 गुणा x जोड़ 5, किसी पर नहीं, यही वह equation है जिसका कोई हल नहीं। अब 121 परखे मानों में, पहला 121 पर सच, और दूसरा शून्य पर। पहले में A बराबर C, और B बराबर D, दूसरे में A बराबर C, पर B और D अलग, बस इतना फ़र्क।

algebra का काम बस हल करना नहीं, बात को आम बनाना, और उसे साबित करना भी है। जैसे, 2 विषम संख्याओं का जोड़ हमेशा सम। देखो, 2 गुणा a जोड़ 1, और 2 गुणा b जोड़ 1, जोड़ो तो 2 गुणा, a जोड़ b जोड़ 1, और 2 का गुणज हमेशा सम। और शून्य से 50 तक, 2601 जोड़ियों पर जाँचो, तो हर बार सम। पर यह बात इन 2601 जाँचों से साबित नहीं होती, साबित होती है उस एक line से, जो हर a और b पर सच है।

पुराने गणितज्ञों ने algebra की यह ताक़त पहचानी, एक विधि जो हर बार चलती है। अब बीज बोने की बारी तुम्हारी है। अब तुम्हारी बारी, A गुणा x जोड़ B, बराबर C गुणा x जोड़ D, के रूप में कोई equation बनाओ। उसे नियम से हल करो, फिर लंबे रास्ते से, और दोनों जवाब मिलाओ। फिर वही equation पुराने तरीके में लिखो, बिंदु और ऊपर नीचे वाली पंक्तियों समेत। बीजगणित और algebra, दोनों नाम तरीके के हैं, जवाब के नहीं।

पुराना तरीका, निशान पहले, ऋण पर बिंदु, और दोनों तरफ़ ऊपर नीचे। कर्ज़ घटता है, और ग़लत मॉडल को बस कहानी पकड़ती है। x बराबर, D घटा B, बटा, A घटा C, वही पुराना तरीका, एक बार आम रूप में। और जब A बराबर C, तो नियम चुप, हल या तो हर जगह, या कहीं नहीं।

यह कहाँ बैठता है

यह उन notes से लिया गया है जिनसे हर video बनी है, पढ़ने के क्रम से नहीं — ये वे ideas हैं जिन पर यह टिका है, और वे जो आगे चलकर इस पर टिकते हैं.

किस पर टिका है

इसके ठीक पहले और ठीक बाद

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