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Chapter 2 · The Baudhāyana-Pythagoras Theorem

Fermat's Last Theorem: वही सवाल, एक power ऊपर

Integer triples, and beyond13 मिनट

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9 और 16 का जोड़ 25 है, और 200 तक ऐसे 127 बँटवारे मिलते हैं। तो क्या cubes के साथ भी ऐसा होता है? 20100 जोड़ियाँ जाँचने पर एक भी नहीं, और 216 और 512 का जोड़ 728, यानी 729 से बस 1 कम।

मुख्य idea

§2.5 ने अभी-अभी दिखाया है कि एक square अनगिनत तरीक़ों से दो squares में बँटता है। अगला स्वाभाविक सवाल यह है कि क्या एक cube दो cubes में बँटता है, और जवाब ठीक उलटा निकलता है: कभी नहीं, और दो से ऊपर की किसी भी power के लिए कभी नहीं। तो Baudhāyana triples की बहुतायत powers के बारे में कोई सामान्य तथ्य है ही नहीं — यह exponent 2 की एक ख़ासियत है, और सीमा ठीक वहीं है जहाँ यह chapter काम कर रहा है। topic का दूसरा आधा हिस्सा यह है कि इसे जानने में क्या लगा। कोई भी खोज, कितनी भी दूर तक चले, "कभी नहीं" को स्थापित नहीं कर सकती, और इसीलिए एक ऐसा कथन जिसे कोई भी समझ सकता है, तीन सदियों से ज़्यादा समय तक बिना सबूत के रहा।

आपको क्या आना चाहिए

  • समीकरण xⁿ + yⁿ = zⁿ और उस पर chapter की लगाई शर्तें बताना: प्राकृत संख्याएँ, और 2 से ऊपर का exponent
  • समझाना कि यह सवाल पूर्णांक triples के अध्ययन से कैसे उठा
  • n = 2 वाली स्थिति, जिसके अनगिनत हल हैं, की तुलना उससे ऊपर की हर स्थिति से करना, जिसका कोई हल नहीं
  • समझाना कि एक के बाद एक cubes जाँचना सवाल को कभी तय क्यों नहीं कर सकता, चाहे कितने भी जाँचे जाएँ
  • Fermat के हाशिये वाले नोट का chapter का ब्योरा, और उस सबूत का क्या हुआ जिसका दावा किया गया था, बताना
  • chapter की समय-रेखा देना: 17वीं सदी में Fermat, तीन सदियों से ज़्यादा की नाकामियाँ, 1963 में Wiles का इस समस्या के बारे में पढ़ना, और 1994 में उनका सबूत
  • "कोई सबूत नहीं मिला" और "कोई सबूत था ही नहीं" में फ़र्क़ करना, और बताना कि chapter असल में कौन-सी बात कहता है
  • बताना कि यह section Baudhāyana वाले chapter के आख़िर में क्यों है

जानने लायक़ शब्द

Termएक line में परिभाषाहिंदी / क्षेत्रीय समकक्षपहली बार कहाँ आया
Fermat's Last Theoremयह कथन कि n के 2 से ऊपर होते ही xⁿ + yⁿ = zⁿ का कोई प्राकृत-संख्या हल नहीं हैफर्मा का अंतिम प्रमेयइसी chapter में bold में छपा (Part II, §2.6, p.51)
natural numbersवे गिनती की संख्याएँ जो समीकरण के तीनों अज्ञात होने चाहिएप्राकृत संख्याएँइसी chapter में छपा (Part II, §2.6, p.51)
perfect cubeऐसी संख्या जो किसी पूर्ण संख्या को तीन बार उसी से गुणा करने पर मिलेपूर्ण घनइसी chapter में छपा (Part II, §2.6, p.51)
fourth powerऐसी संख्या जो किसी पूर्ण संख्या की चौथी power होचतुर्थ घातइसी chapter में छपा (Part II, §2.6, p.51)
open problemऐसा सवाल जो पूछा गया हो पर अभी तय न हुआ हो — chapter के section का शीर्षक इसे लंबे समय से चली आ रही समस्या कहता हैखुली समस्याइसी chapter में section के शीर्षक के रूप में छपा (Part II, §2.6, p.50)
ElementsEuclid की book, जिसका हवाला इस chapter में पहले √2 वाले सबूत के लिए दिया गयाएलिमेंट्सइसी chapter में पहले छपा (Part II, §2.3, p.39)
The Last ProblemEric Bell की वह book जिसके बारे में chapter कहता है कि Wiles ने बचपन में पढ़ीद लास्ट प्रॉब्लमइसी chapter में छपा (Part II, §2.6, p.51)
exponentऊपर लिखी संख्या जो बताती है कि आधार को कितनी बार उसी से गुणा करना हैघातांकइस chapter में कहीं नहीं छपा; chapter powers और n की बात करता है और ऊपर वाली जगह को कभी नाम नहीं देता
counterexampleएक अकेली स्थिति जो कथन को ढहा दे, अगर ऐसी कोई होतीप्रत्युदाहरणइस पाठ का शब्द; इस chapter में नहीं छपा
conjectureसबूत से पहले रखा गया सामान्य दावा — 300 साल तक यह यही थाअनुमानइसी chapter में पहले छपा (Part II, §2.5, p.48)

Hindi column में standard Hindi गणितीय शब्दावली दी गई है। Ganita Prakash कक्षा 8 Part II का Hindi संस्करण नहीं देखा गया, इसलिए इसे उस संस्करण के ठीक-ठीक शब्द नहीं, standard शब्दावली मानें। दोनों book titles का Devanagari रूप लिप्यंतरण है; chapter दोनों को roman लिपि में छापता है।

लोग कहाँ चूकते हैं

  • "इसे theorem कहा गया, तो Fermat ने इसे साबित किया।" chapter सावधान है: दावा किया गया सबूत कभी नहीं मिला, और इसे किसी और ने 300 से कुछ ज़्यादा साल बाद साबित किया। नाम ऐतिहासिक है। व्याख्या को "theorem" शब्द से यह नहीं जताने देना चाहिए कि Fermat के पास सबूत था, और यह दावा भी नहीं करना चाहिए कि नहीं था — chapter कोई पक्ष नहीं लेता और व्याख्या को भी नहीं लेना चाहिए।
  • "किसी को हल नहीं मिला, तो कोई है ही नहीं।" उलटी बात, और यही section का केंद्रीय तार्किक मुद्दा है। न मिलना, न होने के बराबर नहीं है। इसीलिए 728 और 729 वाला बाल-बाल चूकना व्याख्या में होना चाहिए: यह दिखाता है कि खोज कितने क़रीब पहुँच सकती है और फिर भी कुछ साबित नहीं करती।
  • "तो गणितज्ञों ने 300 साल संख्याएँ जाँचने में लगाए।" नहीं, या कम से कम समय उसमें नहीं लगा। स्थितियाँ जाँचना यह काम कभी पूरा नहीं कर सकता था। ज़रूरत एक ऐसे तर्क की थी जो हर exponent को एक साथ ढक ले, इसीलिए समस्या कठिन थी और इसीलिए आख़िरी सबूत इस chapter से बहुत आगे का गणित इस्तेमाल करता है।
  • "एक दस साल के बच्चे ने Fermat's Last Theorem साबित किया।" जब उन्होंने इसके बारे में पढ़ा तब वे दस साल के थे, और जब साबित किया तब तीन दशक बाद एक वयस्क गणितज्ञ। chapter ठीक यही कहता है, और जो व्याख्या इसे सिकोड़ देती है, वह लगन की एक अच्छी कहानी को असाधारण बचपन की एक झूठी कहानी में बदल देती है।
  • "theorem कहता है कि powers कभी जुड़ती नहीं।" वह ऐसा कुछ नहीं कहता। powers लगातार जुड़ती हैं; जो नाकाम होती है वह यह माँग है कि जोड़ किसी पूर्ण संख्या की वही power हो। और n = 1 और n = 2 के लिए तो वह भी अनगिनत बार सफल होती है। Section 10 इसी को रोकने के लिए है।
  • "अब भी कोई बहुत बड़ा counterexample हो सकता है।" अब नहीं; कथन साबित हो चुका है। 1994 से पहले यह एक असली संभावना थी, और समस्या के अड़ियल होने की एक वजह यह भी थी — इसमें शामिल संख्याएँ बहुत विशाल हो सकती थीं।
  • "यह परीक्षा में आने वाली सामग्री है।" इसे तकनीक के बजाय संदर्भ और संस्कृति की तरह लो। यहाँ निकालने को कुछ नहीं है। इसका मूल्य यह है कि यह student को दिखाता है कि खुली समस्या क्या होती है, और कि जो arithmetic उन्होंने अभी किया, वह सदियों तक अनसुलझी रही किसी चीज़ के किनारे पर बैठा है।
पूरा transcript2,026 शब्द

शुरुआत squares से करते हैं, जहाँ एक square को पूरी संख्याओं वाले 2 छोटे squares में बाँटा जा सकता है। यहाँ board पर देखिए, 9 और 16 का जोड़ 25 है, और ये तीनों ही squares हैं। यहाँ नीचे देखिए, 25 और 144 का जोड़ 169 है, जो 13 गुणा 13 के बराबर है। अगर 200 तक की हर जोड़ी जाँचें, तो ऐसे 127 बँटवारे मिलते हैं, और सीमा बढ़ाने पर और भी मिलते जाते हैं।

एक ही equation के इतने सारे हल देखकर, लग सकता है कि powers का स्वभाव ही ऐसा है। क्या सच में हर power का स्वभाव यही है? इसे परखने के लिए हम बस एक चीज़ बदलेंगे, न आकार, न संख्याएँ, सिर्फ़ power, क्योंकि तभी पता चलेगा कि असर किसका है। अब square की जगह cube लेते हैं, और पूछते हैं कि क्या एक cube भी, 2 cubes में बँट सकता है।

किसी संख्या का cube मतलब, उस संख्या का उसी से गुणा, और फिर उसी से एक बार और गुणा। जैसे 2 गुणा 2 गुणा 2 से 8 मिलता है, और 3 गुणा 3 गुणा 3 से 27 बनता है। यहाँ board पर पहले 10 cubes हैं, सबसे छोटा 1, फिर 8, फिर 27, और सबसे बड़ा 1000 है। यहाँ बीच में 64 और 125 हैं, फिर 216 और 343, और उसके बाद 512 और 729 आते हैं।

सवाल बिल्कुल वही है जो squares के लिए था, इस सूची से 2 cubes चुनिए और उन्हें जोड़िए। क्या उनका जोड़ भी इसी सूची में कहीं मिलता है? जब squares थे, तब ऐसा बार बार होता था, अब देखते हैं कि cubes के साथ क्या होता है। शुरुआत पड़ोसी cubes से करते हैं, यहाँ 1 और 8 का जोड़ 9 है, और 9 कोई cube नहीं है। अगली जोड़ी में 8 और 27 का जोड़ 35 है, और ये भी cube नहीं है।

फिर ऊपर देखिए, 27 और 64 मिलकर 91 बनाते हैं, और 64 और 125 मिलकर 189 बनाते हैं। क्या 91 या 189 में से कोई, इस सूची में कहीं है? नहीं, क्योंकि 91 तो 64 और 125 के बीच है, और 189 बीच में पड़ता है 125 और 216 के। यानी 4 में से एक भी पड़ोसी जोड़ी का जोड़ cube नहीं है, और सबसे पहली जोड़ी ही चूक गई थी।

क्या पड़ोसियों को छोड़कर, दूर दूर के cubes जोड़ने से बात बनेगी? अब छलाँग लगाकर देखते हैं, 1 और 27 का जोड़ 28 है, और 1 और 64 का जोड़ 65 है। फिर 8 और 64 का जोड़ 72 है, और ये तीनों जोड़ भी किसी cube पर नहीं बैठते। पहली नज़र में लग सकता है कि ऊपर बात बनेगी, क्योंकि वहाँ cubes के बीच की दूरी बढ़ती जाती है, और जोड़ को बैठने की ज़्यादा जगह मिलती है।

यहाँ 125 और 216 का जोड़ 341 है, और 512 और 729 का जोड़ 1241 है। फिर भी कुछ नहीं, अब तक 9 जोड़ियाँ आज़माईं, और 9 में से एक भी जोड़ी का जोड़ cube नहीं निकला। क्या इनमें कोई जोड़ी ऐसी है, जिस पर रुककर देखना ज़रूरी हो? हाँ, एक जोड़ी है जो अजीब तरह से बहुत क़रीब पहुँच जाती है, इसलिए उसे अलग से देखते हैं। अब 216 और 512 को देखिए, यहाँ 216 असल में 6 गुणा 6 गुणा 6 है।

और 512 असल में 8 गुणा 8 गुणा 8 है, और दोनों का जोड़ 728 बनता है। उधर ठीक ऊपर वाला cube देखिए, 9 गुणा 9 गुणा 9 से 729 मिलता है। यानी ये जोड़ किसी cube से बस 1 कम रह गया, और पहली नज़र में लग सकता है कि बात लगभग बन गई। क्या इतना क़रीब आ जाना, किसी बात का सबूत है? बिल्कुल नहीं, 728 कोई cube नहीं है, और सूची से 1 की दूरी का मतलब सूची में होना नहीं है।

फिर भी ये चूक याद रखिए, क्योंकि थोड़ी देर में ऐसी ही एक चूक फिर दिखेगी। तो कुल 10 जोड़ियाँ आज़माईं, और हर जोड़ी का जोड़, 2 cubes के बीच की ख़ाली जगह में गिरा। सिर्फ़ 10 जोड़ियाँ कुछ भी नहीं हैं, इसलिए अब ठीक से खोज करते हैं। यहाँ 200 तक की पूरी संख्याओं की हर जोड़ी लीजिए, ऐसी कुल 20100 जोड़ियाँ बनती हैं। हर जोड़ी के दोनों cubes जोड़िए, और देखिए कि क्या वो जोड़ ख़ुद एक cube है।

नतीजा ये है कि इनमें से एक भी जोड़ी, काम नहीं करती। पर इस नतीजे का असली मतलब क्या है? इसके 2 बिल्कुल अलग मतलब हो सकते हैं, या तो वहाँ सच में कुछ नहीं है, या फिर खोज का तरीका ही टूटा हुआ है। तो वही खोज, बिना कोई बदलाव किए, एक power नीचे, यानी squares पर चलाकर देखते हैं। इस बार वही खोज, पूरे 127 हल ढूँढ़ निकालती है।

मतलब खोज टूटी नहीं है, क्योंकि जहाँ ढूँढ़ने को कुछ होता है, वहाँ ये उसे ढूँढ़ लेती है। यानी इतनी सारी जोड़ियाँ, ऐसी खोज जो काम करती है, और फिर भी कुछ नहीं मिला। यहीं एक जाल है, जिसमें फँसना बहुत आसान है। खोज सिर्फ़ इतना बताती है कि उसे क्या नहीं मिला, वो ये नहीं बता सकती कि क्या है ही नहीं। देखिए ये कितना ग़लत जा सकता है, एक संख्या n लीजिए, उसका square लीजिए, उसमें n जोड़िए, और फिर 41 जोड़िए।

यहाँ अगर n की जगह 0 रखें, तो नतीजा 41 आता है, जो prime है। फिर n की जगह 1 रखें तो 43 आता है, और 2 रखें तो 47 आता है, और दोनों prime हैं। n को आगे बढ़ाएँ तो 53 मिलता है, फिर 61, और फिर 71, और ये सब भी prime हैं। आगे बढ़ते रहिए, नतीजे prime ही रहते हैं, लगातार 10 बार, फिर 20 बार, फिर 30 बार।

यानी 0 से 39 तक, लगातार 40 बार, हर नतीजा prime है, कहीं कोई अपवाद नहीं। तो क्या ये नियम हमेशा सच है? अब n की जगह 40 रखिए, तो 1600 और 40 और 41 मिलकर 1681 बनते हैं। और 1681 असल में 41 गुणा 41 है, यानी ये prime नहीं है। लगातार 40 बार की पुष्टि, और फिर 41वाँ मामला पूरे नियम को गिरा देता है। ये कोई अकेली घटना नहीं है, अब 2 को बार बार उसी से गुणा कीजिए, और नतीजे से 1 घटाइए।

जब 2 को 3 बार लेकर गुणा करें, तो 8 मिलता है, और 1 घटाने पर 7, जो prime है। इसी तरह 2 को 5 बार लेकर गुणा करें तो 32 मिलता है, और 1 कम करने पर 31, ये भी prime है। और 7 बार लेकर गुणा करें तो 128, और 1 कम करने पर 127, जो फिर से prime है। यहाँ 3, 5 और 7, तीनों prime हैं, तो लग सकता है कि prime बार गुणा करने से हमेशा prime मिलेगा, पर क्या सच में ऐसा है?

अब यहाँ 2 को 11 बार लेकर गुणा कीजिए, तो 2048 मिलता है, और 1 कम करने पर 2047 बचता है। पर 2047 असल में 23 गुणा 89 है, जबकि 11 ख़ुद prime है। अब 6 अलग बातें लीजिए, और हर एक को पहले छोटी सीमा तक खोजिए, फिर बड़ी सीमा तक। छोटी खोज के नतीजे को सच मान लें, तो 6 में से 4 बार हम सही निकलते हैं।

बाकी 2 बार हम ग़लत निकलते हैं, और ये वही 2 बातें हैं जिन्हें अभी टूटते देखा। ऐसा 6 में से 4 वाला रिकॉर्ड, कभी नहीं वाली बात साबित करने के लिए काफ़ी नहीं है, और वो बड़ी खोज भी, 40 जाँचों से अलग क़िस्म की चीज़ नहीं है। तो सवाल को ठीक से लिखते हैं, किसी संख्या की कोई power, और दूसरी संख्या की वही power, मिलकर तीसरी संख्या की वही power बनाएँ।

तीनों संख्याएँ पूरी और positive हों, और power ऐसी हो जो 2 से बड़ी हो। पहली नज़र में लग सकता है कि ये दावा कहता है कि powers कभी जुड़ती ही नहीं, पर ऐसा नहीं है। असल में powers बहुत बार जुड़ती हैं, यहाँ देखिए, 27 और 64 और 125 का जोड़ 216 है। यानी 3, 4 और 5 के cubes मिलकर, ठीक 6 का cube बनाते हैं। इसी तरह नीचे देखिए, 1 और 1728 का जोड़ 1729 है, और 729 और 1000 का जोड़ भी 1729 ही है।

यानी एक ही जोड़, cubes की 2 अलग अलग जोड़ियों से बनता है। क्या 1729 ख़ुद एक cube है? नहीं, 12 गुणा 12 गुणा 12 से 1728 मिलता है, यानी ये cube से 1 ज़्यादा है, बिल्कुल उसी चूक की तरह। तो जो बात नाकाम होती है, वो जितनी लगती है उससे कहीं छोटी है, एक ही power वाली 2 संख्याएँ, जुड़कर उसी power की पूरी संख्या बनें। बहुत पहले, एक गणितज्ञ ने हाशिये पर एक छोटी सी टिप्पणी लिखी।

यहाँ board पर उसका दावा लिखा है, 2 से बड़ी किसी भी power के लिए ऐसी संख्याएँ होती ही नहीं, और उसने ये भी लिखा कि उसके पास इसका सबूत है। पर वो सबूत उसने कभी लिखा नहीं, वो आज तक किसी को नहीं मिला, और ये जानने का कोई तरीका नहीं कि सच में उसके पास था या नहीं। फिर भी ये दावा दुनिया भर में फैल गया, और लोग इसे सुलझाने में जुट गए।

पीढ़ियाँ गुज़र गईं, और सदियों तक कोई इसे न साबित कर पाया, न ग़लत। क्या और ज़्यादा संख्याएँ जाँचने से, ये सवाल सुलझ सकता था? नहीं, क्योंकि कुछ न मिलना, कभी नहीं वाली बात का सबूत नहीं होता। उन सारे सालों में जवाब तो पहले से तय था, बस कोई दिखा नहीं पाया कि वो क्या है। बहुत बाद में, एक बच्चे ने इस सवाल के बारे में पढ़ा। वो सवाल को पूरी तरह समझ सकता था, और यही इसकी अजीब बात है, इसे कोई भी समझ सकता है।

उसने मन ही मन तय किया, कि इसे एक दिन वही सुलझाएगा। बड़े होकर, कई सालों की मेहनत के बाद, उसने इसे साबित कर दिया। लग सकता है कि उसने ये काम संख्याएँ जाँच जाँचकर किया होगा, पर क्या ऐसा था? नहीं, सदियों की जाँच से कुछ नहीं मिला था, और कुछ न मिलना कभी काफ़ी नहीं होने वाला था। उसने ये एक argument से किया, एक ऐसी दलील से, जो 2 से बड़ी हर power के लिए एक साथ काम करती है।

इसलिए जवाब है नहीं, हर जगह, और कहीं दूर कोई बहुत बड़ा उल्टा उदाहरण छिपा नहीं बैठा। अब सारे हालात को साथ साथ रखते हैं, क्योंकि यही हिस्सा याद रखने लायक है। एक ही खोज, एक ही सीमा तक, एक के बाद एक power पर चलाते हैं, ताकि बदले सिर्फ़ power। यहाँ 1 वाली power पर ये बस जोड़ है, जैसे 2 और 3 मिलकर 5 बनाते हैं। यहाँ इस खोज में 200 तक, ऐसे पूरे 10000 हल मिलते हैं।

फिर नीचे देखिए, 2 वाली power पर, यानी squares पर, 127 हल हैं, और सीमा के आगे अनगिनत। पर 3, 4, 5 और 6 वाली powers पर कुछ नहीं मिलता, यानी 4 में से 4 बार एक भी हल नहीं। ये गिरावट आख़िर किस जगह होती है? यानी अनगिनत, अनगिनत, और फिर कुछ भी नहीं, और ये सीढ़ी ठीक 2 और 3 के बीच उतरती है। तो पूरी संख्याओं वाले वो सारे triples, powers की कोई आम ख़ूबी कभी थे ही नहीं।

वो सिर्फ़ squares की ख़ूबी थे, और किसी power की नहीं। एक power ऊपर, वही सवाल, उसी तरह पूछा गया, और जवाब अनगिनत से बदलकर कुछ भी नहीं हो जाता है। और ये सीमा ठीक वहाँ है, जहाँ triples वाली पूरी बात चल रही थी। पर कौन सी चीज़ ये बात हमें कभी नहीं बता सकती थी? न वो 10 जोड़ियाँ, न वो बड़ी खोज, और न 728 वाली क़रीबी चूक।

ज़्यादा खोज इस सवाल का औज़ार ही नहीं थी, किसी को खोजना छोड़कर तर्क करना ही था। आख़िर में एक बात, जो इस सवाल से आगे भी काम आती है। किसी नियम को ग़लत साबित करने के लिए, एक ही उल्टा उदाहरण काफ़ी है, जैसे n की जगह 40 रखने पर 1681 मिला। पर किसी नियम को सही साबित करने के लिए, कितनी भी जाँच काफ़ी नहीं, वहाँ argument चाहिए।

तो लग सकता है कि लगातार 40 बार सही निकलना बेकार था, पर क्या सच में ऐसा है? नहीं, उनसे अंदाज़ा मिलता है कि किधर देखना है, पर फ़ैसला उनसे नहीं होता। यानी squares पर हल अनगिनत, cubes और उससे ऊपर एक भी नहीं, और ये फ़र्क सिर्फ़ argument से साबित हुआ।

यह कहाँ बैठता है

यह उन notes से लिया गया है जिनसे हर video बनी है, पढ़ने के क्रम से नहीं — ये वे ideas हैं जिन पर यह टिका है, और वे जो आगे चलकर इस पर टिकते हैं.

किस पर टिका है

इसके ठीक पहले और ठीक बाद

The book

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