PrepShorts · पढ़ाई की शीट · Class 10 Mathematics · Chapter 1, Real Numbers
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HCF में छोटी घात और LCM में बड़ी घात, इसे आमतौर पर रटने वाले नियमों की जोड़ी की तरह सिखाया जाता है। असल में ये एक ही बात है: कोई संख्या दूसरी को तभी पूरा पूरा काटती है जब उसके किसी prime की घात बड़ी न हो।
मुख्य idea
HCF के लिए हर साझा prime का छोटा index लीजिए, और LCM के लिए नज़र आ रहे हर prime का बड़ा index — इसे आम तौर पर याद रखने वाले दो नियमों की तरह पढ़ाया जाता है, और यह ऐसा बिलकुल नहीं है। यह एक ही तथ्य से निकलता है: एक संख्या दूसरी को ठीक तब भाग देती है जब उसका हर prime index दूसरी के मेल खाते index से बड़ा न हो। एक बार factorisation unique हो, तो यह जाँच पूरी है, इसलिए "दोनों को भाग देती है" छोटे index को मजबूर करता है और "दोनों से विभाज्य है" बड़े को, एक-एक prime करके। HCF और LCM सूचियों में खोज न रहकर column-दर-column तुलना बन जाते हैं, जिसमें चुनने को कुछ बचता ही नहीं।
आपको क्या आना चाहिए
- divisibility की जाँच को index रूप में बताना: एक संख्या दूसरी को तब भाग देती है जब पहली का हर prime index दूसरी के मेल खाते index से ज़्यादा न हो
- दो factorisations को एक सीध वाले prime columns में लगाना, और जो primes सिर्फ़ एक में हैं उनके लिए zero index भरना
- हर साझा column में छोटा index लेकर HCF निकालना, और हर चुनाव को नियम से नहीं बल्कि divisibility वाली जाँच से सही ठहराना
- हर column में बड़ा index लेकर LCM निकालना, और उसे भी उसी तरह सही ठहराना
- समझाना कि जो prime सिर्फ़ एक संख्या में आता है वह HCF में कुछ नहीं जोड़ता और LCM में अपना सब कुछ
- यही column वाली विधि तीन संख्याओं पर लगाना, तर्क में कुछ भी बदले बिना
- पहचानना कि कब दो संख्याओं में कोई भी prime साझा नहीं है, और तुरंत HCF और LCM बताना
जानने लायक़ शब्द
| शब्द | एक पंक्ति में अर्थ | हिंदी / क्षेत्रीय समकक्ष | पहली बार कहाँ |
|---|---|---|---|
| HCF | वह सबसे बड़ी संख्या जो दी गई हर संख्या को भाग देती है | महत्तम समापवर्तक | §1.2, p. 4 में छपा, हमेशा संक्षिप्त रूप में |
| LCM | वह सबसे छोटी धनात्मक संख्या जिसे दी गई हर संख्या भाग देती है | लघुत्तम समापवर्त्य | §1.2, p. 4 में छपा, हमेशा संक्षिप्त रूप में |
| prime factorisation method | सूची बनाने के बजाय दोनों factorisations की तुलना करके HCF और LCM निकालना | अभाज्य गुणनखंडन विधि | §1.2, p. 4 में नाम दिया गया |
| common prime factor | वह prime जो दी गई हर संख्या के factorisation में आता है | उभयनिष्ठ अभाज्य गुणनखंड | §1.2, p. 4 में छपा |
| smallest power | किसी साझा prime के लिए, संख्याओं में उसके indices में से छोटा | न्यूनतम घात | §1.2, p. 4 में छपा, HCF वाले नियम में |
| greatest power | मौजूद किसी भी prime के लिए, संख्याओं में उसके indices में से सबसे बड़ा | उच्चतम घात | §1.2, p. 4 में छपा, LCM वाले नियम में |
| positive integer | शून्य से बड़ी पूर्ण संख्या | धनात्मक पूर्णांक | §1.1, p. 1 में छपा |
| index test | यह कथन कि एक संख्या दूसरी को ठीक तब भाग देती है जब उसका हर prime index बड़ा न हो | घात कसौटी | इस पाठ का शब्द; chapter इस तथ्य का इस्तेमाल करता है, पर न उसे कहता है न नाम देता है |
| zero index | ग़ायब prime को index 0 के साथ लिखना ताकि दोनों संख्याओं के columns एक जैसे हों | शून्य घात | इस पाठ का सहारा; इस chapter में नहीं छपा |
हिंदी column में standard हिंदी गणितीय शब्दावली दी गई है। इस पाठ्यपुस्तक का हिंदी संस्करण नहीं देखा गया, इसलिए इस column को standard चलन मानें, हिंदी संस्करण के ठीक-ठीक शब्द नहीं।
लोग कहाँ चूकते हैं
- "HCF का मतलब छोटी संख्याओं को गुणा करना, LCM का मतलब बड़ी को।" तुलना हर prime की होती है, हर संख्या की नहीं। 6 और 20 में HCF अपना 2 छोटी संख्या से लेता है और LCM अपना 2 बड़ी से, और 3 तथा 5 दोनों उसी संख्या से आते हैं जिसके पास वे हैं।
- "जो prime सिर्फ़ एक संख्या में है वह भी HCF में जाता है।" नहीं जा सकता: दूसरी संख्या उससे विभाज्य नहीं है। उस column को index 0 लिखने से सवाल बन जाता है "1 और 0 में से छोटा", जो ख़ुद अपना जवाब है।
- "LCM सिर्फ़ साझा primes लेता है।" उलटा — वह हर उस prime को लेता है जो कहीं भी आता है, क्योंकि नतीजे को दोनों संख्याओं का multiple होना है।
- "अगर दो संख्याओं में कोई factor साझा नहीं, तो उनका कोई LCM नहीं।" उनका सबसे आसान LCM होता है: उनका गुणनफल। 17, 23 और 29 सीधे 11339 देते हैं।
- "पक्का करने के लिए multiples की सूची तो बनानी ही पड़ेगी।" index वाली जाँच divisibility की परिभाषा को ही दूसरे शब्दों में कहती है, इसलिए columns तर्क को लाँघने वाला shortcut नहीं हैं — वे ख़ुद तर्क हैं, जिसमें खोज पहले ही हो चुकी है।
- "HCF और LCM सिर्फ़ exam के सवालों के शब्द हैं।" track वाला सवाल इसे सुधारता है: 36 मिनट वह पहला पल है जब दोनों के पूरे चक्करों की गिनतियाँ मेल खाती हैं, और कोई दूसरी राशि इस सवाल का जवाब नहीं देती।
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Worked answers: Exercise 1.1 · Exercise 1.2 · this video explains Exercise 1.1 Q2, Exercise 1.1 Q3, Exercise 1.1 Q7
पूरा transcript2,589 शब्द
संख्याओं की कोई भी जोड़ी लीजिए, तो उसके बारे में ऐसे सवाल पूछे जा सकते हैं जो दिखते एक जैसे हैं, पर खिंचते उल्टी तरफ़ हैं। पहला सवाल ये है, वो सबसे बड़ी संख्या कौन सी है जो दोनों संख्याओं को पूरा पूरा काटती है? दूसरा सवाल ये है, वो सबसे छोटी संख्या कौन सी है जिसे दोनों संख्याएँ पूरा पूरा काटती हैं? पहले सवाल का जवाब HCF कहलाता है, और दूसरे सवाल का जवाब LCM कहलाता है।
यानी HCF नीचे की तरफ़ देखता है, उसे ऐसी संख्या चाहिए जो दोनों के अंदर समा जाए। और LCM ऊपर की तरफ़ देखता है, उसे ऐसी संख्या चाहिए जिसके अंदर दोनों समा जाएँ। आमतौर पर इन्हें सूची बनाकर ढूँढा जाता है, एक संख्या के सारे भाजक, दूसरी के सारे भाजक, और फिर साझा भाजकों में सबसे बड़ा। ये तरीका काम करता है, पर संख्याएँ बड़ी हों तो धीमा पड़ जाता है, और ये नहीं बताता कि जवाब वही क्यों है।
इसकी जगह बस एक बात समझनी है, और उसी से दोनों सवाल अपने आप हल हो जाते हैं। वो बात ये है, कोई संख्या किसी दूसरी संख्या को पूरा पूरा कब काटती है? इसके लिए दोनों संख्याओं को prime संख्याओं के गुणनफल की शक्ल में रखते हैं। जैसे 6 को 2 गुणा 3 लिखा जाता है, और 60 को 2 गुणा 2 गुणा 3 गुणा 5 लिखा जाता है। क्या 6 पूरा पूरा 60 को काटता है, ये सवाल हर prime से अलग अलग पूछते हैं।
पहले 2 को देखिए, 6 में 2 की घात 1 है और 60 में 2 की घात 2 है, तो इसमें कोई दिक़्क़त नहीं। अब 3 को देखिए, 6 में 3 की घात 1 है और 60 में भी 3 की घात 1 है, तो ये भी ठीक है। इसलिए 6 पूरा पूरा 60 को काटता है, और 60 में तो एक 2 ज़्यादा ही है। अब उल्टा देखिए, 20 में 2 की घात 2 है पर 6 में सिर्फ़ 2 की घात 1, इसलिए 20 कभी 6 के अंदर नहीं समा सकता।
पूरी कसौटी बस इतनी है, एक संख्या दूसरी को तभी काटती है जब उसके हर prime की घात दूसरी संख्या में उसी prime की घात से बड़ी न हो। और ये कसौटी कोई मामला नहीं छोड़ती, क्योंकि हर संख्या का factorisation एक ही होता है, जाँचने को कोई दूसरा रूप है ही नहीं। संख्याओं की हर जोड़ी पर, 200 तक, यानी 40000 जोड़ियों पर, ये कसौटी सीधे भाग देने से एक बार भी अलग नहीं निकली।
अब 2 संख्याओं को column में सजाते हैं, हर prime के लिए एक अलग column। संख्या 6 बराबर 2 गुणा 3 है, यानी इसमें 2 की घात 1 और 3 की घात 1 है। संख्या 20 बराबर 2 की घात 2 गुणा 5 है, यानी इसमें 2 की घात 2 और 5 की घात 1 है। अब दोनों को एक जैसे column देते हैं, जिनके ऊपर 2, 3 और 5 लिखा है, और हर संख्या अपने खाने भरती है।
संख्या 6 में 5 है ही नहीं, इसलिए उसके 5 वाले खाने में शून्य आता है। संख्या 20 में 3 नहीं है, तो उसके 3 वाले खाने में भी शून्य आता है। ये 0 सजावट नहीं है, ये एक बयान है कि इस संख्या में ये prime बिल्कुल नहीं है। अब दोनों संख्याएँ आमने सामने हैं, और उनके बारे में हर सवाल किसी एक column का सवाल बन गया है।
पहले HCF लेते हैं, और धीमे तरीके से, ताकि नियम अपने आप सामने आता दिखे। संख्या 6 के भाजक हैं 1, 2, 3 और 6, कुल 4 भाजक। संख्या 20 के भाजक हैं 1, 2, 4, 5, फिर 10 और 20, कुल 6 भाजक। दोनों सूचियों में साझा भाजक सिर्फ़ 1 और 2 हैं, इनके अलावा कोई नहीं। तो दोनों को काटने वाली सबसे बड़ी संख्या यहाँ 2 है, यही इनका HCF है।
अब column पर लौटिए, और देखिए कि कसौटी किसी साझा भाजक से क्या माँगती है। उसे 6 के अंदर समाना है, इसलिए उसमें 2 की घात ज़्यादा से ज़्यादा 1 हो सकती है। उसे 20 के अंदर भी समाना है, इसलिए उसमें 2 की घात ज़्यादा से ज़्यादा 2 हो सकती है। ज़्यादा से ज़्यादा 1 और ज़्यादा से ज़्यादा 2, दोनों शर्तें साथ हों तो मतलब ज़्यादा से ज़्यादा 1, यानी दोनों घातों में जो छोटी है।
कोई भी साझा भाजक इससे ज़्यादा 2 नहीं रख सकता, इसलिए यहाँ ढूँढने को कुछ था ही नहीं। अब LCM की बारी है, और पहले फिर से धीमे तरीके से देखते हैं। संख्या 6 के गुणज गिनते जाइए, 6, फिर 12, फिर 18, और ऐसे ही 60 तक, कुल 10 गुणज। संख्या 20 के गुणज हैं 20, फिर 40, फिर 60, यहाँ तक सिर्फ़ 3 गुणज। दोनों सूचियों में पहली बार एक साथ आने वाली संख्या 60 है, यही इनका LCM है।
अब column से देखिए, जो संख्या 6 से कटे उसमें 2 की घात कम से कम 1 होनी चाहिए। और जो संख्या 20 से कटे, उसमें 2 की घात कम से कम 2 होनी चाहिए। कम से कम 1 और कम से कम 2, दोनों साथ हों तो मतलब कम से कम 2, यानी दोनों घातों में जो बड़ी है। उसी तरह 3 वाले column से 3 की घात कम से कम 1 चाहिए, और 5 वाले column से 5 की घात कम से कम 1 चाहिए।
इन सब माँगों को पूरा करने वाली सबसे छोटी संख्या है 2 की घात 2, गुणा 3, गुणा 5, और ये 60 बनती है। और 6 और 20 का हर साझा गुणज इन सब माँगों को पूरा करता है, इसलिए 60 से नीचे कोई साझा गुणज हो ही नहीं सकता। ध्यान दीजिए, दोनों जवाब एक ही table से निकले हैं। यानी HCF के लिए हर column में दोनों घातों में से छोटी वाली ली जाती है।
और LCM के लिए हर column में दोनों घातों में से बड़ी वाली ली जाती है। इस table में छोटी घातें लें तो 2 वाले column में 1 और बाक़ी दोनों column में 0 आता है, जिससे 2 बनता है। बड़ी घातें लें तो 2 वाले column में 2, और 3 और 5 वाले column में 1 आता है, जिससे 60 बनता है। इनमें से कोई भी नियम किसी ने गढ़ा नहीं है, दोनों उसी एक कसौटी से निकलते हैं।
दोनों को काटना मतलब दोनों के अंदर समाना, और दोनों के अंदर समाने के लिए छोटी घात ही चल सकती है। दोनों से कटना मतलब दोनों को अपने अंदर रखना, और दोनों को अंदर रखने के लिए बड़ी घात चाहिए ही। तो दोनों नियम असल में एक ही वाक्य हैं, एक बार नीचे की तरफ़ पढ़ा गया और एक बार ऊपर की तरफ़। एक ग़लत ख़याल बहुत आसानी से आता है, कि HCF छोटी संख्या से आता है और LCM बड़ी संख्या से।
इसे परखने के लिए 336 और 54 वाली जोड़ी लेते हैं। संख्या 336 बराबर 2 की घात 4, गुणा 3, गुणा 7 है, और 54 बराबर 2 गुणा 3 की घात 3 है। देखिए, 2 की घातें देखें तो 336 में 4 है और 54 में 1, इसलिए HCF में 2 की घात छोटी संख्या 54 से आती है। पर 3 की घातें देखें तो 336 में 1 है और 54 में 3, इसलिए HCF में 3 की घात बड़ी संख्या 336 से आती है।
यानी HCF बनता है 2 गुणा 3 से, जो 6 है, और इसका आधा एक संख्या से आया और आधा दूसरी से। और LCM में 2 की घात 4 और 7 बड़ी संख्या से आते हैं, पर 3 की घात 3 छोटी संख्या से, और सब मिलाकर 3024 बनता है। हर column अपना फ़ैसला अकेले करता है, संख्या के छोटे या बड़े होने से कुछ तय नहीं होता। और साझा prime हमेशा 2 ही हो, ये भी ज़रूरी नहीं।
संख्या 26 बराबर 2 गुणा 13 है, और 91 बराबर 7 गुणा 13 है, और 91 तो सम भी नहीं है। इनमें सिर्फ़ 13 वाला column ऐसा है जिसमें दोनों तरफ़ कुछ है। इसलिए इनका HCF यहाँ 13 है, और LCM 2 गुणा 7 गुणा 13, यानी 182 बनता है। अब उस शून्य वाले खाने को ध्यान से देखते हैं, असली फ़ायदा वहीं है। संख्या 6 में 5 नहीं है, इसलिए उसके 5 वाले खाने में घात शून्य है।
अब HCF के लिए घात शून्य और घात 1 में से छोटी घात लेनी है, जो शून्य है। मतलब 5 का HCF में कोई हिस्सा नहीं, और हो भी नहीं सकता था, क्योंकि 6 को 5 से पूरा पूरा भाग नहीं दिया जा सकता। और LCM के लिए 0 और 1 में से बड़ी घात लेनी है, जो 1 है। मतलब 5 पूरा का पूरा LCM में जाता है, और जाना ही था, क्योंकि जवाब को 20 का गुणज होना है और 20 के अंदर 5 है।
एक column, उसमें एक 0, और वो दोनों सवालों को उल्टी दिशाओं में तय कर देता है। इसीलिए HCF में सिर्फ़ साझा prime आते हैं, और LCM में वो हर prime जो किसी भी संख्या में दिखे। अब ऐसी जोड़ी लेते हैं जिसकी सूची बनाने का मन ही न करे। संख्या 96 बराबर 2 की घात 5, गुणा 3 है। संख्या 404 बराबर 2 की घात 2, गुणा 101 है, और 101 ख़ुद prime है, तो बात यहीं ख़त्म होती है।
इसलिए यहाँ column हैं 2, 3 और 101 वाले। देखिए, 2 वाले column में घातें 5 और 2 हैं, छोटी घात 2 है और बड़ी घात 5 है। फिर 3 वाले column में घातें 1 और 0 हैं, छोटी घात 0 है और बड़ी घात 1 है। और 101 वाले column में घातें शून्य और 1 हैं, यहाँ भी छोटी घात शून्य है और बड़ी घात 1 है। इसलिए इनका HCF बस 2 की घात 2 है, यानी 4 बनता है।
और LCM है 2 की घात 5, गुणा 3, गुणा 101, यानी 32 गुणा 303, और ये पूरा गुणनफल 9696 बनता है। यहाँ 3 और 101, ये prime अकेले पड़े हैं, एक एक संख्या में, और HCF तक इनमें से कोई नहीं पहुँचता। अब तीसरी संख्या जोड़ते हैं, और इसमें कोई नई मेहनत नहीं लगती। तीनों संख्याएँ ये हैं, 6, फिर 72 और 120, और तीनों को उन्हीं column में रखा जाता है।
संख्या 6 बराबर 2 गुणा 3 है, संख्या 72 बराबर 2 की घात 3 गुणा 3 की घात 2 है, और संख्या 120 बराबर 2 की घात 3, गुणा 3, गुणा 5 है। अब table में एक पंक्ति और जुड़ गई, पर column वही के वही हैं। देखिए, 2 की घातें 1, 3 और 3 हैं, तो सबसे छोटी घात 1 और सबसे बड़ी घात 3 है। फिर 3 वाले column में 1, 2 और 1 है, तो सबसे छोटी घात 1 और सबसे बड़ी घात 2 है।
और 5 वाले column में 0, 0 और 1 है, तो सबसे छोटी घात 0 और सबसे बड़ी घात 1 है। इसलिए HCF बनता है 2 गुणा 3 से, यानी 6, और LCM बनता है 2 की घात 3, गुणा 3 की घात 2, गुणा 5 से, यानी 360 बनता है। तर्क में कुछ नहीं बदला, और 2 से 30 तक की हर तिकड़ी पर ये column वाला जवाब सीधी खोज से मिलाया गया, एक बार भी फ़र्क़ नहीं आया।
अब एक तिकड़ी ख़ुद आज़माइए, संख्याएँ हैं 12, फिर 15 और 21, इनका HCF और LCM क्या है? संख्या 12 बराबर 2 की घात 2 गुणा 3 है, संख्या 15 बराबर 3 गुणा 5 है, और संख्या 21 बराबर 3 गुणा 7 है। यहाँ column हैं 2, 3, 5 और 7 वाले, और इनमें सिर्फ़ 3 वाला column ऐसा है जिसमें तीनों संख्याओं की घात है। इसलिए HCF सिर्फ़ 3 की घात 1 है, यानी 3 बनता है।
और LCM है 2 की घात 2, गुणा 3, गुणा 5, गुणा 7, जो 420 बनता है। अगर संख्याओं में कुछ भी साझा न हो, तब क्या होता है? जैसे 17, फिर 23 और 29, ये अलग अलग prime संख्याएँ हैं। हर संख्या का अपना column है, उसमें घात 1 है, और बाक़ी column में उसकी घात 0 है। हर column में सबसे छोटी घात शून्य है, इसलिए HCF सिर्फ़ संख्या 1 रह जाता है।
और हर column में सबसे बड़ी घात 1 है, इसलिए LCM तीनों का सीधा गुणनफल है, यानी 11339 बनता है। पर ये बात असल में prime होने की नहीं है। जैसे 8, फिर 9 और 25 लीजिए, इनमें से कोई भी prime नहीं है। पर 8 में सिर्फ़ 2 हैं, 9 में सिर्फ़ 3 हैं, और 25 में सिर्फ़ 5 हैं, इसलिए किसी column में एक से ज़्यादा संख्या की घात नहीं।
तो फिर से HCF संख्या 1 है, और LCM फिर से सीधा गुणनफल, यानी 1800 बनता है। कुछ साझा न होना column की बात है, prime होने की नहीं। अब देखते हैं कि ये column असल में कितना काम बचाते हैं। मान लीजिए संख्याएँ 510 और 92 हैं, और इनका LCM चाहिए। अगर 510 के गुणज लिखते जाएँ, तो 46 गुणज लिखने के बाद ही ऐसा गुणज आता है जो 92 से भी कटे।
और अगर 92 के गुणज लिखते जाएँ, तो ऐसे 255 गुणज लिखने पड़ते हैं। दोनों रास्ते आख़िर में एक ही संख्या पर पहुँचते हैं, जो 23460 है। पर column वाले तरीके में बस 5 कदम लगते हैं, एक हर उस prime के लिए जो दोनों में कहीं भी है। वो prime हैं 2, 3, 5, 17 और 23, और इनमें से सिर्फ़ 2 वाला column दोनों तरफ़ भरा है। सूची की मेहनत जवाब के आकार के साथ बढ़ती है, जबकि column की मेहनत बस इतनी है कि सामने कितने अलग prime हैं।
बड़ी संख्याओं से column अक्सर नहीं बढ़ते, घातें बड़ी होती हैं, और बड़ी घात की तुलना छोटी घात जितनी ही आसान है। आख़िर में ये देखते हैं कि ये सब किस काम आता है। गोल पटरी पर साइकिल सवारों की एक जोड़ी है, दोनों एक साथ एक ही जगह से चलते हैं, और एक ही दिशा में। पहले सवार को एक चक्कर में 18 मिनट लगते हैं, और दूसरे सवार को 12 मिनट।
दोनों फिर से एक साथ शुरुआत वाली लकीर पर कब होंगे? पहले सवार के लिए वो पूरे चक्करों का समय होना चाहिए, यानी 18 का गुणज। और दूसरे सवार के लिए भी पूरे चक्कर, यानी 12 का गुणज। जो पहला पल दोनों शर्तें पूरी करे, वही LCM है। संख्या 18 बराबर 2 गुणा 3 की घात 2 है, और 12 बराबर 2 की घात 2 गुणा 3 है। हर column में बड़ी घात लें तो 2 की घात 2 गुणा 3 की घात 2 मिलता है, जो 36 है।
यानी 36 मिनट बाद पहला सवार 2 चक्कर और दूसरा सवार 3 चक्कर पूरे कर चुका होता है, और दोनों साथ खड़े होते हैं। यहाँ HCF काम का नहीं, 18 और 12 का HCF 6 है, और 6 मिनट में दोनों में से किसी का चक्कर पूरा नहीं होता। उस वक़्त पहला सवार अपने चक्कर का सिर्फ़ 1 बटा 3 हिस्सा चला होता है, और दूसरा सवार आधा। कौन सा चाहिए, ये सवाल तय करता है, और column दोनों में से जो भी चाहिए वो सामने रख देते हैं।
तो पूरी बात एक कसौटी में है, जो एक संख्या के दूसरी में समाने की बात करती है। हर column में छोटी घात लें तो HCF मिलता है, क्योंकि उसे दोनों के अंदर समाना है। हर column में बड़ी घात लें तो LCM मिलता है, क्योंकि उसे दोनों को अपने अंदर रखना है। जो prime सिर्फ़ एक संख्या में है, उसका शून्य उसे HCF से बाहर रखता है और LCM में पूरा ले आता है।
न कोई सूची बनानी पड़ती है, न कुछ चुनना पड़ता है, column पढ़ते ही जवाब सामने होता है।
यह कहाँ बैठता है
यह उन notes से लिया गया है जिनसे हर video बनी है, पढ़ने के क्रम से नहीं — ये वे ideas हैं जिन पर यह टिका है, और वे जो आगे चलकर इस पर टिकते हैं.
किस पर टिका है
- Why a composite number has one prime factorisation and no otherकक्षा 10 · Ch 1, Real Numbers
आगे फिर कहाँ आता है
- Why the HCF-times-LCM shortcut works for two numbers but breaks for threeकक्षा 10 · Ch 1, Real Numbers